पीएम मोदी ने किया कांग्रेस के खिलाफ सबसे बड़ा खुलासा कांग्रेस खेमे में हलचल

भीलवाड़ा (राजस्थान)। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने सोमवार को कहा कि भारत 26/11 मुंबई आतंकी हमले व उसके दोषियों को कभी नहीं भूलेगा और हम उचित समय का इंतजार कर रहे हैं क्योंकि कानून अपना काम करेगा। यहां एक चुनावी जनसभा को संबोधित करते हुए मोदी ने कहा, “भारत 26/11 हमले को कभी नहीं भूलेगा और न ही उसके दोषियों को। हम उचित समय का इंतजार कर रहे हैं।” इस दौरान सभा में मौजूद लोगों ने उन्हें प्रोत्साहन दिया।

उन्होंने कहा, “कानून अपना काम करेगा। मैं देश को आश्वस्त करना चाहता हूं।”

2008 में 26/11 हमले पर राजनीति करने के लिए कांग्रेस पर निशाना साधते हुए मोदी ने कहा, “आज जब 26 नवंबर है, जब दिल्ली में रिमोट कंट्रोल के माध्यम से मैडम का राज चलता था, तब महाराष्ट्र में कांग्रेस की सरकार थी। उस वक्त महाराष्ट्र में भी कांग्रेस की सरकार थी और दिल्ली में भी कांग्रेस की सरकार थी और मुंबई में 26/11 आतंकियों ने हमला करके हमारे देश के नागरिकों को, जवानों को गोलियों से भून दिया था।

Narendra Modi

उन्होंने कहा, “उस आतंकवाद की भीषण घटना को आज 10 साल हो रहे हैं। मुझे याद है कि जब मुंबई में आतंकवाद की घटना घटी थी उस समय राजस्थान में चुनाव अभियान चल रहा था।”

मोदी ने कहा कि जब भी कोई अन्य पार्टी का नेता हमले की निंदा करता तो कांग्रेस नेता उसपर राजनीति करने का आरोप लगा दिया करते थे।

उन्होंने कहा, “तब वे (कांग्रेस) क्या कहते थे, मुझे अभी भी याद है। वे कहते थे कि यह युद्ध है, पाकिस्तान ने भारत पर हमला किया है। और यह लोग राजनीति कर रहे हैं। उस वक्त केंद्र सरकार को हाथ मजबूत करने चाहिए थे और आतंकी हमलों पर राजनीति नहीं होनी चाहिए। वे उस समय बड़े-बड़े उपदेश दे रहे थे।”

प्रधानमंत्री ने कांग्रेस पर राजस्थान चुनाव में जीत हासिल करने के लिए 26/11 मुंबई हमले का इस्तेमाल करने का आरोप लगाया और सीमा पार भारतीय सशस्त्र बलों द्वारा की गई सर्जिकल स्ट्राइक को लेकर सवाल उठाने पर पार्टी पर हमला बोला।

Narendra Modi

उन्होंने कहा, “मैं कांग्रेस से पूछना चाहता हूं कि 10 साल पहले जब इतनी बड़ी घटना घटी, पूरी दुनिया हैरान थी और कांग्रेस उस समय उसमें चुनाव जीतने के हथकंडे अपना रही थी।”

मोदी ने कहा, “वहीं कांग्रेस उस समय देशभक्ति के पाठ पढ़ाती थी। जब मेरे देश की सेना ने पाकिस्तान को उसके घर में जाकर सर्जिकल स्ट्राइक किया, आतंकवादियों का हिसाब चुकता किया। ऐसे समय कांग्रेस ने सवाल उठाया कि वीडियो दिखाओ वीडियो सर्जिकल स्ट्राइक हुआ या नहीं।”

उन्होंने कहा, “क्या देश का जांबाज जवान ऐसे ऑपरेश्न में हाथ में कैमरा लेकर जाएगा? उस वक्त उन्हें देशभक्ति याद नहीं आई?”

मोदी ने यह भी कहा कि उनके चार के शासन के दौरान जम्मू एवं कश्मीर में आतंकी हमलों पर लगाम लगाई गई।

उन्होंने कहा, “याद करिए वो वक्त जब देश ृभर में आतंकी घटनाएं होती थी। हमने आतंकवाद के खिलाफ ऐसे लड़ाई लड़ी है कि उनको कश्मीर की धरती के बाहर निकलना मुश्किल हो रहा है क्योंकि उन्होंने अपनी मौत देख ली है।”

राजस्थान की 200 सदस्यीय विधानसभा के लिए सात दिसंबर को चुनाव होना है। मतगणना 11 दिसंबर को होगी।

source:hindi.roomsnewspost

कर्णाटक चुनाव से पहले गुजरात में कांग्रेस का बवाल,खतरनाक साजिश का हुआ पर्दफाश,जनेऊधारी के कपडे उतरने की बारी

