कठुवा काश में आया नया मोड़ JNU कनेक्शन पर CBI समेत ANI के उड़े होश दे

कठुवा कांड की सच्चाई धीरे धीरे सामने आनी ही है, और अब बहुत कुछ ऐसा निकलकर आ रहा है, जो की मीडिया की मनगढ़ंत कहानी से बिलकुल उलट है

The truth of the Kathwa scandal is coming out slowly, and now there is a lot like coming out, which is totally opposite to the fabricated story of the media.

जम्मू में एक वकील है जिसका नाम है दीपिका ठुसू उर्फ़ दीपिका सिंह राजावत, ये जम्मू में वकील है, और ये लड़की के साथ रेप हुआ, मुहीम की एक बड़ी खिलाडी है, ये कठुवा केस में लड़की का रेप हुआ उस पक्ष के साथ है और वकील है, खुद को ये वकील बिलकुल निष्पक्ष बता रही है

In Jammu there is a lawyer whose name is Deepika Thoussus alias Deepika Singh Rajawat, it is a lawyer in Jammu, and raped with this girl, is a big player of the Muhim, in the Kathwa case, the girl’s rape happened with that side and The lawyer is telling himself this lawyer is absolutely fair

और मीडिया भी इसकी खूब तारीफ कर रही है की ये इंसानियत के लिए दरिंदो के खिलाफ लड़ रही है, अब खुद को जो वकील निष्पक्ष बता रही है उसके JNU के आज़ादी इंशाल्लाह गैंग से कनेक्शन सामने आ चुके है और ये मैडम तो JNU की शेहला रशीद की मित्र है, और दोनों की तस्वीर आप ऊपर देख सकते

And the media is also very much appreciating that it is fighting against human beings for humankind, now the lawyer who is telling the fair is himself the connection to JNU’s freedom-inductive gang, and that Madam, JNU’s Shehla Rashid Has a friend, and you can see the picture of both

इसके साथ साथ ये जो वकील दीपिका ठुसू है, ये इंदिरा जयसिंह नाम की दिल्ली की महिला के साथ काम करती है, और ये इंदिरा जयसिंह सुप्रीम कोर्ट में चल रहे रोहिंग्यों के केस में एक्टिव है, अब जो दीपिका ठुसू खुद को निष्पक्ष बताकर इंसानियत के लिए लड़ने वाला बता रही है, उसके JNU के आज़ादी गैंग और रोहिंग्यों के लिए सुप्रीम कोर्ट में लड़ाई लड़ने वालो से संबंध सामने है

Along with this, the lawyer who is Deepika, she works with Indira Jaysingh, a woman from Delhi, and she is active in the case of Rohingya in Indira Jaysingh Supreme Court, now Deepika Padukone herself, telling herself as unbiased. The fighter is telling, the JNU’s freedom gang and the Rohingyas have a relationship with the fighters in the Supreme Court.

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https://youtu.be/o9LQnPMci4I
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SOURCE POLITICAL REPORT

कासगंज हिंसा में चन्दन के पिता ने किया सनसनीखेज़ खुलासा, CM योगी समेत पुलिस आयी रेड अलर्ट पर !

कासगंज में तिरंगा यात्रा मुस्लिम बहुल इलाके से निकालने पर हुई पत्थरबाज़ी के बाद, गोलियां चलायी गयी. इस दौरान हुई हिंसा में 22 साल के युवक अभिषेक गुप्ता उर्फ चंदन की मौत हो गई थी. जिसका एक हत्यारा अब सलीम को यूपी पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया है, इसके दो और भाई की धरपकड़ के लिए छापेमारी जारी है. इस बीच चंदन के पिता ने बड़ा खुलासा किया है ये उन लोगों को कान खोलकर सुनना चाहिए जो कहते है भारत देश में मुस्लिम सुरक्षित नहीं है.

After the stone-throwing took place in Kasganj, the tri-color journey from Muslim-dominated areas was fired. During the violence, 22-year-old Abhishek Gupta alias Chandan was killed. The one whose killer is now arrested by the UP police, Salim is raiding for two more brothers of his brother. In the meantime, Chandan’s father has made a big disclosure, he should listen to those ears, who say that Muslims in India are not safe in India.

अभी मिल रही बड़ी खबर के मुताबिक देशभक्त अभिषेक गुप्ता उर्फ चंदन की मौत पर जहाँ इस घटना के बाद से ही चंदन का परिवार सदमे में है वही अन्य राजनितिक पार्टियां अपनी रोटियों सेंक रही है. सब अपनी तुष्टिकरण की राजनीति खेल रही हैं. वही अब चंदन के परिवार को आरोपियों की तरफ से धमकी भी मिलने लगी है. गुरुवार को चंदन के पिता ने खुलासा करते हुए आरोप लगाया कि कुछ लोगों ने उन्हें धमकी दी है कि अगर दुश्मनी मोल ली तो अंजाम बहुत बुरा कर देंगे.

According to the big news now, on the death of patriot Abhishek Gupta alias Chandan, since Chandan’s family is in shock since this incident, other political parties are baking his loaves. All are playing politics of their appeasement. The same Chandan’s family is now getting threat from the accused. On Thursday, Chandan’s father exposed, alleging that some people threatened him that if the money was bought, then the consequences would be very bad.

चंदन के पिता सुशील गुप्ता निडरता से मीडिया के सामने आया और जिहादियों की धमकी के बारे में बताते हुए कहा “सुबह मैं घर के बाहर बैठा था. कुछ लोग बाइक पर आए. मेरे सामने बाइक रोकी और धमकी देते हुए बोले कि आरोपी जेल जा रहे हैं लेकिन दूसरे लोग अभी भी यहां हैं. हमसे दुश्मनी मोल मत लो, वरना देख लेंगे.” इस दौरान सुशील गुप्ता ने कहा कि उनकी और उनके परिवार की जिंदगी खतरे में है. उन्होंने प्रदेश सरकार से सुरक्षा की भी मांग की है. साथ ही परिवार की सुरक्षा के लिए लाइसेंसी हथियार की भी मांग की है.

Chandan’s father Sushil Gupta came in front of the media with fearlessness and said about the threat of jihadis, saying “I was sitting outside the house in the morning. Some people came to the bike. Stop the bike in front of me and threatened that the accused are going to jail but others are still here. Do not bargain with us, otherwise you will see. “Meanwhile, Sushil Gupta said that the life of him and his family is in danger. He also demanded protection from the state government. In addition, it has also sought the licensee’s weapon for the protection of the family.

