अंतराष्ट्रीय मोस्ट वांटेड आतंकी ने राम मंदिर के विवाद को लेकर दे डाली धमकी मोदी-योगी के खिलाफ उगला ज़हर,अगर राम मंदिर बना तो…

नई दिल्ली : एक तरफ राम मंदिर के मुद्दे को सुप्रीम कोर्ट लटकाये जा रहा तो वहीँ अब ऐसी खबर आने लगी है कि मोदी सरकार संसद के शीतकालीन सत्र में राम मंदिर को लेकर कानून बनाएगी. तो वहीँ इस बीच अब राम मंदिर को लेकर मोस्ट वांटेड अंतर्राष्ट्रीय आतंकी ने बहुत बड़ी धमकी दे दी है.

दिल्ली से काबुल तक मचा देंगे तबाही
अभी मिल रही बड़ी खबर के मुताबिक एक तरफ देश में ही बैठे कुछ विपक्षी लोग राम मंदिर को लेकर एकता नहीं दिखा रहे हैं और वहीँ दूसरी तरफ कट्टरपंथी भी अब राम मंदिर के खिलाफ खड़े हो गए हैं. आतंकी सगंठन जैश-ए-मोहम्मद के सरगना मसूद अजहर ने बाबरी मस्जिद को लेकर 9 मिनट का ऑडियो जारी किया है. इस ऑडियो में मसूद अजहर धमका रहा है कि अगर भारत बाबरी मस्जिद की जगह पर राम मंदिर बनाता है, तो दिल्ली से काबुल तक मुसलमान लड़के बदला लेने को तैयार हैं. उसने कहा कि हम लोग पूरी तरह से तबाही फैलाने करने के लिए तैयार हैं.

मसूद ने दावा किया कि काबुल और जलालाबाद में भारतीय संस्थानों को निशाना बनाया गया था. अजहर ने ऑडियो में कहा कि हमारी बाबरी मस्जिद को गिराकर वहां अस्थाई मंदिर बनाया गया है, वहां हिंदू लोग त्रिशूल के साथ इकट्ठे हो रहे हैं. मुसलमान लोगों को डराया जा रहा है, एक बार फिर हमें बाबरी मस्जिद बुला रही है.

ऑ़़डियो में जैश सरगना बोल रहा है कि हम बाबरी मस्जिद पर नजर बनाए बैठे हैं, तुम सरकारी खर्च करने का माद्दा रखते हो तो हम जान खर्च करने के लिए तैयार हैं. इतना ही नहीं इस ऑडियो में अजहर ने करतारपुर कॉरिडोर के बारे में भी टिप्पणी की. उसने पाकिस्तानी सरकार द्वारा भारत के मंत्रियों को बुलाने पर नाराजगी व्यक्त की.

इस ऑडियो में मसूद अजहर ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के खिलाफ भी काफी जहर उगला. उसने पीएम मोदी और सीएम योगी के लिए अपशब्द बोले हैं.

बता दें कि बीते कुछ दिनों में जिस तरह भारत की ओर से आतंकियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई और सख्ती भरी भाषा का प्रयोग किया गया है उससे उनके आका बौखलाए हुए हैं. यही कारण है कि अब ये बौखलाहट इस तरह की गीदड़ भभकी से सामने आ रही है.

साफ़ देखा जा सकता है कि कैसे कैसे आतंकी, कट्टरपंथी राम मंदिर के खिलाफ खड़े हो गए हैं और देश में ही कुछ हिन्दू ऐसे हैं जो राम मंदिर के लिए एक नहीं होते हैं. इतने दशकों से राम मंदिर का मुद्दा लटका हुआ है. कांग्रेस के वकील इसका हमेशा से विरोध करते आ रहे हैं. इससे पहले कांग्रेस नेताओं ने तो भगवान राम को काल्पनिक तक बता दिया था.

कितने शर्म कि बात है कि एक तरफ वहां पाकिस्तान में हज़ारों मंदिर को तबाह कर दिया गया. हिन्दुओं को पलायन करने पर मज़बूर किया गया. उन पर अत्याचार किये गए. आज उनकी आबादी सिर्फ 1.8 % रह गयी है और यहाँ भारत में हिन्दू अपने आराध्य का एक मंदिर नहीं बना पा रहे हैं.

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राम मंदिर के लिए CM योगी ने लिया जबरदस्त फैसला कांग्रेस की साजिश को किया नाकाम पुरे कांग्रेस में हड़कंप

नई दिल्ली : विरोधियों की साजिशों का उपयोग भी अपने फायदे के लिए कर लेना, इसमें उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ कितना माहिर हैं, इसका पता इस खबर को पढ़कर आपको भी हो जाएगा. कांग्रेस समेत मुस्लिम संगठनों ने दबाव बना कर राम मंदिर का मामला अदालत में लटकवा दिया, उन्हें लगा कि यदि बीजेपी ने राम मंदिर लोकसभा चुनाव से पहले बनवा लिया तो देश में मोदी व् योगी की ऐसी प्रचंड लहर चलेगी, जो कांग्रेस को ख़ाक का देगी, मगर राम मंदिर का विरोध करके कांग्रेस ने अपने ही पैरों पर कुल्हाड़ी मार ली है

राम मंदिर बनने में देरी होने के कारण सीएम योगी ने पूरे योगी को राम नाम से पाटने का मानो फैसला कर लिया है. अगर मंदिर जल्दी बन जाता तो सिर्फ मंदिर ही बन पाता, मगर अब तो पूरे यूपी में राम ही राम दिखाई देंगे.

