कर्नाटक चुनाव से पहले बीजेपी करने जा रही है वो काम जिसके बाद कांग्रेस को कोई पूछेगा तक नहीं !

केंद्र में जबसे बीजेपी की सरकार आई है तभी से प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जी के नेतृत्व में भाजपा देश के अधिकतर राज्यों में अपनी जीत का परचम लहरा चुकी है. अभी हाल ही में पूर्वोत्तर के तीन राज्यों में हुए चुनाव हुए चुनावों के परिणामों ने लोगों को हैरान कर दिया था. जिस त्रिपुरा में बीजेपी अपना खाता भी नहीं खोल पाती थी, अब वहां पीएम मोदी जी के नेतृत्व में भाजपा ने पूर्ण बहुमत से सरकार बनाई है. अब देश के कुछ ही राज्यों में कांग्रेस की सरकार बची है जिसमें एक कर्नाटक है. कर्नाटक में विधानसभा चुनाव की तारीखों का ऐलान हो चुका है.

Since the BJP government came to the center, since then, under the leadership of Prime Minister Narendra Modi, the BJP has woken up to its victory in most of the states of the country. More recently, the results of elections held in three states of North-East surprised people. In Tripura, BJP could not even open its account, now under the leadership of PM Modi, the BJP formed the government with a full majority. Now in a few states of the country the Congress government is left with one Karnataka. The dates for the assembly elections have been announced in Karnataka.

कर्नाटक में चुनावों के मद्देनजर सभी राजनैतिक पार्टियों ने कमर कस ली है. कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गाँधी काफी समय से कर्नाटक में लगे हुए हैं. पार्टी की इज्जत बचाने के लिए राहुल गाँधी बढ़-चढ़कर प्रचार प्रसार कर रहे हैं.वहीँ देश की सबसे बड़ी पार्टी बीजेपी और इसके चाणक्य कहे जाने वाले अमित शाह भी कांग्रेस को सत्ता से बाहर करने में पूरा जोर लगा रहे हैं. बीजेपी ने इसके लिए पूरी रणनीति तैयार कर ली है. देश के विभिन्न राज्यों में हुए चुनावों में बीजेपी ने प्रचंड जीत हासिल की है. कर्नाटक में भी बीजेपी-कांग्रेस को बड़ा झटका दे सकती है.

In view of the elections in Karnataka, all the political parties have taken a stand. Congress President Rahul Gandhi has been engaged in Karnataka for a long time. Rahul Gandhi is spreading propaganda to save the party’s dignity. He is pushing full force in the country’s biggest party, BJP and its Chanakya, Amit Shah, also to put the Congress out of power. The BJP has prepared the entire strategy for this. In the elections held in different states of the country, the BJP has won a huge victory. In Karnataka, BJP may also give a big setback to the Congress.

आपकी जानकारी के लिए बता दें कि कांग्रेस को राज्य में पस्त करने के लिए बीजेपी ने रणनीति के तहत 19 सूत्रीय कार्यक्रम और देशभर से 5 दर्जन से अधिक प्रचारकों को इस चुनाव में लगा दिया है. इन लोगों की इस चुनाव में महत्वपूर्ण भूमिका होगी. पार्टी इस रणनीति के तहत कई केंद्रीय मंत्रियों समेत देशभर के 56 सांसदों और नेताओं को लगा रही है. जो राज्य में चुनाव-प्रसार करेंगे. बीजेपी की इस रणनीति को जानने के बाद कांग्रेस को गहरा सदमा लग सकता है.

For your information, tell BJP to set up 19-point program under the strategy and more than 5 dozen campaigners from across the country in this election to save the Congress in the state. These people will have an important role in this election. The party is putting 56 ministers and leaders across the country, including several Union Ministers under this strategy. Which will spread the election in the state. Knowing this strategy of BJP can lead to deep shock for the Congress.