पिछले 2 दिनों से भारतीय मीडिया गुजरात को लेकर एक खबर बहुत बड़े पैमाने पर चला रही है! जरा सोचिये की आखिर इस खबर को किसके इसारे पर चलाया जा रहा है! क्या झूठी खबर फैलाकर राजनितिक पार्टिया सत्ता हासिल करना चाहती है! मीडिया के साथ साथ कई बड़े बड़े नेता भी इस खबर को ट्वीट कर रहे है – बताया जा रहा है की गुजरात में एक दलित लड़के को सवर्णों ने इसलिए मार दिया क्यूंकि दलित युवक घोडा खरीदकर लाया और उसने घोड़े को राइड किया, भारतीय मीडिया और विपक्षी दल के नेता इस खबर को तेजी से फैला रहे है! ताकि गुजरात सरकार को बदनाम किया जाये जिसका फायदा आगामी आने वाले चुनावो में हो सके!

कुछ दिनों पहले भी जब बामपंथी पत्रकार गौरी लंकेश की हत्या हुयी थी तब भी कुछ पत्रकार और नेता बिना किसी सबूत के हिंदूवादी संगठनों पर इल्जाम लगाना शुरू कर दिया था! और अब इस मामले में भी ऐसा ही कुछ देखने को मिल रहा है! पहले हम आपको दिखाते है इस खबर को भारतीय मीडिया के अलावा कितने बड़े बड़े नेता फैला रहे है, फिर आपको पूरा सच भी दिखायेंगे!

Even a few days ago, when journalist Gauri Lankesh was murdered, some journalists and leaders had started charging Hindus outfits without any evidence! And now in this case, something similar is happening! First we show you how many big leaders are spreading this news besides the Indian media, then you will also show the whole truth!

ये ऊपर आप देख रहे है की किस तरह इंडियन एक्सप्रेस नाम का अख़बार और NDTV इस खबर को चला रहा है की गुजरात में घोडा राइड करने पर सवर्णों ने दलित की हत्या कर दी, ये सिर्फ 2 मीडिया का हम आपको उदाहरण दे रहे है, बाकि सभी सेक्युलर मीडिया इस खबर को चला रही है! यहाँ तक की कांग्रेस के बड़े नेता भी इस खबर को सोशल मीडिया पर शेयर कर रहे है!

On top of this, you see how the newspaper of Indian Express and NDTV is running the news that while riding a horse in Gujarat, the upper castes killed Dalits, we are giving examples of just 2 media, but All the secular media is running this news! Even big leaders of Congress are sharing this news on social media!

https://www.facebook.com/jitendrapratapsingh111/videos/1621702954593357/

इस खबर के बारे में पुरे देश को सोशल मीडिया व्हाट्सप्प के माध्यम से बताया जा रहा है की गुजरात में घोडा राइड करने पर सवर्णों ने दलित लड़के को मार दिया, इस खबर को फ़ैलाने का मकसद है की दलितों और बाकि हिन्दुओ के बीच में खाई को अधिक से अधिक गहरा करना, और हिन्दुओ को बुरी तरह तोड़ देना, अब आप इस खबर के सच को देखिये!

About this news, the entire country is being told through social media whotsap that if the horse riding in Gujarat, the upper castes killed the dalit boy, the purpose of spreading the news is that the ditch between the Dalits and the rest of Hindus Deepen deeper, and break the Hindus badly, now you see the truth of this news!

दलित युवक दलित युवक प्रदीप राठोड की हत्या पर देखिये भावनगर के एसपी प्रवीण मल ने क्या कुछ कहा- “प्राथमिक जांच में कोई सबूत नहीं पाया गया है कि वह एक घोड़ा रखने के लिए मार डाला गया था। इस हत्या के पीछे कुछ व्यक्तिगत विवाद हो सकते है! आगे की जांच चल रही है”

Look at the murder of a Dalit youth Dalit youth Pradeep Rathore. Bhavnagar SP Praveen Mal said something – “There is no evidence in the preliminary investigation that he was killed to keep a horse. There can be some personal dispute behind this murder! Further investigation is going on ”

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https://youtu.be/Uzs16fYnw1k

https://youtu.be/VxtYK7YXsQ8

source name:political report

बड़ी खबर: कार्ति को अंतरिम राहत देने वाले मी-लार्ड को लेकर हुआ ऐसा सनसनीखेज खुलासा, जिसे सुन PM मोदी समेत दंग रह गए अमित शाह..

नई दिल्ली : 60 वर्षों के कोंग्रेसी राज में देश की हालत किस कदर बिगड़ चुकी है, इसका अंदाजा आपको इस खबर को पढ़कर हो जाएगा. राजनीति से लेकर प्रशासन और यहाँ तक कि न्यायपालिका तक में घुन लग चुका है. कांग्रेस ने बड़ी ही सफाई से अपने चमचे न्यायपालिका में फिट कर दिए, जिनके कारण आज भी भ्रष्ट कांग्रेस नेता मजे से बाहर घूम रहे हैं.

