कर्नाटक चुनाव से ठीक ऐन पहले इस पर्व मंत्री ने PM मोदी के बारे में दिया ये बड़ा बयान जिसे सुन कांग्रेस हैरान

देश के मौजूदा प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के बारे में जनता के मिले-जुले स्वर सुनाई पड़ते हैं. किसी के लिए पीएम मोदी देश के आदर्श प्रधानमंत्री हैं तो किसी के अनुसार देश हित में अनगिनत काम करके भी पीएम मोदी देश के लिए अच्छे प्रधानमंत्री नहीं हैं.

People’s voices are heard about the current Prime Minister Narendra Modi. For someone, PM Modi is the ideal Prime Minister of the country, according to somebody, even by doing countless work in the country’s interest, PM Modi is not a good Prime Minister for the country.

ऐसे में जनता के इसी मिले-जुले स्वर के बीच हाल ही में कर्णाटक के एक मंत्री ने पीएम मोदी के बारे में कुछ ऐसा बोला है जिसे सुनकर बहुतों के होश उड़ने तय हैं. यहाँ कर्नाटक के इस मंत्री का पीएम मोदी पर दिया गया ये बयान इसलिए भी बेहद महत्वपूर्ण माना जा रहा है क्योंकि देश में अब जल्द ही कर्नाटक चुनाव होने वाले हैं. (कर्नाटक चुनाव 12-13 मई)

In such a way, between a mixed tone of the public, a minister of Karnataka recently said something about PM Modi that many people are determined to hear their senses. Here the statement given by the Karnataka minister to PM Modi is also being considered as very important as the country is going to be in Karnataka soon. (Karnataka elections May 12-13)

“हम पीएम मोदी को अच्छे से पहचान चुके हैं, इसलिए बीजेपी की कर्नाटक चुनाव में जीत तो…”

दरअसल ख़बरों के अनुसार येदुरप्पा इस बार कर्नाटक में बीजेपी का कोई मुख्यमंत्री चाहते हैं. ऐसे में हाल ही में पूर्व मंत्री जी जनार्दन रेड्डी ने पीएम मोदी के बारे में कहा है कि, “मेरे खून में बीजेपी है.

“We have recognized PM Modi very well, so BJP won the Karnataka elections …”

In fact, according to the news, Yeddyurappa wants a BJP chief minister in Karnataka this time. In the past, former minister G Janardhana Reddy has said about PM Modi, “There is BJP in my blood.

कर्नाटक के लोग और हम बीजेपी और पीएम मोदी के साथ हैं. लोग अबतक अच्छी तरह से जान और मान चुके हैं कि पीएम मोदी एक अच्छे नेता हैं और भगवान ने उन्हें अच्छे कामों के लिए ही भेजा है. इसका मतलब साफ़ है कि बीजेपी की कर्नाटक चुनाव में जीत तो तय है वो भी पूर्ण बहुमत से. “

People from Karnataka and we are with BJP and PM Modi. People have so well known and admired that PM Modi is a good leader and God has sent them for good deeds only. It means that it is clear that the BJP’s victory in the Karnataka elections is certain that even with the absolute majority ”

सिर्फ इतना ही नहीं पीएम मोदी की तारीफ़ में कसीदे पढ़ने के बाद जनार्दन रेड्डी ने ये भी कहा है कि पीएम मोदी की बढती लोकप्रियता को देखकर ये कहना गलत नहीं होगा कि कर्नाटक में इस बार बीजेपी की पूर्ण बहुमत से सरकार बनने से कोई नहीं रोक सकता.

Not only that, Janardhana Reddy has also said after reading alarms in the praise of PM Modi that it will not be wrong to see the growing popularity of PM Modi that no one in Karnataka can stop this from forming a government with the absolute majority of BJP this time. .

आगे बोलते ही जनार्दन रेड्डी ने बताया कि, “जहाँ सिद्धारमैया सरकार से लोगों को काफी हताशा मिली है वहीँ बीजेपी की पिछली सरकार में बहुत विकास हुआ. ऐसे में इतना तो तय है कि इस बार कर्नाटक में बीजेपी की ही सरकार बनेगी और वो भी पूर्ण बहुमत से.

Not only that, Janardhana Reddy has also said after reading alarms in the praise of PM Modi that it will not be wrong to see the growing popularity of PM Modi that no one in Karnataka can stop this from forming a government with the absolute majority of BJP this time. .

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https://youtu.be/WE3MmmBzG4k

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source namopress.in

5 दिन में 3 फैसलों से जल भुन गयी कांग्रेस, CJI के खिलाफ छेड़ा विद्रोह,इस नेता ने भी छोड़ा साथ देख, PM मोदी समेत सियासी में मचा हडकंप

नई दिल्ली : सुप्रीम कोर्ट एक के बाद एक धड़ाधड़ फैसले सुनाये जा रहा है. 5 दिन में तीन फैसले आ गए हैं, सोहराबुद्दीन एनकाउंटर केस, मक्का मस्जिद ब्लास्ट केस, जज लोया केस. तो वहीँ अब गुजरात हाई कोर्ट का 2002 का दंगा केस. इस सबसे कांग्रेस बुरी तरह खीज पड़ी है क्यूंकि फैसले उसके मनमुताबिक नहीं आ रहे हैं. ऐसे में अब कांग्रेस ने CJI दीपक मिश्रा के खिलाफ ही विद्रोह छेड़ दिया है.

अभी मिल रही बहुत बड़ी खबर के मुताबिक एक के बाद एक फैसले से कांग्रेस को तगड़े झटके लगने की वजह से अब कांग्रेस बदला लेने पर उतारू हो गयी है. सुप्रीम कोर्ट के मुख्य न्यायाधीश दीपक मिश्रा के खिलाफ महाभियोग का प्रस्ताव पेश कर दिया है. कांग्रेस की अगुवाई में 7 विपक्षी दलों ने राज्यसभा सभापति वेंकैया नायडू से मुलाकात कर उन्हें ये प्रस्ताव सौंपा.

विपक्षी पार्टियों की कांग्रेस नेता गुलाम नबी आज़ाद की अगुवाई में बैठक हुई. इसके बाद कई विपक्षी दलों के नेता उपराष्ट्रपति को प्रस्ताव सौंपने पहुंचे. गुलाम नबी आज़ाद ने कहा कि आज हमने राज्यसभा की 7 राजनीतिक पार्टियों के साथ मिलकर राज्यसभा चेयरमैन को महाभियोग का प्रस्ताव सौंप दिया है. उन्होंने कहा कि 71 सांसदों के हस्ताक्षरों के साथ ये प्रस्ताव सौंपा है.

कपिल सिब्बल ने कहा लोकतंत्र खतरे में है

सबसे ज़्यादा तकलीफ कांग्रेस के कपिल सिब्बल को हो रही है, सारा खेल भी उनका ही रचाया हुआ है. कपिल सिब्बल ने कहा कि काश हमें ये दिन नहीं देखना पड़ता. सिब्बल ने कहा कि जब से दीपक मिश्रा चीफ जस्टिस बने हैं तभी से कुछ ऐसे फैसले लिए गए हैं जो कि सही नहीं हैं. सिब्बल ने कहा कि हमारे पास महाभियोग लाने के अलावा कोई और रास्ता नहीं था.

सिब्बल बोले कि हमें उम्मीद थी कि जजों की जो नाराज़गी है, उन सभी को भी ध्यान में रखा जाएगा. और कुछ बदलाव आएगा लेकिन ऐसा नहीं हुआ. क्या देश के लोग सबसे बड़े संस्थान को ऐसे स्थिति में ही देखते रहें. सिब्बल ने कहा कि सीजेआई के कुछ प्रशासनिक फैसलों पर आपत्ति है. चीफ जस्टिस पर अपने पद की मर्यादा तोड़ने का आरोप लगाते हुए उन्‍होंने कहा कि न्यायपालिका के खतरे में आने से लोकतंत्र पर खतरा है.

