G-20 पीएम मोदी की अब तक की बड़ी कूटनीतिक जीत,जो आज तक नहीं हुआ वो पीएम मोदी ने कर दिखाया ,जिसे सुन देशवासी ख़ुशी से झूम उठे

नई दिल्ली : आज मोदी सरकार में भारत तेज़ी से बढ़ती हुई अर्थव्यवस्था बन गया है. पहले फ्रांस को पछाड़कर दुनिया की छठे नंबर की सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था बना तो अब अगले साल तक जापान को पछाड़कर पांचवी सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था बनने जा रहा है. इस प्रगति को अब पूरी दुनिया और अंतर्राष्ट्रीय संगठन भी सराह रहे हैं. तभी तो एक बार फिर G20 सम्मलेन में गए पीएम मोदी और भारत को बड़ी ज़बरदस्त कामयाबी मिली है जो आज तक नहीं हुआ.

अभी G20 सम्मलेन से भारत के लिए बहुत बड़ी खबर आ रही है जिसे सुन हर भारतवासी का सीना गर्व से फूल उठेगा. अंतरराष्ट्रीय मंच पर भारत को बड़ी कूटनीतिक कामयाबी मिली है। अब भारत 2022 में विश्व के 20 ताकतवर देशों के समूह G-20 की मेजबानी करेगा.

g20

2022 में भारत की आजादी के 75 साल पूरे होने वाले हैं। मोदी सरकार ने 2022 में न्यू इंडिया का नारा भी दिया है। ऐसे में इस महत्वपूर्ण समूह की बैठक की मेजबानी मिलने को एक बड़ी सफलता के तौर पर देखा जा रहा है. जी-20 विश्व की 20 प्रमुख अर्थव्यवस्थाओं का एक समूह है. ऐसे में भारत में इसका आयोजन होना बहुत ज़्यादा गर्व की बात है. मतलब इन सभी ताक़तवर 20 देशों के राष्ट्रपति भारत आएंगे.

पीएम मोदी ने यहां अर्जेंटीना की राजधानी में आयोजित दो दिवसीय सम्मेलन के समापन समारोह में यह घोषणा की. वर्ष 2022 में जी 20 सम्मेलन की मेजबानी इटली को करनी थी. मोदी ने भारत को इसकी मेजबानी मिलने के बाद इसके लिए इटली का शुक्रिया अदा किया. इसके साथ ही उन्होंने जी-20 समूह के नेताओं को 2022 में भारत आने का न्यौता दिया. वर्ष 2022 में भारत की आजादी के 75 साल भी पूरे हो रहे हैं.

प्रधानमंत्री ने घोषणा के बाद ट्वीट किया, ‘‘वर्ष 2022 में भारत की आजादी के 75 साल पूरे हो रहे हैं. उस विशेष वर्ष में, भारत जी-20 शिखर सम्मेलन में विश्व का स्वागत करने की आशा करता है. विश्व की सबसे तेजी से उभरती सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था भारत में आइए. भारत के समृद्ध इतिहास और विविधता को जानिए और भारत के गर्मजोशी भरे आतिथ्य का अनुभव लीजिए.’’

इससे पहले पीएम मोदी ने साउथ अफ्रीका के राष्ट्रपति सिरिल रमफोसा के साथ मुलाकात की थी. मोदी ने उन्हें 2019 के गणतंत्र दिवस परेड में बतौर मुख्य अतिथि शामिल होने का न्यौता दिया था. इसे अफ्रीकी राष्ट्रपति ने स्वीकार कर लिया है.

बता दें, आर्थिक और कूटनीतिक मामलों के लिए जी-20 काफी अहम संस्था है. यह विश्व की 20 प्रमुख अर्थव्यवस्थाओं के वित्त मंत्रियों और केंद्रीय बैंक के गवर्नर्स का एक संगठन है, जिसमें भारत, अमेरिका, फ्रांस, जर्मनी, इटली समेत 19 देश और यूरोपीय संघ शामिल हैं.

कांग्रेस सरकार के दस साल में याद दिला दें बड़े अंतर्राष्ट्रीय संगठन ने भारत की अर्थव्यवस्था को खतरनाक बताते हुए FRAGILE FIVE ग्रुप में डाल दिया था. ये बेहद शर्मनाक पल था क्यूंकि इसका मतलब होता है कि भारत ना सिर्फ अपने लिए बल्कि अपने पडोसी देशों के लिए भी खतरा है.

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भारत ने अंतरिक्ष में लहराया अपना परचम, इस बड़े कदम को देख अमेरिका समेत देशभर में भूकंप

नई दिल्ली : एक वक़्त वो भी था जब देश के प्रधानमंत्री अपने परिवार के साथ विमान में विदेश यात्राएं किया करते थे अपने बच्चों,पोते, पोतियों के जन्मदिन भी विमान में मनाते थे और तब भी भारतीय स्पेस एजेंसी ISRO के साइंटिस्ट्स राकेट के पार्ट्स को बैलगाड़ी पर लादकर या साइकिल के पीछे बांध कर ले जाते थे लेकिन आज वही ISRO सिर्फ अपने देश के लिए ही नहीं बल्कि अन्य देशों के लिए भी एक भरोसेमंद उम्मीद बन रहा है.

अभी मिल रही बड़ी खबर के मुताबिक ISRO ने आज एक बार फिर अंतरिक्ष में अपना डंका बजवाया है. धरती का अध्ययन करने वाले उपग्रह (HySIS) हाइपर स्पेक्ट्रल इमेजिंग का प्रक्षेपण कर दिया गया है। इसरो के अंतरिक्ष यान पीएसएलवी-सी43 के साथ आठ देशों के 31 उपग्रह प्रक्षेपित किए गए हैं। भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान संगठन (इसरो) के मुताबिक, आंध्र प्रदेश के श्रीहरिकोटा के सतीश धवन अंतरिक्ष केंद्र से गुरुवार सुबह 09.58 बजे पीएसएलवी-सी43 से उपग्रहों का प्रक्षेपण किया गया.

बता दें कि हाईपर स्पेक्ट्रल इमेजिंग सेटेलाइट (HySIS) का प्राथमिक लक्ष्य पृथ्वी की सतह का अध्ययन करना है। 380 वजनी इस सेटेलाइट को इसरो ने विकसित किया है। यह पीएसएलवी-सी43 अभियान का प्राथमिक उपग्रह है। इसरो के बयान के अनुसार यह उपग्रह सूर्य की कक्षा में 97.957 डिग्री के झुकाव के साथ स्थापित किया जाएगा। इसकी आयु करीब 5 साल होगी.

भारत का हाइपर स्पेक्ट्रल इमेजिंग उपग्रह (HySIS) इस मिशन का प्राथमिक सैटलाइट है। इमेजिंग सैटलाइट पृथ्वी की निगरानी के लिए इसरो द्वारा विकसित किया गया है। इस उपग्रह का उद्देश्य पृथ्वी की सतह के साथ इलेक्ट्रोमैग्नेटिक स्पैक्ट्रम में इंफ्रारेड और शॉर्ट वेव इंफ्रारेड फील्ड का अध्ययन करना है। HySIS एक विशेष चिप की मदद से तैयार किया जाता है जिसे तकनीकी भाषा में ‘ऑप्टिकल इमेजिंग डिटेक्टर ऐरे’ कहते हैं.

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धरती के चप्पे-चप्पे पर नजर रखना आसान हो जाएगा
इस उपग्रह से धरती के चप्पे-चप्पे पर नजर रखना आसान हो जाएगा क्योंकि लगभग धरती से 630 किमी दूर अंतरिक्ष से पृथ्वी पर मौजूद वस्तुओं के 55 विभिन्न रंगों की पहचान आसानी से की जा सकेगी। हाइपर स्पेक्ट्रल इमेजिंग या हाइस्पेक्स इमेजिंग की एक खूबी यह भी है कि यह डिजिटल इमेजिंग और स्पेक्ट्रोस्कोपी की शक्ति को जोड़ती है.

हाइस्पेक्स इमेजिंग अंतरिक्ष से एक दृश्य के हर पिक्सल के स्पेक्ट्रम को पढ़ने के अलावा पृथ्वी पर वस्तुओं, सामग्री या प्रक्रियाओं की अलग पहचान भी करती है। इससे पर्यावरण सर्वेक्षण, फसलों के लिए उपयोगी जमीन का आकलन, तेल और खनिज पदार्थों की खानों की खोज आसान होगी.