ईडी ने नहीं मांगी हिरासत, मी लार्ड ने खुद आगे बढ़कर दी कार्ति को राहत
दिल्ली हाई कोर्ट ने कार्ति चिदंबरम को प्रवर्तन निदेशालय के मनी लॉन्ड्रिंग मामले में 20 मार्च तक गिरफ्तारी से अंतरिम राहत दे दी है. हाई कोर्ट ने कहा कि सीबीआई के मामले में अगर सुनवाई कर रही अदालत कार्ति को जमानत देती है, तो उस स्थिति में प्रवर्तन निदेशालय अगली तारीख तक उन्हें गिरफ्तार नहीं कर सकता.

मगर मजे की बात तो ये है कि प्रवर्तन निदेशालय ने कार्ति की की गिरफ़्तारी या हिरासत मांगी ही नहीं थी, मी लार्ड ने खुद आगे बढ़कर कार्ति को अंतरिम राहत दे दी. बीजेपी नेता डॉक्टर सुब्रमण्यम स्वामी ने खुद ट्वीट करके इस बात की जानकारी दी है. आपने दाल में कुछ काला होने की बात तो सुनी होगी, मगर यहाँ तो सारी दाल ही काली है.

क़त्ल भी कर दूँ, तब भी कोई जेल नहीं भेज सकता !
डाटा साइंटिस्ट गौरव प्रधान के मुताबिक़ कोर्ट के बाहर पहले ही सेटिंग की जा चुकी थी कि कार्ति को हर हाल में अंतरिम राहत तो देनी ही है. उन्होंने अपने एक ट्वीट में बताया कि कोर्ट के अंदर कार्ति ने यहाँ तक कह दिया कि, “अगर मैं क़त्ल भी कर दूँ, तब भी कोई मुझे जेल नहीं भेज सकता.”

https://twitter.com/DrGPradhan/status/972021089802047488

कोर्ट के अंदर कार्ति के वकील सिब्बल ने कहा कि उन्हें अंतरिम राहत चाहिए, जिसपर मी लार्ड ने तत्काल अपनी स्वीकृति दे दी. एडिशनल सॉलिसिटर जनरल तुषार मेहता इसके खिलाफ करीब 40 मिनट तक तर्क देते रहे, मगर मी लार्ड ने उनकी एक नहीं सुनी. मानो वो तो पहले से मन बनाकर बैठे थे कि कार्ति को अंतरिम राहत देनी ही है.

https://twitter.com/DrGPradhan/status/972026721993216000

पी चिदंबरम के खासमखास हैं मी लार्ड?
एक और बड़ा खुलासा ये भी हुआ है कि सिब्बल की न्यायपालिका में अच्छी पैठ है और उसने ही अपने प्रभाव का इस्तमाल करके जस्टिस मेथा और जस्टिस मुरलीधर बेंच द्वारा इस मामले की सुनवाई करवाई. गौरव प्रधान ने यहाँ तक बताया कि कार्ति को अंतरिम राहत देने वाले जस्टिस मुरलीधर तो दरअसल पी चिदंबरम के साथ बतौर जूनियर वकील काम करते थे. यानी कोंग्रेसी लिंक्स साफ़ जाहिर होते हैं, कायदे से जस्टिस मुरलीधर को इस केस से खुद को अलग कर लेना चाहिए था, मगर उन्होंने ऐसा नहीं किया.

https://twitter.com/DrGPradhan/status/972030691675463681

मोदी के खिलाफ साजिशों में शामिल हैं मी लार्ड की पत्नी भी?
केवल जस्टिस मुरलीधर ही नहीं बल्कि उनकी पत्नी उषा रामनाथन के बारे में भी कुछ बातें जान लीजिये. मोदी सरकार ने आधार के इस्तमाल से फर्जी राशन कार्ड से लेकर फर्जी सिम कार्ड तक पकडे हैं. सब्सिडी भी बैंक एकाउंट्स में दी जाने लगी है. यानी दलालों के भ्रष्टाचार को करीब-करीब ख़त्म कर दिया है. इसीलिए आधार का साजिशन विरोध किया जा रहा है.

आधार के खिलाफ कोर्ट में केस लड़ने वाली वकील हैं उषा रामनाथन. चिदंबरम के खासमखास जस्टिस मुरलीधर की पत्नी उषा रामनाथन पूरी कोशिशों में जुटी हैं कि किसी तरह से आधार को ख़त्म किया जा सके, ताकि लूट आसानी से चलती रहे.

द वायर में लेखक हैं मी लार्ड की पत्नी
आपने द वायर वेबसाइट का नाम तो सुना ही होगा, जो मोदी विरोधी व् वामपंथी एजेंडे की ख़बरें छापने के लिए बदनाम है. जिसने बीजेपी राष्ट्रीय अध्यक्ष अमित शाह के बेटे जय शाह की कंपनी के टर्नओवर को लेकर झूठी खबर छापी थी कि, अमित शाह के बेटे की कंपनी का टर्नओवर मोदी सरकार आने के बाद 16000 गुना बढ़ गया. जिसके बाद जय शाह ने ‘द वायर’ पर 100 करोड़ रुपये का मानहानि का केस तक कर दिया था.