दरअसल योगी सरकार के कड़े आदेश के बाद कासगंज में पुलिस ऐक्शन मोड में आयी है, लगातार आरोपियों की धरपकड़ हो रही है. पूरे इलाके में कट्टरपंथियों को घसीट घसीट कर बाहर निकला जा रहा है. बता दें चंदन की हत्या का मुख्य आरोपी सलीम भी गिरफ्तार कर लिया गया है. इसके दो भाई अभी फरार चल रहे हैं. पूरे इलाके में RAF (रैपिड एक्शन फाॅर्स) का कड़ा पहरा है.

In fact, after the strict order of the Yogi Government, the police action in Kasganj has come into action mode, constantly arresting the accused. The extremists are being dragged out in the entire area by dragging. Saying Salim, the main accused of Chandan’s murder, has also been arrested. Two of his brothers are still absconding. RAF (Rapid Action Farms) is a strict guard in the entire area.

इससे पहले मंगलवार को कासगंज में पुलिस ऐक्शन मोड में दिखी. आरोपियों की धरपकड़ के लिए पुलिस ने लगातार उनके ठिकानों पर दबिश दी. इस दौरान एक मकान में आरोपियों के छिपे होने की सूचना पर पुलिस मौके पर पहुंची. पर, यहां बाहर से ताला लगा हुआ था। इसके बाद पुलिस घर का दरवाजा तोड़कर अंदर घुस गई और यहां छिपे चार आरोपियों को धर दबोचा. बताया जा रहा है अब इन सभी आरोपियों की संपत्ति जब्त की जायेगी.मंगलवार को वसीम के घर के बाहर कुर्की का नोटिस चस्पा कर दिया गया.

Earlier on Tuesday, police in Kasganj appeared in action mode. For the arrest of the accused, the police continued to raid their bases. During this, the police reached the spot on the information of the accused being hidden in a house. But, here it was locked from the outside. After this, the police broke into the door of the house and entered the room and dumped the four accused here. It is being told that the assets of these accused will now be seized. On Tuesday, the notice of attachment was issued against Wasim’s house.

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https://www.youtube.com/watch?v=2p5FWA_BBz4

https://youtu.be/6KzO3XxanXM

कासगंज हिंसा में आया बड़ा चौकाने वाला सच, जिहादियों और मुस्लिम संगठनों के छूटे पसीने !

गणतंत्र दिवस के मौके पर 26 जनवरी को कासगंज में हुई हिंसा के मामले में पुलिस की छापेमारी में जिहादियों के कई घरों से देसी बम व् देसी कट्टे बरामद हुए. वहीँ चन्दन गुप्ता के हत्यारों के समाजवादी पार्टी से कनेक्शन सामने आने के बाद ये मसला और भी गंभीर हो गया है. जिस इलाके में दंगा हुआ, उस इलाके को भारत का पाकिस्तान बताया जा रहा है. बीजेपी नेता ने इस इलाके को लेकर जो खुलासा किया है, वो तो और भी ज्यादा गंभीर है.

On the occasion of Republic Day, on January 26, in the case of violence in Kasganj, police raided many houses of the jihadis in the country’s bombs or desi bits were recovered. This issue has become even more serious after the connection of Chandni Gupta’s killers to Samajwadi Party. The area where the riots took place, the area is being described as Pakistan of India. The disclosures made by the BJP leader about this area are even more serious.

तेलंगाना से बीजेपी के विधायक राजा सिंह मृतक चंदन के परिजनों को सांत्वना देने कासगंज पहुंचे थे. यहां मीडिया बातचीत के दौरान उन्होंने कहा कि, ‘हिंसा वाले इलाके के हर घर में AK-47 है. बीजेपी विधायक ने कहा कि, ‘मैं चाहता हूं, जहां से घटना हुई उन इलाकों की तलाशी ली जाए. वहां हर घर में एके-47 मिलेगी.’

BJP MLA from Telangana Raja Singh reached Kasganj to console the relatives of the deceased Chandan. During a media interaction here, he said that every house in the violence-prone area has AK-47s. The BJP MLA said, ‘I want to search the areas from where the incident took place. There will be AK-47 in every house. ‘

बता दें कि राजा सिंह तेलंगाना के घोषामहल विधानसभा से बीजेपी ‌विधायक हैं. उन्होंने इस मसले पर आगे कहा कि यदि तिरंगा देखकर पाकिस्तान जिंदाबाद के नारे लगते हैं तो साफ है कि देश विरोधी तत्व काफी बढ़ गए हैं. ऐसी घटनाएं दोबारा न हों इसे रोकने के लिए योगीजी को कार्रवाई करनी चाहिए.
वहीँ कासगंज हिंसा के मुख्य आरोपी सलीम जावेद को पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया है. थाने में अपने तरीके से पूछताछ के बाद पुलिस ने बताया कि सलीम जावेद ने ही अपने घर की बालकनी से चंदन पर गोली चलाई थी, जिससे उसकी मौत हो गयी.

Explain that Raja Singh is a BJP legislator from Ghoshamahal assembly of Telangana. He further said that if the slogan of Pakistan Zindabad is seen by seeing the Tricolor then it is clear that anti-national elements have increased considerably. Yogi should take action to prevent such incidents from happening again.
The chief accused of Kasganj violence, Salim Javed has been arrested by the police. After questioning in his manner in the police station, the police said that Salim Javed had shot his sandal from the balcony of his house, which led to his death.

पिछले दो दिनों में पुलिस ने जिहादियों के घरों से कई हथियार बरामद किए हैं. अब चंदन के शरीर से मिली गोली का उन हथियारों से मिलान कर रहे हैं. दोषियों पर रासुका लगाने की तैयारी चल रही है. बड़े पैमाने पर छापेमारी की जा रही है.

In the last two days, the police has recovered many weapons from the jihadis’ houses. Now the bullets of the sandalwood body are matching with those weapons. Preparations for rasukas on the guilty are underway. Massive raiding is going on.

चन्दन गुप्ता के बारे में बताया जा रहा है कि वो सीए बनना चाहता था. वो बेहद होनहार छात्र तो था ही साथ ही दिल का भी काफी नेक इंसान था. वो एक स्‍थानीय गैर लाभकारी संस्‍था से जुड़ा था और गरीबों व् जरुरतमंदो की सहायता किया करता था. इसके अलावा वो गरीबों को कंबल बांटने और रक्‍दान जैसी मुहिमों में हिस्‍सा लिया करता था.

Chandan Gupta is being told that he wanted to become a CA. He was a very promising student and he was also a very good person of heart. He was associated with a local nonprofit organization and used to help the poor and the needy. Apart from this, he used to share the blankets with the poor and participate in campaigns like Raktan.

बहरहाल पुलिस को तालाशी में जिस तरह से हथियार व् असलाह इत्यादि बरामद हो रहे हैं, उससे ये तो साफ़ है कि यहाँ रहने वालों की मंशा क्या थी. पाकिस्तान जिंदाबाद के नारे लगाना, थोड़ी सी झड़प में गोलियां दाग देना इत्यादि से ये साफ़ हो जाता है कि ये जिहादी केवल नाम के लिए भारतीय हैं, वरना दिल तो इनका पाकिस्तान के लिए ही धड़कता है.