CJI ने कपिल सिब्बल को दिखाया था बहार का रास्ता

हम आपको बताते हैं कि क्यों कपिल सिब्बल को इतनी तकलीफ हो रही है दरअसल CJI दीपक मिश्रा वहीँ हैं जिन्होंने राम मंदिर मुद्दे पर कपिल सिब्बल को ज़ोरदार लताड़ लगाते हुए इस केस से ही बाहर का रास्ता दिखा दिया था. कपिल सिब्बल के बौखलाहट के पीछे वजह ही यही है कि वो राम मंदिर मुद्दे पर वकालत नहीं कर सकते.

एन वक़्त पर मनमोहन सिंह ने भी छोड़ा कांग्रेस का साथ


तो वहीँ अब कांग्रेस के इस बदले के महाभियोग प्रस्ताव में ही फूट पड़ने लगी है. सबसे पहले पूर्व पीएम मनमोहन सिंह ने महाभियोग के प्रस्ताव पर हस्ताक्षर करने से मना कर दिया. मनमोहन सिंह के अलावा कांग्रेस नेता सलमान खुर्शीद ने भी इस मुद्दे पर पार्टी से अलग सुर अलापा है. सलमान खुर्शीद ने कहा कि चाहे जज लोया का मामला हो या कोई अन्य, सुप्रीम कोर्ट का फैसला ही अंतिम होता है. कोर्ट और मुख्य न्यायाधीश की विश्वसनीयता पर संदेह नहीं करना चाहिए.

अगर शीर्ष कोर्ट के फैसले को लेकर किसी को कोई आपत्ति है तो पुनर्विचार याचिका, उपचारात्मक याचिका दाखिल कर सकते हैं. लेकिन ऐसे सरेआम महाभियोग लाकर सुप्रीम कोर्ट और मुख्य न्यायाधीश का अपमान करना बिलकुल भी उचित नहीं है.

सलमान खुर्शीद ने कपिल सिब्बल को ज़ोरदार लताड़ा

सलमान खुर्शीद ने कपिल सिब्बल को आड़े हाथों लेते हुए कहा कि वकील का काला गाउन और सफेद बैंड पहनने वाले किसी भी आदमी के लिए कोर्ट के फैसले पर सोच समझ कर सवाल उठाने चाहिए. यह संवेदनशील मामला है. उन्होंने कहा कि शीर्ष कोर्ट के फैसले पर राजनीति करने को उचित नहीं कहा जा सकता है.

लोया केस बहाना है, अयोध्या केस निशाना है

वही वकील अश्विनी उपध्याय ने भी कपिल सिब्बल पर निशाना साधते हुए ट्वीट किया “लोया केस बहाना है, अयोध्या केस निशाना है! सेक्युलर लिबरल और अर्बन नक्सली मिलकर सुप्रीम कोर्ट और माननीय चीफ जस्टिस की क्रेडिबिलटी को समाप्त करना चाहते हैं क्योंकि अयोध्या, बहुविवाह-हलाला-मुताह-मिस्यार जैसे मामलों में भी इसी वर्ष फैसला आयेगा”

अब हम आपको बताते हैं कि कांग्रेस के महाभियोग प्रस्ताव से आखिर हो क्या सकता है.
संविधान के अनुच्‍छेद 124(4) और जजेज (इंक्‍वायरी) एक्‍ट, 1968 में जजों के खिलाफ महाभियोग लाया जाता है. इस तरह का प्रस्‍ताव लोकसभा या राज्‍यसभा में से कहीं भी पेश किया जा सकता है. यह प्रस्‍ताव पेश करने के लिए लोकसभा में कम से कम 100 सांसदों और राज्‍यसभा में 50 सांसदों के हस्‍ताक्षर की जरूरत होती है. इसके साथ ही जज को हटाने के लिए संसद के दोनों सदनों में दो तिहाई बहुमत से प्रस्‍ताव पास करना जरूरी है.

यदि इस तरह का कोई प्रस्‍ताव पास हो भी जाता है तो आरोपों की जांच के लिए तीन सदस्‍यों की एक कमेटी बनाई जाती है. रिपोर्ट तैयार करने के बाद कमेटी उसे लोकसभा के स्‍पीकर या राज्‍यसभा के सभापित को सौंपती है. इसके साथ ही महाभियोग प्रस्‍ताव चाहे किसी भी सदन में लाया जाए, लेकिन उसे पास दोनों सदनों में होना पड़ेगा. प्रस्‍ताव को पास करने के लिए वोटिंग के दौरान सभी सांसदों का दो तिहाई बहुमत हासिल करना जरूरी है. दोनों सदनों में महाभियोग प्रस्‍ताव पास होने के बाद राष्‍ट्रपति Presidential Order से जज को हटा सकते हैं.

क्या कांग्रेस के पास है संख्याबल?
राज्‍यसभा में कुल 245 सांसद हैं. इस सदन में महाभियोग प्रस्‍ताव पास करने के लिए दो तिहाई बहुमत यानी 164 सांसदों के वोट की जरूरत होगी. राज्‍यसभा में सत्‍ताधारी एनडीए के 86 सांसद हैं. इनमें से 68 बीजेपी के सांसद हैं. यानी इस सदन में कांग्रेस समर्थित इस प्रस्‍ताव के पास होने की संभावना नहीं है. लोकसभा में कुल सांसदों की संख्‍या 545 है. दो तिहाई बहुमत के लिए 364 सांसदों के वोटों की जरूरत पड़ेगी. यहां विपक्ष बिना बीजेपी के समर्थन के ये संख्‍या हासिल नहीं कर सकता क्‍योंकि लोकसभा में अकेले बीजेपी के ही 274 सांसद हैं.

क्या ये बात कांग्रेस को पता नहीं होगी कि उनके पास उचित संख्याबल ही नहीं है, ज़रूर पता होगी तो फिर ये महाभियोग प्रस्ताव की नौटंकी क्यों?जिसमे कांग्रेस के अपने ही साथ नहीं दे रहे. दरअसल कर्नाटक चुनाव से पहले ऐसी नौटंकी करके चुनाव को प्रभावित करने की बड़ी गहरी योजना पर काम चल रहा है.

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source political report

अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर 6 चुनाव में से भारत ने जीते पूरे…

केंद्र में जबसे बीजेपी की सरकार आई है तभी से देश के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जी ने कई बड़े फैसले लिए हैं. वह लगातार को दुनिया में शीर्ष पर पहुँचाने के प्रयास में लगे हुए हैं. आज भारत को दुनियाभर में एक अलग पहचान मिल चुकी है.

Since then, when the BJP government came in the center, Prime Minister Narendra Modi has taken many big decisions from the country. He is constantly engaged in trying to reach the top in the world. Today India has got a distinct identity across the world.

भारत एक के बाद एक लगातर रिकार्ड्स दर्ज करता जा रहा है. पीएम मोदी जी के नेतृत्व में भारतीय जनता पार्टी ने देश के अधिकतर राज्यों में सरकार बनाकर भारतीय राजनीति में इतिहास रच दिया है. अब हाल ही में एक ऐसी खबर आ रही है जिसे जानने के बाद आपको भी अपने देश पर गर्व होगा.

India is registering a continuous record after the other. Under the leadership of PM Modi, Bharatiya Janata Party has created history in Indian politics by forming a government in most of the states. Now a recent news is coming to know that you will also be proud of your country.

जानकारी के लिए बता दें संयुक्त राष्ट्र आर्थिक एवं सामाजिक परिषद (ईकोसोक) में हुए चुनावों में भारत ने जो किया है उसे जानकर आप भी हैरान रह जायेंगे. यहाँ हुए चुनावों के नतीजों ने सभी के होश उड़ा डाले हैं. आप भी भारत के जब आंकड़े देखेंगे तो गर्व महसूस करेंगे.

For information, you will be amazed knowing what India has done in the elections held in the United Nations Economic and Social Council (eksos). The consequences of the elections here have shaken everyone’s senses. You will also feel proud when you see the figures of India.