द वायर ने ही भारतीय सेना द्वारा कश्मीर में आतंकियों के मारे जाने की तुलना जलियांवाला बाग गोलीकांड से करते हुए जनरल बिपिन रावत की तुलना जनरल डायर से की थी. जस्टिस मुरलीधर की पत्नी उषा रामनाथन भी द वायर में बतौर लेखक काम करती हैं.

देखें ये वीडियो :

source zee news

अभी अभी: गैस सिलेंडरों को लेकर जबरदस्त खुशखबरी, मोदी सरकार लाई है ये बड़ा बदलाव- कांग्रेस के उड़े होश..

नई दिल्ली : होली से पहले तेल कंपनियों ने गैस सिलेंडर की कीमतों में कटौती कर अपने ग्राहकों को बड़ा तोहफा दिया है. इस बार नॉन सब्सिडी वाले सिलेंडर के साथ ही सब्सिडी वाले सिलेंडर की कीमतों में भी कमी की गई है. साथ ही कामर्शियल यूज में आने वाले 19 किलो के सिलेंडर की कीमतों में भी कटौती की गई है. सिलेंडर की कीमतों में हुई कटौती 1 मार्च से लागू हो गई है. गैस सिलेंडर की कीमतों में की गई यह कटौती इंडियन ऑयल की आधिकारिक वेबसाइट से सामने आई है.

New Delhi: Before Holi, oil companies have given a big gift to their customers by cutting prices of gas cylinders. This time, the cylinders of subsidized cylinders have also been reduced with the subsidized cylinders. Also, the prices of 19 kg cylinders coming in the commercial use have also been cut. The cut in cylinder prices has come into effect from March 1. This cut in gas cylinder prices has come out from the official website of Indian Oil.

47 रुपये की कमी
इंडियन ऑयल की ऑफिशियल वेबसाइट पर दी गई जानकारी के अनुसार बिना सब्सिडी वाले 14.2 किलोग्राम के घरेलू सिलेंडर की कीमत में 45.50 रुपए प्रति सिलेंडर से लेकर 47 रुपए प्रति सिलेंडर तक की कटौती की गई है. दिल्ली में बिना सब्सिडी वाले गैस सिलेंडर की कीमत 47 रुपये कम होकर 689 रुपये हो गया है. वहीं कोलकाता में सिलेंडर की कीमत में 45.50 रुपये की कटौती के बाद यह 711.50 रुपये का मिलेगा. इसके अलावा मुंबई में 47 रुपये कम होकर नई कीमतें 661 रुपये पर पहुंच गई हैं. चेन्नई में 46.50 रुपये घटकर अब बिना सब्सिडी वाले सिलेंडर के लिए 699.50 रुपये चुकाने होंगे.

Lack of Rs 47
According to the information given on Indian Oil’s official website, the price of domestic cylinders for 14.2 kg of non-subsidized households has been reduced from Rs 45.50 per cylinder to Rs 47 per cylinder. In Delhi, the price of non-subsidized gas cylinders has dropped from Rs 47 to Rs 689. At the same time, after deduction of Rs 45.50 in the price of cylinders in Kolkata, it will get Rs 711.50. Apart from this, Mumbai has lost Rs 47 and new prices have reached Rs 661. In Chennai, the reduction of Rs 46.50 will now cost Rs 699.50 for non-subsidized cylinders.

सब्सिडी वाला सिलेंडर भी सस्ता
सब्सिडी वाले रसोई गैस सिलेंडर की कीमत में इंडियन ऑयल ने ढाई रुपये से भी ज्यादा की कमी की है. अब आपको 1 मार्च से सब्सिडी वाले सिलेंडर के लिए दिल्ली में 493.09 रुपये देने होंगे, पहले इसके लिए 495.63 रुपये देने होते थे. वहीं कोलकाता में दाम 2.53 रुपये कम हो गए हैं, अब नई कीमतों के अनुसार ग्राहकों को 496.60 रुपये का और मुंबई में 2.55 रुपये कम होकर 490.80 रुपये का भुगतान करना होगा. वहीं चेन्नई में सिलेंडर की कीमतों में 2.48 रुपये की कटौती के बाद 481.21 रुपये देने होंगे.

Subsidized cylinders are also cheap
In the price of subsidized cooking gas cylinders, Indian Oil has slashed more than two and a half rupees. Now you will have to pay Rs 493.09 in Delhi for subsidized cylinders from March 1, for the first time it would have been Rs 495.63. In Kolkata, prices have decreased by Rs 2.53, now according to the new prices, customers will have to pay Rs 496.60 and Rs 2.55 in Mumbai to pay Rs 490.80. At the same time, the price of cylinder at Chennai would be Rs 481.21 after the reduction of 2.48 rupees.