उत्तर प्रदेश की योगी सरकार अयोध्या में भगवान श्रीराम की प्रतिमा लगाने के आदेश के बाद अब रामलीला मैदान बनाने की तैयारी कर रही है। इस कड़ी में पहले 10 जिलों गोरखपुर, लखनऊ, वाराणसी, अयोध्या, प्रयागराज, चित्रकूट, बरेली, आगरा, फिरोजाबाद और सहारनपुर में रामलीला मैदान तैयार करने का आदेश संबंधित जिलाधिकारियों को दिया गया है।

जहां पहले से रामलीला मैदान बने हैं, उनका कायाकल्प भी किया जायेगा। प्रदेश के सभी डीएम से उनके जिलों में सबसे पुराने और सबसे बड़े रामलीला मैदान/स्थानों पर तत्काल काम शुरू करने के लिए कहा गया है। इसके अलावा रामलीला मैदान के प्रवेश द्वार पर एक बड़ा गेट बनाया जाएगा जिसका नाम अयोध्या, मिथिला, जनकपुर, पंचवटी और चित्रकूट के नाम पर रखा जायेगा।

अयोध्या को अंतर्राष्ट्रीय स्तर का पर्यटन स्थल

वही दूसरी तरफ सीएम योगी अयोध्या को अंतर्राष्ट्रीय स्तर का पर्यटन स्थल भी बना रहे हैं. भारतीय रेलवे ने राम भक्तों के लिए रामायण एक्सप्रेस ट्रेन पहले ही चलवा दी है. अयोध्या के रेलवे स्टेशन को एक भव्य मंदिर का अकार दिया जाएगा. दिवाली अब एक दिन तीन दिन तक मनाई जाती है. पूरे अयोध्या की दीवारों में सिर्फ रामायण के ही चित्र हैं. इस सबसे जो वो कट्टरपंथी शक्तियां है वे दूर ही रहेंगी और जहाँ तक नज़र जायेगी सिर्फ भगवान राम का ही नाम होगा.

यूपी के कुछ जिलों में पहले से रामलीला मैदान हैं। जबकि कई ऐसे भी जिले हैं, जहां रामलीला मैदान नहीं है। रामलीला मैदान के लिए सबसे पहले जमीन निर्धारित की जाएगी। इसके बाद 6 से 8 फीट ऊंची चारदीवारी बनाई जायेगी। दीवार के दोनों तरफ रामायण के प्रसंग से जुड़ी कहानियां उकेरी जायेंगी।

मंदिर बनने के आदेश में कांग्रेस जितना ज्यादा टांग अड़ायेगी और न्यायपालिका जितना ज्यादा देर लगाएगी, उतना ही ज्यादा तेजी से राम नाम देशभर में फैलेगा. सीएम योगी तो मानो विरोधियों को उन्ही की चाल में चित्त करने में तेजी से लगे हैं. जब तक मंदिर पर फैसला आएगा, तब तक पूरे यूपी का भगवाकरण हो चुका होगा.

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संबित पात्रा ने आचार्य प्रमोद को दिया मूंह तोड़ जवाब, कहा -राम रहीम की तरह मत उछलो !

उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने दिवाली के मौके पर अयोध्या में पूजा अर्चना की। सीएम योगी ने अयोध्या में सरयू तट पर भगवान राम की 100 मीटर ऊंची मूर्ति स्थापित करने का भी ऐलान किया है। वहीं दिवाली से पहले अयोध्या में एक साथ 1 लाख 80 हजार दीप जलाकर भव्य दिवाली मनाई गई। अयोध्या पर बीजेपी के इन क्रियाकलापों के मद्देनजर हिंदी समाचार चैनल न्यूज़ 18 ने एक डिबेट शो रखा था जिसका विषय यह था कि क्या बीजेपी अयोध्या की आंधी से जीतेगी चुनाव? इस मुद्दे पर बहस करने के लिए तमाम मेहमानों के साथ ही भारतीय जनता पार्टी के राष्ट्रीय प्रवक्ता संबित पात्रा मौजूद थे तो वहीं बीजेपी के विपक्ष में आचार्य प्रमोद कृष्णन मौजूद थे।

Uttar Pradesh’s Chief Minister Yogi Adityanath worshiped in Ayodhya on the occasion of Diwali. CM Yogi has also announced to set up a 100 meter high statue of Lord Rama on the Sarayu coast in Ayodhya. On the other hand, Diwali was celebrated after the massive Diwali celebrations in Ayodhya by burning one lakh 80 thousand lamps. In view of these activities of BJP on Ayodhya, the Hindi news channel News 18 held a debate show, whether the BJP won by the storm of Ayodhya was the election? In order to debate on this issue, along with all the guests, the National Spokesperson of the BJP was present in the address, while the principal of the BJP, Pramod Krishan was present.

News-18 शो में एक वक्त ऐसा आया कि राम मंदिर के मुद्दे पर आचार्य प्रमोद कृष्णन का उत्तेजित व्यवहार देख संबित पात्रा काफी गुस्सा गए और बोलने लगे कि आप पूरा राम रहीम की तरह नजर आ रहे हैं, उछलना बंद कीजिए और मेरी बात सुनिए।

At the time of the news-18 show that it was a rage to see the excitement of Acharya Pramod Krishnan on Ram temple issue and he began to say that you are seen like the entire Ram Rahim, stop jumping and listen to me.