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पूरी दुनिया में अपना परचम लहरा दिया
कभी थुंबा से शुरू हुआ इसरो का सफर आज बहुत आगे निकल गया है। 21 नवंबर 1963 को भारत केरल के थुंबा से छोड़ा गया था। उस वक्‍त दुनिया के दूसरे बड़े मुल्‍कों को इस बात का अहसास भी नहीं रहा होगा कि भविष्‍य में भारत उनसे इतना आगे निकल जाएगा कि उसको पकड़ पाना भी मुश्किल होगा।लेकिन इसरो ने अपनी विश्‍वसनीयता को बरकरार रखते हुए पूरी दुनिया में अपना परचम लहरा दिया है.

आलम ये है कि आज भारत अंतरिक्ष में महारत रखने वाले देश अमेरिका, रूस आदि के उपग्रहों का सफलतापूर्वक प्रक्षेपित कर रहा है। 29 नवंबर 2018 को भारत ने 29 विदेशी उपग्रहों को एक साथ धरती की कक्षा के बाहर स्‍थापित कर अपनी सार्थकता को साबित किया है। यह इसरो का इस वर्ष छठा सफल मिशन था। 15 फरवरी 2017 को इसरो ने एक साथ 104 उपग्रहों को अंतरिक्ष में स्‍थापित कर वर्ल्‍ड रिकॉर्ड बनाया था। इस दौरान अमेरिका, इजरायल, कजाखिस्‍तान, नीदरलैंड, स्विटजरलैंड, यूएई के उपग्रहों को छोड़ा गया था। इसमें 96 उपग्रह अकेले अमेरिका के ही थे.

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चीन घुसपैठ से सनका PM मोदी का माथा दिए जबर्दस्तआदेश ,भारतीय सेना के इस कदम से चीन के होश हुए फाख्ता

नई दिल्ली (01 अप्रैल) : विश्वासघाती देश चीन अपनी हरकतों से बाज नहीं आ रहा है. एक ओर तो चीन, भारत के खिलाफ पाकिस्तान की मदद कर रहा है, वहीँ दूसरी ओर भारतीय इलाकों पर भी उसने अपनी पैनी निगाहें जमाई हुई हैं. डोकलाम में भारतीय सेना के सामने घुटने टेकने के बावजूद चीनी सैनिक आयेदिन भारतीय इलाकों में घुसपैठ कर रहे हैं. चीन की अक्ल ठिकाने लगाने के लिए भारतीय सेना द्वारा अब कठोर कदम उठाये जा रहे हैं.

New Delhi (April 01): The treacherous country China does not seem to care about its antics. On the one hand, China is helping Pakistan against India, on the other hand, on the other side of Indian territory, she has seen her sharp eyes. Despite kneeling in front of the Indian Army in Dokalmal, Chinese soldiers are infiltrating in Indian territory. Now the harsh steps are being taken by the Indian Army to establish a solid base of China.

चीनी सेना के इलाज के लिए ब्रह्मोस मिसाइल और होवित्‍जर तोप
अभी हाल ही में चीनी सैनिकों द्वारा अरुणाचल में घुसपैठ की खबरें आयी थीं, हांलाकि भारतीय जवानों ने उन्हें वहां से खदेड़ दिया था. वहीँ मोदी सरकार ने चीन के बिगड़ते तेवरों का इलाज करने का मन बना लिया है.

Brahmos missile and howitzer cannon for the treatment of Chinese army
More recently, reports of infiltration of Chinese troops in Arunachal were received, however Indian soldiers had driven them away from there. That’s why the Modi Government has made a mind to treat the deteriorating tensions of China.

लद्दाख और अरुणाचल की सीमाओं पर चीन की सक्रियता को देखते हुए मोदी सरकार ने सीमा पर पहले से कहीं ज्‍यादा जवानों को गश्‍त पर लगा दिया है. जवानों के अलावा भारत ने ब्रह्मोस मिसाइलों और होवित्‍जर तोपों की भी तैनाती कर दी है. इससे तिब्‍बत से लगते चीन सीमा पर भारतीय सेना की ताकत मजबूत हो गई है.

Looking at China’s activism on the borders of Ladakh and Arunachal Pradesh, the Modi government has put more troops on patrol than before on the border. Apart from the jawans, India has also deployed Brahmos missiles and Howitzers. This strengthens the strength of the Indian Army on the Chinese border with Tibet.

चीनी सेना कर रही उकसाने वाली हरकतें
आपको बता दें कि सात महीने पहले सिक्किम-भूटान-तिब्बत के ट्राई जंक्शन डोकलाम में भारत और चीनी सेना के बीच 72 दिनों तक गतिरोध जारी रहा था, जो राजनयिक प्रयासों के जरिए खत्‍म हो गया था. लेकिन चीन ने इस क्षेत्र में फिर न केवल सेना की तैनाती बढ़ा दी है बल्कि उसने हैलीपेड बनाने से लेकर घातक हथियारों को भी बॉर्डर पर जमा कर लिया है. चीन के इस कदम से लद्दाख और अरुणाचल में एक बार फिर तनाव बढ़ गया है.

Chinese provocative actions
Let us tell you that seven months ago there was a stalemate between India and the Chinese army in the Trio junior Docmal of Sikkim-Bhutan-Tibet, which had been stalled for 72 days, which ended with diplomatic efforts. But China has not only increased the deployment of the army in this area but also made helipads from the deadly weapons and deposited them on the border. With China’s move, tension has increased once again in Ladakh and Arunachal Pradesh.

लद्दाख और सिक्किम में टी-72 टैंकों की बटालियन
मगर मोदी सरकार किसी भी हाल में चीन की नापाक चालों को सफल नहीं होने दे रही है. किसी भी स्थिति में चीनी सेना को धूल चटाने के लिए ना केवल ब्रह्मोस जैसी शक्तिशाली मिसाइलों की तैनाती की गयी है बल्कि होवित्जर तोपों की तैनाती भी की जा चुकी है. इसके अलावा भारत ने पूर्वी लद्दाख और सिक्किम में टी-72 टैंकों की तैनाती भी की है.

B-battalion of T-72 tanks in Ladakh and Sikkim
But the Modi Government is not allowing any of the nefarious movements of China to succeed. In any situation, not only the powerful missiles like Brahmos have been deployed to dust the Chinese army, but the hovitzer guns have also been deployed. Apart from this, India has also deployed T-72 tanks in eastern Ladakh and Sikkim.

वायुसेना भी अलर्ट पर
इसके अलावा पूर्वोत्तर में सुखोई-30 एमकेआई स्क्वेड्रन्स को भी उतारा गया है. किसी भी पल आर-पार की लड़ाई के लिए सेना को पूरी तरह से तैयार रखा गया है. सीमावर्ती इलाकों पर पैनी नज़र रखी जा रही है. चीनी सैनिक कोई नापाक योजना ना बना रहे हों, इसके लिए सेना पूरी तरह से अलर्ट है.

Air Force also on alert
Apart from this, Sukhoi-30 MKI squadrons in the North-East have also been dropped. The army is fully prepared for any moment crossing the battle. The border areas are being monitored on the border areas. The Army is completely alert for the Chinese soldiers not making any nefarious plans

दरअसल चीन पहले भी भारत के साथ विश्वासघात कर चुका है. 1962 में भी चीन ने चुपके से बिना किसी चेतावनी के पीछे से आक्रमण कर दिया था. उस वक़्त तो जवाहर लाल नेहरू की नाकाम नीतियों के कारण भारत को पराजय का मुँह देखना पड़ गया था, मगर अब हालात बदल चुके हैं और मोदी सरकार द्वारा उठाये गए कदमों को देख कर स्पष्ट है कि वो चीन को हलके में नहीं ले रही.

Indeed, China has already betrayed India. In 1962, China also secretly attacked from behind without warning. At that time, due to the failed policies of Jawaharlal Nehru, India had to face defeat, but now things have changed and after seeing the steps taken by the Modi government, it is clear that they are not taking light on Chin

यह भी देखे

https://youtu.be/Uzs16fYnw1k

https://youtu.be/VxtYK7YXsQ8

SOURCE NAME POLITICAL REPORT

अभी अभी: गृह मंत्रालय ने दिए सेना को ऐसे खतरनाक आदेश, पाकिस्तान हुआ निहत्था- ट्रम्प समेत पुतिन भौंचक्के …

जम्मू-कश्मीर में पाकिस्तान की तरफ से हालिया गोलीबारी के खिलाफ भारतीय फौज की जवाबी कार्रवाई पर केंद्रीय गृहमंत्री राजनाथ सिंह ने कहा है कि भारत की दुनिया में अब एक मजबूत देश के रूप में छवि बन चुकी है। हिंदुस्तान ने पूरी दुनिया को संदेश दे दिया है कि वह सरहद के इस पार ही नहीं, बल्कि जरूरत पड़ने पर उस पार भी घुसकर दुश्मन को मार सकता है।

Union Home Minister Rajnath Singh has said that the image of India has now become a strong country in the world in response to the recent action against the recent firing by Pakistan in Jammu and Kashmir. Hindustan has sent a message to the entire world that it can not only cross this side of the border but, if necessary, can also cross the enemy and kill the enemy.

