कोरोना वायरस: बेंगलुरु में होने वाली RSS की प्रतिनिधिसभा की बैठक रद्द

देशभर में फैल रहे कोरोना वायरस (Coronavirus) को देखते हुए राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS) ने रविवार से बेंगलुरू में शुरू होने वाली तीन दिवसीय प्रतिनिधि सभा की बैठक रद्द कर दी है. इस बात की जानकारी खुद सह सर कार्यवाह भैया जी जोशी ने दी.

In view of Coronavirus spreading across the country, the Rashtriya Swayamsevak Sangh (RSS) has canceled the three-day meeting of the House of Representatives which started in Bengaluru from Sunday. Bhaiya Ji Joshi himself gave information about this matter.

भैया जी जोशी के मुताबिक अभी देशभर में कोरोना का प्रकोप है. प्रशासनिक अनुरोध के अनुसार अभी सभी को इसकी रोकथाम में लगना है, लिहाजा प्रतिनिधि सभा की बैठक फिलहाल रद्द की जाती है. उन्होंने सभी स्वयंसेवकों से आह्वान किया है कि बीमारी की रोकथाम के लिए प्रशासन के साथ सहयोग करें और जागरूकता लाएं.

According to Bhaiyaji joshi, there is an outbreak of corona across the country right now. According to the administrative request, now everyone has to put a stop to it, so the meeting of the House of Representatives is canceled at present. He has called upon all volunteers to cooperate with the administration and bring awareness for the prevention of disease.

गौरतलब है कि राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (आरएसएस) की अखिल भारतीय प्रतिनिधि सभा की तीन दिवसीय वार्षिक बैठक रविवार को बेंगलुरू में तय थी. प्रतिनिधि सभा आरएसएस की निर्णय लेने वाली सर्वोच्च संस्था है.

Significantly, the three-day annual meeting of the All India Representative Assembly of the Rashtriya Swayamsevak Sangh (RSS) was scheduled on Sunday in Bengaluru. The House of Representatives is the highest decision making body of the RSS.

आरएसएस और इसके आनुषंगिक संगठनों के 1,500 निर्वाचित प्रतिनिधियों के इस बैठक में भाग लेने की उम्मीद थी. माना जा रहा था कि आरएसएस बैठक के दौरान अपने 15 लाख स्वयंसेवकों को समाज में सकारात्मक बदलाव लाने के लिए सक्रिय करने के बारे में कोई फैसला करेगा.

1,500 elected representatives of the RSS and its allied organizations were expected to attend this meeting. During the meeting, it was believed that the RSS would decide to activate its 15 lakh volunteers to bring positive changes in the society.

इस बैठक में संघ आगामी एक साल के कामकाज की रूपरेखा तय करती है. भाजपा के राष्ट्रीय अध्य्क्ष जे पी नड्डा और संगठन महामंत्री बी एल संतोष को भी इस बैठक में शिरकत करना था.

In this meeting, the Sangh decides the outline of the functioning of the next one year. BJP National President JP Nadda and Organization General Secretary BL Santosh were also to attend this meeting.

ब्रेकिंग : RSS प्रमुख मोहन भागवत का राम मंदिर पर बड़ा खुलासा, जिनको राम मंदिर बनाना है वो….

New Delhi: राष्ट्रीय स्वयं सेवक संघ (RSS) प्रमुख मोहन भागवत ने एक बार फिर राम मंदिर के मुद्दे पर बड़ा बयान दिया है। भागवत ने कहा कि जिनको राम मंदिर बनाना है, पहले उन्हें खुद राम बनना पड़ेगा।
मध्यप्रदेश के छतरपुर जिले के मऊसहानियां में एक सभा को संबोधित करते हुए मोहन भागवत ने कहा कि राम मंदिर का निर्माण सिर्फ इच्छा नहीं, बल्कि हमारा संकप्ल है।

New Delhi: Rashtriya Swayam Sevak Sangh (RSS) chief Mohan Bhagwat has once again made a big statement on Ram temple issue. Bhagwat said that those who have to build Ram temple, first they will have to make Ram themselves.
Addressing a gathering in the Maushanya of Chhatarpur district of Madhya Pradesh, Mohan Bhagwat said that the construction of the Ram Temple is not just a desire but our resolve.

सभा को संबोधित करते हुए भागवत ने कहा कि राम मंदिर का निर्माण कराने वालों को कुछ नहीं होगा। मोहन भागवत ने कहा कि यह राम मंदिर के निर्माण का यह सही समय है। उन्होंने कहा कि राम मंदिर बनाने वालों को राम जैसा ही बनना पड़ेगा, तभी यह काम पूरा हो पाएगा।

While addressing the gathering, Bhagwat said that there will be nothing for the people who make the Ram temple. Mohan Bhagwat said that this is the right time to build Ram temple. He said that those who make the Ram temple will have to become like Ram, then this work will be completed.

भागवत ने कहा, “महाराज छत्रसाल ने समाज के सब लोगों को जोड़कर अपने साम्राज्य की स्थापना की थी, महाराज छत्रसाल शिवाजी महाराज के पास पहुंचे और उनसे परिस्थितिवश सम्प्रदाय की प्रजा के बीच भेद उत्पन्न करने वाले दुश्मनों को ठिकाने लगाने उनकी सेना में शामिल होने का मन बनाया था, लेकिन शिवाजी ने महाराज छत्रसाल को अपने परिश्रम से प्रजा की रक्षा करने हेतु वापस कर दिया था।

Bhagwat said, “Maharaj Chhatrasal had established his empire by connecting all the people of the society, Maharaj came to Chhatrasal Shivaji Maharaj and to join him in his army to hide the enemies who distinguish between the people of the circumstantial sect The mind was made, but Shivaji returned Maharaj Chhatrasal to protect the people from his labor.