दरअसल हुआ ये कि आचार्य प्रमोद कृष्णन ने बीजेपी प्रवक्ता से पूछ लिया कि आखिर कब तक राम लला यूं ही टाट के अंदर कैद रहेंगे, आखिर कब बनेगा राम मंदिर। सवाल पूछते हुए आचार्य उग्र हो गए और बीजेपी पर आरोप लगाने लगे कि आप लोग राम का नाम सिर्फ राजनीति करने के लिए इस्तेमाल कर रहे हैं। आप लोगों ने कहा था कि जब आप बहुमत से सत्ता में आएंगे तो राम मंदिर बनवाएंगे। इस पर संबित पात्रा ने उन्हें शांत रहने की हिदायत दी।

Actually, that Acharya Pramod Krishnan asked the BJP spokesman for how long Rama Lala Yun will be imprisoned under the TAT, when will the Ram temple be built? Asked questions, Acharya got furious and began to accuse BJP of using the name of Ram for the sake of politics. You people had said that when you come to power with majority, you will build a Ram temple. The person concerned asked him to keep quiet.

संबित की बात सुन कर आचार्य और भड़क गए और कहने लगे कि आप बस इतना बताओ कि राम मंदिर कब बनेगा। इस बार संबित पात्रा ने कहा आप शांत हो जाइए, हल्ला करते हुए आप बिल्कुल राम रहीम जैसे लग रहे हैं..उछलना बंद कीजिए। दोनों के बीच इस तीखी नोंक-झोंक का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है।
source:political report

राम मंदिर मुद्दे पर बोलीं मुस्लिम महिलाएं, कसम खुदा की मंदिर वहीं बनवाएंगे

नई दिल्ली : अयोध्या में राम मंदिर निर्माण को लेकर देश में जबरदस्त हलचल शुरू हो चुकी है। VHP की विशाल धर्मसभा में कई लाख हिन्दू का एकसाथ जनसैलाब इकठ्ठा हो रहा है. ऐसे में कई सपा पार्टी तो कई वामपंथी ये खबर फैला रहे हैं कि मुस्लिमों में असुरक्षा की भावना है. लेकिन इस बीच कई मुस्लिम महिलाओं ने इस भ्रम की धज्जियाँ उड़ा के रख दी है.

हिंदू संगठनों के साथ मुस्लिम महिलाओं ने भी राम मंदिर निर्माण को लेकर आवाज उठानी शुरू कर दी है। महिलाओं का कहना है देश में हिंदु-मुस्लिम भाईचारा कायम रखने के लिये राम मंदिर निर्माण जरूरी है। महिलाओं ने ‘कसम खुदा की खाते हैं मंदिर वहीं बनाएंगे’ लिखे पोस्टर से राम मंदिर निर्माण की इच्छा जताई।

छीपी टैंक स्थित मुस्लिम राष्ट्रीय मंच की सह संयोजक शाहीन परवेज के आवास पर राम मंदिर के पक्ष में आयोजित बैठक में मुस्लिम महिलाओं ने देश में समस्याओं पर विचार-विमर्श किया। शाहीन ने कहा कि यह देश हमारा है। हम देश के मसलों को एकजुट होकर निपटाएंगे। श्रीराम जन्मभूमि के लिए हमारा फर्ज बनता है कि हम अपने हिंदू भाई-बहनों को खुशी से राम मंदिर निर्माण के लिये सहमति दें।

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राष्ट्रीय एकता मिशन की कार्यकारिणी सदस्य सुबुही खान ने कहा श्रीराम मंदिर हमारी सनातन संस्कृति का प्रतीक है। हम तन-मन-धन के साथ मंदिर निर्माण में सहयोग करेंगे। महिलाओं ने कहा राम मंदिर को लेकर मुस्लिम पुरुषों का रुख साफ नहीं है।

हम महिलाओं को ही आगे आकर राम मंदिर निर्माण का कदम उठाना है। बैठक में फातिमा, बानो, हसीना, रजाना, कौसर, कहकशा, परवीन, नसीमा, खातून रेशम, अमबरीन, सबीरा, शबीना सहित अन्य महिलाओं ने हिस्सा लिया।

अयोध्या में सरगर्मियों के बीच जोन में हाई अलर्ट
अयोध्या में चल रही सरगर्मियों के बीच जोन में हाई अलर्ट जारी किया गया है। डीजीपी ने जोन के सभी एसएसपी को निर्देश दिए कि वे अपने जिलों में धार्मिक स्थलों पर फोर्स लगाएं। एसएसपी का कहना है कि कोई लापरवाही नहीं होगी। वहीं, एडीजी प्रशांत कुमार ने निर्देश दिए कि धार्मिक स्थलों पर सतर्कता बरतते हुए भीड़ एकत्र न होने दें। सोशल मीडिया पर नजर रखें।

खुफिया विभाग का फोकस
अयोध्या की सरगर्मी और लोकसभा चुनाव को देखते हुए वेस्ट यूपी पर खुफिया विभाग का सबसे ज्यादा फोकस है। खुफिया विभाग का मानना है कि चुनावी माहौल बनाने के लिए वेस्ट यूपी में सुलगाने की कुछ शरारती तत्व कोशिश करने में लगे हैं।

नायब शहर काजी ने की शांति की अपील

नायब शहर काजी जैनुर राशिद्दीन नेशहर की जनता से अपील की है कि लोग किसी भी तरह की अफवाहों पर ध्यान न दें। यह विवादित प्रकरण अदालत में विचाराधीन है और उन्हें देश के कानून एवं अदालत पर पूरा यकीन है
source:dd barti