However, with the way the police is recovering in arms and in-arms in Talsi, it is clear from what the motives of the people living here were. The slogans of Pakistan Zindabad, staging bullets in a small clash etc. It becomes clear that these jihadis are Indians only for the name, otherwise the heart beats them for Pakistan.

बिना लाइसेंस के हथियार रखना, घरों में देसी बम रखना इत्यादि से ये भी साफ़ है कि ये अपराधी प्रवर्त्ती के जिहादी हैं और देश में बड़े गृहयुद्ध की तैयारियों में थे. अभी तक तो बंगाल में ही जिहादियों के घरों में देसी बम व् एके 47 मिलती थी, मगर अब यूपी में भी ऐसे मामले सामने आने लगे हैं.

Keeping arms without license, keeping domestic bombs in houses etc. It is also clear that these criminals are jihadis of Prvartti and were preparing for big civil war in the country. So far, in Bengal, there were domestic bombs and AK 47 in the houses of jihadis, but now such cases have started to emerge in UP too.

कासगंज हिंसा:पाकिस्तानी सेना और चाँद के हत्यारों के कनेक्शन का खुलासा,जिसे जान योगी समेत मोदी भी हैरान |

दिल्ली:गौरतलब है कि उत्‍तर-प्रदेश के कासगंज में बीते शुक्रवार को हुई हिंसा मे 22 वर्षीय चंदन गुप्‍ता की मौत हो गई थी. बता दे कि गणतंत्र दिवस (26 जनवरी) के मौके पर विश्‍व हिन्‍दू परिषद (वीएचपी) और अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद (एबीवीपी) के छात्रों ने निकाली थी. इस तिरंगा-यात्रा को मुस्लिम बहुल इलाके से निकालने के दौरान भड़की हिंसा में चंदन गुप्ता की मौत हो गई थी.

चन्दन की हत्या उस समय में हुई थी जब एक तरफ सीमा पर जवान पाकिस्तानी सेना से लोहा ले रहे हैं वहीँ देश के अंडा जब कुछ हिन्दुतानी युवाओं ने मात्र यह कह दिया की आप यदि हिन्दुस्तानी हो तो वन्दे मातरम कहना ही चाहिए ,मग इससे देश में छुपे गद्दार बहार निकल आये और देश के इन सपूतों पर हमला कर चन्दन की बेरहम हत्या करदी ,यह क्कुछ वैसा ही है जैसे कुछ समय पहले सेना के जवानों को सीमा पर गश्त लगते हुए चुपके से मार दिया गया था ,इसलिए चन्दन को शहीद कहा जाना कुछ गलत नहीं होगा |

चंदन गुप्ता
पुलिस के एक सूत्र ने बताया, वहां पर करीब 50 की संख्या में युवक मौजूद थे और उनमें से एक ने हाथ में तिरंगा झंडा लिया हुआ था। इनमें एक युवक के हाथ में बंदूक भी दिख रही थी और कुछ अन्य ने डंडे ले रखे थे। इस दौरान कई राउंड हवाई फायर किए गए और मुस्लिम बहुल इलाकों की तरफ पत्थरबाजी भी की गई।

इसके साथ ही शहर कोतवाली के एसएचओ रिपुदमन सिंह की तरफ से फाइल की गई एफआईआर में कहा गया है कि, ‘तिरंगा यात्रा में शामिल युवाओं को दूसरे समुदाय के लोगों ने अपनी कॉलोनी के रास्ते जाने से मना किया, जिसके बाद दोनों समूहों में झड़प होने लगी। जब पुलिस ने मामला शांत कराने के लिए हस्तक्षेप किया तो किसी ने बात नहीं मानी। इसी दौरान गली में गोली चलने की आवाज आई। इसके बाद दोनों तरफ से पत्थरबाजी और फायरिंग होने लगी। पुलिसकर्मियों को भी टारगेट किया गया।’

आईएएस प्रदीप कासनी
तो वही कासगंज हिंसा पर बरेली डीएम के फेसबुक पोस्ट को लेकर विवाद अभी थमा नहीं था कि अब एक और आईएएस अधिकारी मामले में टिप्पणी कर विवादों को न्योता दे बैठे हैं। अपने फेसबुक पोस्ट्स और अलग-अलग मसलों पर बेबाक राय रखने के लिए मशहूर आईएएस प्रदीप कासनी ने बरेली के डीएम के पोस्ट का जिक्र कर कासगंज हिंसा पर तंज कसा है।

प्रदीप कासनी ने बरेली के डीएम कैप्टन राघवेंद्र विक्रम सिंह के पोस्ट का जिक्र किया है। उन्होंने लिखा है- ‘एक जिला मैजिस्ट्रेट? भीष्म साहनी कृत ‘तमस’ नहीं पढ़ा होगा!’ भीष्म साहनी की महान कृतियों में से एक मानी जाने वाली ‘तमस’ 1947 में बंटवारे के वक्त हुए सांप्रदायिक दंगों की कहानी है।

गौरतलब है कि बरेली के डीएम सिंह ने कासगंज हिंसा का नाम लिए बिना लिखा था कि मुस्लिम मोहल्लों में जबरदस्ती जुलूस ले जाने और पाकिस्तान मुर्दाबाद के नारे का अजीब रिवाज बन गया है। उनका यह पोस्ट काफी वायरल हुआ था और बाद में उन्होंने इसे हटा लिया था।

यूपी के आगरा और फिरोजाबाद मे तिंरगा यात्रा को बुधवार को प्रशासन ने बीच में ही रोक दिया. आगरा में विश्व हिंदू परिषद और बजरंग दल के कार्यकर्ता तिरंगा यात्रा निकाल रहे थे. प्रशासन ने इस तिरंगा यात्रा को निकालने की अनुमति नहीं दी थी. इसलिए प्रशासन इस यात्रा को रोक दिया. प्रशासन ने पहले ही कह दिया था कि पूरे शहर में धारा 144 लगी हुई है. यात्रा नहीं निकाली जा सकती है. लेकिन यहां सुबह से ही सैंकड़ों की संख्या में वीएचपी के कार्यकर्ता बड़ी़ संख्या में एकत्रित हो गए थे.