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कमर्शियल सिलेंडर भी सस्ता
19 किलो वाले कमर्शियल सिलेंडर की कीमतों में भी 77 रुपए से लेकर 80 रुपए तक की कटौती की गई है. दिल्ली में इसका दाम 78.50 रुपए घटकर 1230 रुपये, कोलताता में 77 रुपये घटकर 1270.50 रुपये, मुंबई में 79 रुपये घटकर 1181 रुपये और चेन्नई में 80 रुपये घटकर 1307 रुपये प्रति सिलेंडर हो गया है.

Royal Enfield Bike, Excite and Prices Read

Commercial cylinders are also cheap
The prices of 19-kg commercial cylinders have also been cut from 77 to 80 rupees. In Delhi, it declined by Rs 78.50 to Rs 1230, in Kolkata, Rs 77, Rs 1270.50, Rs 79 in Mumbai, Rs 1181 in Mumbai and Rs 80 in Chennai at Rs 1307 per cylinder.

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https://youtu.be/1YmeDP0wOXs

https://www.youtube.com/watch?v=k87GwTUEGuQ&t=18s

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राम सेतु के तथ्य जो अब तक कांग्रेस ने सामने नहीं आने दिए थे !

हैदराबाद स्तिथ नेशनल रिमोट सेंसिंग एजेंसी NSRA, जो कि डिपार्टमेंट ऑफ़ स्पेस का भाग है, के द्वारा छपी पुस्तक ‘IMAGES INDIA’ के अनुसार भारत और श्री लंका के बीच PALK STRAIT नामक स्थान पर पुल मौजूद है

A book ‘Images India’ published by the Hyderabad-based National Remote Sensing Agency (NRSA) that comes under the Department of Space, says the satellite images have revealed an ‘ancient bridge between India and Sri Lanka in Palk strait’.

पुस्तक में खुलासे, मुख्य भूमि को एक और द्वीप के साथ जोड़ने वाला सेतु मानव निर्मित है जो की सरकार ने आज तक बनाए रखा है कि सेतु विशाल tombolos द्वारा बनाई है, के विपरीत हैं। यह ASI (भारतीय पुरातत्व विभाग) की उन खोजों को भी सिरे से ख़ारिज करता हे जो श्री राम के एतिहासिक और वैज्ञानिक अस्तित्व को नकारने का दावा करती हैं | भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण (ASI), जो यह भी कहते हैं, ‘कोई ऐतिहासिक या वैज्ञानिक’ भगवान राम या राम सेतु के अस्तित्व के सबूत नहीं है, के निष्कर्षों के विपरीत है।

The revelations in the book are in contrast to what the government has been maintaining so far that the Sethu is formed by giant tombolos – bars of sand connecting an island with another island of the mainland.

यह ASI (भारतीय पुरातत्व विभाग) की उन खोजों को भी सिरे से ख़ारिज करता हे जो श्री राम के एतिहासिक और वैज्ञानिक अस्तित्व को नकारने का दावा करती हैं |

It also contradicts the findings of the Archaeological Survey of India (ASI), which says there is no ‘historic or scientific’ evidence of the existence of Lord Ram or Ram Sethu.

राम सेतु, जो बहुत ध्यान में है, ‘मनुष्य-बना और प्राचीन महाकाव्य, रामायण’ में एक गूंज हो सकता है, पिछले हफ्ते संसद में पेश एक सरकारी प्रकाशन का समर्थन करता है।

The Rama Sethu, which is under much focus, could be ‘man-made and has an echo in the ancient epic, the Ramayana’, concurs a government publication tabled in parliament last week.

पुल की उत्पत्ति एक रहस्य है पुरातात्विक अध्ययनों से पता चला है कि पुल प्राचीन युग में लगभग 1,750,000 साल है। इसकी संरचना से पता चलता है कि यह मानव निर्मित हो सकता है, यह उप-शीर्षक के तहत कॉफी टेबल बुक के पेज 39 पर कहता है ‘ संरचनाएं ‘। ‘यह 30 किमी लंबा पुल, एडम के पुल के रूप में नामित है, शोल की एक श्रृंखला से बना है और श्रीलंका में दक्षिण भारत में रामेश्वरम को जोड़ता है।’ यह कहने पर चला जाता है: ‘यह प्राचीन भारतीय महाकाव्य में एक प्रतिध्वनि है, रामायण । महाकाव्य के अनुसार, इस तरह के एक पुल को भगवान श्री राम और उनके अनुयायियों द्वारा श्रीलंका पहुंचने के लिए बनाया गया था। अध्ययन अभी भी चल रहे हैं लेकिन पुल को प्राचीन इतिहास का एक उदाहरण माना जाता है। ‘

The origin of the bridge is a mystery. Archaeological studies have revealed that the bridge dates back to the primitive age that is about 1,750,000 years.’ ‘Its structure suggests that it may be man-made,’ it says on page 39 of the coffee table book under the sub-title ‘Stunning Structures’. ‘This 30 km long bridge, named as Adam’s bridge, is made of a chain of shoals and links Rameshwaram in the south India to Sri Lanka.’ It goes on to say: ‘This has an echo in the ancient Indian epic, the Ramayana. According to the epic, such a bridge was built by Lord Rama and his followers to reach Sri Lanka. Studies are still on but the bridge is seen as an example of ancient history.’