राममंदिर निर्माण की तैयारी पूरी हुई ये है संघ का एक्शन प्लान

नई दिल्ली। संघ की योजना है कि साधुसंतों के नेतृत्व में ही इस पूरे आंदोलन की अमलीजामा पहनाया जाये और विश्व हिंदू परिषद इस आंदोलन की अगुवाई कर रहे है। संघ की योजना के अनुसार विहिप के बैनर तले साधुसंतों को आगे करके पूरे देश में ऐसा विशाल जनमत तैयार कर दिया जाये जिससे मोदी सरकार कोर्ट के निर्णय का इंतज़ार ना करके बाकी सभी कानूनी विकल्पों पर काम करने को मजबूर हो जाये।

5 अक्टूबर को दिल्ली के विहिप केन्द्रीय कार्यालय में राम निर्माण आंदोलन की पूरी रूप रेखा तैयार की गई। संतों की उच्चाधिकार समिति की मीटिंग में पूरे देश में इस आंदोलन को तेज़ करने का निर्णय लिया गया और व्यापक जनमत तैयार हो इसके लिये रणनीति को अंतिम रूप दिया गया।

रणनीति स्पष्ट रूप से सही दिशा में जाये और स्वयंसेवकों के साथ साथ आमजन भी इस आंदोलन से जुड़े। इसके लिए खुद संघ प्रमुख मोहन भागवत ने मोर्चा संभाला और राममंदिर के लिये अपनी राय बेबाक़ तरीक़े से मोदी सरकार को बता दी कि जल्दी से जल्दी भव्य मंदिर बने, चाहे इसके लिए सरकार अध्यादेश लाये या कानून बनाये।

ram mandir

उच्चाधिकार समिति के प्लान के मुताबिक़ पहले चरण में 25 नवंबर को पूरे देश में सभायें कराने का निर्णय लिया गया।

पहले चरण को दो भागों में बांटा गया… बड़ी सभायें और छोटी सभायें

बड़ी सभायें पूरे देश में केवल 3 जगहों पर कराई जायेंगी जिनमें लाखों की संख्या रखने का निर्णय लिया गया। 25 नवंबर को अयोध्या, नागपुर और बैंगलोर में से सभायें की जायेंगी। अयोध्या की सभा में आस पास के 22 जिलों से, नागपुर की सभा में आसपास के 8 जिले और बैंगलोर की सभा में भी 8 जिलों की जनता और कार्यकर्ताओं को शामिल कराने की योजना बनाई गई।

RSS Vijayadashami Utsav

इसी दिन पूरे देश में 150 छोटी सभायें कराने की भी रणनीति बनाई गई। इन जनसभाओं में 10-15 हज़ार की संख्या रखने का निर्णय लिया गया।

दूसरे चरण की योजना के मुताबिक़ संसद सत्र शुरू होने से पहले सभी सांसदों को राममंदिर निर्माण के लिये ज्ञापन दिया जायेगा और उनसे समर्थन मांगा जायेगा।

इसके साथ ही सभी संसदीय क्षेत्रों में भी सभायें की जायेंगी। एक अनौपचारिक बातचीत में (off camera) भाजपा अध्यक्ष अमित शाह ने कहा है कि सांसद होने के नाते मैं राममंदिर के लिये अपना समर्थन दूंगा। तीसरे चरण की योजना के अनुसार 9 दिसंबर को एक बड़ी सभी विश्व हिंदू परिषद दिल्ली में करेगी। इसमें 5 लाख लोगों को लाने की योजना बनाई गई है। प्लान के मुताबिक़ दिल्ली के रामलीला मैदान में ये विशाल जनसभा की जायेगी।

इस सभा में दिल्ली प्रदेश के साथ साथ उत्तर प्रदेश के 14 जिले और हरियाणा के 4 जिले सहभागिता करेंगे। विहिप ने इस सभा को सफल बनाने के लिये ज़ोर शोर से तैयारियां शुरू कर दी हैं। रामलीला मैदान के बाहर भी लोगों को बैठाने की व्यवस्था की जा रही है।

इसके साथ ही रामलीला मैदान के अंदर और बाहर LED भी लगाये जायेंगे। सुरक्षा की दृष्टि से रामलीला मैदान में CCTV लगाने पर भी विचार हो रहा है।

प्लान के चौथे चरण में गीता जयंती के मौक़े पर 18 दिसंबर से 27 दिसंबर तक राममंदिर निर्माण के लिए पूरे देश में अनुष्ठान/हवन किये जायेंगे। इसमें हिंदुओं के साथ-साथ सिक्ख, जैन, बौद्ध भी जुड़े इसके लिए उनसे भी अपील की जायेगी कि वो भी अपने अपने धर्म स्थलों में अपने अपने इष्ट देवों का अनुष्ठान करें और राम मंदिर के लिये प्रार्थना करें।

संघ नेतृत्व ने इस तरह का फ़ुल प्रूफ़ प्लान तैयार किया है कि जनमत मोदी/योगी सरकार के ख़िलाफ़ भी ना जाये और राममंदिर निर्माण को लेकर उसकी प्रतिबद्धता भी शंका ना हो। इस प्लान में कोई कोर कसर बाकी ना रह जाये इसके लिये संघ के सर कार्यवाह भईया जी जोशी और सह सर कार्यवाह दत्तात्रेय होसबले ने खुद 3 दिन पहले अयोध्या जाकर नब्ज़ टटोली है।

इसके साथ ही संघ ने प्लान बी भी तैयार किया हुआ है। प्लान बी के अनुसार यदि मोदी सरकार इस आंदोलन के बाद भी राममंदिर के लेकर कोई घोषणा नही करती है तो 31 जनवरी और 1 फ़रवरी को प्रयाग में होने वाली धर्म संसद में राममंदिर को लेकर अंतिम निर्णय लिया जायेगा और रोचक बात ये है कि इस धर्मसंसद में बीजेपी अध्यक्ष अमित शाह भी मौजूद रहेंगे।

source:hindi.newsroompost

ब्रेकिंग: प्रमुख प्रवीण तोगड़िया का ‘राम जन्मभूमि-बाबरी मस्जिद पर बड़ा बयान, कहा कि….