अंतरराष्ट्रीय स्तर पर हुए चुनावों में भारत ने शानदार जीत दर्ज की है. भारत ने इन चुनावों में छह चुनाव जीते हैं जिनमे से पांच देश ने सर्वसम्मति से जीत हासिल की है. सोमवार को हुए चुनावों में भारत ने 4 संयुक्त निकायों के कार्यकारी बोर्ड में स्थान हासिल किया है.

In the elections held internationally, India has won a great victory. India has won six elections in these elections, out of which five have won unanimously. In the elections held on Monday, India has secured a place in the Executive Board of 4 Joint Bodies.

गौरतलब है कि भारत को गैर सरकारी संगठन (एनजीओ) समिति के लिए एशिया-प्रशांत का जबरदस्त सामना करना पड़ा था. जिसमें भारत को सर्वाधिक 46 मत प्राप्त हुए. वहीँ पाकिस्तान को इस चुनाव में 43 चीन को महज 39 मत मिले.

Significantly, India had to face a great deal of Asia-Pacific for the NGO Committee. In which India received 46 votes. In the elections, Pakistan got only 43 votes to get 43 votes.

जिसके बाद भारत ने यह चुनाव जीतकर रिकॉर्ड कायम कर दिया है. यह आंकड़े आने के बाद विरोधी देशों के होश उड़ गये. परिणाम आने के बाद पूरे ईकोसोक में सभी यानि छह चुनाव जीतने पर बधाई दी है. बता दें ईकोसोक में संयुक्त राष्ट्र के सभी 193 देश शामिल हुए थे.

After that India has set a record by winning this election. After these figures came, the countries of the anti-liberation countries lost their senses. After the results came out, congratulations on winning all the eight ekosocks that means six elections. Tell that ekosock all 193 countries of the United Nations were involved.

एनजीओ समिति को काफी प्रभाव शाली माना जाता है क्योंकि वह ईकोसोक में परामर्श दर्जे के लिए आवेदन करने वाले सभी एनजीओ की गहराई से जांच करता है. जिसके बाद समिति उनको लेकर फैसला लेती है. अब भारत जनवरी 2019 से शुरू होने वाली समिति में चार साल के कार्यकाल के दौरान सभी को अपनी सेवाएं प्रदान करेगा.

The NGO Committee is considered to be very influential because it examines all NGOs who apply for counseling status in EcoSoc. After which the committee takes a decision about them. Now India will provide services to everyone during the four-year tenure in the commencement of the committee, beginning January 2019.

इसी के साथ भारत जल्द ही जनसँख्या व विकास आयोग में अपने कार्यकाल की शुरुआत करेगा जोकि 2021 में समाप्त होगी और सामाजिक विकास आयोग में अपने 4 साल के कार्यकाल की शुरुआत करेगा.

With this, India will soon start its tenure in the population and development commission which will end in 2021 and start its four-year tenure in Social Development Commission.

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राम रहीम की गिरफ़्तारी के बाद अब इस मौलाना बाबा हुआ बड़ा खुलासा जिसे देख योगी समेत परा देश हैरान

 

पुलिस ने इस पर इनाम की घोषणा भी की हुई थी. कहा जा रहा है कि इस इनामी शातिर अपराधी का असली नाम आफताब उर्फ नाटे है, लेकिन ये मौलाना करीम के नाम से लोगों की आँखों में धुल झोंकता था. इसके अपराधों के बारे में जानकार तो आप और भी ज्यादा चौंक जाएंगे.

The police had also announced the reward on this. It is being said that Aftab alias Nate is the real name of this vicious criminal, but this maulana was blown in the eyes of people by the name of Karim. You will be more shocked if you are knowledgeable about its crimes.

बलात्कारी मौलाना की खबर दिखाने से बच रहा मीडिया !

दो बलात्कार के आरोप गुरमीत राम रहीम की गिरफ्तारी पर छाती पीटने वाले मीडिया को 39 महिलाओं से बलात्कार करने वाले इस मौलाना की गिरफ्तारी पर सांप सूंघ गया है. कोई इस खबर को प्रमुखता से नहीं दिखा रहा है. इसके बारे माँ बताया जा रहा है कि ये कथित मौलाना ट्रिपल तलाक की पीड़ित मुस्लिम महिलाओं का हलाला के नाम पर यौन शोषण करने का धंधा चलाता था.

The news of the rapist Maulana was saved from the media!

The snake has sniffed on the arrest of the maulana who raped 39 women with cheating on the arrest of Gurmeet Ram Rahim, accused of two rape charges. Nobody is showing this news prominently. The mother is being told that this alleged maulana used to run a business of sexual exploitation in the name of Halalah, the victim of triple divorced Muslim women.

अब तक ये 39 महिलाओं का यौन शोषण कर चुका है. तमिल फिल्म में एक्टिंग कर चुके एनकाउंटर स्पेशलिस्ट अनिरुद्ध सिंह ने एडीजी इलाहाबाद एसवी सावंत की अगुवाई में इस बदमाश को बॉलीवुड स्टाइल में गिरफ्तार किया. एसपी सिटी सिद्धार्थ शंकर मीणा के मुताबिक मौलाना करीम 1985 से फरार चल रहा था.

So far these 39 women have been sexually exploited. Encounter Specialist Anirudh Singh, who had acted in the Tamil film, arrested this crook under the leadership of ADG Allahabad SV Sawant in Bollywood style. According to SP city Siddhartha Shankar Meena, Maulana Karim was absconding since 1985.

नई दिल्ली : बाबा रहीम की गिरफ्तारी और सजा के बाद अब बारी आयी है एक कथित मौलाना की. पुलिस ने बलात्कारी मौलाना करीम को धर दबोचा है. बता दें कि ये मौलवी पिछले 32 सालों से पुलिस की आँखों में धुल झोंकर अपनी अवैध गतिविधियां चला रहा था.

New Delhi: After the arrest and punishment of Baba Rahim, the turn has now come to an alleged maulana. Police have arrested the rapist Maulana Karim. Please tell us that this maulavi was running illegal activities in the eyes of the police for the past 32 years.

मस्जिदों और दरगाहों में छिपता था !

वो मुंबई, सूरत, अजमेर शरीफ और फर्रुखाबाद जैसे शहरों की मस्जिदों और दरगाहों में छिपता फिर रहा था. दरगाहों में आने वाले श्रद्धालुओं से मौलाना करीम खुद को तांत्रिक बताता था और भूत-प्रेत की बाधा दूर करने के नाम पर भी पैसे ऐंठता था औऱ उन्हें आफताब गंडा और ताबीज बनाकर देता था. एसपी सिटी के मुताबिक मौलाना करीम खुद को हलाला निकाह एक्सपर्ट भी बताता था.

Was hidden in mosques and dargahs!

He was hiding in mosques and dargahs of cities like Mumbai, Surat, Ajmer Sharif and Farrukhabad. Maulana Karim used to tell himself as a Tantric with devotees coming to the dargahs and even in the name of taking away the obstacles of ghosts, he used to make money, and gave them Afabat and donated amulet. According to SP City, Maulana Karim would also tell herself Halala Nirvah Expert.

हवालात में मुक्का-लात के बाद इस शातिर अपराधी मौलाना करीम ने झांसा देकर 39 महिलाओं का हलाला के नाम पर यौन शोषण करने की बात कबूल की है. उसने लोगों को धोखा तो दिया ही, साथ ही लाखों रुपए भी ऐंठे. धोखाधड़ी के लिए मौलाना करीम ने बाकायदा अपना एक नेटवर्क तैयार किया था. 33 सालों में उसने खुद को सिद्ध मौलाना बताकर दर्जन से ज्यादा शागिर्दों की टीम बनाई थी.

After punching in the lock-up, the vicious criminal Maulana Karim has blamed the 39 women for sexually exploiting the name of Halala. He betrayed the people, and also millions of rupees. For fraud, Maulana Karim had prepared a network of his own. In 33 years, he created himself as a perfect maulana and created a team of more than dozen pupils.