भागवत ने आगे कहा कि 1988 से पड़ा है। बनेगा…बनेगा। अभी तक नहीं बन रहा है। बाकी छोटी-मोटी कठिनाइयां हैं, जो हैं। मुख्य कठिनाई क्या है कि जिनको राम का मंदिर बनाना है, उनको कुछ-कुछ राम खुद को बनना है। वो काम हम जितना करेंगे, उतना प्रभु रामजी जल्द से जल्द यहां अवतरित होंगे।

Bhagwat further said that it was from 1988. Will be made … Not yet created. There are other small difficulties, which are those. What is the main difficulty that those who want to make Ram’s temple, they have to make some Ram themselves. The more we do that work, the lord Ramji will be quoted as soon as possible.

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https://youtu.be/k87GwTUEGuQ

https://youtu.be/hsfxfSRtdUs

source name poilitical report

अभी अभी: पाकिस्तान में लाशें बिछाने के लिए एक्शन में RSS, भागवत का ऐसा रूप देख नापाक फ़ौज में हडकंप..

नई दिल्ली : पाकिस्तान अपनी शैतानी हरकतों से बाज नहीं आ रहा है. पिछले साल उरी आतंकी हमले के बाद भारतीय सेना ने सर्जिकल स्ट्राइक करके पाकिस्तान को सबक सिखाया था. उसके बाद कुछ वक़्त तक पाकिस्तान चुपचाप भी रहा, मगर फिर से पाकिस्तान जस का तस हो गया है. पिछले कई महीनों से पाक फ़ौज लगातार आतंकी घुसपैठ कराने के लिए संघर्ष विराम का उलंघन कर रही है. ऐसे में साफ़ है कि पाकिस्तान के ऊपर बड़ा एक्शन करने का वक़्त आ गया है.

New Delhi: Pakistan is not able to defeat its satanic movements. After the Uri terrorist attack last year, Indian Army taught a lesson to Pakistan by making a surgical strike. After that, Pakistan remained silent for some time, but again Pakistan has settled down. For the past several months, the Pak army has been continuously violating the ceasefire for infiltrating terrorists. Clearly, there has been a time for big action on Pakistan.

आर-पार की लड़ाई के मूड में आरएसएस
दरअसल जम्मू के सुंजवां आर्मी कैंप पर आतंकियों के हमले के बाद से सारा देश गुस्से से उबल पड़ा है. पाकिस्तान की हरकतों से साफ़ है कि वो लातों का वो भूत है, जो बातों से नहीं मानेगा. ऐसे में पाकिस्तान के खिलाफ 1965 और 1971 जैसा बड़ा एक्शन करने का वक़्त आ चुका है.

RSS in the Mood of R-Cross
In fact, since the attack of terrorists on the Sunjwan Army camp in Jammu, the whole country was boiled with anger. It is clear from Pakistan’s movements that it is the ghost of the soul, which will not be accepted by the things. In such a case, there is a time for bigger action like 1965 and 1971 against Pakistan.

इस मिशन के लिए भारतीय सेना तो तैयार है ही, मगर अब राष्ट्रीय स्वयं सेवक संघ (आरएसएस) भी पूरी तरह से तैयार हो गया है. राष्ट्रीय स्वयं सेवक संघ प्रमुख मोहन भागवत ने बिहार के मुजफ्फरपुर में स्वयंसेवकों को एक सम्बोधन देते हुए ऐलान किया है कि हम सेना तो नहीं है, लेकिन हमारा अनुशासन उनके जैसा ही है.

The Indian Army is ready for this mission, but now the National Self Service Association (RSS) has also been fully prepared. National Self Service Association chief Mohan Bhagwat has announced an address to the volunteers in Muzaffarpur, Bihar that we are not an army but our discipline is like him.

पाकिस्तान पर हमला बोलने के लिए तैयार स्वयंसेवकों की फ़ौज
इतना ही नहीं, मोहन भागवत ने अपने स्वयंसेवकों के सेना से पहले तैयार हो जाने का भी दावा किया है. भागवत ने कहा कि यदि देश को हमारी जरूरत पड़े और हमारा संविधान और कानून इजाजत दे हम तुरंत तैयार हो जाएंगे. भागवत के बयान से साफ़ है कि उन्होंने कहा है कि यदि जरुरत हो तो आरएसएस के स्वयं सेवक भी एक सेना की तरह पाकिस्तान पर हमला बोल देंगे.

Force of volunteers ready to attack Pakistan
Not only that, Mohan Bhagwat also claimed to be ready before his army of volunteers. Bhagwat said that if the country needs ours and our constitution and law allow us we will be ready immediately. Bhagwat’s statement is clear that he has said that if necessary, RSS volunteers will also attack Pakistan like an army.

स्वयंसेवकों की ताकत का परिचय देते हुए संघ प्रमुख भागवत ने कहा कि सेना को तैयार होने में 6-7 महीने लग जाएंगे, लेकिन हम दो से तीन दिन में ही तैयार हो जाएंगे, क्योंकि हमारा अनुशासन ही ऐसा है. भागवत के बयान से साफ़ है कि पाकिस्तान के खिलाफ गुस्सा बढ़ रहा है. उसकी नापाक व् शैतानी हरकतों को भारत अब बर्दाश्त करने को तैयार नहीं है.

Speaking about the strength of the volunteers, Sangh chief Bhagwat said that it will take 6-7 months for the army to get ready, but we will be ready in two to three days because our discipline is the same. It is clear from Bhagwat’s statement that anger against Pakistan is on the rise. India is not ready to tolerate its nefarious and satanic movements.

