भारत ने अंतरिक्ष में लहराया अपना परचम, इस बड़े कदम को देख अमेरिका समेत देशभर में भूकंप

नई दिल्ली : एक वक़्त वो भी था जब देश के प्रधानमंत्री अपने परिवार के साथ विमान में विदेश यात्राएं किया करते थे अपने बच्चों,पोते, पोतियों के जन्मदिन भी विमान में मनाते थे और तब भी भारतीय स्पेस एजेंसी ISRO के साइंटिस्ट्स राकेट के पार्ट्स को बैलगाड़ी पर लादकर या साइकिल के पीछे बांध कर ले जाते थे लेकिन आज वही ISRO सिर्फ अपने देश के लिए ही नहीं बल्कि अन्य देशों के लिए भी एक भरोसेमंद उम्मीद बन रहा है.

अभी मिल रही बड़ी खबर के मुताबिक ISRO ने आज एक बार फिर अंतरिक्ष में अपना डंका बजवाया है. धरती का अध्ययन करने वाले उपग्रह (HySIS) हाइपर स्पेक्ट्रल इमेजिंग का प्रक्षेपण कर दिया गया है। इसरो के अंतरिक्ष यान पीएसएलवी-सी43 के साथ आठ देशों के 31 उपग्रह प्रक्षेपित किए गए हैं। भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान संगठन (इसरो) के मुताबिक, आंध्र प्रदेश के श्रीहरिकोटा के सतीश धवन अंतरिक्ष केंद्र से गुरुवार सुबह 09.58 बजे पीएसएलवी-सी43 से उपग्रहों का प्रक्षेपण किया गया.

बता दें कि हाईपर स्पेक्ट्रल इमेजिंग सेटेलाइट (HySIS) का प्राथमिक लक्ष्य पृथ्वी की सतह का अध्ययन करना है। 380 वजनी इस सेटेलाइट को इसरो ने विकसित किया है। यह पीएसएलवी-सी43 अभियान का प्राथमिक उपग्रह है। इसरो के बयान के अनुसार यह उपग्रह सूर्य की कक्षा में 97.957 डिग्री के झुकाव के साथ स्थापित किया जाएगा। इसकी आयु करीब 5 साल होगी.

भारत का हाइपर स्पेक्ट्रल इमेजिंग उपग्रह (HySIS) इस मिशन का प्राथमिक सैटलाइट है। इमेजिंग सैटलाइट पृथ्वी की निगरानी के लिए इसरो द्वारा विकसित किया गया है। इस उपग्रह का उद्देश्य पृथ्वी की सतह के साथ इलेक्ट्रोमैग्नेटिक स्पैक्ट्रम में इंफ्रारेड और शॉर्ट वेव इंफ्रारेड फील्ड का अध्ययन करना है। HySIS एक विशेष चिप की मदद से तैयार किया जाता है जिसे तकनीकी भाषा में ‘ऑप्टिकल इमेजिंग डिटेक्टर ऐरे’ कहते हैं.

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धरती के चप्पे-चप्पे पर नजर रखना आसान हो जाएगा
इस उपग्रह से धरती के चप्पे-चप्पे पर नजर रखना आसान हो जाएगा क्योंकि लगभग धरती से 630 किमी दूर अंतरिक्ष से पृथ्वी पर मौजूद वस्तुओं के 55 विभिन्न रंगों की पहचान आसानी से की जा सकेगी। हाइपर स्पेक्ट्रल इमेजिंग या हाइस्पेक्स इमेजिंग की एक खूबी यह भी है कि यह डिजिटल इमेजिंग और स्पेक्ट्रोस्कोपी की शक्ति को जोड़ती है.

हाइस्पेक्स इमेजिंग अंतरिक्ष से एक दृश्य के हर पिक्सल के स्पेक्ट्रम को पढ़ने के अलावा पृथ्वी पर वस्तुओं, सामग्री या प्रक्रियाओं की अलग पहचान भी करती है। इससे पर्यावरण सर्वेक्षण, फसलों के लिए उपयोगी जमीन का आकलन, तेल और खनिज पदार्थों की खानों की खोज आसान होगी.