ये शागिर्द उसके झूठे तंत्र-मंत्र की विद्या का प्रचार प्रसार करते थे. ये इतना शातिर था कि पुलिस से बचने के लिए हर 15 दिन में अपना सिम कार्ड बदल लेता था और बेहद गोपनीय तरीके से अपने परिवार के संपर्क में रहता था. पुलिस ने जब इसके परिवार से पूछताछ की तो उन्होंने भी उसके बारे में किसी भी प्रकार की जानकारी देने से मना कर दिया था.

These teachers used to propagate the teaching of his false system. It was so vicious that he used to change his SIM card every 15 days to avoid the police and was in touch with his family in a very confidential manner. When the police interrogated his family, they also refused to give any information about him.

परिवार ने भी किया गुमराह !

परिवार का कहना था कि उससे से उनका कोई संबंध नहीं है, क्योंकि वह उन पर तेजाब फेंक कर घर से भागा था और तब से वापस नहीं लौटा, जोकि सरासर झूठ था. पुलिस ने लगातार उसके परिजनों का नंबर सर्विलांस पर रखा और तब जाकर मौलाना करीम की लोकेशन का पता लग पाया. यूपी में तुष्टिकरण की सरकारों में इस अपराधी को नहीं धरा जा सका लेकिन योगी आदित्यनाथ सरकार ने ये काम कर दिखाया.

The family also did mislead!

The family said that they have nothing to do with him, because he was throwing acid on them and ran away from home and did not return from then, which was a completely false. Police consistently kept the number of his relatives on the surveillance and then went to find out the location of Maulana Karim. The culprit could not be defeated in the appeasement governments in UP but Yogi Adityanath Sarkar showed this work.

गिरफ्तारी के बाद मौलाना करीम ने बताया कि वो इलाहाबाद के शाहगंज थाना क्षेत्र में रहता था. 1981 में मोहल्ले के लड़के मोहम्मद अजमत ने उसकी भांजी से छेड़छाड़ की, जिसे देख वो गुस्से से उबाल पड़ा और उसने बदला लेने की ठान ली.

After the arrest, Maulana Karim told that he lived in the Shahganj police station area of ​​Allahabad. In 1981, Mohalla’s son, Mohammed Ajmat, tampered with his niece, who saw that he got angry and he decided to take revenge.

बदला लेने के लिए उसने अजमत पर गोली दाग दी, जिससे उसकी मौत हो गयी. क़त्ल के इल्जाम में पुलिस ने उसे गिरफ्तार किया और दो साल बाद 1983 में जिला कोर्ट ने उसे उम्र कैद की सजा सुनाई, हालांकि वो दो साल बाद ही जमानत पर बाहर आ गया और फिर शहर से भाग गया.

To get revenge, he shot Azmat, which led to his death. The police arrested him in the charge of murder and two years later in 1983, the District Court sentenced him to life imprisonment, although he came out on bail only two years later and then fled from the city.

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source political report

त्रिपुरा सत्ता में आते ही बिप्लब देव ने लिया ये ऐतिहासिक फैसला एक ही झटके में उखाड़ फेंकी वामपंथ की जड़ें मोदी भी बोले वाह-वाह !

नई दिल्ली : देश के कमज़ोर पड़ चुके पूर्वोत्तर हिस्से को सशक्त बनाने और अब बड़े बदलाव होने शुरू हो चुके हैं. त्रिपुरा में बीजेपी और सीएम बिप्लब देव के आगमन से पहले ही दिन से परिवर्तन आने लगे हैं. पहले ही दिन विधानसभा में राष्ट्रगान गया गया जिसके बाद न चाहते हुए भी वामपंथी विपक्षी पार्टयियों को खड़े होकर राष्ट्रगान गाना पड़ा.

New Delhi: Empowering the weakening Northeast of the country and making big changes now has begun. Changes have begun in the day before the advent of BJP and CM Bipel Dev in Tripura. On the very first day, the national anthem went to the Legislative Assembly, after which the opposition parties had to sing the national anthem even after the opposition parties did not want to.

ये पहली बार था जब वामपंथियों के चंगुल से आज़ाद हुए त्रिपुरा में विधानसभा में किसी ने राष्ट्रगान बजवाया वरना तो सब वामपंथियों की धुन बजाया करते थे. सोचिये इससे पहले क्या हालात रहे होंगे. ये बड़ी बात इसलिए थी क्यूंकि ये ब्रेकिंग न्यूज़ और कल के अख़बार के मुख्यपृष्ठ पर खबर थी ‘विधानसभा में पहली बार गाया गया राष्ट्रगान’.

It was for the first time that in the Tripura which was liberated from the clutches of the Left, nobody used to play the national anthem or otherwise played the tune of all the leftists. Think of what the conditions will be before this. This was a big deal because it was news on Breaking News and yesterday’s newspaper’s homepage, ‘National anthem first sang in the assembly’.

 

अभी मिल रही बड़ी खबर के मुताबिक त्रिपुरा में भारतीय जनता पार्टी के आने से अब स्कूल में पढ़ने वाले बच्चों का भविष्य उज्जवल होने जा रहा है. ऐतिहासिक जीत दर्ज करने के बाद सत्ता में आई बीजेपी सरकार अब त्रिपुरा शिक्षा बोर्ड की किताबों को बदलने की तैयारी में है. अब बोर्ड की किताबों के स्थान पर एनसीईआरटी की किताबों को रिप्लेस किया जाएगा.

According to the big news now available, the coming of the Bharatiya Janata Party in Tripura is going to brighten the future of children studying in the school. After winning the historic victory, the BJP government in power is now preparing to change the books of Tripura Education Board. NCERT books will now be replaced instead of board books.

प्रदेश के सीएम बिप्लव कुमार देब ने कहा कि उनकी सरकार राज्य की स्कूलों में एनसीईआरटी की किताबों से पढ़ाई करवाएगा. एक अंग्रेजी न्यूज़ को इंटरव्यू देते हुए उन्होंने कहा वो क्वांटिटी एजुकेशन के स्थान पर क्वालिटी एजुकेशन देना चाहते हैं.

Chief Minister of Himachal Pradesh Kumar Deb said that his government will get education from NCERT books in state schools. Giving an interview to an English news, he said he wanted to give quality education instead of quantity education.

 

त्रिपुरा में सत्ता में आते ही सीएम बिप्लब देव ने लिया ऐतिहासिक फैसला

तो वहीँ अब एक बार फिर सीएम बिप्लबदेव देव ने बेहद ज़बरदस्त फैसला लिया है उन्होंने अब सीधा सालों से बोई जा रही ज़हरीली फसलों की जड़ों को ही उखाड़ फेकने का अद्भुत फैसला लिया है.

CM Bipel Dev took historic decision when Tripura came to power

So once again, CM Biplabdev Dev has taken a very strong decision, he has now taken a wonderful decision to overthrow the roots of poisonous crops being sown for a direct period of time.

उन्होंने कहा कि अभी किताबों में रूस-फ्रांस की क्रांति, इंग्लैंड में क्रिकेट का जन्म, हिटलर,लेनिन के बारे में पढ़ाया जाता है. साथ ही छात्रों को कार्ल मार्क्स, हिटलर पढ़ाया जाता है, लेकिन हमारे देश के स्वतंत्रता सेनानियों भगत सिंह, सुखदेव, राजगुरु के बारे में नहीं पढ़ाया जाता है. किताबों में रानी लक्ष्मीबाई, सुभाष चंद्र बोस आदि के बारे में जानकारी नहीं है.

He said that now books are taught about Russia-France Revolution, the birth of cricket in England, Hitler, Lenin. Along with this, students are taught Karl Marx, Hitler, but our country’s freedom fighters are not taught about Bhagat Singh, Sukhdev and Rajguru. There is no information about Rani Lakshmibai, Subhash Chandra Bose etc. in the books.

त्रिपुरा के लोगों में ख़ुशी की लहर

इस फैसले के बाद से जैसे त्रिपुरा में ख़ुशी की लहर दौड़ पड़ी है जैसे किसी बंधन से आज़ादी मिल गयी हो और वामपंथी पार्टी के सीने में जलन का तूफ़ान उठा हुआ है. इस फैसले की देशभर में पूरे सोशल मीडिया में तारीफ हो रही हैं.