ऐसा ही एक वीडियो ‘Unofficial Sususwamy‏’ नाम के ट्विटर अकाउंट द्वारा 31 जनवरी को शेयर किया गया।वीडियो में कुछ गाड़‍ियों पर तिरंगा और कुछ पर भगवा झंडा लिए युवक नारेबाजी कर एक गली से गुजरते दिख रहे हैं। वीडियो फूलों की किसी दुकान के भीतर से लिया गया मालूम होता है। ‘वंदे मातरम’ के नारों के बीच कुछ युवक कहते हैं, ”हिंदुस्‍तान में रहना होगा, वंदे मातरम कहना होगा।’

कासगंज मामले में CM योगी को कामयाबी,पकड में आया हत्यारा तो उगले ये बड़े-बड़े नाम ,जिहादियों की रूह तक दहशत

लखनऊ : कासगंज दंगे के बाद सीएम योगी ने बयान दिया था कि आरोपियों को बक्शा नहीं जाएगा. सीएम योगी का वादा पूरा होता दिख रहा है क्योंकि पुलिस ने चंदन गुप्ता के हत्यारे तीन भाइयों में से एक को धर-दबोचा है. सलीम नाम का पहला जिहादी पुलिस की हिरासत में आ चुका है और फिलहाल कासगंज कोतवाली में तेल पिलाये डंडों से उसकी अच्छी तरह से खातिरदारी हो रही है.

Lucknow: After the Kasganj riots, CM Yogi made the statement that the accused will not be expelled. The promise of CM Yogi is being fulfilled because the police has arrested Chandan Gupta’s killer, one of the three brothers. The first jihadist named Salim has been in the custody of the police and at present he is getting good accountability with the oil pellet sticks in Kasganj Kotwali.

पुलिस अपने तरीके से पूछताछ कर रही है और वसीम व् नसीम को तलाश कर रही है. पुलिस ने इनके घर पर कुर्की का नोटिस भी लगाया है, यदि एक मार्च तक ये आरोपी कोर्ट में हाजिर नहीं हुए तो उनकी संपत्ति जब्त कर ली जाएगी.

The police is interrogating in their own way and looking for Wasim or Nasim. The police has also issued a notice of attachment to their house, if the accused did not appear in the court till March 1, their property would be seized.

सामने आया चंदन का आखिरी वीडियो
बता दें कि चंदन की 26 जनवरी को हत्या हुई थी और एबीपी न्यूज़ समेत कई चैनलों ने सारा दोष चन्दन व् उसके साथियों पर ही मढ़ दिया था. इन मीडिया चैनलों ने झूठी न्यूज़ चलाई कि चन्दन व् उसके साथी भगवा झंडा लेकर यात्रा निकाल रहे थे और मुसलमानों को भड़काने वाले नारे लगा रहे थे, जबकि चन्दन के वीडियो से साफ़ हो गया है कि वो बुलेट से तिरंगा यात्रा लेकर निकला था.

Chandan’s last video appeared
Please tell that Chandan was murdered on January 26 and several channels including ABP News had plundered the entire blame on the Chandni and his companions. These media channels carried out false news that Chandan and his companions were carrying out the saffron flag and were shouting slogans provoking Muslims, while the video of Chandan became clear that he had come out with a bullet from the bullet.

चन्दन गुप्ता तिरंगा यात्रा में सबसे आगे चल रहा था. उसके हाथ में तिरंगा झंडा था, नाकि भगवा झंडा और वो कोई आपत्तिजनक नारेबाजी भी नहीं कर रहा था. जिहादी तत्वों की सुनियोजित साजिश थी दंगा करने की. इसी के चलते जानबूझकर तिरंगा यात्रा को मुस्लिम बहुल इलाके से गुजरने से रोक दिया गया.

Chandan Gupta was leading in the tri-color journey. He had a tricolor flag in his hand, not a saffron flag and he was not even making any objectionable sloganeering. The planned plot of jihadist elements was to riot. Due to this, intentionally the Tiranga Yatra was stopped from passing through a Muslim dominated area.

जब एबीवीपी कार्यकर्ताओं ने इसपर ऐतराज जताया तो उनपर घरों की छतों से फायरिंग की गयी और पत्थरबाजी की गयी. यूपी पुलिस के मुताबिक़ जिहादी तत्वों ने पुलिस के जवानों पर भी फायरिंग की.

When ABVP activists protested, they were fired and stone-shaped from the roofs of the houses. According to the UP Police, jihadi elements also firing on the police jawans.

गृह मंत्रालय ने मांगी विस्तृत रिपोर्ट
गृह मंत्रालय ने राज्य सरकार को शुक्रवार को शुरू हुयी हिंसा तथा उसके बाद इलाके में शांति के लिए उठाए गए कदमों के बारे में विस्तृत रिपोर्ट देने को कहा है. राज्य सरकार से यह भी कहा गया है कि हिंसा में शामिल लोगों को दंडित करने के लिए उठाए गए कदमों का ब्यौरा भी मुहैया कराए. मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा है कि उनकी सरकार राज्य के हर नागरिक को सुरक्षा प्रदान करने के लिए प्रतिबद्ध है और अराजकता फैलाने वालों से सख्ती से निपटा जाएगा.

Detailed report sought by the Home Ministry
The Home Ministry has asked the state government to submit a detailed report on the violence launched on Friday and subsequently steps taken for peace in the area. It has also been said to the state government that details of the steps taken to punish people involved in the violence have also been provided. Chief Minister Yogi Adityanath has said that his government is committed to providing security to every citizen of the state and those who spread the chaos will be dealt with strictly.

हिंसा में अबतक 145 लोग गिरफ्तार
चंदन की हत्या के आरोप में 20 नामजद लोगो पर एफआईआर है. पांच नामजद और छह अज्ञात समेत 11 की गिफ्तारी हो चुकी है. 15 नामजद आरोपियों की गिरफ्तारी अभी बाकी है. कासगंज में हिंसा के सिलसिले में 145 लोगों को गिरफ्तार किया गया है.

145 people arrested in violence
There is an FIR on 20 nominated people for the charge of killing Chandan. Five nominations and six unidentified 11 people have been arrested. 15 Nominated accused are yet to be arrested. 145 people have been arrested in connection with the violence in Kasganj.

दलित-मराठा संघर्ष में मोदी सरकार का बड़ा धमाका, एक वार से आज़ादी गंग तबाह, राहुल गाँधी सकते में !

नई दिल्ली: कोरेगांव भीम में हुई हिंसा के बाद मुम्बई पुलिस ने एक शानदार कदम उठाया है और दलित हिंसा से हुए नुक्सान की भरपाई हिंसा फैलाने वालों से ही वसूल करने के आदेश दिए हैं. मुम्बई पुलिस ने उन सभी आयोजकों के खिलाफ एक्शन लेने का फैसला लिया है, जिन्होंने हिंसा फैलाई और जिसके कारण तीन दिनों के लिए मुम्बई थम गयी|

New Delhi: Following the violence in Koregaon Bhima, the Mumbai Police has taken a great step and ordered the recovering from the violence caused by Dalit violence from the people who spread violence. The Mumbai Police has decided to take action against all the organizers, who spread violence and due to which Mumbai was stopped for three days.