मोहन भागवत पिछले 6 फरवरी से मुजफ्फरपुर के प्रवास पर हैं. इस दौरान उन्होंने कई कार्यक्रमों में हिस्सा लिया. कार्यक्रम के अंतिम दिन संघ प्रमुख मोहन भागवत ने इस बात पर जोर दिया कि अनुशासन ही हमारी पहचान है. उन्होंने कहा कि हमारा संगठन मिलिट्री या पैरा मिलिट्री संगठन नहीं हैं, लेकिन हमारा संगठन पारिवारिक है. मगर यदि जरुरत पड़ती है तो स्वयं सेवक किसी सेना की तरह दुश्मन पर टूट पड़ेंगे.

Mohan Bhagwat is on migration from Muzaffarpur since 6th February. During this he participated in many programs. On the last day of the program, Union Chief Mohan Bhagwat emphasized that discipline is our identity. He said that our organization is not a military or para-military organization, but our organization is family-safe. But if required, then the self-appointed servant will fall on the enemy like an army.

पाकिस्तान ने करवाया सुंजवां में आतंकी हमला
बता दें कि जम्मू के सुंजवां आर्मी कैंप पर आतंकी हमले में सेना के 5 जवान शहीद हो गए हैं, जबकि चार आतंकियों को मार गिराया गया है. सुंजवां कैंप में अभी भी फायरिंग की आवाजें आ रही हैं.

Pakistan attacks terrorist attack in Sunjwan
Explain that five soldiers of the army have been killed in a terror attack on the Sunjwan Army camp in Jammu, while four terrorists have been killed. There are still firing voices in Sunjwan camp.

आतंकियों के खात्मे के लिए सेना ने इलाके की मजबूत घेराबंदी की है. साथ ही सुरक्षा बलों ने इस ऑपरेशन में चार एपीसी (आर्म्ड पर्सनल कैरियर) वाहन उतारे हैं. वहीं, पूरे जम्मू-कश्मीर में आतंकी हमलों की आशंका के चलते हाई अलर्ट घोषित किया गया है.

For the elimination of terrorists, the army has a strong siege of the area. In addition, the security forces have launched four APC (armed personal carrier) vehicles in this operation. At the same time, a high alert has been declared due to the fear of terrorist attacks across Jammu and Kashmir.

मारे गए आतंकियों के पास से भारी मात्रा में हथियार बरामद हुआ है. साथ ही पाकिस्तान के आतंकी संगठन जैश-ए-मोहम्मद का झंडा भी मिला है. बताया जा रहा है कि आतंकी सेना की वर्दी में आए थे.

A huge quantity of arms has been recovered from the dead terrorists. At the same time, the flag of Pakistani terrorist organization Jaish-e-Mohammed was also found. It is being told that the terrorists came to the uniform of the army.

पाकिस्तान के खिलाफ सबूत आये सामने
सेना ने तुरंत एक्शन लेते हुए टैंकों तक का इस्तमाल किया और आतंकियों को जहन्नुम भेज दिया. बताया जा रहा है कि पाकिस्तान के मुजफ्फराबाद में मसूद अजहर और हिजबुल चीफ सल्लाउद्दीन के बीच बैठक में इस हमले की साजिश रची गई थी. इसे लेकर जैश सरगना और उसके गुर्गे रउफ असगर की बातचीत का ऑडियो भी सामने आ चुका है.

Proof came against Pakistan
Army immediately took action and used tanks and sent terrorists to hell. It is being told that a conspiracy was hatched in the meeting between Masood Azhar and Hizbul Chief Advisor in Muzaffarabad in Pakistan. The audio of the dialogue of the jammer gangster and his henchman Rauf Asghar has also been revealed.

मतलब साफ़ है कि पाकिस्तान भारत पर यूं ही हमले तब तक कराता रहेगा, जब तक उसे बड़ा सबक नहीं सिखाया जाता. ऐसे में आरएसएस प्रमुख ने साफ़ कर दिया है कि पाकिस्तान पर हमला बोलने के लिए उनकी लाखों स्वयं सेवकों की फ़ौज भी तैयार है.

It is clear that Pakistan will continue to attack India only until it is taught a great lesson. In such a way, the RSS chief has clarified that his army of lakhs of volunteers is ready to attack Pakistan.

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https://youtu.be/6KzO3XxanXM

source name:politicalreport

इस वामपंथी नेता ने संविधान को लेकर PM मोदी पर लगाये ऐसे गंभीर आरोप, RSS समेत पूरा राष्ट्र रह गया सन्न..

नई दिल्ली: माकपा नेता प्रकाश करात ने मोदी सरकार पर देश का संविधान बदलने की कोशिश करने का आरोप लगाते हुए कहा है कि संविधान को कमजोर करने की कोशिशों को रोकना होगा. करात ने आरोप लगाया कि भाजपा और आरएसएस हिंदुत्व की विचारधारा के समर्थक हैं और यह संविधान की मूल भावना के लिए हानिकारक है.

करात ने लिखा लेख
माकपा के मुखपत्र पीपुल्स डेमोक्रेसी में प्रकाशित लेख में करात ने कहा कि संविधान के मूल अवधारणा को आज उन लोगों से खतरा पैदा हो गया है जिनकी जिम्मेदारी एक संस्था के तौर पर काम करते हुए संविधान के संरक्षण की है. उन्होंने कहा कि आरएसएस और इसके विचारकों द्वारा संविधान की अवमानना करना कभी किसी से छुपा नहीं रहा है.

करात ने लेख में केन्द्रीय मंत्री अनंत कुमार हेगड़े का जिक्र करते हुए कहा कि जब कभी भी भाजपा सत्ता में आयी है, सरकार के मंत्री और विभिन्न सरकारी संस्थाओं में अहम पदों पर बैठे लोग लगातार मुख्य दस्तावेजों में बदलाव की बात कर रहे हैं. हालांकि हेगड़े विवादों में घिरे अपने उक्त बयान से किसी की भावनायें आहत होने के हवाले से पहले ही माफी मांग चुके हैं.