People of Tripura rejoice

After this decision, like Tripura, there has been a wave of happiness, like freedom has got from a bond and the burning sensation of the Left party’s chest has been raised. This decision is being appreciated across the entire social media across the country.

दरअसल पिछली सरकारों द्वारा शुरू से ही बच्चों का घटिया वामी इतिहास पढ़ाकर दिमाग ख़राब कर दिया जाता था. तभी आज ये बड़े होकर डॉक्टर साइंटिस्ट या कम से कम देशभक्त बनने के बजाय सड़कों पर उपद्रव काटते हैं और लेनिन की मूर्तियां तोड़ने पर आंसू बहाते हैं. त्रिपुरा में वामपंथी लेनिन की पूजा ये कहकर करते हैं कि भगत सिंह भी उनके फैन थे, लेकिन ये देशभक्त भगत सिंह को नहीं मानते उनकी मूर्तियां नहीं लगाते. जबकि विदेशों में हज़ारों लेनिन की मूर्तियां तोड़ी जा रही हैं.

n fact, by the previous governments, the brain was spoiled by reading the bad history of children from the very beginning. In the meantime, when they grow up, instead of being a doctor scientist or at least a patriot, they take a furore on the roads and shed tears after breaking Lenin’s statues. In Tripura, the worship of left-wing Lenin is done by saying that Bhagat Singh was his fan, but he does not believe in patriot Bhagat Singh and does not make his idols. While thousands of Lenin sculptures are being smashed abroad.

यहाँ ये कहावत सही बैठती है जब पेड़ बोये बबूल का तो फल कहाँ से होये इसका वामपंथी बड़ी शिद्दत से पालन किया करते थे. लेकिन अब नहीं अब बच्चों को अच्छी भिक्षा दी जाएगी, त्रिपुरा के वीर, साहसी, बलिदानी राजाओं का इतिहास पढ़ाया जाएगा. ताकि बच्चे आगे चलकर लाल झंडा उठाने के बजाय देश का तिरंगा उठाएं और देश का नाम रौशन करें.

Here the saying goes right when the left-hander used to adhere to the tree, where the fruit of the tree, and its left. But now no longer children will be given a good alimony, the history of Tripura’s heroic, courageous, sacrificial kings will be taught. Instead of raising the red flag instead of raising the flag of the country, the children should take the tricolor and name the country.

एक झटके से उखाड़ फेंकी वामपंथी की जड़ें

बिप्लब देब ने कहा देश से अलग हटकर त्रिपुरा को पीछे धकेला जा रहा था. पिछली सरकार त्रिपुरा बोर्ड ऑफ सेकेंडरी एजुकेशन के माध्यम से मार्क्सिस्ट प्रोपेगैंडा फैला रही थी. उन्होंने कहा कि कम्यूनिस्ट चाहते थे कि सिर्फ त्रिपुरा के लिए माओ के बारे में पढ़ें और हिंदू राजाओं को भूल जाएं. उन्होंने सरकारी किताबों से महात्मा गांधी को हटा दिया है और अब एनसीईआरटी का पाठ्यक्रम पढ़ाया जाएगा, जिसमें त्रिपुरा के इतिहास से जुड़े भी कई पाठ होंगे.

Roots of the Left to overthrow a shock

Bipelab said that Tripura was being pushed back from the country and Tripura was being pushed back. The previous government was spreading Marxist Propaganda through the Tripura Board of Secondary Education. He said that the Communists wanted that only read about Mao for Tripura and forget the Hindu kings. He has removed Mahatma Gandhi from government books and now the NCERT course will be taught, in which there will be many lessons related to the history of Tripura.

यह भी देखे
https://youtu.be/Uzs16fYnw1k
https://youtu.be/VxtYK7YXsQ8
source poltical report

अभी-अभी: नागालैंड और त्रिपुरा के चौकाने वाले रिजल्ट देख योगी समेत PM मोदी हैरान

त्रिपुरा के सियासी इतिहास में बीजेपी को इस बार सबसे ज्‍यादा सियासी फायदा मिलता दिख रहा है. पिछले 25 वर्षों से सत्‍ता पर काबिज लेफ्ट शासन को इस बार बीजेपी ने कड़ी टक्‍कर दी है. दोनों के बीच शुरुआती रुझानों में कांटे की टक्‍कर देखने को मिल रही है. बीजेपी के लिए यह बड़ा मौका इसलिए है क्‍योंकि अब तक यह पार्टी राज्‍य में सियासी हाशिए पर रही है. पिछले विधानसभा चुनावों में बीजेपी को महज 1.5 प्रतिशत वोट मिले थे.

In the political history of Tripura, BJP seems to be getting the most political advantage this time. For the last 25 years, the Left Legislature ruled by the BJP has given a tough fight this time. In the initial trends between the two, the thorn is seen in the battle. This big opportunity for BJP is because the party has been on the political margins in the state till now. In the last assembly elections, BJP got only 1.5 percent of the votes.

LIVE: त्रिपुरा के रुझानों में भाजपा को बहुमत, लेफ्ट की 27 सीटों पर बढ़त

मोदी लहर
2014 लोकसभा चुनावों में बीजेपी को पहली बार त्रिपुरा में सर्वाधिक छह प्रतिशत वोट मिले. उसके बाद से बीजेपी के सियासी ग्राफ में लगातार बढ़ोतरी देखने को मिली. उसके बाद से पार्टी ने यहां लगातार अपने कैडर को बनाने के लिए गंभीर प्रयास किए हैं. राज्‍य के आदिवासी बहुल इलाकों में बीजेपी ने अच्‍छी पकड़ बनाई. 60 में से करीब 25 सीटों पर प्रभावी भूमिका निभाने वाले आदिवासी बहुल इलाकों में बीजेपी की बढ़ती पकड़ का अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि नरेंद्र मोदी ने सोनामुरा रैली के जरिये बीजेपी के चुनाव प्रचार अभियान का आगाज किया तो उसमें उपस्थित भारी भीड़ ने इसका अहसास कराया कि अबकी बार बीजेपी यहां मजबूत होकर उभरेगी. शुरुआती रुझान इस अनुमान पर अपनी मुहर लगाते दिख रहे हैं.

LIVE: In Tripura trends BJP gets majority, 27 seats in Left front

Modi wave
In 2014 Lok Sabha elections, for the first time, BJP has got the highest six percent votes in Tripura. Since then, the political graph of the BJP got a steady increase. Since then the party has made serious efforts to make its cadre consistently here. In the tribal-dominated areas of the state, BJP got a good hold. The growing hold of BJP in tribal dominated areas, which plays an effective role in about 25 of the 60 seats, can be estimated from the fact that when Narendra Modi inaugurated the BJP campaign campaign through Sonamura rally, the huge crowd in it Realized that nowadays BJP will emerge stronger here. The initial trends seem to be stamping this estimate.


त्रिपुरा: ‘लाल किले’ पर पहली बार मंडराया खतरा, क्‍या माणिक सरकार बचा पाएंगे सत्‍ता?