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पूरी दुनिया में अपना परचम लहरा दिया
कभी थुंबा से शुरू हुआ इसरो का सफर आज बहुत आगे निकल गया है। 21 नवंबर 1963 को भारत केरल के थुंबा से छोड़ा गया था। उस वक्‍त दुनिया के दूसरे बड़े मुल्‍कों को इस बात का अहसास भी नहीं रहा होगा कि भविष्‍य में भारत उनसे इतना आगे निकल जाएगा कि उसको पकड़ पाना भी मुश्किल होगा।लेकिन इसरो ने अपनी विश्‍वसनीयता को बरकरार रखते हुए पूरी दुनिया में अपना परचम लहरा दिया है.

आलम ये है कि आज भारत अंतरिक्ष में महारत रखने वाले देश अमेरिका, रूस आदि के उपग्रहों का सफलतापूर्वक प्रक्षेपित कर रहा है। 29 नवंबर 2018 को भारत ने 29 विदेशी उपग्रहों को एक साथ धरती की कक्षा के बाहर स्‍थापित कर अपनी सार्थकता को साबित किया है। यह इसरो का इस वर्ष छठा सफल मिशन था। 15 फरवरी 2017 को इसरो ने एक साथ 104 उपग्रहों को अंतरिक्ष में स्‍थापित कर वर्ल्‍ड रिकॉर्ड बनाया था। इस दौरान अमेरिका, इजरायल, कजाखिस्‍तान, नीदरलैंड, स्विटजरलैंड, यूएई के उपग्रहों को छोड़ा गया था। इसमें 96 उपग्रह अकेले अमेरिका के ही थे.

source:dd bhartinews

पूरे विश्व के लिए मिसाल बना पुतिन का ये कानून, आतंकियों को दी जाएगी ऐसी खौफनाक सजा- आतंवादियों में हडकंप..

रूस के राष्ट्रपति पुतिन ने एक बार फिर दुनिया के लिए मिसाल पैदा की है। उन्होंने ऐसा कानून बनाया है जिसकी दुनिया भर में तारीफ हो रही है।

Russia’s President Putin has once again created an example for the world. He has made such a law which is being praised all over the world.

पुतिन ने आतंकियों के लिए कड़ी सजा का ऐलान करते हुए कहा है कि रूस में आतंकियों को जेल की बजाए अब सीधे मौत की सजा दी जाएगी।

Putin declared strong punishment for the terrorists and said that in Russia, the terrorists will now be sentenced to death directly rather than prison.

राष्ट्रपति कार्यालय से जारी प्रेस नोट में पुतिन ने कहा है कि जब हमें पता है कि वो आतंकी है तो जेल में रखकर उसके ऊपर पैसे क्यों खर्च करें। उसे सीधे मौत देना ही सही है।

In a press note issued from the President’s Office, Putin has said that when we know that he is a terrorist, why spend money on him by placing him in jail. It is right to give him a direct death.

साथ ही, राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन ने आतंकियों को आर्थिक मदद पहुंचाने वालों की सजा के लिए कानून को सख्‍त बनाने के लिए इसके संशोधन पर हस्ताक्षर किए हैं।

At the same time, President Vladimir Putin has signed an amendment to tighten the law to punish those who are financially helping the terrorists.

शिन्‍हुआ न्‍यूज एजेंसी के अनुसार, रूस के कानूनी सूचनाओं के आधिकारिक वेबसाइट पर शुक्रवार को ये संशोधन प्रकाशित किए गए।

According to the Xinhua news agency, these amendments were published on Friday on the official website of Russia’s Legal Information.

आतंकवाद के लिए फंडिंग करने वाले या फिर आतंकियों को प्रशिक्षित करने के दोषियों को 300,000 रुबल (करीब 5,172 डॉलर) से 700,000 रुबल के जुर्माने समेत 8 से 20 साल के लिए जेल की सजा होगी।

The convicts will be jailed for 8 to 20 years, including funding for terrorism or training of terrorists, from 300,000 rubles (about 5,172 dollars) to 700,000 rubles.

संशोधन में ‘आतंकवाद का प्रचार’ भी आपराधिक कानून के तहत पेश और दोषी पर 300,000 से एक मिलियन रूबल के जुर्माना समेत को 3 से सात साल तक की कैद की सजा दी जाएगी।

In the amendment, ‘propaganda of terrorism’ will also be sentenced under the Criminal Law and sentenced to 3 to seven years of imprisonment, including a penalty of 300,000 to one million rubles.