रिपब्लिक टीवी की रिपोर्ट के मुताबिक़ मुंबई पुलिस अब इस तेजी से केस की जांच में जुट गयी है और हिंसा के दौरान मिली सभी सीसीटीवी की फुटेज को खंगाला जा रहा है, जिनसे पता चला है कि कई नेता भीड़ को भड़काने में शामिल थे और लोगों को सार्वजनिक संपत्ति का ज्यादा से ज्यादा नुक्सान करने के निर्देश दे रहे थे|

According to the report of the Republic TV, the Mumbai Police has gathered in this fast investigation of the case and the footage of all the CCTVs found during the violence is being investigated, which has revealed that many leaders were involved in provoking the crowd and people Directing the public to make maximum losses.

विरोध के दौरान 200 से ज्यादा बसें, सैकड़ों बाइक, कार और निजी वाहनों को भी आग के हवाले कर दिया गया. पुलिस इस बात का पता भी लगा रही है कि हिंसा, तोड़फोड़, आगजनी व् दलित संगठन के बंद के कारण कितना नुक्सान हुआ है|

During the protest, more than 200 buses, hundreds of bikes, cars and private vehicles were also handed over to the fire. The police is also aware that the loss of violence, demolition, arson and the Dalit organization has taken place due to the closure.

मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक़ पुलिस को संदेह है कि जिग्नेश मेवानी और उमर खालिद ने भड़काऊ भाषणबाजी की, जिसके कारण दंगा भड़का. जिसके बाद सुनियोजित षड्यंत्र के तहत शहर की शान्ति भंग करने और उपद्रव मचाया गया|

According to media reports, the police suspect that Jignesh Mewani and Omar Khalid did the provocative speeches, which led to the riot. After which, under the planned conspiracy, the city’s peace and dissolution were organized.

भड़काऊ बयान देने के आरोप में दलित नेता जिग्नेश मेवाणी और उमर खालिद के खिलाफ केस दर्ज किया गया है. दोनों के खिलाफ आईपीसी के सेक्शन 153(a), 505 and 177 के अंतर्गत हिंसा भड़काने के लिए केस दर्ज किया गया है. इसके अलावा पुलिस ने इस मामले में अब तक 16 एफआईआर दर्ज करते हुए 300 से ज्यादा लोगों को हिरासत में लिया है|

A case has been registered against Dalit leader Jignesh Mawni and Omar Khalid for giving provocative statements. The case has been registered against both the sections 153 (a), 505 and 177 for inciting violence. Apart from this, the police has so far arrested more than 300 people while registering 16 FIRs in this case.

सबसे हैरानी की बात ये भी है कि खुद को जनता का हीरो बताते हुए लोगों को दंगे भड़काने के लिए उकसाने वाले जिग्नेश मेवानी और उमर खालिद, दोनों ही एफआईआर दर्ज होते ही फरार हो गए हैं और पुलिस से छिप रहे हैं. लोगों को उकसाने के लिए भाषणबाजी के दौरान खुद को किसी हीरो की तरह से बताने वाले ये ढोंगी अब पुलिस की गिरफ्तारी के डर से छिपते फिर रहे हैं|

Most surprisingly, Jignesh Mewani and Omar Khalid, who have provoked themselves to provoke the riots by describing themselves as public heroes, are already absconding, and have been absconding from the police. These inconsistencies, like telling someone like a hero during speeches to provoke people, are now hiding behind the fear of police arrest.

मगर कुछ मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक़ मेवानी और खालिद अभी भी मुंबई में ही हैं और कोंग्रेसी नेताओं के संपर्क में हैं. ऐसे में राहुल गाँधी की जवाबदेही बनती है कि आखिर क्यों वो जिग्नेश मेवानी और उमर खालिद जैसे आतंक समर्थकों के समर्थन में खड़े हैं|

But according to some media reports, Mevani and Khalid are still in Mumbai and are in touch with Congress leaders. In such a situation, Rahul Gandhi’s accountability is created why he is standing in support of terror supporters like Jignesh Mewani and Omar Khalid.

मुंबई पुलिस ने दलित आंदोलन के आयोजकों से नुक्सान की भरपाई करने का बेहद सटीक फैसला लिया है, जो इस तरह की सभी राजनीतिक पार्टियों व् उनके गुंडों के लिए एक अच्छा सबक रहेगा, जो अपने स्वार्थ के लिए विरोध व् बंद के नाम पर सार्वजनिक संपत्ति को नुक्सान पहुंचाते हैं|

The Mumbai Police has taken a very precise decision to compensate the organizers of the Dalit movement, which will be a good lesson for all political parties and their goons, who, for the sake of their selfish interests, Do damage.

शान्ति भंग कर साम्प्रदायिक तनाव पैदा करने वाले ऐसे लोगों से नुक्सान का सारा पैसा वसूल कर इन्हे सलाखों के पीछे पहुंचाने का काम शुरू हो गया है. जिसका देश की जनता ने स्वागत किया है. सोशल मीडिया पर लोगों ने मुंबई पुलिस व् राज्य की बीजेपी सरकार की तारीफ़ की है|

After breaking the peace, such people who have created communal tension have started taking away all the money of the damage and getting them behind the bars. Which is welcomed by the people of the country. People on social media have praised the Mumbai Police and the BJP Government of the state.

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https://www.youtube.com/watch?v=4Tyz5onsJbA

मीडिया आपको यह VIDEO कभी नहीं दिखाएगा, दलित तो बस मोहरा बने हैं, असलियत तो इन झंडो और नारों ने बताई

जैसी हिंसा महाराष्ट्र में बीते दिनों हुई, और जिस स्तर का तनाव इसने फैलाया, वो देखकर कम से कम बुद्धिलब्धि वाला इंसान भी बता देगा कि इसमें कोई साजिश जरूर है| इसके पीछे कोई बड़ा और शातिर दिमाग है, और ऐसा कुछ दलित लोग सिर्फ अपने लेवल पर नहीं कर सकते|

As the violence occurred in Maharashtra in the past, and the level of stress that it spread, seeing at least the intelligent person will also tell that there is some conspiracy in it. There is no bigger and vicious brain behind this, and such a few downtrodden people cannot do at their level only.

चलिए, एकदम से किसी निष्कर्ष पर आने से पहले इसकी गहराई समझते हैं| जिस दिन जिग्नेश मेवानी और उमर खालिद को भीमा-कोरेगाँव युद्ध की जयंती पर रखे गये कार्यक्रम में बुलाया गया था, बहुत से राजनीति के पंडितों ने भांप लिया था कि वहां कुछ तो गड़बड़ होने जा रहा था|

Let’s understand its depth before coming to any conclusion. On the day Jignes Mewani and Omar Khalid were called in the program held on the birth anniversary of Bhima-Koregaon War, many pundits of politics had realized that there was something going wrong.