यूपी की राजधानी लखनऊ में भारतीय रेलवे माल गोदाम श्रमिक संघ के एक दिवसीय महाधिवेशन को संबोधित करते हुए राजस्थान ने पाकिस्तान का जिक्र करते हुए कहा, ‘भारत अपने पड़ोसी के साथ अच्छे संबंध रखना चाहता है लेकिन पाकिस्तान अपनी हरकतों से बाज नहीं आ रहा है। मैं आपको यकीन दिलाना चाहता हूं कि पूरे हिंदुस्तान का मस्तक हमारी सरकार कभी झुकने नहीं देगी।’

While addressing the one-day general meeting of the Indian Railways Freight Warehouse Workers Union in Lucknow, capital of UP, Rajasthan said referring to Pakistan, “India wants to have a good relationship with its neighbor, but Pakistan is not able to respond to its objections. Let me assure you that our government will never bow down to the whole of India. ”

बहादुर सैनिकों ने दिखाया करिश्मा
उन्होंने कहा, ‘भारत अब दुनिया में कमजोर नहीं बल्कि एक ताकतवर देश के रूप में जाना जाता है। आज से कुछ महीने पहले पाकिस्तान के कुछ आतंकवादी भारत की सीमा में घुस आए थे। उन्होंने हमारी सेना के जवानों पर रात में कायरतापूर्ण हमला करके 17 सैनिकों की जान ले ली थी। उसके बाद हमारे प्रधानमंत्री हमारे साथ बैठे और उन्होंने अपनी दृढ़ इच्छाशक्ति का परिचय देते हुए फैसला किया।’

Brave soldiers showed charisma
He said, “India is no longer weak in the world but is known as a powerful country. A few months ago some Pakistani terrorists had entered the Indian border. They had captured the soldiers of our army by shooting them in the night and killing 17 soldiers. After that our Prime Minister sat with us and he decided to give his introduction to his will.

गृह मंत्री ने कहा ‘उसके बाद हमारे बहादुर सैनिकों ने कैसा करिश्मा किया, यह आपको बताने की जरूरत नहीं है। पाकिस्तान की धरती पर जाकर आतंकवादियों का सफाया करने में वे पूरी तरह कामयाब रहे। हमने सारी दुनिया को यह संदेश दे दिया कि हम केवल इस पार ही नहीं, जरूरत पड़ी तो उस पार भी जाकर मार सकते हैं। भारत के अंदर यह ताकत पैदा हो गई है।’

The Home Minister said, ‘Then there is no need to tell you how our brave soldiers did charisma. They were fully successful in wiping out terrorists by visiting Pakistan’s soil. We gave the message to the whole world that we can not only cross this side, but if we need to, we can kill it too. Within India, this strength has come up.

बीजेपी सरकार देश का सिर झुकने नहीं देगी
उन्होंने कहा कि वह देश को यकीन दिलाना चाहते हैं कि बीजेपी की सरकार हिंदुस्तान + का सिर नहीं झुकने देगी। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अगुवाई में देश की अर्थव्यवस्था बहुत तेजी से आगे बढ़ रही है। आर्थिक दृष्टि से भी यदि देखा जाए तो भारत तेजी से आगे बढ़ रहा है। भारत की प्रतिष्ठा भी अंतरराष्ट्रीय जगत में तेजी से आगे बढ़ रही है। हमारे प्रधानमंत्री ने कई महत्वपूर्ण कदम उठाए हैं। अब अंतर्राष्ट्रीय अर्थशास्त्री और विशेषज्ञ भी इसे स्वीकार करते हैं।

BJP government will not let the country bend
He said that he wants to convince the country that the BJP government will not bow down to Hindustan +. Under the leadership of Prime Minister Narendra Modi, the economy of the country is moving very fast. Even if seen economically, India is moving fast forward. India’s reputation is also growing rapidly in the international arena. Our Prime Minister has taken several important steps. Now international economists and experts also accept it.

राजनाथ सिंह ने रेलवे माल गोदाम श्रमिकों की समस्याओं का जिक्र करते हुए कहा कि सबसे बड़ी बात यही है कि आपकी समस्याओं का अब तक समाधान नहीं हुआ है। उन्होंने भरोसा दिलाया कि वह रेल मंत्री पीयूष गोयल और श्रमिक संघ के प्रतिनिधियों के साथ बैठकर चर्चा करेंगे।

Regarding the problems of railway warehouse workers, Rajnath Singh said that the biggest thing is that your problems have not been resolved so far. He assured that he would sit and discuss with the Railway Minister Piyush Goyal and representatives of the Labor Union.

रेल कर्मचारियों पर भी नजर
हमें बताया गया है कि अपने पसीने से रेलवे को बड़ी आमदनी कराने वाले रेलवे माल गोदाम श्रमिकों में से बड़ी संख्या में ऐसे लोग भी हैं, जिनकी पिछली पीढ़ियां भी रेलवे श्रमिक ही थे। इसके बावजूद उनके पास कोई पहचान-पत्र नहीं है और ना ही रेलवे के अस्पतालों में चिकित्सा की सुविधा प्राप्त है। वह इन समस्याओं का समाधान कराने की पूरी कोशिश करेंगे।

Railway employees look after
We have been told that there are also a large number of people from railway warehouse warehouses who earn huge earnings to the Railways from their sweat, whose previous generations were also railway workers. Despite this, he does not have any ID card and neither is the facility of medical facilities in railway hospitals. He will do his best to solve these problems.

रेलवे ने वर्ष 2030 तक तीन अरब टन माल ढुलाई का लक्ष्य तय किया है और रेलवे के नेटवर्क को बढ़ाने के लिए केंद्र सरकार पांच लाख करोड़ रुपये खर्च करेगी।

Railways have set a target of three billion tonnes of freight traffic by the year 2030 and the central government will spend five lakh crores to increase the railway network.

यह भी देखे :

https://youtu.be/k87GwTUEGuQ

https://youtu.be/hsfxfSRtdUs

SOURCE POLITI CAL REPORT

अभी अभी: PM मोदी और भारत के लिया अमेरिका से आयी ऐसी बड़ी खबर, जिसे देख PM मोदी समेत पूरा विश्व दंग..

नई दिल्ली : भारत आज सफल नेतृत्व के चलते तेज़ी से अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर अपनी पहचान बनता जा रहा है. चीन को पछाड़ते हुए दुनिया की सबसे तेज़ गति से बढ़ने वाली अर्थव्यवस्था भारत बन चुका है. अभी हाल ही में वर्ल्ड बैंक ने ज़बरदस्त रिपोर्ट दी थी कि आने वाली दो तीन सालों तक भारत की अर्थव्यवस्था 7.5% फीसदी से ऊपर की रहेगी.

फिर भी बड़े शर्म की बात है दिल्ली में कांग्रेस के अधिवेशन में आज बड़े अर्थशास्त्री मनमोहन सिंह ने कहा कि पीएम मोदी ने भारत की अर्थव्यवस्था को बर्बाद कर दिया है. दरअसल ये असली अर्थशास्त्री नहीं कांग्रेस की चाशनी में डूबा हुआ अर्थशास्त्री बोल रहा है. जबकि अमेरिका के नोबेल पुरूस्कार विजेता अर्थशात्री ने जो बात कही है उसे सुन आपका सीना गर्व से फूल उठेगा.

मोदी राज में अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर भारत ने मनवाया अपना लोहा

अभी मिल रही ताज़ा खबर के मुताबिक ब्रिटेन ने भारत पर कब्ज़ा किया, उसे प्रगति करने से रोका, शोषण किया, लूटा इस सबसे भी भारत को महाशक्ति बनने से कोई नहीं रोक पाया. आज उसी भारत के सामने ब्रिटेन की कोई औकात नहीं है. नोबेल पुरस्कार विजेता अमेरिकी अर्थशास्त्री पॉल क्रूगमैन ने भारत को लेकर बड़ी बात कही है.

उन्होंने कहा कि भारत ने पिछले 30 सालों में जितनी आर्थिक प्रगति की है वो बेहद आश्चर्यजनक है और अद्भुत है उतनी तो ग्रेट ब्रिटेन को करने में 150 साल लग गए थे. एक न्यूज चैनल की समिट में हिस्सा लेते हुए उन्होंने शनिवार को ये बात कही कि आर्थिक मोर्चे पर भारत ने जितनी तेजी से प्रगति की है उतनी तो ब्रिटेन को करने में 150 साल लग गए सोचिये अगर भारत बहुत पहले ही आज़ाद हो गया होता तो आज भारत कहाँ से कहाँ होता.