‘लाल’ किले में दरार
इसके साथ ही पिछले दो दशकों से त्रिपुरा की सत्‍ता के निर्विवाद चेहरा रहे माकपा(सीपीएम) नेता मुख्‍यमंत्री माणिक सरकार इस बार अब तक की सबसे कड़ी सियासी लड़ाई लड़ रहे हैं. वैसे तो माकपा का शासन त्रिपुरा में पिछले 25 सालों से हैं और माणिक सरकार 1997 से राज्‍य के मुख्‍यमंत्री हैं लेकिन इस बार उनको पहली बार बीजेपी के रूप में कड़ी चुनौती का सामना करना पड़ा है. कांग्रेस की सूबे की सत्‍ता से साफ होने और उसकी जगह पिछली बार तृणमूल कांग्रेस के उभार लेकिन बाद में आंतरिक टूट-फूट का सीधा लाभ बीजेपी को मिला है. इसलिए इस बार त्रिपुरा में पहली बार सीधी लड़ाई माकपा के नेतृत्‍व में वाम मोर्चे और बीजेपी के बीच हुई है. त्रिपुरा में माकपा की सबसे बड़ी पूंजी माणिक सरकार की स्‍वच्‍छ छवि मानी जा रही है. बीजेपी इस बात को अच्‍छी तरह से जानती है. इसलिए पीएम नरेंद्र मोदी ने सबसे पहली चुनावी रैली मुस्लिम बहुल इलाके सोनामुरा में की थी. इसके जरिये बीजेपी ने माणिक सरकार को सीधी चुनौती दी. ऐसा इसलिए क्‍योंकि माणिक सरकार इसके पड़ोस में स्थित धनपुर सीट से चुनाव लड़ते हैं. सोनामुरा से बीजेपी प्रत्‍याशी आगे चल रहा है और धनपुर से माणिक सरकार आगे चल रहे हैं.

Tripura: The first threat to the ‘Red Fort’ is a threat, will the Manik government save the government?

Rift in the ‘Lal’ Fort
Simultaneously, the CPI (M) (CPM) leader, who is the undisputed face of Tripura’s power for the last two decades, Chief Minister Manik Sarkar is fighting this very important political battle so far this time. Although the CPI (M) regime has been in Tripura for the last 25 years and Manik Sarkar is the Chief Minister of the state since 1997, this time he has to face a tough challenge as BJP for the first time. The Congress party’s power to clean up and the last time the Trinamool Congress’s rise, but the BJP has got the direct benefit of internal breakage. Therefore, this time, for the first time in Tripura, the direct fight between the Left Front and the BJP led by CPI (M) has happened. In Tripura, the CPI (M)’s biggest capital is being considered as a clean image of Manik Sarkar. BJP knows this very well. That is why PM Narendra Modi made the first election rally in Sonamura Muslim-dominated area. Through this, BJP has given direct challenge to the Manik Sarkar. This is because the Manik Sarkar is contesting from Dhanpur constituency located in its neighborhood. The BJP candidate from Sonamura is going forward and Manik Sarkar is going ahead from Dhanpur.

New Delhi: Prime Minister Narendra Modi during celebrations of 125th anniversary of Swami Vivekananda’s Chicago Address, in New Delhi on Monday. PTI Photo by Shahbaz Khan (PTI9_11_2017_000054A)

त्रिपुरा: राहुल गांधी का नहीं दिखा असर, केवल 1 सीट पर कांग्रेस को बढ़त

कांग्रेस
इन सबके बीच त्रिपुरा में कांग्रेस का प्रदर्शन कोई खास नहीं दिख रहा है. राहुल गांधी के प्रचार के बावजूद कांग्रेस बड़ी मुश्किल से केवल एक सीट पर बढ़त बनाती दिख रही है. एक दौर में सत्‍ताधारी माकपा और कांग्रेस के बीच सीधी टक्‍कर होती थी लेकिन अब ऐसा लगता है कि उस स्‍पेस को बीजेपी ने कैप्‍चर कर लिया है.

Tripura: The impact of Rahul Gandhi’s showing, only 1 seat leads to Congress

Congress
Among all, the Congress’s performance in Tripura is not visible to anybody. Despite Rahul Gandhi’s propaganda, the Congress seems to have made a big difference in only one seat. There was a direct contest between the ruling CPI (M) and the Congress in one round but now it seems that the BJP has captured that space.

यह भी देखे

https://youtu.be/1YmeDP0wOXs

https://www.youtube.com/watch?v=k87GwTUEGuQ&t=18s

sourcename:politicalreport

आम आदमी पार्टी में आया तूफ़ान, आप के इस बड़े नेता ने भी छोड़ा अरविन्द केजरीवाल का साथ!

नई दिल्ली: सूत्रों की माने तो आम आदमी पार्टी की झाड़ू का तिनका-तिनका बिखरने वाला है, थोड़ा समय लग सकता है| इसका बड़ा कारण है कि दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविन्द केजरीवाल कुमार विश्वाश के कद को बड़ा होता हुआ नहीं देखना चाहते और पार्टी पर वही राज करना चाहते हैं जबकि दोनों नेता अन्ना आंदोलन से पैदा हुए थे लेकिन एक दूसरी बार सीएम बन गया और एक राज्य सभा का सांसद भी नहीं बन पाया और राज्य सभी की टिकट के लिए जूझ रहा है|

New Delhi: If sources are to be believed, then the Aam Aadmi Party is going to scatter the straw of a broom, it can take some time. The big reason is that Delhi’s Chief Minister Arvind Kejriwal does not want to see the height of Vishwash being bigger and wants to rule the same party, while the two leaders were born from the Anna movement but for a second time CM became and a Rajya Sabha Even the MP could not be found and the state is battling for all the tickets.

सूत्रों द्वारा जानकारी मिल रही है कि आप ने कुमार विश्वास का पत्ता काटते हुए राज्यसभा के लिए वरिष्ठ नेता संजय सिंह, सुशील गुप्ता और एनडी गुप्ता के नाम का ऐलान कर दिया है| पार्टी की पॉलिटिकल अफेयर्स कमेटी बुधवार को इन तीनों के नाम पर मुहर लगाएगी|

Sources are getting information that you have announced the name of senior leader Sanjay Singh, Sushil Gupta and ND Gupta for the Rajya Sabha by cutting the leaf of Kumar Vishwas. The Political Affairs Committee of the party will stamp these three names on Wednesday.

दिल्‍ली में राज्‍यसभा की तीन सीटों के लिए 16 जनवरी को चुनाव होंगे। इसके लिए नामांकन दाखिल करने की आखिरी तारीख पांच जनवरी है। 70 सदस्‍यों वाली दिल्‍ली विधानसभा में आप के 66 विधायक हैं, इसलिए उसे तीनों सीटें जीतने में कोई परेशानी नहीं होगी| एनडी गुप्ता पेशे से चार्टर्ड अकाउंटेंट हैं और फिलहाल द इंस्टीट्यूट ऑफ चार्टर्ड अकाउंटेंट्स ऑफ इंडिया के उपाध्यक्ष हैं|

There will be three seats for the Rajya Sabha in Delhi on January 16. For this, the last date for filing of nomination is January 5. You have 66 MLAs in the Delhi Assembly with 70 members, so they will not have any problem in winning the three seats. ND Gupta is a chartered accountant by profession and is currently the Vice President of The Institute of Chartered Accountants of India.

वहीं सुशील गुप्ता अग्रसेन अस्पताल और अग्रसेन चैरिटी के तहत कई स्कूल और कॉलेज चलाते हैं! कुमार के नाम पर अभी तक विश्वाश नहीं किया जा रहा है जिस पर अब सवाल भी खड़े किये जाने लगे हैं| क्या कुमार विश्वास राज्यसब्भा के संसद बन बभी पाएँगे ये तो भगवान् ही जाने| अरविन्द केजरीवाल वेसे भी आप पार्टी में अपनी मन मर्ज़ी चलने के लिए काफी मशहूर हैं | तो देखना होगा क्या कुमार विश्वास राज्य सभा संसद बन भी पाएँगे या फर वो भी आप पार्टी से अलग होकर अपनी खुद की एक नयी पार्टी बना लेंगे |

At the same time, many schools and colleges run under Sushil Gupta Agrasen Hospital and Agrasen Charity! Kumar’s name is not being believed so far, but questions are still being raised. Will Kumar Vishwaan become a Parliament of the Rajya Sabha, it will be God knows. Arvind Kejriwal Vesi is also very famous for you to keep your mind in the party. So you have to see whether Kumar will be able to become a Rajya Sabha Parliament or you will also be separated from the party and form a new party of his own.

पटेल नेता हार्दिक पटेल ने एक ट्वीट कर आम आदमी पार्टी पर सवाल उठाया है पढ़ें उनका ट्वीट:-

Patel leader Hardik Patel has raised a tweet on the Aam Aadmi Party.