गौरतलब है कि केंद्रीय नेताओं की यह टीम कर्नाटक में लोगों के साथ करीबी संवाद के साथ काम कर रही है. यहाँ हर विधानसभा क्षेत्र से बूथ स्तर पर खास प्रबंधन पर जोर दिया जा रहा है. इसी के साथ बीजेपी बेलगावी, कलबुर्गी, हुबली, बेल्लारी, बेंगलुरु,मैसूर, मेंगलूरू समेत कई इलाकों में पीएम मोदी जी के करिश्मे का उपयोग करेगी. बीजेपी के वरिष्ठ नेता ने बताया कि प्रदेश की भाजपा टीम तो कार्यक्रम के अनुसार कार्य करेगी ही इसी के साथ केंद्रीय मंत्रियों, मुख्यमंत्रियों समेत देश के कई नेता रहेंगे जिनमे भाजपा अध्यक्ष अमित शाह के मार्गदर्शन में रविशंकर प्रसाद, निर्मला सीतारमन, पीयूष गोयल, धर्मेन्द्र प्रधान, केंद्रीय मंत्री प्रकाश जावड़ेकर, अनंत कुमार, गजेन्द्र सिंह शेखावत, अनंत कुमार हेगड़े, पीपी चौधरी के अलावा मुख्यमंत्रियों में जयराम ठाकुर और योगी आदित्यनाथ शामिल रहेंगे.

Significantly, this team of central leaders is working closely with people in Karnataka. There is an emphasis on special management at booth level from every assembly constituency. With this, BJP will use the charisma of PM Modi in many areas including Belagawi, Kaluburgi, Hubli, Bellary, Bengaluru, Mysore, Mangalore. A senior BJP leader said that the state BJP team will work according to the program, along with Union Ministers, Chief Ministers, including many leaders of the country, including Ravi Shankar Prasad, Nirmala Sitharaman, Piyush Goyal, Dharmendra Pradhan under the guidance of BJP President Amit Shah. , Union Minister Prakash Javadekar, Ananth Kumar, Gajendra Singh Shekhawat, Ananth Kumar Hegde, Chopra’s daughter-in-law Jairam Thakur and Yogi Adityanath will be included in the Chief Ministers.

जानकारी के लिए बता दें हर विधानसभा सीट पर 12 सदस्यीय समिति का गठन किया गया है. जिसमें जनजाति, अल्पसंख्यक, युवा, महिलाओं,अनुसूचित जाति को सदस्य के रूप में रखा गया है. बताया जा रहा है कि इस समिति को बूथवार रिपोर्ट तैयार करने का दायित्व सौंपा है. कर्नाटक में बीजेपी की जीत का दावा करते हुए पार्टी के राष्ट्रीय महासचिव मुरलीधर राव ने आरोप लगाया है कि कांग्रेस अपनी राजनीति धर्म, पंथ के आधार पर लोगों को बांटकर करती है. उन्होंने कहा है कि अब जनता सब समझ चुकी है और जनता ने बीजेपी को जनादेश देने का मन बना लिया है. बीजेपी की यह रणनीति कांग्रेस के लिए बड़ी मुसीबत बनकर सामने आ सकती है.

For the information, a 12-member committee has been formed on every assembly seat. In which tribes, minorities, youth, women, scheduled castes have been kept as members. It is being told that this committee has been given the responsibility of preparing the boothwar report. Claiming BJP’s victory in Karnataka, the party’s national general secretary Murlidhar Rao has alleged that Congress divides its politics on the basis of religion, creed. He has said that now the people have understood everything and the people have made the mind of giving a mandate to the BJP. This BJP strategy can be a big trouble for the Congress.

यह भी देखे

https://www.youtube.com/watch?v=VxtYK7YXsQ8&feature=youtu.be

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शर्मनाक हार के बाद भी राहुल गाँधी का चौकाने वाला reaction लोगो ने दिया ऐसा जवाब कि….

3 मार्च को आए पूर्वोत्तर के तीन राज्यों के चुनावी नतीजों में भारतीय जनता पार्टी को ऐतिहासिक और शानदार जीत हासिल हुई. त्रिपुरा में लेफ्ट के किले को ढहाने के बाद मेघालय और नगालैंड में भी बीजेपी सरकार का हिस्सा बनने जा रही है. इन नतीजों के दो दिन बाद कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी की तरफ से पहली प्रतिक्रिया सामने आई है. 5 मार्च, सोमवार की दोपहर राहुल गांधी ने ट्वीट किया. इस ट्वीट के कुछ मिनट बाद ही राहुल गाँधी की सोशल मीडिया पर खिचाई होना शुरू हो गई. राहुल गाँधी को लेकर मजेदार प्रतिक्रियाएं देखने को मिल रही हैं.