इस महीने की शुरुआत में रूसी संघीय सुरक्षा सर्विस के डायरेक्‍टर अलेक्‍जेंडर बोर्टनीकोव ने कहा, सीरिया और इराक में हार के बाद मिडल ईस्‍ट से तमाम आतंकी रूस में घुसपैठ की कोशिश कर रहे हैं।

Earlier this month, Alexander Bortnikov, director of the Russian Federal Security Service said that after the defeat in Syria and Iraq, all terrorists are trying to infiltrate into the Middle East.

3 अप्रैल को सेंट पीटर्सबर्ग के सब-वे में हुए धमाके में 16 लोगों की मौत हो गई थी, जबकि 50 से अधिक लोग घायल हो गए थे। इस साल रूस में हुआ यह सबसे बड़ा आतंकी हमला था, जिसके बाद भी कई छोटे हमले हुए।

On April 3, 16 people were killed in the sub-city of St. Petersburg, while more than 50 were injured. This was the biggest terrorist attack in Russia this year, after which there were several small attacks.

यह भी देखें:

https://youtu.be/27wySC5YcBQ

https://youtu.be/yRjJWWjiQVA

source political report.in

VIDEO : भारत ने किया अमेरिका को तलवे चाटने को मजबूर , और हमें कोई पूछता तक नही – पाकिस्तानी मीडिया !

पाकितान एक ऐसा देश है जो अपनी खुशहाली से ज्यादा भारत की बर्बादी में खुश रहना चाहता है , वहाँ अबतक जितनी भी सरकार आई लगभग सब ने भारत के खिलाफ जहर उगलने का ही काम किया है!और अगर किसी ने भी भारत के साथ दोस्ती की हाथ बढ़ाने की कोशिश की उन नेताओं को इसका खामयाजा वहां की सेना द्वारा किये जाने वाके तख्ता पलट से भुगतना पड़ा!

Pakitan is a country which wants to be happy in the ruin of India more than its prosperity, almost every government that has come here has done almost all the work of spreading venom against India! And if anybody has a friendship with India Those leaders tried to increase their vendetta with the result of the army’s overthrow!

और यह भी सच है कि पाकिस्तान ने जब जब भारत से भिड़ने की कोशिश की है तब तब उसे मुहकी कहानी पड़ी है! भारतीय शुक्रगुजार है अपने सैनिकों के जिन्होंने अपनी जान की परवाह किये बिना पाकिस्तान के नपाक इरादों को नेस्तोनाबूत कर दिया! चाहे वो 1971 का युद्ध हो या करगिल! लेकिन एक पाकिस्तान है जो अभी तक भी उसी हालत में है जैसे 1947 में था।

And it is also true that whenever Pakistan has tried to confront India, then she has a fascination story! Thanking the Indians, who sold their soldiers to Pakistan, without nurturing their life! Whether it is 1971 war or Kargil! But there is a Pakistan which is still in the same condition as it was in 1947.

इन्होंने तो देश की तरक्की पर कभी जोर दिया ही नही बस जोर दिया तो भारत की तरक्की पर रोड़ा बनने का, भारत की तकक्की पर जलने का। ये लोग आये दिन बस भारत को बर्बाद करने के झूठे ख्वाब देखते हैं। दुनिया के कई मुल्क चाँद और मंगल ग्रह और पहुँच गये लेकिन पाकिस्तानी अभी भी भारत में घुसपैठ की ही कोसिश करता है।

He never emphasized on the progress of the country, not just stressed, India’s progress on the progress of India, burning on India’s fortunes These people see the false sorrow of destroying India simply on the day of coming. Many countries of the world reached the moon and Mars, but the Pakistani still intends to infiltrate into India.

देश की जनता भुखी मर रही होती है लेकिन इनको कश्मीर के ख्वाब देखने हैं। आतंक को पनाह देना है। पाकिस्तान की सबसे बड़ी मूर्खता ये है कि ये लोग पाक के विकास के बजाए आतंक को पनाह देने में खर्च करते हैं। पाकिस्तान की आवाम खुद पाक से नफरत करती है। और यह सब वहाँ की घटिया सोच वाले नेताओं की वजह से होता आतंक के सरगानों के वजह से होता है |

The people of the country are dying of hunger but they want to see Kashmir’s dream. Terror is to be sheltered. The biggest stupidity of Pakistan is that these people spend their time in sheltering terror rather than Pakistan’s development. Pakistan’s Awam hates Pakistan itself. And all this happens due to the poor thinking politicians, because of the terrorists’ terrorists.