अब आप ही सोचिये कि कोई क्यों उमर खालिद को ऐसे आयोजन में बुलाएगा? ऐसे शख्स को जिसने JNU जैसी जगह पर बेधड़क होकर भारत विरोधी नारे लगवाए थे| जिसने अफ़ज़ल गुरु जैसे भारत की संसद पर हमलों की साजिश रचने वाले आतंकी की पैरवी की हो|

Now think only why would anyone call Umar Khalid in such event? Such a person who had made bold anti-India slogans at a place like JNU. Who has lobbied for terrorist plotting attacks on Parliament of India like Afzal Guru?

इस बात को सोचने का एक और ढंग है| अब ऐसा तो है नहीं कि ये आयोजन पहली बार किया गया था, बल्कि सालों से किया जाता रहा है| लेकिन फिर ये हिंसा इस बार ही क्यों भड़की? इसका भी सीधा कनेक्शन आप जिग्नेश और ख़ास तौर पर उमर खालिद की इस कार्यक्रम में उपस्थिति से जोड़ सकते हैं| और अगर आप हिंसा के दौरान जिस तरह के झंडे लहराए गये और जिस तरह के स्लोगनों से वो जगह गूंजी, इस पर ध्यान दें तो लगेगा जैसे इसमें नक्सलियों और इस्लामिक संगठनों की भी संलिप्तता हो सकती है|

There is another way to think about this thing. Now it is not that this event was done for the first time, but it has been done for years. But then why did this violence spread this time? You can also link it directly to Jignesh and especially the presence of Umar Khalid in this program. And if you focus on the kind of flags that were hoisted during the violence and the kind of slogans that place, then it will look like it may involve involvement of Naxalites and Islamic organizations too.

https://twitter.com/amitd079/status/948440056485756928

भयानक राजनेतिक साजिश के तहत दलित वोट और मुस्लिम वोट का खेल खेल रही विपक्ष देश में असह्न्ति, अराजकता फैला कर देश में आग लगाना चाहती है क्यूंकि वो जानती है के 2019 में यदि बीजेपी को हराना है तो बीजेपी के साथ आये सभी वर्गों को तोडना होगा| चाहे वो मुस्लिम हो, दलित हो या चाहे खुद हिन्दुओं में OBC वर्ग ही क्यूँ न हो| नगर जनता यह सब सच समझ चुकी है की इन सब के पीछे कांग्रेस का दिमाग है जो सत्ता में आने के लिए छटपटा रही है| इसलिए चाहे JNU का कुख्यात उमर खालिद हो, कन्हैया कुमार हो या या खुद गुजरात की जनता को जाती के आधार पर तोड़ने वाला जिग्नेश मेवानी ही क्यूँ न हो सबको पोषित कर रही है|

Under the terrible political conspiracy, the Dalit vote and the opposition playing the game of Muslim vote wants to set fire to the country by spreading anarchy, chaos in the country, because it knows if BJP is to defeat BJP in 2019, then all sections that come with BJP will have to be broken. Whether he is a Muslim, a Dalit or a Hindu himself, OBC is not the only class. The people of the city have understood all this truth that behind all this, there is the mind of the Congress who is sticking to power. So whether JNU’s infamous Omar Khalid, Kanhaiya Kumar or herself, Jignesh Mehwani, who breaks the people of Gujarat on the basis of caste, is not only cherishing everyone.

यह भी देखे :

https://www.youtube.com/watch?v=xlRRjGN7n7U

https://www.youtube.com/watch?v=aGHeWHD0uXg

बीजेपी की अब तक की सबसे बड़ी हार, विपक्ष हुआ कामयाब !

देश के अलग अलग राज्यों में ठीक एक सा षड्यंत्र चल रहा है, वो षड्यंत्र है हिन्दुओ को जाति में तोड़ो, और 2019 में मोदी को रोको, और इस षड्यंत्र को अब बहुत से लोग समझ भी रहे है, पर कदाचित बीजेपी की राज्य सरकारें अब भी इसे समझने को तैयार नहीं है|

There is a good conspiracy going on in different states of the country, the conspiracy is to break the Hindus into the caste, and stop Modi in 2019, and now many people understand this conspiracy, but maybe the state governments of BJP are now It is not even ready to understand it.

पहले हरियाणा में जाटों को भड़काया गया, भड़काने वालों में कांग्रेस के पूर्व मुख्यमंत्री भूपिंदर सिंह हूडा का पर्सनल सचिव शामिल था, फिर गुजरात में कई जातियों को भड़काया गया, उन जातियों के नेता पैदा किये गए और बाद में वो सब सुनियोजित तरीके से कांग्रेस में शामिल हो गए, और अब यही काम महाराष्ट्र में किया जा रहा है पत्रकार रोहित सरदाना ने भी यही बात कही, और उन्होंने कहा की हिन्दुओ को जातियों में तोड़ने का ये गेमप्लान है|

Earlier, Jats were instigated in Haryana, among those who incited the personal secretary of former Congress Chief Minister Bhupinder Singh Hooda, then many castes were fired in Gujarat, leaders of those castes were created and later they were all organized in Congress Joining, and now this work is being done in Maharashtra, journalist Rohit Sardana also said the same thing, and he said that Hindus should be in the caste The game plan is to break not.

रोहित सरदाना ने कांगेस का नाम तो नहीं लिया, पर उनका इशारा साफ़ कांग्रेस की तरफ ही था, हर बीजेपी शासित राज्य में इसी तरह जातिगत संगर्ष करवाकर राजनीती का ये कांग्रेस का ही गेमप्लान है, देखिये रोहित सरदाना का ट्वीट|

Rohit Sardana did not take the name of the Congress, but his gesture was clearly on the Congress side, similarly in every BJP-ruled state, by doing similar caste union, this is the game of politics of Congress, see Rohit Sardana’s tweet.

अब बीजेपी की राज्य सरकारें कैसे नाकाम हो रही है हम आपको वो समझाते है, JNU में डॉ सुब्रमण्यम स्वामी का भाषण इसलिए कैंसिल कर दिया जाता है की उनके भाषण से JNU में स्तिथि बिगड़ने की सम्भावना है, पर महाराष्ट्र में फडणवीस सरकार ने उमर खालिद और जिग्नेश मेवानी जैसे देशविरोधी तत्वों को खुलेआम कार्यक्रम करने दिया, वहां उन्होंने हिन्दुओ के खिलाफ जहर उगला और बाद में भीड़ ने एक मराठा हिन्दू की पीट पीट कर हत्या कर दी क्यूंकि उसने शिवाजी महाराज के चित्र वाला जैकेट पहना हुआ था|

Now we explain to you how the state governments of BJP are failing. In the JNU, Dr. Subramaniam Swamy’s speech is canceled so that his speech is likely to worsen the situation in JNU, but the Fadnavis government in Maharashtra has made Umar Khalid and Anti-national elements such as Jignesh Mewani allowed to open programs, where they sprout poison against Hindus and later the crowd beat a Maratha Hindu peat Pete He was murdered because he was wearing a jacket with a picture of Shivaji Maharaj.