Bharatiya Janata Party got historic and glorious victory in the election results of the three states of North-East on March 3. After the demolition of the left fort in Tripura, Meghalaya and Nagaland are also going to be part of the BJP government. Two days after these results, the first reaction came from Congress President Rahul Gandhi. On March 5, Rahul Gandhi tweeted on Monday afternoon. Within a few minutes of this tweet, Rahul Gandhi’s social media began to be drawn. There are interesting reactions about Rahul Gandhi.

कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गाँधी ने ट्वीट में लिखा है कि “कांग्रेस पार्टी मेघालय, नगालैंड और त्रिपुरा के नतीजों का सम्मान करती है. हम अपनी पार्टी को पूर्वोत्तर में मजबूत करने की पूरी कोशिश करेंगे और एक बार फिर से लोगों का विश्वास जीतेंगे. मैं पार्टी के हर कार्यकर्ता को उनकी मेहनत के लिए धन्यवाद करता हूं.”

Congress President Rahul Gandhi wrote in a tweet that “Congress party respects the results of Meghalaya, Nagaland and Tripura. We will do our best to strengthen our party in the Northeast and once again win the confidence of the people. I thank every party worker for their hard work. ”

राहुल गाँधी के इस ट्वीट पर एक यूजर ने राहुल पर निशाना साधते हुए लिखा है कि “अहसान फरामोश होना कोई बीजेपी से सीखे जो जीत का श्रेय राहुल बाबा की बजाय विकास को दे रहे हैं.”

On Rahul Gandhi’s tweet, a user has targeted Rahul, saying, “Ahsan Fraomosh learned from a BJP who has given credit for development instead of Rahul Baba.”

इसी के साथ एक अन्य यूजर ने लिखा है कि “देश मे जो हालत कांग्रेस की है , दुनिया में वही हालत पाकिस्तान की है. मजे की बात है कि दोनों की वजह नरेंद्र मोदी है.”

With this, another user has written that “the condition of the country is that of the Congress, the situation in the world is of Pakistan.” It is interesting that both are due to Narendra Modi. ”

वहीं एक यूजर ने राहुल गाँधी के मजे लेते हुए लिखा है कि “त्रिपुरा में हमे 0 सीट मिली. हमारी उम्मीद माईनस में मिलने की थी. ये हमारी मोरल जीत है.”

At the same time, a user has written while enjoying Rahul Gandhi: “We got 0 seats in Tripura. Our hope was to meet in Minnesota. This is our victory margin.

राहुल गाँधी ने कभी नहीं सोचा होगा कि उनके एक ट्वीट पर यूजर्स इस तरह की प्रतिक्रिया व्यक्त करेंगे. इससे पहले जब राहुल गाँधी ने होली की शुभकामनाएं देते हुए अपने ट्वीट में लिखा था कि नानी के घर जा रहा हूँ तब भी यूजर्स ने राहुल गाँधी की जमकर क्लास लगाई थी. इस बार भी राहुल गाँधी ने चुनाव परिणाम आने के तीन दिन बाद अपनी प्रतिक्रिया व्यक्त की तो लोगों ने फिर से राहुल को आड़े हाथों ले लिया.

Rahul Gandhi has never imagined that on one of his tweets, the users will respond like this. Prior to this, when Rahul Gandhi greeted Holi in his tweet that he was going to Nani’s house, even then the users had fiercely favored Rahul Gandhi. Even this time Rahul Gandhi reacted three days after the election results, then people again took Rahul back to his hands.

यह भी देखे

https://youtu.be/1YmeDP0wOXs

https://www.youtube.com/watch?v=k87GwTUEGuQ&t=18s

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ब्रेकिंग– अमेरिका ने दी कांग्रेस की ऐसी रिपोर्ट जिसने मचा दिया पुरे विश्व में तहलका

नई दिल्ली : कांग्रेस को भारतीय राजनीति में सबसे पुरानी राजनीतिक पार्टी होने का दर्जा हासिल है. लेकिन अमेरिका की खुफिया एजेंसी सीआईए की अब एक ऐसी रोंगटे खड़े कर देने वाली रिपोर्ट सामने आयी है जिससे कांग्रेस को देश की सबसे भ्रष्ट, चोर और ठग पार्टी होने का दर्जा भी हासिल हो गया है. सीआईए की इस रिपोर्ट ने गांधी परिवार की असलियत खोल कर रख दी है.

New Delhi: Congress has the status of being the oldest political party in Indian politics. But the US intelligence agency CIA has now come up with a report that has given the Congress the status of being the most corrupt, thief and swindle party in the country. This report by the CIA has opened the reality of the Gandhi family.