नागपुर: विश्व हिंदू परिषद (विहिप) के प्रमुख प्रवीण तोगड़िया ने अयोध्या में विवादित स्थल पर राम मंदिर का निर्माण करने के लिए कानून नहीं बनाने को लेकर केंद्र की भाजपा नीत सरकार पर रविवार (25 मार्च) को गहरी नाराजगी जाहिर की. उन्होंने यह भी कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के पास पाकिस्तान के प्रधानमंत्री से मिलने का समय है, लेकिन अपने बचपन के मित्र (तोगड़िया) से मिलने का नहीं. तोगड़िया ने संवाददाता सम्मेलन में कहा कि अगर राम जन्मभूमि- बाबरी मस्जिद विवाद को अदालत के जरिये ही हल करना था तो 1992 में आंदोलन क्यों हुआ और क्यों बड़ी संख्या में लोगों ने अपने प्राणों का बलिदान दिया. अयोध्या मामले की उच्चतम न्यायालय में सुनवाई हो रही है.

तोगड़िया ने कहा कि राम मंदिर बनाने के लिए आम राय तैयार करने की खातिर आंदोलन हुआ, ताकि मंदिर समर्थक सरकार सत्ता में आए और इसके निर्माण के लिए कानून बनाए. उन्होंने कहा कि विवादित भूमि और आसपास के 66 एकड़ इलाके में केवल एक मंदिर ही बन सकता है.

भाजपा ने 1987 में किया था वादा
तोगड़िया ने कहा कि भाजपा ने 1987 में अपनी पालमपुर राष्ट्रीय कार्यकारिणी की बैठक में राम मंदिर के निर्माण के लिए संसद में कानून पारित कराने का वादा किया था, लेकिन पिछले चार साल में कोई कानून पारित नहीं हुआ और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी इस मुद्दे पर खामोश हैं. उन्होंने कहा, ‘‘एक सप्ताह पहले ही मैंने प्रधानमंत्री को एक पत्र लिखा है कि आप पाकिस्तान के (तत्कालीन) प्रधानमंत्री नवाज शरीफ से मिल सकते हैं, लेकिन आपके पास यह शिष्टाचार नहीं है कि अपने बचपन के मित्र (तोगड़िया) से मिलें और राष्ट्रीय हित के मुद्दों पर चर्चा करें.’

बाबरी विवाद में न्यायालय के निर्णय का सम्मान होना चाहिए: दरगाह दीवान
वहीं दूसरी ओर अजमेर स्थित सूफी संत हजरत ख्वाजा मोइनुद्दीन हसन चिश्ती दरगाह के दीवान सैयद जैनुल आबेदीन अली खान ने बाबरी मस्जिद-राम जन्मभूमि विवाद पर कहा कि धार्मिक कट्टरता से किसी विवाद का हल नहीं निकल सकता है इसलिए सभी धर्मों को न्यायालय के फैसले में विवाद का हल तलाशना चाहिए.

दीवान ने बीते 24 मार्च को अजमेर में सूफी संत हजरत ख्वाजा मोइनुद्दीन हसन चिश्ती के 806वें सालाना उर्स के मौके पर देश की प्रमुख दरगाहों के सज्जादगान, प्रमुख धर्मगुरुओं को सम्बोधित करते हुए कहा कि इस मसले को न्यायालय के बाहर तय करने के प्रयास कभी सफल नहीं हो सकते.

उन्होंने कहा कि वर्तमान धार्मिक राजनीतिक और सांस्कृतिक ताकतें अयोध्या मसले पर एक व्यवहारिक समाधान नहीं निकाल पा रही हैं जिससे देश के सभी धर्मों के अनुयायियों में इस विवाद को लेकर एक संशय का माहौल है, क्योंकि वर्तमान माहौल को देखते हुए सभी संप्रदाय के अधिकांश जागरूक नागरिक न्यायालय से बाहर किसी समाधान के लिए सहमत नहीं हो सकते हैं.

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राम मंदिर से पहले कोर्ट ने मस्जिदों को लेकर सुनाया अब तक का सबसे कड़ा ऐतिहासिक फैसला, दुनियाभर के मुस्लिम समुदाय के उड़ा दिए होश

नई दिल्ली : भारत में जो मुद्दे कई वामपंथियों, पत्रकारों, अवार्ड वापसी गैंग और कुछ तथाकथित फिल्मबाजो के लिए असहिष्णुता बन जाते हैं. आज दुनिया के दूसरे देश इस बात को समझ चुके हैं और उनपर ज़ोरदार एक्शन भी ले रहे हैं. अभी सीएम योगी ने मस्जिदों के लम्बे समय से विवाद चले आ रहे ‘अवैध लाउडस्पीकर’ उतरवाए, जिसका लोगो ने विरोध किया और लोकतंत्र की हत्या बता दी. लेकिन अब जर्मन जैसे बड़े देश के कोर्ट ने ऐतिहासिक फैसला सुनाते हुए मस्जिदों के लाउडस्पीकर को हमेशा के लिया बंद करवा दिया है, और इसके पीछे की वजह सुन आप चौंक जाएंगे कि आखिर ऐसा क्या हुआ जो ऐसा फैसला सुनाना पड़ गया.