हरियाणा में भी कांग्रेस ने जातिगत संगर्ष करवाया, गुजरात में भी कांग्रेस कामयाब रही और महारष्ट्र में भी कांग्रेस कामयाब रही, इसके अलावा मध्य प्रदेश में भी कांग्रेस ने किसानो के नाम पर दंगे करवाए थे, बीजेपी की राज्य सरकारें इन सभी को रोकने में नाकाम रही है, कहीं न कहीं बीजेपी की राज्य सरकारें कोंग्रेसी षड्यंत्र के प्रति उतनी जागरूक नहीं है, इसी का नतीजा है की कांग्रेस के शह पर लगातार बीजेपी शासित राज्यों को जलाया जा रहा है|

Even in Haryana, Congress organized a caste union, Congress was successful even in Gujarat and Congress was successful even in Maharashtra, besides in Madhya Pradesh, Congress had organized riots in the name of farmers, BJP state governments failed to stop them all. Somewhere, the BJP’s state governments are not so aware of the Congress conspiracy, the result of which is the continuation of the Congress Ijepi being burned territories.

भयानक राजनेतिक साजिश के तहत दलित वोट और मुस्लिम वोट का खेल खेल रही विपक्ष देश में असह्न्ति, अराजकता फैला कर देश में आग लगाना चाहती है क्यूंकि वो जानती है के 2019 में यदि बीजेपी को हराना है तो बीजेपी के साथ आये सभी वर्गों को तोडना होगा| चाहे वो मुस्लिम हो, दलित हो या चाहे खुद हिन्दुओं में OBC वर्ग ही क्यूँ न हो| नगर जनता यह सब सच समझ चुकी है की इन सब के पीछे कांग्रेस का दिमाग है जो सत्ता में आने के लिए छटपटा रही है| इसलिए चाहे JNU का कुख्यात उमर खालिद हो, कन्हैया कुमार हो या या खुद गुजरात की जनता को जाती के आधार पर तोड़ने वाला जिग्नेश मेवानी ही क्यूँ न हो सबको पोषित कर रही है|

Under the terrible political conspiracy, the Dalit vote and the opposition playing the game of Muslim vote wants to set fire to the country by spreading anarchy, chaos in the country, because it knows if BJP is to defeat BJP in 2019, then all sections that come with BJP will have to be broken. | Whether he is a Muslim, a Dalit or a Hindu himself, OBC is not the only class. The people of the city have understood all this truth that behind all this, there is the mind of the Congress who is sticking to power. So whether JNU’s infamous Omar Khalid, Kanhaiya Kumar or herself, Jignesh Mehwani, who breaks the people of Gujarat on the basis of caste, is not only cherishing everyone.

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https://www.youtube.com/watch?v=aGHeWHD0uXg

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भीमा कोरेगांव दंगों को लेकर हुआ बड़ा खुलासा, AAJ TAK की इस बड़ी पत्रकार ने किया पर्दाफाश !

महाराष्ट्र के भीमा कोरेगांव में 31 दिसंबर को कोरेगांव लड़ाई की 200 वीं वर्षगांठ पर एक कार्यक्रम रखा गया था! भीमा-कोरेगांव की लड़ाई में महार जाती के लोगो ने अंग्रेजो के तरफ से लड़ा था और 1818 में हुए इस युद्ध में ईस्ट इंडिया कंपनी ने पेशवा को शिकश्त दी थी! महार जताई के लोग बहादुरी का परिचय देते हुए पेशवा की बड़ी फौज को हरा दिया था! इसके बाद से हर साल दलित समुदाय के लोग हर साल उन सैनिकों की बहादुरी का जश्न मनाते हैं जो ईस्ट इंडिया कंपनी की ओर से लड़े थे|

A program was organized on the 200th anniversary of the Battle of Koregaon on December 31 in Bhima Koregaon, Maharashtra! In the Battle of Bhima-Koregaon, Maharaj’s people fought against the British and in 1818 the East India Company had trained Peshwa in this war! The people of Maharajati had defeated the great army of Peshwa, introducing bravery! Since then, every year, Dalit community celebrates the bravery of those soldiers who fought on behalf of East India Company every year.

इस कार्यक्रम में जिग्नेश मेवाणी और जेएनयू छात्र उमर खालिद, रोहित वेमुला की मां राधिका वेमुला, भीम आर्मी अध्यक्ष विनय रतन सिंह और पूर्व सांसद और डॉ. भीमराव अंबेडकर के पौत्र प्रकाश अंबेडकर भी शामिल थे! पुणे के कोरेगांव में दलितों की सेना की जीत के दो सौ वर्ष पुरे होने के अवसर पर आयोजित रैली में भड़की हिंसा के बाद महाराष्ट्र में हालात तनावपूर्ण है|

The program included Jignesh Mawni and JNU student Umar Khalid, Rohit Vemula’s mother Radhika Vemula, Bhima Army president Vinay Ratan Singh and former MP and grandson of Dr. Bhimrao Ambedkar, Prakash Ambedkar. Things are tense in Maharashtra after the violence in the rally organized on the occasion of the completion of two hundred years of the victory of the Dalit army in Koregaon, Pune.

आजतक की पत्रकार स्वेता सिंह ने ट्वीट के ज़रिये भीमा कोरेगांव में भड़की हिंसा के पीछे सत्ता के लालची लोगो को ज़िम्मेदार ठहराया है! स्वेता सिंह ने टवीट कर लिखा- “कभी अंग्रेज़ शासन के लिए भाई को भाई से लड़वाते थे। आज सत्ता के लोभ में कोई और यही कर रहा है। आख़िर सदियों में क्या बदला। शायद हम बदल कर ये चक्र तोड़ सकते हैं। #MaharashtraCasteClash”

Azhtak journalist Sveta Singh has blamed the greedy people of power after tweeting the violence in Bhima Koregaon! Sveta Singh tweeted, “Ever wanted British rule to fight brother with brother. Today nobody else is doing this in the greed of power. What has changed in centuries? Maybe we can break this cycle by changing. #MaharashtraCasteClash ”