आज अमेरिका को कड़ी टक्कर दे रहा है भारत

विश्व के उभरते हुए बाजारों में मध्यम श्रेणी की बढ़ती आय पर उन्होंने कहा, ‘जब लोग कहानी की बात करते हैं तो अक्सर उनका ध्यान चीन पर केंद्रित होता है लेकिन भारत भी कहानी का हिस्सा है, भारत बढ़ती जनसंख्या के कारण अभी भी गरीब है लेकिन उस स्तर पर नहीं जितना पहले था. भारतीय प्रति व्यक्ति सकल घरेलू उत्पाद करीब 12 फीसदी है जो अब अमेरिका के बराबर हो चुका है.ये वाकई में ज़बरदस्त प्रगति है’

जापान चीन से भी आगे भारत

भारत की आर्थिक प्रगति को असाधारण करार देते हुए उन्होंने कहा कि देश जापान-चीन से आगे निकल (परचेंजिंग पावर के मामले में) दुनिया की सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था बन गया है. यही नहीं पूरे यूरोप के किसी भी देश से कहीं बड़ी अर्थव्यवस्था बन चुका है भारत. भारत जिस मुकाम पर आज खड़ा है वहां पहुंचने के लिए यूरोप के देशों और दस साल लगेंगे.

उन्होंने कहाँ भारत में लाइसेंस राज रहा है, जहां पिछली सुस्त सरकारों के चलते नौकरशाही बाधाएं बहुत रही हैं और पूर्ण रूप से समाप्त नहीं हो सकती लेकिन मौजूदा सरकार में इसमें काफी कमी आई है. भारत में व्यापार करना काफी आसान हो गया है. प्रधानमंत्री मोदी ने कहा था कि व्यापार करने की सुगमता में भारत 148 से सीधा 100वें स्थान पर आ गया है. यह बेहद अश्चार्यजनक है लेकिन सम्मान का तमगा नहीं है लेकिन यह पहले से बेहतर है. भारत अगर इसी तेज़ी से बढ़ता रहा तो उसका मुकाबला करने के लिए दूर दूर तक कोई नहीं होगा’

आपको बता दें वैश्विक रेटिंग एजेंसी फिच ने भारत की आर्थिक वृद्धि दर अगले वित्त वर्ष 2018-19 में 7.3 प्रतिशत रहने का अनुमान जताया है. इसके साथ ही वित्त वर्ष 2019-20 में आर्थिक वृद्धि दर बढ़कर 7.5 प्रतिशत रहने का अनुमान जताया गया है.

अंतर्राष्ट्रीय मुद्रा कोष (IMF) ने एक बार फिर दोहराया है कि भारतीय अर्थव्यवस्था 2018 में 7.4 प्रतिशत की दर से बढ़ेगी. आईएमएफ ने उम्मीद जताई है कि नोटबंदी और जीएसटी के बावजूद भारत उभरती अर्थव्यवस्थाओं में सबसे तेजी से विकास करेगा. आईएमएफ ने 2019 में भारत की वृद्धि दर 7.8 प्रतिशत रहने का अनुमान लगाया है. इस दौरान चीन की वृद्धि दर 6.8 प्रतिशत रहेगी.

सैंक्टम वेल्थ मैनेजमेंट की एक रिपोर्ट में कहा गया कि 2018 में भारत की अर्थव्यवस्था में तेजी आएगी और वह चीन के मुकाबले आगे निकल जाएगा. जो की आज मोदी राज में मुमकिन हो पाया है भारत दुनिया की सबसे तेज़ गति से बढ़ने वाली अर्थव्यवस्था बन गया है.

सेंटर फॉर इकोनॉमिक्स एंड बिजनेस रिसर्च (सीईबीआर) की रिपोर्ट के अनुसार भारत 2018 में ब्रिटेन और फ्रांस को पछाड़कर पांचवीं सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था बनने की तैयारी कर रहा है

.प्रसिद्ध निवेश संस्था गोल्डमैन सैक्स के मुताबिक वित्तीय वर्ष 2018-19 में भारत 8 फीसदी की दर से विकास करेगा। इसके पीछे का मुख्य कारण होगा, बैंकों का पुनर्पूंजीकरण. गोल्डमैन का मानना है कि बैंकों के पूंजीकरण से देश के क्रेडिट डिमांड और निजी निवेश को मजबूती मिलेगी.

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नई दिल्ली : भारत आज सफल नेतृत्व के चलते तेज़ी से अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर अपनी पहचान बनता जा रहा है. चीन को पछाड़ते हुए दुनिया की सबसे तेज़ गति से बढ़ने वाली अर्थव्यवस्था भारत बन चुका है. अभी हाल ही में वर्ल्ड बैंक ने ज़बरदस्त रिपोर्ट दी थी कि आने वाली दो तीन सालों तक भारत की अर्थव्यवस्था 7.5% फीसदी से ऊपर की रहेगी.

फिर भी बड़े शर्म की बात है दिल्ली में कांग्रेस के अधिवेशन में आज बड़े अर्थशास्त्री मनमोहन सिंह ने कहा कि पीएम मोदी ने भारत की अर्थव्यवस्था को बर्बाद कर दिया है. दरअसल ये असली अर्थशास्त्री नहीं कांग्रेस की चाशनी में डूबा हुआ अर्थशास्त्री बोल रहा है. जबकि अमेरिका के नोबेल पुरूस्कार विजेता अर्थशात्री ने जो बात कही है उसे सुन आपका सीना गर्व से फूल उठेगा.

मोदी राज में अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर भारत ने मनवाया अपना लोहा

अभी मिल रही ताज़ा खबर के मुताबिक ब्रिटेन ने भारत पर कब्ज़ा किया, उसे प्रगति करने से रोका, शोषण किया, लूटा इस सबसे भी भारत को महाशक्ति बनने से कोई नहीं रोक पाया. आज उसी भारत के सामने ब्रिटेन की कोई औकात नहीं है. नोबेल पुरस्कार विजेता अमेरिकी अर्थशास्त्री पॉल क्रूगमैन ने भारत को लेकर बड़ी बात कही है.

उन्होंने कहा कि भारत ने पिछले 30 सालों में जितनी आर्थिक प्रगति की है वो बेहद आश्चर्यजनक है और अद्भुत है उतनी तो ग्रेट ब्रिटेन को करने में 150 साल लग गए थे. एक न्यूज चैनल की समिट में हिस्सा लेते हुए उन्होंने शनिवार को ये बात कही कि आर्थिक मोर्चे पर भारत ने जितनी तेजी से प्रगति की है उतनी तो ब्रिटेन को करने में 150 साल लग गए सोचिये अगर भारत बहुत पहले ही आज़ाद हो गया होता तो आज भारत कहाँ से कहाँ होता.

आज अमेरिका को कड़ी टक्कर दे रहा है भारत

विश्व के उभरते हुए बाजारों में मध्यम श्रेणी की बढ़ती आय पर उन्होंने कहा, ‘जब लोग कहानी की बात करते हैं तो अक्सर उनका ध्यान चीन पर केंद्रित होता है लेकिन भारत भी कहानी का हिस्सा है, भारत बढ़ती जनसंख्या के कारण अभी भी गरीब है लेकिन उस स्तर पर नहीं जितना पहले था. भारतीय प्रति व्यक्ति सकल घरेलू उत्पाद करीब 12 फीसदी है जो अब अमेरिका के बराबर हो चुका है.ये वाकई में ज़बरदस्त प्रगति है’

जापान चीन से भी आगे भारत

भारत की आर्थिक प्रगति को असाधारण करार देते हुए उन्होंने कहा कि देश जापान-चीन से आगे निकल (परचेंजिंग पावर के मामले में) दुनिया की सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था बन गया है. यही नहीं पूरे यूरोप के किसी भी देश से कहीं बड़ी अर्थव्यवस्था बन चुका है भारत. भारत जिस मुकाम पर आज खड़ा है वहां पहुंचने के लिए यूरोप के देशों और दस साल लगेंगे.