भारत आज विश्वपटल पर दिन प्रतिदिन नया इतिहास रच रहा है। एक समय वह था जब भारत को सबसे भृष्ट राष्ट्र समझा जाता था लेकिन जब से मोदी सरकार केंद्र में आयी है तभी से चारो तरफ भारत के चर्चे होते हैं। बड़े बड़े राष्ट्रों के राष्ट्राध्यक्ष भी भारत के प्रधानमंत्री से मिलने के लिए खड़े रहते हैं। जैसे G-२० सम्मलेन में ट्रम्प खुद जाकर मोदी जी के साथ फोटो खिनच्वने के लियें खड़े होगये थे|क्यूंकि उनको पता है की आने वाले भविष्य में एक भात ही है जो अमेरिकियों के लिए अची व् सुरक्षित जगह हो सकती है एशिया में स्थान बनाने के लियें, इसीलियें वह भारत की चापलूसी करने को भी तैयार है|

India today is creating a new history every day on the world stage. There was a time when India was considered as the most distant nation but since then the Modi government has come to the center since then there are discussions of India on all four sides. The President of the big nations also stands to meet the Prime Minister of India. Like in the G-20 conference, Trump himself went ahead and stood by himself for the photographs with Modiji, because he knows that there is only one rice in the future that can be a safe place for the Americans to make a place in Asia. Take it, therefore, it is ready to flatter India.

अब सोशल मीडिया पर एक वीडियो वायरल हो रहा है जिसमे पाक मीडिया के पत्रकार और उनके एक्सपर्ट भारत की तरक्की पर घुट रहे हैं। वहाँ की मीडिया चर्चा कर रही है कि कैसे अमेरिका को भारत ने घुटनो पर ला दिया। अमेरिका को घुटनों पर लाना कोई भारत से सीखे। पाक मीडिया कह रही है कि एक हम है कि कोई पूछता नही और सुनता नही। हम अमेरिका का कुछ कर नही सकते।

Now a video on the social media is becoming viral in which Pakistani media journalists and their experts are knocking on India’s progress. There the media is discussing how the US has brought India to the knees. Anyone learning from India to kneel on the knees Pak media is saying that we are one that no one asks and does not listen. We can not do anything of America.

लेकिन पाकिस्तानी मीडिया का भारत की तरक्की को देखर फुसफुसाना हर भारतीय के दिल को सुकून देता है। क्योंकि ये भारतीय की बर्बादी का बेवजह ही ख्वाब देखते रहते हैं।

But whispering to the growth of India’s Pakistani media, the whispers please the heart of every Indian. Because they look at the ruin of the Indian only because of the scourge.

https://www.youtube.com/watch?v=dzMXLS8btDI

यह भी देखे :

https://www.youtube.com/watch?v=6KzO3XxanXM

प्राचीन रूस एक हिंदू राज्य था, यह सबूत है कि प्राचीन रूस में हिंदू धर्म की जड़ें हैं !

समय-समय पर, दुनिया के सबसे पुराने धर्म के बारे में उपन्यास जानकारी सामने आता है और हम सुखद आश्चर्यचकित होने से रोक नहीं सकते हैं हिंदू धर्म अब विश्व के सबसे सम्मानित और धर्म के रूप में निरंतर समय के बाद से अब तक अनन्तकाल के रूप में बने हुए हैं। यह खुद को भारत में सीमित नहीं करता, बल्कि पड़ोसी देशों में भी जड़ें साबित हुई हैं। कैसे भगवान राम और भगवान हनुमान की मूर्तियों, सदियों पुराने, इराक में खुदाई के बारे में व्यापक जागरूकता के बाद; यह स्पष्ट है कि हिंदुत्व का इस दिन से परे पहुंच गया था। जैसे कि इराक में क्रांतिकारी रहस्योद्घाटन दुनिया के बाकी हिस्सों से छिपा रहे थे, यहां तक कि हिंदू धर्म की पहुंच के बारे में जानकारी का एक और टुकड़ा है जो बहुत धीरे धीरे समझा जा रहा है।