जर्मन कोर्ट ने मस्जिद को लेकर सुनाया ऐतिहासिक फैसला
अभी मिल रही बड़ी खबर के मुताबिक जर्मन देश के कोर्ट के फैसले से दो क्रिस्चियन समुदाय के लोगों को बड़ी ऐतिहासिक जीत मिली है. कोर्ट ने मस्जिदों में तेज़ आवाज़ में बजने वाले लाउडस्पीकर को हमेशा के लिए बंद करा दिया है. इसके पीछे जो कोर्ट को शिकायत मिली वो तो बेहद हैरान करने वाली थी. क्रिस्चियन लोगों ने शिकायत करी की न सिर्फ मस्जिदों के लाउडस्पीकर की आवाज़ बेहद परेशान करने वाली और ध्वनि प्रदुषण को बढ़ा रही है बल्कि मस्जिदों में प्रार्थना करते हुए ये चिल्ला के कहा जा रहा है कि “अल्लाह ही एक मात्र भगवान है और वो क्रिस्चियन के jesus से भी ऊपर है और वो सभी भगवानो से ऊपर है.”

ऐसे आवाज़ सुनकर क्रिस्चियन समुदाय की भावनाएं भड़क उठी और उन्होंने कोर्ट से इन्साफ माँगा. जिसके बाद हांस-जोआचिम लेहमैन, 69 वर्षीय शख्स ने कोर्ट से शिकायत में कहा “न सिर्फ ये आवाज़ से प्रदुषण हो रहा है बल्कि ये बहुत कष्टदायी है. इसमें हमारे भगवान jesus का अपमान किया जा रहा है, हम ये नहीं सह सकते.”

हालाँकि वहां भी प्रशांत भूषण जैसे वकील मौजूद हैं बचाव पक्ष के वकील ने कहा “ये धार्मिक आज़ादी है, किसी भी तरीके से क्रिस्चियन भगवान को ठेस पहुंचे ऐसे कोई बात नहीं कही जा रही है. ये एक षड़यत्र है.”

तो वहीँ अब मस्जिद के अधिकारी भी बचाव में कूद पड़े हैं उन्होंने कहा है “हमारी प्रार्थना सिर्फ 2 मिनट की होती है वो भी एक बजे वो भी सिर्फ शुक्रवार को. ये हमारी आज़ादी है और इसके खिलाफ हम नहीं सुनेंगे. हमें अभी तक किसी भी क्रिस्चियन समुदाय से कोई शिकायत नहीं आयी.”

जिसके बाद कोर्ट ने ऐतिहासिक फैसला सुनाते हुए कहा “हमें दूसरे लोगों की भी आज़ादी का ख्याल रखना चहिये. ये तेज़ आवाज़ में लाउडस्पीकर जो दिन में 5 बार ऐसा शोर फैला रहे हैं जिससे क्रिस्चियन समुदाई की धार्मिक भावनाएं आहत हो रही है. इन्हे परमिशन सिर्फ सुनाई दे सके इतनी तक की आवाज़ रखने की दी थी. ऐसे में ये नियमो का भी उल्लंघन है. इसलिए अब से सभी मस्जिद पर लाउडस्पीकर की पाबंदी लगायी जाती है.”

प्रदेश में सीएम योगी ने भी लिया था यही फैसला, बढ़ गयी थी असहिष्णुता
आपको बता दें इसे जर्मन देश में क्रिस्चियन लोगों की ऐतिहासिक जीत बताई जा रही है. हालाँकि हमारे देश में जब ऐसा फैसला लेने की कोई हिम्मत दिखाता है तो देश बहुत जल्दी असहिष्णु हो जाता है. फिल्मबाज़ देश छोड़ने की बात करने लगते हैं. ऐसा ही फैसला अभी प्रदेश की सीएम योगी ने भी सुनाया था. जिसके बाद से मस्जिदों से अवैध लाउडस्पीकर उतरवा लिए गए थे. लेकिन इसके बाद ओवैसी समेत कई कट्टरपंथियों ने बवाल मचा दिया था. दरअसल धर्म की आज़ादी के नाम पर कोई भी जनता के बाच ज़हर फैलाता रहता है. बोलने की आज़ादी के नाम पर ‘भारत तेरे टुकड़े होंगे’. ऐसे नारे लगाए जाते हैं, भारतीय सेना को बलात्कारी बताया जाता है. लेकिन फिर भी हमारा कोर्ट के जज प्रेस कॉनफेरेन्स करते रहते हैं और लोकतंत्र की हत्या बताते हैं. करोड़ों केस लंबित पड़े रहते हैं, आम आदमी सालों तक चप्पल घिसता रहता है, सुनवाई तक नहीं होती और जज को मनपसंद केस नहीं मिले तो एक दिन में लोकतंत्र की हत्या हो जाती है.

यह भी देखे

https://youtu.be/k87GwTUEGuQ

https://youtu.be/hsfxfSRtdUs

SOURCE POLITICAL REPORT

ब्रेकिंग : RSS प्रमुख मोहन भागवत का राम मंदिर पर बड़ा खुलासा, जिनको राम मंदिर बनाना है वो….