उन्होंने कहाँ भारत में लाइसेंस राज रहा है, जहां पिछली सुस्त सरकारों के चलते नौकरशाही बाधाएं बहुत रही हैं और पूर्ण रूप से समाप्त नहीं हो सकती लेकिन मौजूदा सरकार में इसमें काफी कमी आई है. भारत में व्यापार करना काफी आसान हो गया है. प्रधानमंत्री मोदी ने कहा था कि व्यापार करने की सुगमता में भारत 148 से सीधा 100वें स्थान पर आ गया है. यह बेहद अश्चार्यजनक है लेकिन सम्मान का तमगा नहीं है लेकिन यह पहले से बेहतर है. भारत अगर इसी तेज़ी से बढ़ता रहा तो उसका मुकाबला करने के लिए दूर दूर तक कोई नहीं होगा’

आपको बता दें वैश्विक रेटिंग एजेंसी फिच ने भारत की आर्थिक वृद्धि दर अगले वित्त वर्ष 2018-19 में 7.3 प्रतिशत रहने का अनुमान जताया है. इसके साथ ही वित्त वर्ष 2019-20 में आर्थिक वृद्धि दर बढ़कर 7.5 प्रतिशत रहने का अनुमान जताया गया है.

अंतर्राष्ट्रीय मुद्रा कोष (IMF) ने एक बार फिर दोहराया है कि भारतीय अर्थव्यवस्था 2018 में 7.4 प्रतिशत की दर से बढ़ेगी. आईएमएफ ने उम्मीद जताई है कि नोटबंदी और जीएसटी के बावजूद भारत उभरती अर्थव्यवस्थाओं में सबसे तेजी से विकास करेगा. आईएमएफ ने 2019 में भारत की वृद्धि दर 7.8 प्रतिशत रहने का अनुमान लगाया है. इस दौरान चीन की वृद्धि दर 6.8 प्रतिशत रहेगी.

सैंक्टम वेल्थ मैनेजमेंट की एक रिपोर्ट में कहा गया कि 2018 में भारत की अर्थव्यवस्था में तेजी आएगी और वह चीन के मुकाबले आगे निकल जाएगा. जो की आज मोदी राज में मुमकिन हो पाया है भारत दुनिया की सबसे तेज़ गति से बढ़ने वाली अर्थव्यवस्था बन गया है.

सेंटर फॉर इकोनॉमिक्स एंड बिजनेस रिसर्च (सीईबीआर) की रिपोर्ट के अनुसार भारत 2018 में ब्रिटेन और फ्रांस को पछाड़कर पांचवीं सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था बनने की तैयारी कर रहा है.

प्रसिद्ध निवेश संस्था गोल्डमैन सैक्स के मुताबिक वित्तीय वर्ष 2018-19 में भारत 8 फीसदी की दर से विकास करेगा। इसके पीछे का मुख्य कारण होगा, बैंकों का पुनर्पूंजीकरण. गोल्डमैन का मानना है कि बैंकों के पूंजीकरण से देश के क्रेडिट डिमांड और निजी निवेश को मजबूती मिलेगी.

यह भी देखे

https://youtu.be/k87GwTUEGuQ

https://youtu.be/hsfxfSRtdUs

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भारत के इतिहास में पहली बार! PM मोदी के इस क्रांतिकारी कदम से हुआ नये युग का आरम्भ,विरोधियों में मची खलबली

नई दिल्ली : पहले हमारे देश में जब सारे देश आधुनिक तकनीक अपना चुके होते थे तब जाकर कहीं हमारे देश में उस तकनीक का दस साल बाद आगमन होता था. पूरी दुनिया सबसे तेज़ इंटरनेट 5G के तेज़ी से चल रहे हैं और हमारे देश में अभी तक 4G ,3G भी ढंग से सब जगह नहीं आ सका है. लेकिन अब ऐसा नहीं होगा बुलेट ट्रेन के बाद दुनिया की सबसे आधुनिक तकनीक हाइपरलूप ट्रेन भारत में शुरू होने जा रही है.

New Delhi: In the first place in our country, when all the countries had adopted modern technology, then in our country, that technology would arrive ten years later. The whole world is fastest running Internet 5G, and so far in our country 4G, 3G has not come anywhere in every way. But now it will not happen after the bullet train, the world’s most advanced technology hyperlope train is going to start in India.

भारत ने उठाया इतिहास का सबसे बड़ा क्रांतिकारी कदम, नए युग की शुरुआत!
अभी मिल रही ताज़ा खबर के मुताबिक मोदी सरकार भारत के इतिहास में एक क्रन्तिकारी कदम बढ़ाया है. रविवार शाम को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने हाइपरलूप की नींव रखी. मुंबई-पुणे को हाइपरलूप से जोड़ने के लिए अमेरिकी कंपनी वर्जिन ग्रुप ने महाराष्ट्र सरकार के साथ इंटेंट एग्रीमेंट साइन करने की भी घोषणा करी है. इस ट्रेन के चलने के बाद से मुंबई और पुणे के बीच की 150 किलोमीटर की दूरी जिसमे अभी तीन घंटे लगते हैं उसमे अब सिर्फ 15 मिनट लगेंगे.

India is the biggest revolutionary step in the history, the beginning of the new era!
According to the latest news available now, Modi Government has taken a revolutionary step in the history of India. Prime Minister Narendra Modi laid the foundation for hyperlip on Sunday evening. In order to connect Mumbai-Pune with HyperLop, the US company Virgin Group has also announced signing of Intent Agreement with the Maharashtra government. After running this train, it will take only 15 minutes for the distance of 150 km between Mumbai and Pune, which now takes three hours.

हाइपरलूप मार्ग मध्य पुणे को वृहद महानगर के अलावा नवी मुंबई अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे से भी जोड़ेगा. हाइपरलूप मार्ग पूरी तरीके से इलेक्ट्रिक सिस्टम पर होगा और ये ट्रेन 1,000 किलोमीटर प्रति घंटे के हिसाब से दौड़ेगी. हाइपरलूप एक ट्यूब ट्रांसपॉर्ट तकनीक है. इसके तहत खंभों के ऊपर (एलिवेटेड) ट्यूब बिछाई जाती है.

The hyperloop route will connect the central Pune with the Mahu Mahanagar besides the Navi Mumbai International Airport. The hyperloop route will be completely on the electric system and this train will run at 1,000 kilometers per hour. HyperLop is a Tube Transparent Technique. Under this, the elevated tube is placed over the pillars.

लाखों लोगो को मिलेगा रोज़गार
वैक्यूम ट्यूब में कैपसूल को चुंबकीय शक्ति से दौड़ाया जाता है. इसको न सिर्फ बिजली पर बल्कि सौर और पवन ऊर्जा से भी चलाया जा सकेगा. इसमें बिजली का खर्च बहुत कम है और प्रदूषण बिल्कुल भी नहीं होगा. हाइपरलूप ट्रांसपोर्टेशन सिस्टम यातायात की दुनिया को बदल देगा और यह मुंबई को दुनिया में अग्रणी बनाएगा. इस परियोजना से आर्थिक समाजिक लाभ 55 अरब डॉलर है और इससे लाखो बेरोज़गारों को रोज़गार भी मिलेगा.

Millions of people will get employment
The capsule is run in magnetic power in the vacuum tube. It will be operated not only on electricity, but also solar and wind energy. The cost of electricity is very low and pollution will not happen at all. The hyperlop transport system will change the world of traffic and it will make Mumbai the world’s leading leader. Economic societal benefits from this project are $ 55 billion and it will also earn lakhs of unemployed jobs.

विरोधी उठाएंगे सवाल
अब काफी लोग इस समय ये मुद्दा भी उठाएंगे कि साधारण ट्रेन तो ज़मीन पर चलती नहीं , ऐसे में बुलेट और हाइपरलूप ट्रेन की क्या ज़रूरत है. ऐसी तो अगर देखा जाय ज़रूरत तो मोबाइल फ़ोन, कार, कंप्यूटर, हवाई जहाज़ की भी नहीं थी. जब 60 सालों में 18000 गाँवों को बिजली तक नहीं दी गयी, वे 60 साल तक अँधेरे में डूबे रहे. लालटेन की रौशनी में बच्चे पढ़े और मोबाइल चार्ज करने दूसरे शहर जाते रहे. ऐसे में पहले उन लोगों को बिजली दी जानी चाहिए थी या फिर मोबाइल फ़ोन तकनीक लाना ज़्यादा ज़रूरी था? लेकिन मोदी सरकार में दोनों काम हो रहे हैं. 2014 के बाद से 18000 में से 13000 गाँवो में आज़ादी के बाद से पहली बार बिजली पहुचायी जा चुकी है. सस्ते LED बल्ब जलाये जा रहे हैं. बाकी के गाँवो में आने वाले वक़्त में बिजली जल्द पहुंच जायेगी. साथ ही देश में बुलेट ट्रेन और हाइपरलूप जैसी ट्रेन भी चल सकेंगी.