करात ने लेख में कहा कि उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ भी धर्मनिरपेक्ष शब्द को स्वतंत्रता के बाद अब तक का सबसे बड़ा झूठ करार दे चुके हैं. इस प्रकार योगी ने संविधान के मूल सिद्धातों पर हमला करना शुरू भी कर दिया है.

येचुरी से मतभेद को करात ने नकारा
वहीं माकपा पोलित ब्यूरो के सदस्य प्रकाश करात ने कांग्रेस के साथ गठबंधन करने के मुद्दे पर पार्टी महासचिव सीताराम येचुरी के साथ मतभेदों की बात को नकारते हुए कहा कि विचारों में भिन्नता पार्टी में आंतरिक लोकतंत्र को दर्शाती है. करात ने येचुरी के साथ मतभेदों के बारे में प्रकाशित मीडिया रिपोर्टों के बारे में कहा कि उन दोनों के बीच ‘राजनीतिक विचारों की भिन्नता’ को मीडिया में ‘निजी टकराव’ और ‘मतभेद’ के रूप में दिखाया गया है.

करात ने हालांकि येचुरी का नाम लिए बिना कहा ‘‘जिन्होंने पार्टी के सामूहिक फैसले का उल्लंघन किया उन्हें गुटबाज माना जाएगा.’’उन्होंने कहा कि पार्टी में समिति के भीतर किसी राजनीतिक प्रश्न पर बहुमत या अल्पमत के नजरिये को दो गुटों की सीमारेखा के रूप में नहीं देखा जा सकता है. करात ने पार्टी के मुखपत्र पीपुल्स डेमोक्रेसी के संपादकीय लेख में यह बात कही.

उनका यह लेख हाल ही में कोलकाता में आयोजित माकपा केन्द्रीय समिति की उस बैठक के कुछ दिन बाद प्रकाशित हुआ है जिसमें अगले लोकसभा चुनाव में भाजपा से निपटने के लिए माकपा के कांग्रेस के साथ गठबंधन करने के येचुरी के प्रस्ताव को बहुमत से खारिज कर दिया गया था. करात ने बैठक में इस प्रस्ताव का विरोध किया था.

करात ने लेख में माकपा के संविधान का हवाला देते हुए कहा कि पार्टी में गुटबाजी पूरी तरह से अस्वीकार्य है. हालांकि उन्होंने पार्टी में टकराव और टूट की आशंका जताने वाली मीडिया रिपोर्टों को भी गलत बताते हुये इस तरह की मीडिया खबरों को मीडियाकर्मियों की माकपा की कार्यशैली से अनभिज्ञता का परिणाम बताया.

करात ने आरोप लगाया कि भाजपा और आरएसएस हिंदुत्व की विचारधारा के समर्थक हैं और यह संविधान की मूल भावना के लिए हानिकारक है.

खास बातें
प्रकाश करात ने अपने लेख में मोदी सरकार पर साधा निशाना
संविधान को कमजोर करने की कोशिशों को रोकना होगा : करात
प्रकाश करात ने येचुरी के साथ मतभेदों की बात को नकारा

यह भी देखें:

https://youtu.be/LvTwV08DsAo

https://youtu.be/gxWa3r-mlh0

source zee news

प्रकाश करात

 

विवादित फिल्म ‘पद्मावत’को लेकर RSS का एक और ऐसा धमाकेदार बयान, बंसाली समेत पूरी फिल्म इंडस्ट्री में हडकंप…

24 जनवरी, 2018 : जैसा हम सभी इस बात को जानते हैं कि फिल्म ‘पद्मावत’ को लेकर देशभर में बवाल मचा हुआ है. जानकारी के अनुसार आपको बता दें कि ‘राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ’ (आरएसएस) ने इस फिल्म को लेकर अपना रुख साफ कर दिया है. आरएसएस को आशंका है कि फिल्म पद्मावत में इतिहास के ऐतिहासिक तथ्यों से छेड़छाड़ की गयी है. इस तरह इतिहास के साथ किसी भी प्रकार की छेड़छाड़ करना सही नहीं है.

January 24, 2018: As we all know, there has been a furor across the country with the film ‘Padmavat’. According to the information, please tell you that the RSS has cleared its stand on this film. RSS feared that historic facts of history have been tampered with in Padmavat. In this way, any kind of tampering with history is not right.

सूत्रों के अनुसार ‘भगवती प्रसाद’ जोकि आरएसएस के उत्तर पश्चिम क्षेत्रिय संघ चालक है, उन्होंने कहा है कि पहले की तरह इतिहास की गरिमा को बनाये रखने के लिए सरकार को भी ऐतिहासिक तथ्यों से छेड़छाड़ करने वालों को नियंत्रण में रखना बहुत आवश्यक है. ध्यान देने वाली बात यह है कि आरएसएस ने सोमवार (22 जनवरी) को साफ किया था कि संघ भी पद्मावत को रिलीज नहीं चाहता है.

According to sources, Bhagwati Prasad, a North West Regional Union conductor of the RSS, has said that it is very necessary for the government to keep control of the history of the people as well as to keep the history of the people in control. The point of note is that the RSS had made clear on Monday (January 22) that even the Sangh does not want to release Padmavat.

उन्होंने कहा है कि इतिहास को लेकर जनभावना को ध्यान में रखकर किसी भी तरह की बात हो तो वह राष्ट्र हित के अनुसार होनी चाहिए. साथ उन्होंने यह भी कहा है कि अगर कोई भी व्यक्ति आजादी की बात कहकर इतिहास के ऐतिहासिक तथ्यों से छेड़छाड़ करता है तो इससे लोगों भी भावनाओं को दुःख पहुँचता है. यदि कोई ऐतिहासिक तथ्यों से छेड़छाड़ करता है तो समाज भी जनतांत्रिक तरीके से उसके खिलाफ आंदोलन कर सकता है.

He said that if there is any kind of thing in keeping with the public sentiment about history, it should be according to the national interest. Together they have also said that if any person tampering the historical facts of history by speaking about independence, then people also suffer feelings of emotions. If a person tamper with historical facts, then society can agitate against it in a democratic way.