यह 30 किमी लम्बा पुल जिसको ADAMS ब्रिज भी कहा जाता है  छोटे छोटे द्वीपों और टापुओं  की एक श्रंखला है जो की भारत से 11 KM दूर श्रीलंका को जोड़ता है | पुरातत्व खोजों के अनुसार पाया गया की इसकी उम्र 1750000 वर्ष है | इसकी बनावट बताती है की यह मानव निर्मित है | STUNNING STRUCTURES नामक पुस्तक के प्रष्ठ संख्या 39 पर इसके बारे में यह सब वर्णित है | यह इसके बारे में आगे भी बताता है की इस सब से पता चलता है की राम भारत के ग्रन्थ रामायण में जो कुछ वर्णित है वह सब झूट नहीं है | जिसमे लिखा गया है की यह सेतु का निर्माण भगवान राम व उनके सेवक नल नील ने वानर सेना की सहायता से इसको मात्र 5 दिन में बना कर तैयार कर दिया था |

It also contradicts the findings of the Archaeological Survey of India (ASI), which says there is no “historic or scientific” evidence of the existence of Lord Ram or Ram Sethu. However, Hindu hardliners have protested construction of the canal arguing that it would damage the “ancient” bridge that they say was built by Lord Ram and his army of monkeys to save his wife Sita who had been kidnapped by demon king Ravana and taken to Lanka.

यह भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण (एएसआई) के निष्कर्षों के विपरीत भी है, जिसमें कहा गया है कि भगवान राम या राम सेतु के अस्तित्व का “ऐतिहासिक या वैज्ञानिक” प्रमाण नहीं है। हालांकि, हिंदू कट्टरपंथियों ने नहर के निर्माण का विरोध करते हुए तर्क दिया कि इससे “प्राचीन” पुल को नुकसान पहुंचाएगा जो कि वे कहते हैं कि भगवान राम और उनकी बंदर की सेना ने अपनी पत्नी सीता को बचाने के लिए बनाया था जिसे राक्षस राजा रावण ने अपहरण कर लिया था और लंका ले गया ।

Finally, science has prevailed upon the politics of Congress. Now they have to accept the scientific evidence and should not enter in to vote bank politics. They must accept not only Lord Ram but also Ram Sethu,” a jubilant party spokesman Prakash Javadekar told IANS. The canal issue and the ASI affidavit had put the former government and former Prime Minister Manmohan Singh and the Congress in a major embarrassment. Earlier, Tamil Nadu Chief Minister and DMK patriarch Muthuvel Karunanidhi had questioned the existence of Lord Ram, which led to massive protests in many parts of the country with mobs resorting to arson and even attacking his house in Bangalore.

अंत में, विज्ञान ने कांग्रेस की राजनीति पर प्रहार किया  है। अब उन्हें वैज्ञानिक प्रमाण स्वीकार करना होगा की वोट बैंक की राजनीती के लिए राम को भूल गयी कांग्रेस को जनता एक दिन भुला देगी । अब उन्हें केवल भगवान राम ही नहीं बल्कि राम सेतु भी स्वीकार करना चाहिए | बीजेपी के प्रवक्ता प्रकाश जावड़ेकर ने  इस संधर्भ में बताते हुए कहा  नहर के मुद्दे और एएसआई हलफनामे ने पूर्व सरकार और पूर्व प्रधान मंत्री मनमोहन सिंह और कांग्रेस को एक बड़ी शर्मिंदगी में डाल दिया था। इससे पहले, तमिलनाडु के मुख्यमंत्री और द्रमुक के कुलपति मुथुवेल करुणानिधि ने भगवान राम के अस्तित्व पर सवाल उठाया था,|

यह भी देखे :

https://www.youtube.com/watch?v=8ImzYyVUuNQ

पूर्व कांग्रेसी नेता ने किया यह बड़ा खुलासा- राहुल गाँधी को देश से ज्यादा अपना कुत्ता प्यारा है !

राहुल गांधी ट्विटर पर खासे सक्रिय हो गए हैं। गुजरात चुनावों के प्रचार के दौरान राहुल गांधी के ट्वीट्स चर्चा का विषय बने हुए हैं। इस बीच ट्विटर पर लोकप्रियता के लिए राहुल पर बॉट्स के इस्तेमाल का भी आरोप लगा और बीजेपी ने उनपर निशाना भी साधा। राहुल गांधी ने ट्वीट के जरिये इसका जबाब दिया है! लेकिन पूर्व कांग्रेसी नेता हेमंता शर्मा ने राहुल को उनकी एक पुराणी करतूत को याद दिलाया और बताया की कांग्रेस में इंसानो से ज्यादा तवज्जो कुत्तो की है |

Rahul Gandhi has become very active on Twitter. Rahul Gandhi’s tweets have been the subject of discussion during the campaigning of Gujarat elections. Meanwhile, for the popularity of Twitter, Rahul was also accused of using bots and BJP also targeted him. Rahul Gandhi has given the answer through tweet! But former Congress leader Hemant Sharma reminded Rahul of one of his old deeds and told that more than the people of Congress, they prefer dogs rather than people.