Anti-raising questions
Now, quite a lot of people will also raise this issue at this time that ordinary trains do not run on the ground, so what is the need of bullet and hyperlop train? If this was to be seen then there was no mobile phone, car, computer, airplane. When 60,000 villages were not given electricity in 60 years, they remained submerged for 60 years. Children in the light of the lanterns and go to other cities to charge mobile. In such a way, those people should have been given power or was it more important to bring mobile phone technology first? But both the work is done in the Modi government Since 2014, 13000 out of 18000 villages have been taken for the first time since independence. Cheap LED bulbs are being lit. In the remaining villages, electricity will reach soon. Also, trains like bullet train and hyperloop can also run in the country.

वही ये सभी आधुनिक ट्रेन मेट्रो ट्रेन की तरह ऊँचे खम्भों पर चला करेंगी ना कि ज़मीन पर. इससे जो असमाजिक तत्त्व पटरियों के आस पास बस्तिया बसा कर पटरी उखाड़ लेते हैं उन्हें बेच खाते हैं वैसे हादसे भी इन आधुनिक ट्रेन में नहीं हो सकेंगे.

All these modern trains will run on high pillars like the metro train and not on the ground. From this, the casualties which are settled around the tracks in the settlements, and they take away the tracks, they will not be able to get into these modern trains.

अमेरिका, कनाडा, फिनलैंड और नीदरलैंड के साथ अब भारत म भी होगी शरुआत
आपको बता दें इस समय सयुंक्त अरब अमीरात, अमेरिका, कनाडा, फिनलैंड और नीदर लैंड में भी हाइपरलूप तकनीक पर काम हो रहा है. हाइपरलूप टेस्ला के संस्थापक एलन मस्क के दिमाग की उपज है. हाइपरलूप एक ट्यूब ट्रांसपॉर्ट टेक्नॉलजी है. इसके तहत खंभों के ऊपर (एलिवेटेड) ट्यूब बिछाई जाती है. इसके भीतर बुलेट जैसी शक्ल की लंबी सिंगल बोगी हवा में तैरते हुए चलती है.

India, along with the US, Canada, Finland and the Netherlands, will also be in the beginning
Let us tell you at this time, HyperLoop technology is also being worked on in the United Arab Emirates, America, Canada, Finland and Netherland. The hyperlope is the brainchild of Tesla founder Alan Musk. HyperLop is a Tube Transparent Technologies. Under this, the elevated tube is placed over the pillars. Within this, a long single bogie of bullet-like shape floats in the air.

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PM मोदी के इस मैजिक को लेकर विश्व बैंक ने दे डाली ऐसी रिपोर्ट की पुतिन समेत पूरी अमेरिका में खलबली

वॉशिंगटन : नोटबंदी और जीएसटी जैसे साहसिक कदम उठाते हुए पीएम मोदी ने देश की अर्थव्यवस्था में बड़े बदलाव किये. हालांकि कांग्रेस समेत सभी विरोधियों ने इसके लिए पीएम मोदी का विरोध किया. दुःख की बात है कि अब बीजेपी के भी कुछ स्वार्थी नेता भी मोदी विरोध में हल्ला-बोलने लगे हैं. मगर इन सभी विरोधियों को अब वर्ल्ड बैंक ने अपने एक रिपोर्ट से जोरदार तमाचा जड़ा है.

WASHINGTON: Taking bold movements like notebinding and GST, PM Modi made major changes in the country’s economy. However, all the opponents including Congress have opposed PM Modi for this. Sadly, some of the BJP’s selfish leaders have also started attacking Modi. But all these opponents have now been strongly criticized by the World Bank for their report.

सुस्ती कुछ ही वक्त के लिए, तेजी से बढ़ेगी भारत की अर्थव्यवस्था!
वर्ल्ड बैंक ने कहा है कि भारत की इकोनॉमिक ग्रोथ में सुस्ती केवल कुछ ही वक्त के लिए है. जीएसटी की तैयारियों की गड़बड़ी के कारण ऐसा हुआ है. लेकिन ये तय है कि जीएसटी भारतीय अर्थव्यवस्था को नयी ऊंचाइयों तक ले जाएगा.

Sluggish for a short time, India’s economy will grow fast!
World Bank has said that sluggishness in India’s economic growth is only for a short time. This has happened because of the disturbances of GST preparations. But it is certain that GST will take the Indian economy to new heights.

अर्थव्यवस्था बर्बाद हो गयी, मोदी ने देश डूबा दिया, जैसे जुमलों का प्रयोग करने वाले इन ढोंगी नेताओं और डिजाइनर पत्रकारों के गाल पर तमाचा लगाते हुए वल्र्ड बैंक ने कहा है कि अर्थव्यवस्था में जो सुस्ती देखने को मिल रही है, वो कुछ ही वक़्त की बात है, इसके बाद अर्थव्यवस्था में ऐसी तेजी आएगी, जो अच्छे-अच्छे देशों को पीछे छोड़ देगी.
एक चाय वाले के सामने हार गए हारवर्ड से पढ़े नेता!

Economy wasted, Modi dumped the country, like tearing the cheeks of these deceitful leaders and designer journalists who used spies, the World Bank has said that the laxity in the economy is getting a little over the moment. It is a matter of fact, after this there will be such an increase in the economy, which will leave behind good nations.
Harvard, a lecturer lost in front of a tea boy!

वर्ल्ड बैंक की इस रिपोर्ट से हार्वर्ड से पढ़कर आये कोंग्रेसी और बीजेपी के भी कुछ स्वार्थी और मौक़ा परस्त नेताओं के होश उड़ गए हैं और शर्म के कारण मुँह छिपाने की नौबत आ गयी है. वर्ल्ड बैंक के अध्यक्ष जिम योंग किम ने कहा है कि भारतीय अर्थव्यवस्था में गिरावट टेम्परेरी है. इसकी घोषणा पहली तिमाही में की गई थी. इंटरनेशनल मॉनीटरी फंड (IMF) और वर्ल्ड बैंक की वार्षिक मीटिंग से पहले उन्होंने इस बात की जानकारी दी.

The Congress and BJP, who have come from Harvard with this report from the World Bank, have lost consciousness of some selfish and opportunistic leaders and have come to hide their faces due to shame. World Bank President Jim Yong Kim has said that the decline in the Indian economy is temporal. It was announced in the first quarter. They gave this information before the International Monetary Fund (IMF) and World Bank’s annual meeting.

बता दें कि इस बैठक में भारत की ओर से अरुण जेटली भी शामिल होंगे. दरअसल अप्रैल-जून तिमाही में भारत की अर्थव्यवस्था वृद्धि दर 5.7 फ़ीसदी थी, जबकि जनवरी-मार्च तिमाही के दौरान वृद्धि दर 6.1 फ़ीसदी रही थी. वहीँ पिछले साल इसी तिमाही में वृद्धि दर 7.9 फ़ीसदी थी.
बसी इसी गिरावट का फायदा उठाकर विरोधियों ने पीएम मोदी पर कीचड उछालना शुरू कर दिया था. हैरानी की बात तो ये रही कि बीजेपी के कुछ गिरे हुए मौक़ा परस्त नेता भी पीएम मोदी के खिलाफ खड़े हो गए.

Let us know that Arun Jaitley will also be included in this meeting from India. In fact, India’s economy growth rate was 5.7% in the April-June quarter, while during the January-March quarter the growth was 6.1%. In the same quarter last year, the growth rate was 7.9 percent.
By taking advantage of this decline, the opponents had started punching PM Modi. Surprisingly, some of the fallen BJP leaders also stood against PM Modi.

चीन और अमेरिका तक को पीछे छोड़ देगा भारत!
अब वर्ल्ड बैंक ने खुद ही कह दिया है कि अगले कुछ महीनों में भारत की अर्थव्यवस्था फिर से पटरी पर आ जायेगी और फिर ऐसी तेजी से बढ़ेगी कि सारी दुनिया हैरान रह जायेगी. वर्ल्ड बैंक अध्यक्ष किम ने कहा, “भारतीय अर्थव्यवस्था की हालिया गिरावट आने वाले महीनों में ठीक हो जाएगी. एक साल में जीडीपी ग्रोथ स्थिर हो जाएगी. हम नजर रख रहे हैं कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी बिजनेस एन्वायरमेंट बढ़ाने के लिए लगातार काम कर रहे हैं. उनकी ये कोशिशें जल्द कारगर होंगी.”