मलिक मोहम्मद जायसी ने ‘पद्मावत’ में शामिल की कल्पनाएं
भगवती प्रसाद ने कहा है कि संघ का हमेशा से यही मानाना रहा है कि हमारे राष्ट्र में ऐतिहासिक संदर्भों को राष्ट्रीय परिप्रेक्ष्य में, इतिहास सम्मत जन भावना के अनुरूप ही अभिव्यक्त करना चाहिए।

Imagery of Malik Mohammed Joyce included in ‘Padmavat’
Bhagwati Prasad has said that the Sangh has always believed that historical references in our nation should be expressed in a national perspective, in line with the history-based public sentiment.

संघ चालक भवती प्रसाद ने कहा है कि हमारे राष्ट्र में ऐतिहासिक संदर्भों को राष्ट्रीय परिप्रेक्ष्य में, इतिहास सम्मत जन भावना के अनुसार ही दिखाना चाहिए. आरएसएस सदैव से ऐसा मानता आ रहा है. साथ ही संघ चालक प्रसाद ने कहा है कि ‘मलिक मोहम्मद जायसी’ ने एक ऐतिहासिक कथानक फिल्म पद्मावत में अपनी कल्पनाओं को जोड़ दिया है. परंतु पात्रों की गरिमा, ऐतिहासिक तथ्य और जनभावनाओं को ध्यान में नहीं रखा गया.

Sangh driver Bhavati Prasad has said that historical references in our nation should be shown in the national perspective, according to the history wise sentiment of the people. RSS has always believed this. At the same time Union Driver Prasad has said that ‘Malik Mohammed Joyce’ has added his fantasy to Padmavat in a historical plot. But the dignity of the characters, historical facts and genitals were not kept in mind.

भगवती प्रसाद ने कहा है कि ‘भारत’ में ऐतिहासिक उपन्यास, कथा, नाट्य, लेखन, मंचन तथा फिल्म निर्माण आदि की हमारे देश में पुरानी परंपरा चली आ रही है. इतिहास के ऐतिहासिक कथानक को मलिक मुहम्मद जायसी ने कलपना का विस्तार बताया है.

यह भी देखें:

https://youtu.be/LvTwV08DsAo

https://youtu.be/gxWa3r-mlh0

VIDEO: PM मोदी को लेकर मुस्लिम महिलाओं ने दिया ऐसा बयान, बौखलाए मौलाना आत्महत्या को तैयार !

नोटबंदी से कालेधन कुबेरों का अंत करने के बाद अब मोदी सरकार बढ़ती हुई जनसंख्या के नियंत्रण के लिए कानून लाने पर विचार कर रही है. जिसके तहत दो से ज्यादा बच्चे वाले लोगों को सरकारी नौकरी नहीं दी जाने की सजा होगी. भारत की जनसंख्या दिन दूनी रात चौगुनी रफ़्तार से बढ़ती ही जा रही है. भारत में एक विशेष समुदाय यानि कि मुसलमानों को एक अलग ही क़ानून के तहत चार शादियां करने की छूट भी है, जिसके कारण उनके कई बच्चे होते हैं|

Now after the ban on black money, the Modi government is contemplating to bring legislation to control the growing population. Under which, people with more than two children will be sentenced to not get government jobs. India’s population is increasing day by day by fourfold. A special community in India i.e. Muslims have the freedom to do four marriages under a different law, due to which they have many children.

मौजूदा खबर अनुसार बता दें कि इस समुदाय में ट्रिपल तलाक जैसी प्रथा भी चलन में है जिसके तहत पति अपनी बेगम को सिर्फ तीन बार तलाक कह देने मात्र से अलग हो जाता है और उसके बाद वो दुबारा किसी और से शादी करने के लिए स्वतन्त्र हो जाता है. मोदी सरकार ने अब सोच लिया है कि जिस तरह से ट्रिपल तलाक की कुप्रथा को खत्म किया गया था, अब वो मुस्लिम समुदाय की बढ़ती जनसंख्या को नियंत्रण में लाने के लिए जल्द ही जनसँख्या नियंत्रण बिल लाएगी ताकि समाज को सुधारा जा सके|

According to the current news, the practice of triple divorce in this community is also in practice, under which the husband gets separated from his wife for just three times, and after that she becomes free to marry someone else again. is. The Modi government has now thought that the manner in which the triple divorce had been abolished, now it will bring the population control bill soon to bring the Muslim population under control so that society can be improved.

गौरतलब है कि सुदर्शन न्यूज़ चैनल पर चल रहे एक लाइव डिबेट में जब मुस्लिम महिलाओं से पूछा गया की अब वो प्रधानमंत्री मोदी से ट्रिपल तलाक के बाद कौन सी ऐसी चीज चाहती है जिससे मुस्लिम महिलाओं को राहत मिले. इसके बाद एक-एक करके महिलाओं ने अपना पक्ष रखते हुए कहा कि नरेंद्र मोदी हर मुस्लिम महिला के सजे भाई से बढ़कर है. उन्होंने वो किया है जो आजतक कोई इंसान और सरकार न कर सकी. मोदी जी से अब हमारी केवल एक ही मांग है|

It is worth mentioning that in a live debate on the Sudarshan News channel when Muslim women were asked that what they now want from Prime Minister Modi after Triple divorce, there is relief for Muslim women. After this, women, on one side, said that Narendra Modi is more than a brother-in-law of every Muslim woman. They did what any person and government could not do till now. Now we have only one demand from Modi ji.