कांग्रेस का प्रधानमंत्री था सबसे बड़ा चोर, बईमान!
कांग्रेस के काल में राजीव गांधी का बोफोर्स घोटाला देश के सबसे प्रमुख घोटालों में से एक था. अब अमेरिका की खुफिया एजेंसी सीआईए ने इससे जुडी अपनी एक रिपोर्ट को गुप्त सूची से हटा दिया है जिससे असलियत सामने आ गयी है. इस रिपोर्ट के मुताबिक़ ना केवल राजीव गांधी इस घोटाले में शामिल थे बल्कि उन्ही के कहने पर स्वीडन ने उस वक़्त बोफोर्स मामले की जांच बीच में ही बंद कर दी थी, जिसके कारण राजिव गाँधी सजा से बच गए. ऐसा स्वीडन ने राजीव गांधी को बचाने के लिए किया था.

The prime minister of the Congress was the thief, the biman!
Rajiv Gandhi’s Bofors scam was one of the most important scandal in the country during the Congress era. Now the US intelligence agency CIA has removed a report related to it from the secret list, which has revealed the truth. According to this report, not only Rajiv Gandhi was involved in this scandal, but on the other side, Sweden had stopped the investigation of Bofors case at that time, due to which Rajiv Gandhi escaped from the punishment. This was done by Sweden to save Rajiv Gandhi.

राजीव गांधी ने जांच बंद कराई
रिपोर्ट के मुताबिक़ 1988 में राजीव गांधी स्टॉकहोम की यात्रा पर गए जिसके फ़ौरन बाद ही बोफोर्स घोटाले की जांच को बंद कर दिया था. गौरतलब है कि बोफोर्स स्वीडन की हथियार बनाने वाली कंपनी थी. बोफोर्स ने भारत में अपनी तोपों को बेचने के लिए तत्कालीन प्रधानमन्त्री राजीव गांधी व् कई लोगों को रिश्वत दी थी. लेकिन स्वीडन ने इस घोटाले की जांच इसलिए बंद कर दी थी ताकि रिश्वत लेने वाले अधिकारियों के नाम सामने न आने पाएं और साथ ही भारत के तत्कालीन प्रधानमंत्री राजीव गांधी को शर्मिंदगी से बचाया जा सके.

The prime minister of the Congress was the thief, the biman!
Rajiv Gandhi’s Bofors scam was one of the most important scandal in the country during the Congress era. Now the US intelligence agency CIA has removed a report related to it from the secret list, which has revealed the truth. According to this report, not only Rajiv Gandhi was involved in this scandal, but on the other side, Sweden had stopped the investigation of Bofors case at that time, due to which Rajiv Gandhi escaped from the punishment. This was done by Sweden to save Rajiv Gandhi.

पूरी दुनिया में कांग्रेस की थू-थू
इस रिपोर्ट के खुलने से पूरी दुनिया में कांग्रेस की थू-थू हो रही है क्योंकि ये बेहद शर्म की बात है कि देश का प्रधानमन्त्री खुद ही घोटालों में शामिल था. और जब देश का पीएम ही घोटालेबाज चोर हो तो देश का तो फिर भगवान् ही मालिक है. सबसे ज्यादा शर्मनाक बात तो ये है कि ऐसे भृष्ट घोटालेबाज राजीव गांधी को कांग्रेस ने 1991 में भारत रत्न दे दिया. देश में अब मांग उठने लगी है कि राजीव गाँधी का भारत रत्न अवार्ड उनसे वापस ले लियी जाए.

Congress of Thu-Thu
With the opening of this report, the Congress is getting tired of the whole world because it is a matter of great shame that the Prime Minister of the country was himself involved in the scandal. And when the country’s PM is a scam thief, then God is the owner of the country. The most embarrassing thing is that the Congress gave Bharat Ratna to Rajiv Gandhi in 1991 for this dishonest scandal. There is a growing demand in the country that Rajiv Gandhi’s Bharat Ratna award should be withdrawn from him.

सीआईए की इस रिपोर्ट का नाम है “स्वीडन बोफोर्स हथियार घोटाला”. आपकी जानकारी के लिए बता दें कि अमेरिकी खुफिया एजेंसी सीआईए ने बोफोर्स पर लगे सभी आरोपों की एक लिस्ट तैयार की थी. सीआईए के मुताबिक़ बोफोर्स ने 150 करोड़ डॉलर के सौदे में बिचौलिए और भारतीय अधिकारियों को कथित तौर पर घूस दी थी. सीआईए की रिपोर्ट में ये भी बताया गया है कि स्वीडन को भी अपनी जांच में पता चल गया था कि तकरीबन 4 करोड़ डॉलर का कमीशन बिचौलियों को दिया गया था.