New Delhi: राष्ट्रीय स्वयं सेवक संघ (RSS) प्रमुख मोहन भागवत ने एक बार फिर राम मंदिर के मुद्दे पर बड़ा बयान दिया है। भागवत ने कहा कि जिनको राम मंदिर बनाना है, पहले उन्हें खुद राम बनना पड़ेगा।
मध्यप्रदेश के छतरपुर जिले के मऊसहानियां में एक सभा को संबोधित करते हुए मोहन भागवत ने कहा कि राम मंदिर का निर्माण सिर्फ इच्छा नहीं, बल्कि हमारा संकप्ल है।

New Delhi: Rashtriya Swayam Sevak Sangh (RSS) chief Mohan Bhagwat has once again made a big statement on Ram temple issue. Bhagwat said that those who have to build Ram temple, first they will have to make Ram themselves.
Addressing a gathering in the Maushanya of Chhatarpur district of Madhya Pradesh, Mohan Bhagwat said that the construction of the Ram Temple is not just a desire but our resolve.

सभा को संबोधित करते हुए भागवत ने कहा कि राम मंदिर का निर्माण कराने वालों को कुछ नहीं होगा। मोहन भागवत ने कहा कि यह राम मंदिर के निर्माण का यह सही समय है। उन्होंने कहा कि राम मंदिर बनाने वालों को राम जैसा ही बनना पड़ेगा, तभी यह काम पूरा हो पाएगा।

While addressing the gathering, Bhagwat said that there will be nothing for the people who make the Ram temple. Mohan Bhagwat said that this is the right time to build Ram temple. He said that those who make the Ram temple will have to become like Ram, then this work will be completed.

भागवत ने कहा, “महाराज छत्रसाल ने समाज के सब लोगों को जोड़कर अपने साम्राज्य की स्थापना की थी, महाराज छत्रसाल शिवाजी महाराज के पास पहुंचे और उनसे परिस्थितिवश सम्प्रदाय की प्रजा के बीच भेद उत्पन्न करने वाले दुश्मनों को ठिकाने लगाने उनकी सेना में शामिल होने का मन बनाया था, लेकिन शिवाजी ने महाराज छत्रसाल को अपने परिश्रम से प्रजा की रक्षा करने हेतु वापस कर दिया था।

Bhagwat said, “Maharaj Chhatrasal had established his empire by connecting all the people of the society, Maharaj came to Chhatrasal Shivaji Maharaj and to join him in his army to hide the enemies who distinguish between the people of the circumstantial sect The mind was made, but Shivaji returned Maharaj Chhatrasal to protect the people from his labor.

भागवत ने आगे कहा कि 1988 से पड़ा है। बनेगा…बनेगा। अभी तक नहीं बन रहा है। बाकी छोटी-मोटी कठिनाइयां हैं, जो हैं। मुख्य कठिनाई क्या है कि जिनको राम का मंदिर बनाना है, उनको कुछ-कुछ राम खुद को बनना है। वो काम हम जितना करेंगे, उतना प्रभु रामजी जल्द से जल्द यहां अवतरित होंगे।

Bhagwat further said that it was from 1988. Will be made … Not yet created. There are other small difficulties, which are those. What is the main difficulty that those who want to make Ram’s temple, they have to make some Ram themselves. The more we do that work, the lord Ramji will be quoted as soon as possible.

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ब्रेकिंग न्यूज़: सुप्रीम कोर्ट में अयोध्या विवाद की सुनवाई आज, नीव रखने की तारीख हो सकती है ये…सुन विपक्षियों में मची खलबली..

नई दिल्ली। सुप्रीम कोर्ट में बुधवार को अयोध्या के राम जन्मभूमि-बाबरी मस्जिद भूमि विवाद मामले पर सुनवाई होने वाली है। ऐसा माना जा रहा है कि कोर्ट में आज लगातार सुनवाई की तारीख तय हो सकती है। खबरों के मुताबिक इस केस के पक्षकारों का कहना है कि अब सुप्रीम कोर्ट से ही उम्मीद है, इस मामले को और नहीं टाला जाना चाहिए, जल्द से जल्द निर्णय सुनाने की जरूरत है।

new Delhi. The Supreme Court is scheduled to hear on Wednesday the Ayodhya Ram Janmabhoomi-Babri Masjid land dispute case. It is believed that the date of continuous hearing can be fixed in the court today. According to the news, the parties of this case say that now the Supreme Court is hopeful that this matter should not be avoided, the need to make the decision as soon as possible.

आपको बता दें की जो विपक्ष है वो बिलकुल भी नही चाहता है की राम मंदिर की नीव रखी जाए, कट्टरपंथी कांग्रेस कपिल सिब्बल जैसे लोग बिलकुल भी नही चाहते है की राम मंदिर बने वो चाहते है की बाबरी मस्जिद ही बने लेकिन ऐसा नही होगा क्योंकि देर हो सकती है पर अयोध्या राम जन्म भूमि पर राम मंदिर ही बनेगा..

Let us tell you that the Opposition does not want to keep the foundation of the Ram temple, people like the radical Congress Kapil Sibal do not want to be the Ram temple, they want the Babri Masjid to be made but it will not be because it is late May be but Ayodhya Ram will be the Ram temple on the birthplace.

पिछली बार 1 फरवरी को इस मामले की सुनवाई हुई थी, तब वाल्मीकि रामायण, रामचरितमानस और गीता सहित 20 धार्मिक पुस्तकों से इस्तेमाल किए तथ्यों का अंग्रेजी में ट्रांसलेशन न होने की वजह से सुनवाई टालनी पड़ी थी। सुनवाई के दौरान पिटीशनर्स के वकील ने कहा था कि अयोध्या विवाद लोगों की भावनाओं से जुड़ा है। इस पर चीफ जस्टिस बोले- ऐसी दलीलें मुझे पसंद नहीं, यह सिर्फ भूमि विवाद है।

The last hearing was held on February 1, when the hearing of the facts used by 20 religious books including Valmiki Ramayana, Ramcharitmanas and Geeta had to be stopped due to lack of translation in English. During the hearing, the petitioner’s lawyer had said that the Ayodhya dispute is related to people’s feelings. Chief Justice said on this – I do not like such arguments, this is just a land dispute.