बता दें कि मुस्लिम महिलाओं के मुताबिक अब वो मोदी सरकार से केवल जनसँख्या नियंत्रण बिल चाहती है ताकि मुस्लिम समुदाय की बढती जनसंख्या रोकी जा सके. अगर ये बिल आ जाता है तो मुस्लिम महिलाएं जिन्हें ज्यादा बच्चे पैदा करने के लिए मजबूर किया जाता था उसपर रोक लग जाएगी और साथ ही तमाम महिलाओं को उनकी पूर्ण स्वतंत्रता भी मिल पायेगी. ऐसे में एक मुस्लिम महिला ने तो यहाँ तक कह दिया कि मोदी सरकार का साथ देने के लिए हर मुस्लिम महिला तैयार है|

According to Muslim women, now they want the people’s control bill from the Modi government so that the growing population of the Muslim community can be stopped. If the bill comes, then the Muslim women who were forced to produce more children will be stopped and all women will also be able to get their full independence. In this way a Muslim woman has even said that every Muslim woman is ready to support the Modi government.

बताते चलें कि मुस्लिम महिलाओं से जब आरएसएस पर उनके विचार पूछे गए तो उन्होंने कहा कि आरएसएस बहुत ही अच्छा काम कर रही है. वो महिलाओं के हक़ के लिए लडती है और अगर मुस्लिम महिलाओं को जरुरत पड़ी तो वो भी वक़्त आने पर आरएसएस में शामिल हो जाएगी. मुस्लिम महिलाओं के मुँह से ऐसा जवाब सुनकर देश में मौजूद कट्टरपंथियों की नींद जरुर हराम हो जाएगी. ये बदलाव कांग्रेस के मुँह पर भी किसी तमाचे से कम नही है|

Let’s say that when Muslim women were asked about their views on RSS, they said that RSS is doing a very good job. They fight for the rights of women and if Muslim women need it, they will also join the RSS when the time comes. Listening to such a response from the mouth of Muslim women, the sleep of the hardliners present in the country will be totally lost. These changes are not less than any straw on the Congress front.

https://youtu.be/_0My6_0CfaU

यह भी देखे :

https://www.youtube.com/watch?v=dsJje-_3hzs

https://www.youtube.com/watch?v=4Tyz5onsJbA

पाकिस्तान की करतूतों का हुआ फर्दाफाश, मोदी सरकार ने दिया करारा जवाब !

क्या पाकिस्तान से कभी कोई ऐसी आवाज आई है कि उन्हे (पाकिस्तान को) “कांग्रेस” से खतरा है ” सोनिया_गांधी ” से खतरा है ” राहुल_गांधी ” से खतरा है ” आम आदमी पार्टी ” से या ” मुलायम “” लालू ” ” मायावती ” से खतरा है??

Has there ever been any voice from Pakistan that they are threatened with “Congress” (Pakistan) is threatened by “Sonia Gandhi”, “Rahul Gandhi” is in danger from “Aam Aadmi Party” or “Mulayam” “Lalu” from “Mayawati” Is the danger ??

पाक हमेशा सिर्फ एक ही बात बोलता है , कि हमारे लिए ” मोदी ” खतरा है “बीजेपी ” खतरा है और ” RSS ” खतरा है और ही भाषा हमारे देश के सेकुलर भी बोलते है कि- हमें पाकिस्तान से , पाकिस्तान समर्थित मुस्लिम आंतकवाद से , देश में पनप रहे मुस्लिम कटटरवाद से , ISIS समर्थकों से , देश में जातिवाद , साम्प्रदायीकता व अराजकता फैला रहे ओवेशी/ आजम/ बुखारी/ मुलायम/ममता/ लालू/ मायावती/ केजरीवाल से कोई खतरा नही है|

Pak always speaks only one thing, that “Modi” is a threat to us, “BJP” is at risk and “RSS” is in danger and language also speaks secular of our country – that we are from Pakistan, supported by Pakistan’s Muslim terrorism, From Muslim fundamentalism in the country, there is no threat to the ISIS supporters, there is no threat to the caste/spreading of casteism, communalism and chaos in the country, Azmi / Bukhari / Mulayam / Mamta / Lalu / Mayawati / Kejriwal.

अगर हमें और हमारे देश को खतरा है तो वो नरेन्द्र मोदी  बीजेपी  RSS , विश्वहिन्दू परिषद और देश के हिन्दू व हिन्दूवादी संगठनों से है आखिर ऐसा क्यो? अरे इन भाषाओं को कुछ तो समझो मेरे देशवासीयो  होश में सोचो और समझो गम्भीर बात है भविष्य के लिए और इतने सबके बाबजूद आपको ये समझाना पड़े की वोट किसे देना चाहिए और किसे नहीं, तो ये वाकई शर्मनाक है|

If we and our country are at risk then it is from Narendra Modi, BJP, RSS, Vishwa Hindu Parishad and Hindu and Hindu organizations of the country. Oh, these languages are my countrymen! Think senses and think seriously, for the future and for so many, you have to explain that who should vote and who is not, then it is really embarrassing.

पाकिस्तान से तो कुछ होता नै है | अपने अंदर पल रहे आतंकवाद को तो वो हटा नहीं पा रहा जो उसे धीरे धीरे ख़तम कर रहा है बाकि उसे भारत से शुरू से ही आपत्ति थी चाहे कारगिल युद्ध हो या फिर नरेन्द्र मोदी का प्रधानमंत्री बनना |

There is nothing wrong with Pakistan. It is not able to remove the terrorism within itself, which is slowly eliminating it, but it was the beginning of the objection to India, whether it was Kargil war or Narendra Modi becoming the Prime Minister.

यह भी देखे :

https://www.youtube.com/watch?v=aGHeWHD0uXg

https://www.youtube.com/watch?v=xlRRjGN7n7U

RSS के इस बड़े नेता ने मुसलमानों पर दे डाला बड़ा बयान, पाकिस्तान में मच बवाल !