यह भी देखे :

https://www.youtube.com/watch?v=aGHeWHD0uXg

https://www.youtube.com/watch?v=xlRRjGN7n7U

गुजरात चुनाव: फर्जी ओपिनियन पोल शेयर कर कांग्रेस फिर हुयी शर्मशार, चाणक्या टूडे ने भी बताया झूठा!

New Delhi: देश की दोनों बड़ी पार्टियों कांग्रेस और बीजेपी ने गुजरात चुनाव जितने के लिए हर वो प्रयास किया जिससे उन्हें सफलता हासिल हो सके! गुजरात में पहले चरण का मतदान समाप्त हो गया है, अब गुजरातियों के साथ साथ हर भारतीय को गुजरात के चुनाव परिणामो का बेशब्री से इंतजार है! प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का गृह राज्य होने की वजह से हर कोई जानना चाहता है की क्या गुजरात में आज भी मोदी का जलवा कायम है या नहीं! गुजरात के 182 सीटों पर दो चरण में मतदान हो रहे हैं! दूसरे चरण के लिए मतदान 14 दिसंबर को डाले जाएंगे! गुजरात चुनाव को लेकर देश के लगभग सभी न्यूज़ चैनेलो ने अपने अपने ओपिनियन दिखाए और लगभग सभी ओपिनियन पोल में भाजपा ही जीतती नजर आ रही है!

मीडिया में आ रही खबरों की माने तो गुजरात में बीजेपी पिछली बार से भी अच्छा कर रही है, और कांग्रेस बुरी तरह हार रही है! सेक्युलर मीडिया और कांग्रेस के आईटी सेल ने गुजरात में हवा बनाने के लिए खूब झूठ फैलाये, कांग्रेस की फर्जी लहार बताई, मीडिया वालों ने तो कांटे की टक्कर जितनी बात कही! कांग्रेस के उपाध्यक्ष श्री राहुल गाँधी हर छोटे बड़े मंदिर जा जाकर दर्शन कर रहे है, जिससे वो हिन्दू वोट को अपनी ओर कर सके! इनसबके बाबजूद भी बीजेपी को ही बहुमत मिलता दिख रहा है!

गुजरात चुनाव के ओपिनियन पोल को देखकर कांग्रेस के नेता इतने हतास हो गए है की अब फर्जी ओपेनियन पोल भी सोशल मीडिया वेब्सीटेस पर शेयर करने लगे है! फोटोशॉप का उपयोग कर फर्जी सर्वे तैयार किये जा रहे है और लोगो के बिच ये दिखने की कोशिश की जा रही है की गुजरात का इलेक्शन कांग्रेस जित रही है! ऐसा इसलिए भी किया जा रहा है क्युकी अभी दूसरे चरण का मतदान होना बाकी है! इस तरह के फर्जी ओपिनियन पोल्ल को दिखाकर कांग्रेस लोगो को गुमराह कर रही है!

लेकिन एक बात जग जाहिर है की कोन्ग्रेस्स का फर्जीवाड़ा ज्यादा समय तक चलता है! अब पहले चरण में उनके नेता ने आरोप लगाया था की EVM को ब्लूटूथ के जरिये हैक किया जा रहा है, लेकिन शाम होने से पहले ही दूध का दूध और पानी का पानी हो गया और कांग्रेस को एक बार फिर शर्मशार होना पड़ा!

अब कांग्रेस के एक नेता ने फर्जी ओपिनियन पोल शेयर किया है जिसमे चाणक्या के नाम का उपयोग कर एक फोटो लोगो से साझा किया जा रहा है! लेकिन चाणक्या के वेरिफ़िएड ट्विटर अकाउंट ने इस तरह के किसी भी ओपिनियन पोल से इंकार किया है! रोहन गुप्ता नाम के कांग्रेस नेता ने अपने ट्विटर अकाउंट एक फर्जी पोल्ल शेयर किया है, देखिये!

चाणक्या टूडे ने भी बताया झूठा और इस तरह के किसी भी सर्वे से किया इंकार:-

सोशल मीडिया पर कांग्रेस के इस कृत्य के लिए लोग खूब आलोचना कर रहे है-

कन्हैया कुमार की पिटाई पर AAP के संजय सिंह ने CM योगी को कहा शर्म करो, यूज़र्स ने दिखाई औकात !

जेएनयू के पूर्व छात्र संघ अध्यक्ष कन्हैया कुमार को लखनऊ में आयोजित एक कार्यक्रम में भारी विरोध का सामना करना पड़ा। लखनऊ के शिरोज में लिटरेरी फेस्टिवल में कन्हैया जैसे ही मंच पर बोलने आये तो वहां मौजूद एबीवीपी मेम्बर्स ने उसके खिलाफ ”देश का गद्दार व मुर्दाबाद” के नारे लगाए। वहीँ कुछ एबीवीपी कार्यकर्ताओं ने कन्हैया को दो तीन थप्पड़ भी मार दिए।

JNU alumnus union president Kanhaiya Kumar faced heavy opposition in a program organized in Lucknow. As soon as Kanhaiya came to speak at the Literary Festival in Lucknow’s Shiroj, the ABVP members present there came slogans against the “Ghadar and Muradabad of the country” against him. Some ABVP workers also killed Kanhaiya with two or three slaps.

अब उस बात का विरोध आम आदमी पार्टी के नेता कर रहे हैं। इस पर राजनीति करके CM योगी को कोस रहे हैं – आम आदमी पार्टी के नेता संजय सिंह ने ट्वीट कर CM योगी पर हमला करते हुवे कहा कि – अदब के शहर लखनऊ में कन्हैया के साथ मारपीट करके भाजपाईयों ने हमारी मेहमानवाज़ी की परम्परा को अपमानित किया है,शर्म करो योगी जी |

Now the leaders of the Aam Aadmi Party are protesting that matter. The CM is cursing the Yogi by politicizing this – Aam Aadmi Party leader Sanjay Singh tweeted that the attack on the CM Yogi: – By assaulting Kanhaiya in Lucknow city of Lucknow, the BJP has humiliated the tradition of our guests. Shame, Yogi ji.

मार कन्हैया कुमार को पड़ी और दर्द आम आदमी पार्टी वालो को हो रहा है , और राजनीती कर रहे हैं, और इसका ठीकरा सीएम योगी पर फोड़ना चाहते हैं। लेकिन यूज़र्स ने संजय सिंह की अक्ल ठिकाने लगा दी। दिए मुहतोड़ जवाब।

Kanhaiya Kumar has fallen and pain is happening to the common man party, and politicians are doing it, and its rightful CM wants to crack on the yogi. But the users put the suspicions of Sanjay Singh. Given answer.

ट्विटर पर यूसेर्स ने संजय सिंह की खूब खिचाई करी | किसी ने उन्हें देशद्रोही कहा किसी ने उन्हें कहा तेरी मरम्मत हम करेंगे | संजय सिंह के इस तवीत के बाद ट्विटर पर मानों युद्ध सा छिड गया हो | एक के बाद एक एक त्वीट्स आ रहे थे और सब संजय सिंह की ऐसी तेसी कर रहे थे वो सब संजय सिंह को पीटना चाहते थे और उनकी औकात दिखाना चाहते थे |

On Twitter, the Usors did a great deal of Sanjay Singh. Someone called them a traitor, someone said to them, we will do our repair. After this  Sanjay Singh’s tweet, the war has fallen on Twitter. One after another, the Tweats were coming and everybody was doing such a thing like Sanjay Singh, who wanted to beat Sanjay Singh and wanted to show his innocence.

 

https://twitter.com/Jeetnkh/status/929274196739334144

यह भी देखे :

https://www.youtube.com/watch?v=8ImzYyVUuNQ

 

VIDEO: आज तक के रिपोर्टर निशांत चतुर्वेदी ने ममता बनर्जी का किया भांडाफोड़, खुद देखिये विडियो

ममता बनर्जी हेमशा से ही तुष्टिकरण और वोट बैंक की राजनीति करती आयी है, ममता समुदाय विशेष को अधिक तवज्जो देती है, जिसकी वजह से आज पश्चिम बंगाल में हिन्दुओं की स्थिति काफी ख़राब होती जा रही है, हिन्दू त्योहारो पर तरह-तरह की रोक लगाई जाती है!