The CIA’s report is named “Sweden Bofors Weapon Scam”. For your information, let us know that the American intelligence agency CIA had prepared a list of all charges against Bofors. According to the CIA, Bofors allegedly bribed middlemen and Indian officials in a $ 150 million deal. It is also reported in the CIA’s report that Sweden also came to know about its investigation that about $ 40 million was given to the middlemen.

आपसी मिलीभगत से जनता की आँखों में धूल
सीआईए की रिपोर्ट के अनुसार स्वीडन ने स्विस बैंक में की गई पेमेंट के बारे में भी खुलासा करने से मना कर दिया था. स्वीडन की ओर से घूस की बात बाहर आ जाने से भारत के प्रधानमंत्री राजीव गांधी के लिए भारत में दिक्कतें खड़ी हो गई थी. स्वीडिश कंपनी बोफोर्स पर भी भ्रष्टाचार का कलंक लग रहा था। इसलिए इन दोनों को बचाने के लिए ही स्वीडन ने बोफोर्स घोटाले की जांच को बंद कर दिया था.

Dust in public eyes from mutual collusion
According to the CIA report, Sweden had refused to disclose about the payment made in Swiss bank. India’s Prime Minister Rajiv Gandhi had raised problems in India due to the outcry of Sweden’s extortion. The Swedish company Bofors also seemed to blame corruption. Therefore, to save both of these, Sweden closed the investigation of the Bofors scandal.

दोनों पक्षों ने खुद को बचाने के लिए एक दूसरे का साथ दिया और घूस की जानकारी को छुपाने की योजना बनायी गई और आखिरकार स्टॉकहोम ने बोफोर्स की जांच को बंद कर दिया. हालांकि इस घोटाले की वजह से राजीव गांधी की सरकार गिर गई थी, लेकिन क्योंकि राजीव गांधी ने स्वीडन जाके जांच बंद करवा दी थी इसलिए भारत में उन्हें सजा नहीं मिल पायी थी. सबूत ना होने के कारण 2004 में दिल्ली की एक अदालत ने राजीव गांधी को आरोप मुक्त करार दिया था.

Both sides cooperated with each other to protect themselves and plans to conceal information about bribery, and finally Stockholm blocked the investigation of Bofors. However, due to this scandal, the government of Rajiv Gandhi had fallen, but because Rajiv Gandhi had stopped going to Sweden, he was unable to get the punishment in India. Due to lack of evidence, a Delhi court in 2004 had accused Rajiv Gandhi of being free from charges.

सीआईए की इस रिपोर्ट के सामने आने से कांग्रेस के लिए मुश्किल खड़ी हो गयीं हैं. विपक्ष पहले भी बोफोर्स घोटाले को लेकर कांग्रेस पर हमला करता आया है. देश के पांच राज्यों के चुनाव होने को हैं, अब देखना ये है कि कांग्रेस अपने लिए वोट किस मुह से मांगती है जनता से?

This report of the CIA has become difficult for the Congress. The opposition has already attacked the Congress about the Bofors scam. Elections to five states of the country are to be held, now it is to see that the Congress asks for its vote from the public.

यह भी देखे:

https://youtu.be/6KzO3XxanXM

https://youtu.be/BVuWDLCqpCM

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गुजरात चुनाव से ऐन पहले कांग्रेस के हुए दो टुकड़े, शहज़ाद पूनावाला ने राहुल गाँधी पर किया बड़ा खुलासा !