India and China will leave behind!
Now the World Bank itself has said that in the next few months, India’s economy will come back on track and then it will grow faster so that the whole world will be surprised. World Bank President Kim said, “The recent decline of the Indian economy will be cured in the coming months. GDP growth will be stable in one year. We are keeping an eye on that Prime Minister Narendra Modi is constantly working to increase the business environment. These efforts will be effective soon. ”

इसी के साथ उन्होंने पीएम मोदी के स्वच्छ भारत अभियान के लेकर भी बड़ी बात कह दी. उन्होंने कहा कि, “मोदी ने सफाई के मुद्दे पर बड़ा कमिटमेंट किया है. उनका स्वच्छ भारत मिशन एक असरदार प्रोग्राम साबित हुआ है. मैं जानता हूं कि पीएम नरेंद्र मोदी भारत के लिए नए मौके जुटाने के लिए लगातार कोशिश कर रहे हैं, लेकिन भारत में काफी चुनौतियां हैं. वहां दूसरे देशों की तरह एजुकेशन-हेल्थ पर काफी काम किया जाना है.

With this, he also spoke a lot about PM Modi’s Clean India campaign. He said, “Modi has made a big commitments on the issue of cleanliness. His clean India mission has proven to be an effective program. I know that PM Narendra Modi is constantly trying to create new opportunities for India, but there are many challenges in India. There is a lot of work to be done on education-health like in other countries.

वर्ल्ड बैंक की ओर से इस रिपोर्ट के बाद कोंग्रेसियों समेत बीजेपी के मौक़ा परस्त नेताओं के लिए चुल्लूभर पानी में डूब मरने जैसी हालत हो गयी है. कितने शर्म की बात है कि सत्ता और पद का ऐसा मोह है इन टुटपुँजिये नेताओं में कि कोई देश के लिए अच्छा कर रहा है, तो उसी के खिलाफ खड़े हो गए हैं सब के सब. ऐसी ओछी और गन्दी राजनीति करने वालों का आज मुँह काला हो चुका है.

After this report on behalf of the World Bank, there has been a condition like the death of drunken people in the city for the opportunistic BJP leaders including the Congress. How shameful it is that such a fascination of power and position is in the hands of politicians that someone is doing good for the country, then they have stood against him. Today, the people who are doing such dirty and dirty politics have turned black today.

यह भी देखे

https://youtu.be/6KzO3XxanXM

https://youtu.be/DIe9xpCgLks?t=25

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जवाबी कार्यवाही में गुस्साए पुतिन ने रुसी सेना को दिए आदेश की पाकिस्तान में मचा हाहाकार

नई दिल्ली : कट्टरपंथियों, आतंकवादियों का अंत अब निकट है, एक ओर भारतीय सेना कश्मीर में चुन-चुन कर आतंकियों को ठोक रही है. अमेरिका भी अफगानिस्तान में पाक आतंकियों के खात्मे में लगा हुआ है. आतंक के खिलाफ इस लड़ाई में अब रूस भी खुलकर शामिल हो गया है. रूस के एक लड़ाकू विमान को गिरा कर रूसी एयरफोर्स के पायलट को मारने वाले आतंकियों की ख़ुशी अब मातम में बदल गयी है.

New Delhi: The end of the fundamentalists, terrorists is near now, on one hand the Indian army is picking up the terrorists in Kashmir. America is also engaged in the elimination of Pakistani terrorists in Afghanistan. Russia has also joined openly in this fight against terror. The joy of the terrorists who killed a Russian air force pilot by cutting a fighter plane of Russia has now turned into a weeds.

रूस ने की बमों की बौछार, मचा दी तबाही
रूस के राष्ट्रपति पुतिन का गुस्सा अब आतंकियों के ऊपर टूट पड़ा है. अपने लड़ाकू विमान पर हुए हमले को रूस ने एक चुनौती के रूप में स्वीकार करते हुए आतंकियों के खिलाफ बड़े पैमाने पर व्यापक तबाही मचा दी है. आतंकियों के खिलाफ ऐसा सख्त हमला देख आतंकी देश पाकिस्तान सहम गया है.

Russia bombarded bombs, killed the devastation Russia’s President Putin’s anger has now broken up on the terrorists. Accepting the attack on his fighter aircraft as a challenge, Russia has massacred a large scale devastation against the terrorists. Seeing such a tough attack against the terrorists, the Pakistanis have gone to Pakistan.

बता दें कि युद्धग्रस्त देश सीरिया में आतंकियों ने रूस के लड़ाकू विमान को मार गिराया था, जिससे भडके गुस्से में रुसी वायुसेना ने जबरदस्त हवाई हमले करके इतने बम बरसाए हैं, जिससे आतंकियों में मौत का सन्नाटा पसर गया है. चारों ओर तबाही मच गयी है और आतंकियों को छिपने का ठिकाना तक नहीं मिल रहा.

Explain that in the war-torn country, militants had killed Russian fighter aircraft in Syria, due to the rage, the Russian Air Force has caused so much bombardment by the powerful air strikes, which has created a silence of death in the terrorists. The devastation is going on around and the terrorists are not able to hide the whereabouts.

इस हमले में कम से कम 30 आतंकियों की लाशें बिछ गयी हैं. रूस के रक्षा मंत्रालय ने इस बात की पुष्टि करते हुए कहा है कि ज्ब्हत अल नुसरा नाम के इस्लामिक आतंकी संगठन के नियंत्रण में आने वाले इलाके में अचानक रुसी विमानों ने बमों की बौछार की है.

The bodies of at least 30 terrorists have been set in this attack. Russia’s Ministry of Defense has confirmed that it has suddenly bombarded the Russian aircraft in the area under the control of the Islamic terrorist organization named Zabhat al Nusra.

अपने पायलट की मौत का बदला ले रहा रूस
दो दिन पहले जिस रुसी विमान को “जभात अल-नुसरा के आतंकियों ने मार गिराया था, उसका पायलट विमान में विस्फोट से पहले पैराशूट के जरिये बाहर कूद गया था. मगर आतंकियों ने उसे जमीन पर घेर लिया. आतंकियों ने रूसी पायलट आखिरी सांस तक लड़ता रहा, मगर आखिरकार आतंकियों ने उसे मौत के घाट उतार दिया.

Russia taking revenge for the death of his pilotThe Russian aircraft that had been killed two days ago by “terrorists of Jabhat al-Nusra” had jumped out of the parachute before the blast in the aircraft. But the terrorists surrounded him on the ground. The Russian pilots continued to fight till the last breath, but the terrorists finally killed him.

जिसके बाद पुतिन ने इस कट्टरपंथी आतंकी दल जभात अल नुसरा को तबाह करने की ठान ली है. ताजा जानकारी के मुताबिक़ रूसी एयर फ़ोर्स के भीषण हमले से आतंकियों की लाशें बिच गयी हैं और बचे आतंकी अपनी जान बचाने के लिए इधर-उधर भागते देखे गए. मगर रूस का कहना है कि वो इन पर तब तक हमले जारी रखेगा, जब तक इन आतंकियों का समूल विनाश नहीं हो जाता.

After this, Putin has decided to destroy the fundamentalist terrorist party Jabt al Nusra. According to the latest information, the horrific attack of the Russian Air Force has killed the dead body of the terrorists and the survivors are seen fleeing to save their lives. But Russia says that they will continue to attack till then, until these terrorists are destroyed.

अभी रूसी सेना के हमले और भी भीषण होने की आशंका है. रूस अपने एक पायलट की जान के एवज में इस आतंकी संगठन के समूल विनाश के लिए प्रतिबद्ध हो चुका है. दुनियाभर में आतंकवाद के खिलाफ भयंकर गुस्सा देखा जा रहा है.

Right now the attack of the Russian army is expected to be even more severe. In exchange for the life of one of the pilots, Russia has been committed to the destruction of this terrorist organization. Fierce anger against terrorism is being seen globally.

यह भी देखे

https://youtu.be/6KzO3XxanXM

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पूरे विश्व के लिए मिसाल बना पुतिन का ये कानून, आतंकियों को दी जाएगी ऐसी खौफनाक सजा- आतंवादियों में हडकंप..

रूस के राष्ट्रपति पुतिन ने एक बार फिर दुनिया के लिए मिसाल पैदा की है। उन्होंने ऐसा कानून बनाया है जिसकी दुनिया भर में तारीफ हो रही है।

Russia’s President Putin has once again created an example for the world. He has made such a law which is being praised all over the world.

पुतिन ने आतंकियों के लिए कड़ी सजा का ऐलान करते हुए कहा है कि रूस में आतंकियों को जेल की बजाए अब सीधे मौत की सजा दी जाएगी।

Putin declared strong punishment for the terrorists and said that in Russia, the terrorists will now be sentenced to death directly rather than prison.