हिमंता शर्मा असम में बीजेपी सरकार के मंत्री है, असम में अब बीजेपी की सरकार है, पर पहले वहां कोंग्रस की सरकार थी, और हिमंता शर्मा कांग्रेस के नेता हुआ करते थे, पर एक घटना के बाद अपमानित होने के बाद उन्होंने कांग्रेस छोड़ दिया था, कांग्रेस में कोई ऐसा व्यक्ति जिसमे आत्मसम्मान हो वो रह ही नहीं सकता, सिर्फ निर्लज्ज तरह के लोग ही कांग्रेस में टिकते है |

Himanta Sharma is the BJP government minister in Assam, now BJP is in Assam, but earlier it was the Congress government, and Himanta Sharma used to be the leader of the Congress, but after leaving an incident, he left the Congress. In Congress, a person who has self-esteem can not live, only innocent people live in Congress.

हुआ ये की आज राहुल गाँधी ने अपने कुत्ते पीडी का वीडियो ट्विटर पर डाला, और दिखाया की उनका कुत्ता कितना मस्त है, पहले हम भी आपको दिखाते है राहुल गाँधी ने ट्विटर पर क्या डाला!

Today, Rahul Gandhi poured the video of his dog PD on Twitter, and showed how good his dog is, first we also show you what Rahul Gandhi did on Twitter!

राहुल गाँधी का विदेशी ब्रांड का कुत्ता जिसका नाम पीडी है, राहुल गाँधी के इस ट्वीट के बाद हिमंता बिस्वा शर्मा ने ये खुलासा किया, पहले भी आपने इसके बारे में सुना होगा, की राहुल गाँधी एक बार कॉंग्रेसी नेताओं से अपने बंगले में नहीं मिले क्यूंकि वो अपने कुत्ते को बिस्किट खिलाने में बीजी थे, वो घटना क्या थी अब देखिये!

Rahul Gandhi’s foreign brand’s dog named PD, after Rahul Gandhi’s tweet, revealed this by Himanta Biswa Sharma, you must have heard about it earlier, that Rahul Gandhi did not get a single Congressman from his bungalow once. He was a BG to feed his dog biscuit, what was that event, now see!

दरअसल हिमंता शर्मा ही वो नेता थे जो राहुल गाँधी से मिलने उनके बंगले पर गए थे, वो कांग्रेस के वरिष्ठ नेता थे, राहुल गाँधी की कांग्रेस की असम में सरकार भी थी, असम के एक जरुरी मुद्दे पर हिमंता शर्मा राहुल गाँधी से मिलने दिल्ली आये थे, पर राहुल गाँधी अपने इसी कुत्ते पीडी को बिस्किट खिलाने में इतने बीजी थे की उन्होंने अपने पार्टी के वरिष्ठ नेताओं से मुलाकात तक नहीं की! आज हिमंता शर्मा ने राहुल गाँधी को करारा जबाब देते हुए बेनकाब कर दिया |

In fact, Himanta Sharma was the leader who went to meet Rahul Gandhi at his bungalow; he was a senior Congress leader; Rahul Gandhi’s Congress had a government in Assam; On an urgent issue of Assam, Himanta Sharma came to Delhi to meet Rahul Gandhi. But Rahul Gandhi was so busy in feeding biscuits to his own dog PD that he did not meet senior leaders of his party! Today, Himanta Sharma exposes Rahul Gandhi with a written reply.

और इसी के बाद अपमान का घोंट पीकर हिमंता शर्मा बीजेपी में शामिल हो गए, और आज असम में वाकई अच्छा कार्य कर रहे है, इस घटना से साफ़ होता है की राहुल गाँधी के कुत्ते की हैसियत कॉंग्रेसी नेताओं से अधिक है, और जो लोग कांग्रेस में है उनमे आत्मसम्मान नाम की कोई चीज है ही नहीं | कांग्रेस को देश की चिंता है नहीं वो तो अपने कुत्तों के साथ खुश है | वेसे भी उनसे ज्यादा तो कुत्ते ही वफ़ा दार होंगे | इन 10 सालों में कांग्रेस ने देश को जमकर लुटा था और अनेकों घोटले किये थे जिससे देश की अर्थव्यवस्था को भारी नुकसान भी हुआ था | अब इत्ते पैसों का उन्होंने क्या किया ये तो हमें नहीं पता लेकिन यहाँ जो दिख रा है वो साफ़ साफ़ ज़ाहिर कर रहा है के देश और देश के लोगों से ज्यादा कुत्तों को ज्यादा प्यार करती है कांग्रेस |

After this, Hemant Sharma joined BJP in the heat of humiliation, and is working really well in Assam today, it is clear from this incident that Rahul Gandhi’s dog status is more than Congress leaders, and those who are Congress There is no such thing as self-respect in them. Congress is concerned about the country, but she is happy with her dogs. More than that, the dog will be the wafa door. In these 10 years, Congress had looted the country and made many scores, which caused huge loss to the country’s economy. Now we do not know what he did for the money, but what is seen here clearly shows that the Congress loves more dogs than the country and the people of the country.