देर से ही सही पर कांग्रेस के एक मुस्लिम नेता की आँख खुल ही गयी, और उसके राहुल गाँधी सोनिया गाँधी कांग्रेस और उसके नेताओं की पूरी पोल खोलकर रख दी, हम बात कर रहे है कांग्रेस के मुस्लिम नेता शहज़ाद पूनावाला की जिन्होंने राहुल गाँधी की पोल खोली है |

Late on the right, the eyes of a Muslim leader of the Congress has opened up, and his Rahul Gandhi Sonia Gandhi kept the full poles of the Congress and its leaders, we are talking about the Congress leader of the Congress, Shahzad Poonawala, who is a Rahul Gandhi Is open

शहज़ाद पूनावाला ने कहा की मैं कांग्रेस के लिए 2008 से ही काम कर रहा हूँ, राहुल गाँधी कांग्रेस में चुने हुए नहीं बल्कि थोपे हुए नेता है, शहज़ाद पूनावाला ने कहा की राहुल गाँधी ने 2004 में अमेठी से चुनाव लड़ा, बिना किसी काबिलियत के बिना किसी मेरिट के बिना किसी टेस्ट के बिना उनको सीधे लोकसभा का टिकट दे दिया गया |

Shahzad Poonawala said that I have been working for Congress since 2008, Rahul Gandhi is not elected in Congress but a prominent leader, Shahzad Poonawala said that Rahul Gandhi contested from Amethi in 2004, without any merit Without a merit, without any test, they were given directly to the Lok Sabha ticket.

2007 में राहुल गाँधी को बिना किसी टेस्ट के, बिना किसी मेरिट के कांग्रेस का महासचिव बना दिया गया, वो कांग्रेस पार्टी में महासचिव चुने हुए नहीं बल्कि बनाये गए है , उसके बाद उन्होंने युथ कांग्रेस और NSUI को अपने अधीन ले लिया |

In 2007, Rahul Gandhi was made the General Secretary of the Congress without any merit, without any merit, he has not been elected as general secretary in the Congress party but after that he took Youth Congress and NSUI under his control.

शहज़ाद पूनावाला ने बताया की आज कांग्रेस के जितने भी स्टेट प्रेजिडेंट, यानि राज्य अध्यक्ष है वो सभी नेताओं के बच्चे है | हर राज्य का अध्यक्ष किसी नेता का बच्चा है| कांग्रेस में साधारण लोगों के लिए कोई जगह ही नहीं है | चाहे वो राजस्थान कांग्रेस हो, महाराष्ट्र कांग्रेस को, कर्णाटक कांग्रेस हो, सभी जगह के अध्यक्ष किसी ने किसी नेता के बच्चे है |

Shahzad Poonawala said that as many as the state president of the Congress, i.e. the state president is the children of all the leaders. The president of every state is the child of a leader. There is no place for ordinary people in Congress. Whether it is the Rajasthan Congress, the Maharashtra Congress, the Karnataka Congress, the president of every place is the leader of any leader.

शहज़ाद पूनावाला ने ये भी बताया की राहुल गाँधी अब अध्यक्ष बनाये जा रहे है, वो चुने हुए अध्यक्ष नहीं होंगे, बल्कि थोपे हुए अध्यक्ष होंगे, कांग्रेस अध्यक्ष के लिए चुनाव बस नाममात्र एक बहाना है, अध्यक्ष राहुल गाँधी को ही बनना है, ऐसे में कांग्रेस के किसी भी अन्य नेता के पास अध्यक्ष बनने का कोई विकल्प ही नहीं है चाहे कितना ही काबिल क्यूँ ना हो, अध्यक्ष तो राहुल गाँधी ही बनेंगे |

Shahzad Poonawala also told that Rahul Gandhi is now being appointed as president, he will not be elected president, but rather a presiding president, the election for the Congress president is simply a pretext, it is to become president Rahul Gandhi, in such a way There is no alternative to any other Congress leader to become president, no matter how much he can be competent, the President will become Rahul Gandhi.

शहज़ाद पूनावाला ने बताया की कांग्रेस में काबिल लोगों को नहीं बल्कि परिवारवाद से निकले लोगों को ही स्थान मिलता है, राष्ट्रीय अध्यक्ष का पद हो या फिर राज्य अध्यक्षों का पद हो, सब पर परिवारवाद से निकले नेताओं का कब्ज़ा है, साधारण लोगों के लिए इस पार्टी में कोई स्थान ही नहीं है |

शहज़ाद पूनावाला ने बताया की कांग्रेस में काबिल लोगों को नहीं बल्कि परिवारवाद से निकले लोगों को ही स्थान मिलता है, राष्ट्रीय अध्यक्ष का पद हो या फिर राज्य अध्यक्षों का पद हो, सब पर परिवारवाद से निकले नेताओं का कब्ज़ा है, साधारण लोगों के लिए इस पार्टी में कोई स्थान ही नहीं है |

यह भी देखे :

https://www.youtube.com/watch?v=6KzO3XxanXM