दिल्ली: हिंदुत्व को लेकर आरएसएस प्रमुख ‘मोहन भागवत‘ के बयान पर शुरू हुआ विवाद थमा भी नहीं है की संघ के प्रभावशाली व्यक्ति एम.जी. वैद्य  ने भी इस मुद्दे पर टिपणी कर एक नया विवाद खड़ा कर दिया है |

Delhi: The controversy started on the statement of RSS chief ‘Mohan Bhagwat’ about Hindutva is not even a matter of fact that the influential person of the RSS MG Vaidya has also raised a new controversy by commenting on this issue.

‘हिंदुत्‍व’ को लेकर आज-कल वैसे भी पूरे भारत में विवाद चल रहे है. वही दूसरी ओर भारत में आतंक फ़ैलाने के मकसद से मुस्लिम लव जिहाद, लैंड जिहाद के अलावा भी आये दिन नई-नई योजनायें बनाते ही रहते हैं | इस हिन्दू और हिंदुत्व के मुददे को और धार देते हुए पाकिस्तान में मुंबई हमले के मास्टरमाइंड हाफिज सईद चुनाव लड़ने की तैयारी कर रहा है| दरअसल, पाकिस्तान चाहता है कि भारत का हिन्दू इस्लाम अपना ले और हिंदुत्‍व को सदैव के लिए भूल जाए |

There is a dispute between ‘Hindutva’ and nowhere in the whole of India. On the other hand, in spite of spreading terror in India, Muslim love jihad, apart from land jihad, continue to make new plans during the coming days. The mastermind of the Mumbai attack, Hafiz Saeed, is preparing to contest the elections, giving more hindrance to this Hindu and Hindutva issue. Indeed, Pakistan wants India’s Hindus to take their religion and forget Hindutva forever.

पाकिस्तान के इन ही नापाक मंसूबो को नाकामयाब करने के लिये संघ विचारक एमजी वैद्य का कहना है की हिंदू होने के लिए किसी को भी अपना धर्म छोड़ने की आवश्यकता नहीं है. दरअसल, उनका कहना है की मुस्लिम भी हिंदुत्व को अपना मजहब समझें |

According to MG Vaidya, union ideologue, for the failure of Pakistan’s disillusioned mind, no one has to leave his religion to be a Hindu. Indeed, he says that Muslims also consider Hindutva as their religion.

इस ही विषय पर कुछ ही समय पहले संघ प्रमुख मोहन भागवत ने कहा था की भारत के सभी मसलमान हिन्दू ही हैं, इसलिए सब को आपस में मिल-जुल कर रहना चाहिये. यह मुद्दा(हिंदुत्व) संघ के वयोवृद्ध विचारक एमजी वैद्य की मीडिया से बातचीत के दौरान सामने आया है |

Shortly before this topic, Sangh chief Mohan Bhagwat had said that all the Muslims of India are Hindus, so all should be reconciled together. This issue (Hindutva) has emerged during interaction with media veteran MG Vaidya.

एमजी वैद्य का कहना है की मुसलमानों को हिन्दू बनने के लिए कुरान त्यागने की जरा भी आवश्यकता नही है. भारत के सभी मुस्लिम हिंदुत्व को अपना ही मजहब समझें. वैद्य का मानना है की जो व्यक्ति मंदिर नहीं जाता है, वह भी हिन्दू है. कुछ समय पहले एमजी वैद्य ने एक इंटरव्यू के दौरान कहा था की राष्ट्र सर्वोच्च है और राष्ट्र का नाम हिंदू राष्ट्र है |

MG Vaidya says that Muslims are not required to sacrifice the Quran to become a Hindu. Think of all Hindu Hindutva of India as your own religion. Vaidya believes that the person who does not go to the temple is also a Hindu. Some time ago MG Vaidya had said during an interview that the nation is supreme and that the name of the nation is a Hindu nation.

साथ ही उन्होंने कहा की राष्ट्र में व्यक्ति ही शामिल होता हैं और व्यक्ति ही राष्ट्र का निर्माण करता है. मुस्लिम राष्ट्रीय मंच के जरिये ‘आरएसएस’ में भी बहुत से मुस्लिम व्यक्ति शामिल है |

He also said that the person is involved in the nation and the person only makes the nation. Many Muslim people are also involved in ‘RSS’ through the Muslim National Forum.

यह भी देखे :

https://youtu.be/aGHeWHD0uXg

बंगाल में भगवा ने पसारे पैर: तेज़ी से बढ़ रहा है संघ, दहशत में आई ममता बेनर्जी !

पश्चिम बंगाल के लोग काफी बुरे दौर का सामना कर रहे है, जिस ममता बेनर्जी को उन्होंने अपना मानकर वोट दिया और सोचा की चलो बामपंथी सरकार से मुक्ति मिल गयी| लेकिन कुछ नहीं बदला बल्कि ममता की TMC सरकार सिर्फ मुस्लिमो की हितैसी देखती है और उनको सहायता कर रही है! ममता बेनर्जी के सह पर बंगाल में हर जगह हिंदुयो पर अत्याचार हो रहे है, उनके घर जलाये जा रहे है, दुकाने लूटी जा रही है, मंदिर तोड़े जा रहे है! ऐसा प्रतीत होने लगा है की पश्चिम बंगाल भारत में नहीं बल्कि पाकिस्तान में है |

The people of West Bengal are facing a lot of bad times, whom Mamata Banerjee considered as her and voted her and thought that let’s get rid of the leftist government. But nothing changes, but Mamata’s TMC government sees only the interests of Muslims and is supporting them! With Mamata Banerjee, Bengal is being tortured everywhere in Bengal, her house is being burnt, shops are being looted, the temple is being broken down! It seems that West Bengal is not in India but in Pakistan.