Mamta Banerjee has come from Hemsha to appease the politics of vote bank and Mamata gives special attention to the community, due to which the condition of Hindus in West Bengal is getting worse today, there is a variety of restrictions on Hindu festivals. She goes!

यहाँ तक की दुर्गा माँ के बंगाल में ही दुर्गा पूजा के विसर्जन को भी मुहर्रम के वजह से बाधित कर देती है, उनका कहना था की मोहर्रम के वजह से दुर्गा प्रतिमा का विसर्जन दशमी के दिन ही होगा, क्युकी अगले दिन मुहर्रम था! वही दूसरी तरफ मुस्लिम समुदाय के लोगो पर कोई रोक टोक नहीं किया जाता है! आज बंगाल में हिन्दू परेशांन होकर विकल्प की तलाश में जुट गया है, जिस वजह से बंगाल में बीजेपी की जनाधार दिनों दिन बढ़ रही है |

Even Durga mother of Bengal, in Durga Puja, is immersed in Bengal due to Muharram, she said that due to Muharram, the immersion of the Durga statue will be on the day of Dasami, that was the next day Muhraham! On the other side, there is no bar on the people of the Muslim community! Today, in Bengal, Hindus have gathered in trouble looking for alternatives, due to which the BJP’s base in Bengal is increasing day by day!

अगर ममता बनर्जी की बात करे तो उन्होंने अपने राजनितिक जीवन की शुरुआत कांग्रेस की छात्र नेता के तौर पर की थी! पढाई के दौरान ममता बनर्जी का विषय था इस्लामिक हिस्ट्री! ममता बनर्जी बाद में कांग्रेस से अलग होकर अपनी पार्टी बनायीं और बंगाल के मुख्यमंत्री बन बैठी! लेकिन ममता बनर्जी ने सिर्फ और सिर्फ एक समुदाय विशेष को बढ़ावा देने का काम किया है! मदरसों को आर्थिक मदद देना और स्कूलों में सरसवती पूजा पर प्रतिबन्ध लगाना!

If Mamta Banerjee talked about her, she started her political life as a student of Congress. During the study, Mamta Banerjee’s theme was Islamic History! Mamta Banerjee later separated from the Congress and formed her party and became the Chief Minister of Bengal! But Mamta Banerjee has done just one and only to promote a community special! Financial aid to madarsas and ban on Saraswati worship in schools!

बंगाल में मुस्लिम समुदाय जमकर उत्पात मचा रहा है और ममता बनर्जी इनके खिलाफ कड़ा कदम उठाने के बजाय इन्हे बढ़ावा देती दिखाई दे रही है! इन्ही सब मुद्दों पर आज तक न्यूज चॅनेल के बरिष्ट पत्रकार ने फेसबुक लाइव के तहत खुलाशा किया है! निशांत चतुर्वेदी ने बताया कि 2013 में बंगाल में 106 सम्प्रदायिंग दंगे हुए जबकि उससे पहले पिछले पांच सालो में 12 से 40 सांप्रदायिक दंगे हुए थे

In Bengal, the Muslim community is fiercising and Mamata Banerjee appears to be promoting them instead of taking strong action against them! On all these issues, news channels of news channels have published under Facebook Live! Nishant Chaturvedi said that there were 106 communal riots in Bengal in 2013 while there were 12 to 40 communal riots in the last five years.

अगर पश्चिम बंगाल की आबादी की बात करे तो मुस्लिमो की कुल आबादी 27% है और अगर अवैध बांग्लादेशियो को मिला दिया जाये तो बंगाल में कुल 30% मुस्लिम रहते है! और इनमे बहुत से कट्टरपंथी भी है, और कहा ये जाता है की ममता बनर्जी इन्ही कट्टरपंथियों को खुश करने की कोशिश कर रही है!

If the West Bengal population speaks of the total population of Muslims, 27% of the total population and if illegal Bangladeshi is mixed, then 30% of Muslims live in Bengal. And there are many fundamentalists, and it is said that Mamata Banerjee is trying to please these fundamentalists!

निशांत चतुर्वेदी ने बसीरहाट दंगे की बात करते हुए कहा की, एक माइनर लड़के ने फेसबुक पर अप्पतिजनक पोस्ट डाली, जो की गलत था और पुलिस ने उसे गिरफ्तार कर लिया लेकिन फिर भी वह हिन्दुओं के साथ मारपीट किये गए, उनके घर और दुकाने जलाई गयी ये खा से सही है, क्या ममता बनर्जी को इसे रोकना नहीं चाहिए था! उन्होंने कहा की ये वही ममता बनर्जी है जो मदरसों को हार्ड कॅश देती है और इनके कृत्यों पर चप्पी साध लेती है!

Talking about the Basirhat riots, Nishant Chaturvedi said that a minor boy posted an objectionable post on Facebook, which was wrong and the police arrested him but still he was assaulted with the Hindus, his house and shops were lit This is correct with eating, should not Mamata Banerjee stop it! He said that this is the same Mamta Banerjee who gives hard cash to the madarsas and takes action on their actions!

निशांत चतुर्वेदी ने ममता बनर्जी के सैट्स सामने रखे, उन्होंने बताया की साल 2012 में ममता बनर्जी ने 32 हजार मस्जिदों को पैसा देना शुरू किया! ! जिसे विवाद बढ़ने पर बाद में बख्त बोर्ड के तहत कर दिया गया! और तो और इसको लेकर कोलकाता में इमामो ने एक बहुत बड़ी रैल्ली की और मांग किया की इस राशि को बढाकर 20000 रुपये मंथली कर देना चाहिए

Nishant Chaturvedi kept Mamata Banerjee’s sets in front, he said that in 2012, Mamta Banerjee started paying money to 32 thousand mosques! ! As the controversy grew, it was later reduced to under the Board! And in this case, in Imphal, in Kolkata, a large rally was made and demanded that this amount should be increased to 20000 rupees.

आगे निशांत चतुर्वेदी ने धूलगढ़ के दंगो का भी जिक्र किया! उनोने बताया की धूलगढ़ दंगा क्यों हुआ था! धूलगढ़ दंगा 12 दिसंबर 2016 को शुरू हुआ था, उस दिन ईद था और जोर जोर से लाउडस्पीकर बजाये जा रहे थे, जिसके बाद हिन्दुओं ने कहा की लाउंडस्पीकर की आवाज थोड़ी काम कर दी जाये जिसपर मुस्लिम समुदाय के कट्टरपंथी भड़क उठे और हिन्दुओं की मकान और दुकाने जलनि शुरू कर दी!

Further Nishant Chaturvedi also mentioned the riots of Durggarh! He told why there was a dusting riot! The Durggarh riots started on December 12, 2016, the Eid that day and loud loudspeakers were playing loudly, after which the Hindus said that the sound of the loudspeaker should be done in a little bit, on which the fundamentalists of the Muslim community got burnt and the houses of the Hindus and The shops started burning!

अब सवाल यह उठता है की ईद जैसे तयोहार पर ये लाठी, डंडे और किरोसिन लेकर निकलते है लेकिन इनके खिलाफ कोई एक्शन नहीं लिया जाता है! कोई गिरफ़्तारी नहीं की जाती है! ये बढ़ावा देना नहीं है तो और क्या है?

Now the question arises that on Eid like Eid, they come out with sticks, poles and kerosene but no action is taken against them! No arrests are made! What does it do if it does not promote?

क्या ममता बैनर्जी ने पश्चिम बंगाल को पाकिस्तान बना दिया है ? Shocking Facts 😡 Join In Live…..

Posted by Nishant Chaturvedi on Saturday, July 8, 2017

यह भी देखे :

https://www.youtube.com/watch?v=8ImzYyVUuNQ