Source : logicalbharat.com

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शिमला दौरे के वक्त सोनिया को अस्पताल में कराया गया भारती, कांग्रेस कर रही कुछ भी बताने से इंकार !

नई दिल्ली.कांग्रेस प्रेसिडेंट सोनिया गांधी की तबीयत शुक्रवार को अचानक खराब हो गई। वे शिमला दौरे पर गई थीं, इसके बाद उन्हें दिल्ली के गंगाराम हॉस्पिटल में भर्ती कराया गया। चेकअप के बाद डॉक्टर्स ने उन्हें ऑब्जर्वेशन में रखा है। बताया जा रहा है कि उन्हें पेट में दर्द की शिकायत हुई थी। राहुल गांधी ने ट्वीट कर कहा, ”परेशानी की कोई बात नहीं मां अब ठीक हैं। आपके प्यार और चिंता जताने के लिए शुक्रिया।” बता दें कि पिछली बार सोनिया मई में हॉस्पिटल आई थीं।

सोनिया को एयर एम्बुलेंस से दिल्ली लाए
– हॉस्पिटल मैनेजमेंट बोर्ड के प्रेसिडेंट डॉ. डीएस राणा ने बताया कि सोनिया को शाम 5 बजे हॉस्पिटल लाया गया। उनकी हालत अब ठीक है। डॉक्टर इस पर नजर रख रहे हैं।
– बताया जा रहा है कि सोनिया को दिल्ली लाने के लिए दोपहर में एक एयर एम्बुलेंस शिमला भेजी गई थी। इसके साथ डॉक्टर्स की टीम साथ गई थी।
कब-कब बीमार पड़ीं सोनिया गांधी?

– 10 मई को सोनिया को फूड प्वाइजनिंग की शिकायत हुई थी, तब भी उन्हें गंगाराम हॉस्पिटल में भर्ती कराया गया। इसके पहले सोनिया की सेहत काफी दिनों से ठीक नहीं थी। उन्होंने साल की शुरुआत में हुए यूपी इलेक्शन के कैम्पेन में हिस्सा नहीं लिया था।
– फरवरी में सोनिया को सांस लेने में परेशानी हुई थी। वह कुछ दिन हॉस्पिटल में भर्ती रहीं। तब तबीयत खराब होने के लिए मौसम में बदलाव को वजह बताया गया।
– अगस्त, 2016 में बनारस में रैली के दौरान सोनिया की तबीयत खराब हुई थी। तब उन्हें डी-हाइड्रेशन की शिकायत बताई गई। इसके बाद वह इलाज के लिए अमेरिका भी गई थीं।
– 29 मई, 2016 को भी वायरल इन्फेक्शन (बुखार) के चलते सोनिया गंगाराम हॉस्पिटल में भर्ती हुई थीं।

अस्पताल के चेयरमेन डॉ. डीएस राना के मुताबिक शाम पांच बजे सोनिया गांधी को भर्ती कराया गया है. उन्होंने बताया कि पेट में दिक्कत के चलते उन्हें लाया गया है. सोनिया गांधी को डॉक्टर अभी अपनी निगरानी में ही रखेंगे. वहीं राहुल गांधी ने ट्वीट कर बताया कि अब उनकी मां बिल्कुल ठीक हैं | शिमला में सोनिया की बेटी प्रियंका वाड्रा अपना मकान बनवा रही हैं. बताया जा रहा कि सोनिया बेटी का मकान देखने शिमला गई थीं. हिमाचल में चुनाव के ऐलान के चलते भी सोनिया पिछले कुछ समय में कई बार राज्य का दौरा कर चुकी हैं | सोनिया के लगातार बीमार होने की वजह से उनकी राजनीतिक में सक्रियता कम होती जा रही है. जिस वजह राहुल गांधी को पार्टी की कमान सौंपने की बात भी हो रही है |

सोनिया को शुक्रवार को ही शिमला से दिल्ली लाया गया। शाम 5 पांच बजे उन्हें अस्पताल में भर्ती कराया गया। अस्पताल के डॉक्टरों ने बताया कि सोनिया गांधी के स्वास्थ्य को लेकर कोई चिंता की बात नहीं है। पिछले साल भी सोनिया गांधी का उपचार इस अस्पताल में हो चुका है। डॉक्टरों के मुताबिक सोनिया गाँधी अब ठीक हैं और खतरे से बहार हैं | डॉक्टरों ने बोला के ये एक मामूली पेट दर्द था जिसकी वजह से डरने की कोई ज़रूरत नहीं है |

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