बता दें कि सुप्रीम कोर्ट में इलाहाबाद हाइकोर्ट के फ़ैसले के ख़िलाफ़ 13 याचिका दायर की गई थी। इस मामले से जुड़ी सभी अपील पर कोर्ट एक ही साथ सुनवाई करेगा, कोर्ट में पहले मुख्य पक्षकारो को जिरह का मौका मिलेगा। इलाहाबाद हाईकोर्ट ने 30 सितम्बर 2010 को इस मामले में फ़ैसला सुनाते हुए विवादित स्थल को विवाद के तीनों पक्षकार सुन्नी वक्फ बोर्ड, निर्मोही अखाड़ा और भगवान राम लला के बीच बांटने का आदेश दिया था।

Explain that 13 petitions were filed against the Allahabad High Court verdict in the Supreme Court. The court will hear the same on all appeals related to this case, in the court, the main parties will get a chance to cross-examine. The Allahabad High Court had ordered the division of the disputed site between the Sunni Waqf Board, Nirmohi Akhara and Lord Rama Lala to the disputed site on 30 September 2010.

इससे पहले सुप्रीम कोर्ट ने अयोध्या राम जन्मभूमि-बाबरी मस्जिद विवाद को न्यायिक तरीके से सुलझाने के बजाय मसले का शांतिपूर्ण समाधान निकालने को कहा था लेकिन अब तक कोई सकारात्मक परिणाम सामने नहीं आया है।

Earlier, the Supreme Court had asked the Ayodhya Ram Janmabhoomi-Babri Masjid to resolve the dispute rather than judicially, to solve a peaceful solution to the issue, but no positive result has been reached so far.

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नरेश अग्रवाल का बड़ा खुलासा, राम मंदिर के खिलाफ दे डाला ये विवादित बयान, PM मोदी समेत कांग्रेस हैरान

ये एक अच्छी खबर है, देश की संसद से एक गन्दगी बाहर हुई, हम बात कर रहे है नरेश अग्रवाल की, जिसका राज्यसभा में कार्यकाल ख़त्म हो गया है, और अब वो भारत की संसद में दिखाई नहीं देने वाला क्यूंकि अब समाजवादी पार्टी ने उसे फिर राज्यसभा भेजने से इंकार कर दिया है, सपा जाया बच्चन, और मायावती को भेज रही है

It is a good news, a mess broke out from the Parliament of the country, we are talking about Naresh Agrawal, whose term has expired in the Rajya Sabha, and now he is not seen in the Parliament of India because now the Samajwadi Party Then refused to send Rajya Sabha, SP Jaya Bachchan, and sending Mayawati

नरेश अग्रवाल का राज्यसभा काल ख़त्म होने वाला था तब उसने कई हिन्दू विरोधी बयान दिए, सोचकर की पहले ही तरह ही हिन्दू विरोध करो सेक्युलर कहलाओगे और राज्यसभा में बने रहोगे, पर अब हिन्दू विरोधियों के बुरे दिन शुरू हो चुके है क्यूंकि हिन्दू एकजुट हो रहा है, हिन्दू विरोध करते करते खुद सपा 47 सीट पर आ गयी, खैर

Naresh Agarwal’s Rajya Sabha was about to end, then he gave a number of anti-Hindu statements, thinking that in the same way as opposed to Hindu, the secular will be called and will remain in the Rajya Sabha, but now the bad days of Hindu opponents have started, because the Hindus are united It is against the Hindus that the SP himself came to the SP’s 47 constituency

नरेश अग्रवाल ने कांग्रेस से भी संपर्क किया पर कांग्रेस ने उसे राज्यसभा भेजने से मना कर दिया, और कोई दल नरेश अग्रवाल के साथ दिखाई भी नहीं देना चाहता, नरेश अग्रवाल ने संसद में भगवान् राम कृष्ण हनुमान शिव विष्णु का अपमान किया था, इसके साथ साथ कुलभूषण जाधव के मुद्दे पर भी देशद्रोही बयान दिया था, इसके साथ साथ पाकिस्तानी सेना को भारतीय सेना से ज्यादा ताकतवर बताया था

Naresh Agarwal also approached Congress, but the Congress refused to send him to the Rajya Sabha, and no party wants to show up with Naresh Agrawal, Naresh Agrawal had insulted Lord Ram, Lord Hanuman Shiva in Parliament, along with him. Together on the issue of Kulbhushan Jadhav, he also gave a traitorous statement, along with the Pakistani army as being more powerful than the Indian Army.

भगवान् राम का अपमान करने वाले का अब राजनितिक जीवन ही समाप्त हो गया है, और पिछले दिनों जब ये लखनऊ में वैश्य समाज के कार्यक्रम में शामिल हुआ था, वहां पर पर भी इसे धक्के मारकर भगा दिया गया था, कुल मिलाकर नरेश अग्रवाल अब ख़त्म हो चूका है, न संसद में नजर आएगा और समाज के बीच में भी लोग इसे भगाने लगे है, और ये देश के लिए बेहद शुभ है

Now the political life of the person who insulted Lord Rama has ended, and in the last days when he joined the Vaishyas’ program in Lucknow, it was also shocked and shattered, but overall, Naresh Agarwal was no more. Whether it is done, it will be seen in Parliament and people have started throwing it in the midst of society, and it is very good for the country.

यह भी देखे

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Source Name- Political Report