लेकिन अब बंगाल का हिन्दू जाग रहा है | फिलहाल, बहुत से लोग आरएसएस के साथ जुड़ रहे हैं, वो समझने लगे हैं की अलग-थलग रहने से वो शायद अपने घर में भी सुरक्षित न रह पाएं | जहाँ इस्लामिक कट्टरपंथियों को खुली आजादी मिली हो, पुलिस चुप चाप बैठी हो और ममता का मुख्य वोट-बैंक मुस्लिम समुदाय हो तो वहां और क्या उम्मीद की जा सकती है? लेकिन आरएसएस अब चुप नहीं बैठेगा और संघ के जरिये बीजेपी का भी प्रवेश तेजी से बढ़ रहा है! जहा 2011 में बंगाल में आरएसएस की कुल 500 सखाये लगती थी तो अब 2017 में 1500 से भी ज्यादा सखाये लगती है! जैसे जैसे ताकत बढ़ेगी, यह समूह जिहादी ताकतों को सीधा जवाब देने में सक्षम होता चला जाएगा |

But now Bengal’s Hindu is awake. At the moment, many people are joining the RSS, they have started to understand that being separate is not possible even in their own home. Where Islamic fundamentalists got open freedom, if the police are quietly sitting and Mamata’s main vote-bank is a Muslim community, what else can be expected there? But the RSS will not be silent now and the entry of BJP through the Sangh is increasing fast! Where in 2011, there was a total of 500 RSS workers in the RSS in Bengal, now more than 1500 sakhayas are found in 2017! As the strength grows, this group will be able to answer jihadi forces directly.

पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने भी राष्ट्रविरोधी ताकतों का साथ देती आ रही है आज आलम यह है की बंगाल के जनता के बिच उनका असली चेहरा पूरी तरह सबके सामने आ गया है | जब से प्रधानमंत्री मोदी के नोटबंदी का एलान किया उसके पश्चात् ममता ने उनके खिलाफ जंग का एलान कर दिया! विरोध का आलम इतना बढ़ गया की बंगाल में हिन्दुओं पर दंगे को नज़रंदाज़ तक कर दिया गया! इन साड़ी घटनाओ से सिर्फ एक ही बात साफ़ होती है की ममता दीदी देशविरोधी है |

West Bengal Chief Minister Mamata Banerjee has also been supporting anti-national forces today. Alam is here that the real face of the people of Bengal has come out completely in front of everyone. Since then, when he announced the ban of Prime Minister Modi, Mamta declared war against him! The opposition of the opposition has increased so much that the riots have been made to the Hindus in Bengal! Only one thing is clear from these sarees that Mamta’s sister is anti-national.

हद तो तब हुई जब उनके राज में एक मौलाना ने देश के प्रधानमंत्री के खिलाफ आपतिजनक फतवा तक जारी कर दिया और उसके खिलाफ कोई कार्यवाई भी नहीं की गई! खुलेआम ये मौलवी अपनी मनमानी करते हैं, इस्लामिक कट्टरपंथी, हिन्दुओं पर हमला करते हैं और ममता अमूक दर्शक बनकर सारा तमाशा देख रही है |

The extent came when a maulana in his rule issued a fatwa against the country’s Prime Minister and no action was taken against him! Openly these clerics do their arbitrariness, Islamic fundamentalists attack Hindus, and Mamta is watching the whole spectacle by becoming a spectator.

लेकिन अब बंगाल का हिन्दू जाग रहा है! फिलहाल, बहुत से लोग आरएसएस के साथ जुड़ रहे हैं, वो समझने लगे हैं की अलग-थलग रहने से वो शायद अपने घर में भी सुरक्षित न रह पाएं! जहाँ इस्लामिक कट्टरपंथियों को खुली आजादी मिली हो, पुलिस चुप चाप बैठी हो और ममता का मुख्य वोट-बैंक मुस्लिम समुदाय हो तो वहां और क्या उम्मीद की जा सकती है? लेकिन आरएसएस अब चुप नहीं बैठेगा और संघ के जरिये बीजेपी का भी प्रवेश तेजी से बढ़ रहा है | जहा 2011 में बंगाल में आरएसएस की कुल 500 सखाये लगती थी तो अब 2017 में 1500 से भी ज्यादा सखाये लगती है! जैसे जैसे ताकत बढ़ेगी, यह समूह जिहादी ताकतों को सीधा जवाब देने में सक्षम होता चला जाएगा |

But now Bengal’s Hindu is awake! At the moment, many people are joining the RSS, they have started to understand that being separate is not possible even in their own home! Where Islamic fundamentalists got open freedom, if the police are quietly sitting and Mamata’s main vote-bank is a Muslim community, what else can be expected there? But the RSS will not be silent now and the entry of BJP through the Sangh is increasing rapidly. Where in 2011, there was a total of 500 RSS workers in the RSS in Bengal, now more than 1500 sakhayas are found in 2017! As the strength grows, this group will be able to answer jihadi forces directly.

लेकिन अब बंगाल का हिन्दू जाग रहा है | फिलहाल, बहुत से लोग आरएसएस के साथ जुड़ रहे हैं, वो समझने लगे हैं की अलग-थलग रहने से वो शायद अपने घर में भी सुरक्षित न रह पाएं | जहाँ इस्लामिक कट्टरपंथियों को खुली आजादी मिली हो, पुलिस चुप चाप बैठी हो और ममता का मुख्य वोट-बैंक मुस्लिम समुदाय हो तो वहां और क्या उम्मीद की जा सकती है? लेकिन आरएसएस अब चुप नहीं बैठेगा और संघ के जरिये बीजेपी का भी प्रवेश तेजी से बढ़ रहा है |

But now Bengal’s Hindu is awake. At the moment, many people are joining the RSS, they have started to understand that being separate is not possible even in their own home. Where Islamic fundamentalists got open freedom, if the police are quietly sitting and Mamata’s main vote-bank is a Muslim community, what else can be expected there? But the RSS will not be silent now and the entry of BJP through the Sangh is increasing rapidly.

यह भी देखे :

https://youtu.be/aGHeWHD0uXg