राष्ट्रपति कार्यालय से जारी प्रेस नोट में पुतिन ने कहा है कि जब हमें पता है कि वो आतंकी है तो जेल में रखकर उसके ऊपर पैसे क्यों खर्च करें। उसे सीधे मौत देना ही सही है।

In a press note issued from the President’s Office, Putin has said that when we know that he is a terrorist, why spend money on him by placing him in jail. It is right to give him a direct death.

साथ ही, राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन ने आतंकियों को आर्थिक मदद पहुंचाने वालों की सजा के लिए कानून को सख्‍त बनाने के लिए इसके संशोधन पर हस्ताक्षर किए हैं।

At the same time, President Vladimir Putin has signed an amendment to tighten the law to punish those who are financially helping the terrorists.

शिन्‍हुआ न्‍यूज एजेंसी के अनुसार, रूस के कानूनी सूचनाओं के आधिकारिक वेबसाइट पर शुक्रवार को ये संशोधन प्रकाशित किए गए।

According to the Xinhua news agency, these amendments were published on Friday on the official website of Russia’s Legal Information.

आतंकवाद के लिए फंडिंग करने वाले या फिर आतंकियों को प्रशिक्षित करने के दोषियों को 300,000 रुबल (करीब 5,172 डॉलर) से 700,000 रुबल के जुर्माने समेत 8 से 20 साल के लिए जेल की सजा होगी।

The convicts will be jailed for 8 to 20 years, including funding for terrorism or training of terrorists, from 300,000 rubles (about 5,172 dollars) to 700,000 rubles.

संशोधन में ‘आतंकवाद का प्रचार’ भी आपराधिक कानून के तहत पेश और दोषी पर 300,000 से एक मिलियन रूबल के जुर्माना समेत को 3 से सात साल तक की कैद की सजा दी जाएगी।

In the amendment, ‘propaganda of terrorism’ will also be sentenced under the Criminal Law and sentenced to 3 to seven years of imprisonment, including a penalty of 300,000 to one million rubles.

इस महीने की शुरुआत में रूसी संघीय सुरक्षा सर्विस के डायरेक्‍टर अलेक्‍जेंडर बोर्टनीकोव ने कहा, सीरिया और इराक में हार के बाद मिडल ईस्‍ट से तमाम आतंकी रूस में घुसपैठ की कोशिश कर रहे हैं।

Earlier this month, Alexander Bortnikov, director of the Russian Federal Security Service said that after the defeat in Syria and Iraq, all terrorists are trying to infiltrate into the Middle East.

3 अप्रैल को सेंट पीटर्सबर्ग के सब-वे में हुए धमाके में 16 लोगों की मौत हो गई थी, जबकि 50 से अधिक लोग घायल हो गए थे। इस साल रूस में हुआ यह सबसे बड़ा आतंकी हमला था, जिसके बाद भी कई छोटे हमले हुए।

On April 3, 16 people were killed in the sub-city of St. Petersburg, while more than 50 were injured. This was the biggest terrorist attack in Russia this year, after which there were several small attacks.

यह भी देखें:

https://youtu.be/27wySC5YcBQ

https://youtu.be/yRjJWWjiQVA

source political report.in

56 इंच का असर – रूस से आयी ऐसी जबरदस्त खबर, जिसे सुन PM मोदी समेत ट्रम्प भी हैरान !

वाशिंगटन : नरेंद्र मोदी के प्रधानमंत्री बनने के बाद से केवल भारत ही नहीं बल्कि पूरी दुनिया में बदलाव देखे जा रहे हैं. मोदी पूरी दुनिया की राजनीति में छा गए हैं और दुनिया की राजनीति में एक बड़ा बदलाव देखा जा रहा है. जहाँ पहले अमेरिका और रूस के बीच छत्तीस का आंकड़ा रहता था, वहीँ पीएम मोदी के कारण अमेरिका व् रूस की दूरियां भी कम हो रही हैं. इसी कड़ी में एक बड़ी खबर रूस से आ रही है, जिसकी दुनियाभर में चर्चा हो रही है.

Washington: Since becoming Narendra Modi’s Prime Minister, changes are seen not only in India but in the whole world. Modi has embraced politics of the whole world and a major change is seen in the world’s politics. Where the figure of the sixteas between America and Russia first lived, the distance between America and Russia is also reduced due to PM Modi. There is a big news coming from Russia in this episode, which is being discussed worldwide.

ट्रम्प की मदद से रूस में आतंकी हमला नाकाम
दरअसल दूसरे विश्व युद्ध के बाद से अमेरिका व् रूस के बीच हालात कभी सामान्य नहीं रहे. शीत युद्ध भी चला काफी वक़्त तक. कांग्रेस ने भी अमेरिका को दरकिनार करके हमेशा रूस के साथ संबंधों पर ही जोर दिया. मगर मोदी राज में सब बदल गया और मोदी ने रूस के साथ-साथ अमेरिका के साथ भी मजबूत सम्बन्ध बना लिए.’

Terror attack in Russia with the help of Trump
Indeed, the situation between the US and Russia has never been normal since the second world war. The Cold War also ran for quite a while. The Congress, bypassing America, always emphasizes relations with Russia. But Modi changed everything in the state and Modi made a strong connection with Russia as well as the United States.

मोदी को अपना दोस्त कहने वाले डोनाल्ड ट्रम्प के अमेरिका के राष्ट्रपति बनने के बाद से रूस और अमेरिका के सम्बन्ध काफी बेहतर हो गए हैं. ये खबर आप डीडीभारती.इन पर पढ़ रहे हैं. खबर है कि रूस में एक बड़ा आतंकी हमला होने वाला था, जिसकी खुफिया जानकारी अमेरिकी खुफिया एजेंसी सीआईए के हाथ लग गयी. अमेरिका ने तुरंत ये जानकारी रूस के साथ शेयर की और अमेरिका द्वारा मुहैया कराई जानकारी के आधार पर रूसी अधिकारी हमले से पहले आतंकवादियों को पकड़ने में कामयाब रहे.

Russia and US relations have become much better since Donald Trump became America’s President, who called Modi his friend. You are reading this news on DDBharati.in. It is reported that a big terrorist attack was going on in Russia, whose intelligence came to the notice of the American intelligence agency CIA. The U.S. immediately shared this information with Russia and on the basis of information provided by the US, the Russian authorities managed to capture the terrorists before the attack.

पुतिन ने कहा, धन्यवाद !
अमेरिका की मदद से रूस में एक बड़ा आतंकी हमला नाकाम हो गया और इसके लिए राष्ट्रपति पुतिन ने अमेरिकी राष्ट्रपति को धन्यवाद कहा है. क्रेमलिन की ओर से जारी बयान में कहा गया है कि सीआईए द्वारा मुहैया कराई गई जानकारी से रूस की एफएसबी ने उन आतंकियों को धर दबोचा, जो शहर के भीड़ वाले इलाके में आत्मघाती हमला करने की योजना बना रहे थे.

Putin said, thank you!
A large terrorist attack in Russia with the help of the US failed, President Putin thanked the American president for this. A statement issued by the Kremlin said that with information provided by the CIA, the FSB of Russia was assaulting those terrorists, who were planning to make a suicide attack in the crowded area of the city.

व्हाइट हाउस की प्रेस सचिव सारह सैंडर्स ने कहा कि राष्ट्रपति ट्रंप ने फोन कॉल की सराहना की और पुतिन से कहा कि वह और पूरा अमेरिकी खुफिया समुदाय बहुत से लोगों की जान बचाने में मदद कर खुश था. पुतिन ने सीआईए और उसके निदेशक माइक पोम्पिओ का भी शुक्रिया अदा किया.

White House Press Secretary Sarah Sanders said President Trump appreciated the phone call and told Putin that he and the entire American intelligence community were happy to help save many lives. Putin also thanked the CIA and its director Mike Pompeo.

बीते वक़्त में अमेरिका, रूस, भारत और जापान के आपसी सम्बन्ध काफी बेहतर हुए हैं, इसी का नतीजा है कि चारों देशों के बीच मित्रता बढ़ती जा रही है. इसके लिए काफी हद तक पीएम मोदी को जिम्मेदार माना जा रहा है. मोदी की दोनों देशों से दोस्ती के कारण ही रूस व् अमेरिका एक-दूसरे के करीब आ पाएं हैं. पहली बार भारत रूस के साथ-साथ अमेरिका व् इजराइल के साथ भी सैन्य सौदे कर रहा है.

In the past, the relations between the US, Russia, India and Japan have become much better, as a result of which friendship between the four countries is increasing. For this, PM Modi is widely considered responsible. Because of the friendship between Modi and the two countries, Russia and the US have come closer to each other. For the first time, India is also doing military deals with Russia and the United States and Israel.

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https://youtu.be/aGHeWHD0uXg

source dd bharti