आपको बता दे जिग्नेश मेवानी एक स्वघोषित दलित नेता, जो गुजरात से निर्दलीय विधायक बने है, जिन्हे कांग्रेस का समर्थन प्राप्त था, और उन्हें राहुल गाँधी का भी बहुति करीबी माना जाने लगा है! जिग्नेश ने अपनी रैली में हिंसा पर उलटे पीएम मोदी पर हमला किया है, लिखा- “मोदीजी 200 साल पहले युद्ध के मैदान में वो 500 थे तो भी जीते थे, 2019 में चुनाव के मैदान में हम 25 करोड़ लोग आपको करारा जवाब देंगे”

Let me tell you Jignesh Mewani, a self-proclaimed Dalit leader, who has been an Independent MLA from Gujarat, who had the support of the Congress, and he is considered to be very close to Rahul Gandhi! Jignesh attacked the opposite PM on violence in his rally, wrote, “Modiji 200 years ago he had won 500 in the field of war, even then, 200 million people will answer you in the election field in 2019”

https://twitter.com/YogiAditya_nath/status/948557052640555008

https://youtu.be/KBflXrO5QSI

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पुणे में हुई हिंसा में हुआ अब तक का सबसे बड़ा खुलासा, जेल जाएंगे अब ये बड़े नेता!

पुणे: कोरेगांव युद्ध के जश्न पर पुणे में हुई हिंसा की लपटे मुंबई तक पहुंच गई हैं. दलित समुदाय और मराठा समुदाय के बीच की झड़पों से मुंबई के कई इलाकों में तनाव हो गया है. प्रदर्शनकारियों ने मुंबई में कई जगह प्रदर्शन किया है और सड़कें जाम कर दी हैं. इसी बीच एक बेहद चौंकाने वाला खुलासा हुआ है, जिसे देख सभी हैरान रह गए हैं|

Pune: On the celebration of the Koregaon War, the violence of Pune violence has reached Mumbai. The clashes between the Dalit community and the Maratha community have got tension in many areas of Mumbai. Protesters have demonstrated in many places in Mumbai and have blocked roads. Meanwhile, a very shocking disclosure has happened, all of whom are surprised to see.

पिछले कई दशकों से इस तरह से दलित जश्न मनाते आये हैं, मगर पहले कभी हिंसा नहीं हुई. खुलासा हुआ है कि इस जश्न में मौके को हिंसा में तब्दील करने के पीछे कांग्रेस समेत विपक्षी दलों का हाथ है. बताया जा रहा है कि जिग्नेश मवानी, उमर खालिद और राधिका वेमुला इस मौके पर मौजूद थे. विपक्ष ने हिन्दू एकता को तोड़ने के लिए अपने कुछ असामाजिक तत्वों को दलितों की भीड़ में शामिल कर दिया, जिन्होंने मराठा लोगों पर भद्दी-भद्दी टिप्णियां करके उन्हें उकसाना शुरू कर दिया|

For the last several decades, Dalits have celebrated this way, but never before have there been violence. It has been revealed that in the celebration, the Opposition parties, including the Congress, are behind the opportunity to turn the scene into violence. It is being told that Jignesh Mavani, Omar Khalid and Radhika Vemulah were present on the occasion. In order to break the Hindu unity, the Opposition added some of its anti-social elements into the crowd of Dalits, who started provocating by making insulting comments on Maratha people.

पूरी योजना दोनों वर्गों में फूट डालने के लिए रची गयी. मौके पर मौजूद कुछ लोगों ने तो यहाँ तक बताया कि कई कट्टरपंथी मुस्लिम भी टोपी उतार कर इसमें शामिल हो गए और तोड़फोड़ शुरू कर दी. फिर देखते ही देखते हिंसा की आग फ़ैल गयी| वैसे कांग्रेस के लिए ये कोई नयी बात नहीं है. इससे पहले मध्य प्रदेश में शांतिपूर्ण तरीके से चल रहे किसान आंदोलन के बीच भी कोंग्रेसी नेताओं ने हिंसा फैलाने के लिए भड़काऊ बयानबाजी की थी और कई वीडियो सामने आये थे, जिसमे कोंग्रेसी नेता दंगा व् आगजनी करने के लिए उकसा रहे थे|

The entire plan was created to split the two sections. Even some people present on the spot have even told that many radical Muslims also took off cap and joined it and started sabotage. Then there was a fire of violence. Well, this is not a new thing for the Congress. Earlier, among the peaceful movement of the peasant movement in Madhya Pradesh, Congress leaders had made provocative statements to spread the violence and many videos came out, in which Congress leaders were provoked to riot and arson.

यूपी हो या उत्तरखंड, गुजरात हो या हिमाचल, सभी राज्यों में कांग्रेस हिन्दू एकता के कारण हार रही है. मुस्लिम तुष्टिकरण करने वाले राहुल गाँधी ने गुजरात में जनेऊ धारण करके मंदिरों के चक्कर तक लगाए मगर जनता की आँखों में धुल झोंकने में असफल रहे. लिहाजा हिन्दुओं में फूट डालो, राज करो की नीति के तहत फिर से फूट डलवाई जा रही है|

Whether in UP or Uttarakhand, Gujarat or Himachal, Congress in all states is losing due to Hindu unity. The Muslim appeasement campaigner, Rahul Gandhi, used to wear Janeu in Gujarat till the dawn of the temples but failed to smash the eyes of the public. Therefore, divide the Hindus into a state of polarization.

ऐसा ही कुछ यूपी में योगी आदित्यनाथ के सीएम बनने के बाद भी हुआ था, जहाँ कट्टरपंथी मुस्लिमों ने दलित प्रदर्शनकारियों के बीच घुसकर हिंसा फैला दी थी, मगर सीएम योगी के सख्त एक्शन के कारण सभी दंगाई जेल में डाल दिए गए और कईयों पर रासुका तक थोक दिया गया|

In the same UP, Yogi was even after becoming the CM of Adityanath, where radical Muslims had spread violence by entering the dalit protesters, but due to the strict action of the CM Yogi all the riots were put in jail and on many others to Rasuka Made Bulk.

मोदी लहर का सामना करने में असफल हो चुकी कांग्रेस व् अन्य विपक्षी दल अब घिनौनी राजनीति पर उतर आये हैं. राहुल गाँधी ने भी मौक़ा देखते ही दलितों के नाम की राजनीति शुरू कर दी. एक के बाद एक ट्वीट करके लाशों की राजनीति करने से भी परहेज नहीं किया कांग्रेस के नव निर्वाचित अध्यक्ष ने|

The Congress and other opposition parties, which have failed to face the Modi wave, have come down to abominable politics. Rahul Gandhi also started the politics of the name of Dalits after seeing the opportunity. The newly elected President of Congress did not even refrain from doing politics of corpses by tweeting one by one.

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https://www.youtube.com/watch?v=MF44_Wf-zGQ