Time and again, novel information about the world’s oldest religion keeps unfolding and we can’t stop getting pleasantly surprised. Hinduism has sustained itself as the most respectable and sought after religion in the world since time immemorial now. It doesn’t limit itself to India, but also has been proven to have roots in neighbouring countries as well. After a widespread awareness about how Lord Rama and Lord Hanuman’s idols, centuries old ones, were excavated in Iraq; it is clear that Hinduism had a reach way beyond what we understand this day. Just like the revolutionary revelations in Iraq were kept hidden from the rest of the world, here is yet another piece of information about the reach of Hinduism that is very slowly being comprehended.

रूस, जो कई धर्मों के साथ एक धर्मनिरपेक्ष देश है, जो सामंजस्यपूर्ण रूप से सह-अस्तित्व में है, ने कभी भी अपनी सीमाओं के भीतर एक मुद्दा नहीं माना है। हालांकि ईसाइयत अपने प्रमुख धर्म है, रूस हाल ही में हिंदू धर्म में एक इतिहास है पाया गया है। यह देश हिंदू इतिहास के साथ देशों की सूची में सबसे हालिया जोड़ है, अतिरिक्त स्रोतों के अलावा अत्यधिक तकनीकी और प्रामाणिक हैं

Russia, a claim-ably secular country with multiple religions co-existing harmoniously has never considered religion to be an issue within its borders. Even though Christianity is its prominent religion, Russia has recently been found to have a history in Hinduism. This country is the most recent addition to the list of countries with Hindu history, the sources of addition being highly technical and authentic.

इस दिन, रूस में हिंदू धर्म प्रमुख धर्मों में से एक बन गया है हिंदुत्व के इस देश में फैलाने का प्रमुख कारण वैष्णव हिंदू मिशनर है जो पूरे विश्व में कृष्ण चेतना के आदर्श का प्रचार करते हैं, रूस कोई छूट नहीं है। हालांकि, जब यह रूस में हिंदू धर्म के समकालीन प्रसार के बारे में है, तब भी ऐसे साक्ष्य हैं जो इतिहास में देश में धर्म के अस्तित्व को भी साबित करते हैं।

This day, Hinduism has become one of the prominent religions in Russia. The major reason for Hinduism to spread to this country is the Vaishnava Hindu missionaries who propagate the ideal of Krishna consciousness all around the globe, Russia being no exemption. However, while that is about the contemporary spread of Hinduism in Russia, there are evidences that prove the religion’s existence in the country in history as well.

रूस के वोल्गा क्षेत्र को एक रूसी पुरातत्वविद् द्वारा खोला गया था, जिसने भगवान विष्णु की एक पुरानी प्रतिमा की खोज की थी जो सातवीं शताब्दी ईस्वी में थी। विष्णु के जंगली सूअर के रूप में मूर्ति की खोज की गई, उसके दस अवतारों में से तीसरा इस क्षेत्र में जहां मूर्ति की खोज हुई थी, एक नदी बैंक है, और पुरातत्वविदों का कहना है कि यह क्षेत्र प्राचीन कलाकृतियों से भरा है। हालांकि, यहां एक प्रमुख प्रश्न यह है कि भगवान विष्णु की मूर्ति किस जगह में मिली?

Russia’s Volga region was excavated by a Russian archaeologist, who discovered an age old statue of Lord Vishnu dating back to VII- X century AD. The idol was discovered in Vishnu’s wild boar form, the third of his ten avatars. The region where the idol was discovered is a river bank, and archaeologists state that the area is full of ancient artefacts. However, the prominent question here is, how did a statue of Lord Vishnu get there?

वाल्गा क्षेत्र में स्टार्या मेन में मूर्ति की खोज की गई थी। यह क्षेत्र 1700 साल पहले एक अत्यधिक आबादी वाले क्षेत्र था, जहां से लोग बाद में अलग-अलग क्षेत्रों में चले गए थे। विष्णु की मूर्ति का पता लगाने वाले पुरातत्वविद् डॉ कोोजवेविन ने कई पेंडेंट, हथियार और सिक्कों की भी खोज की है।

The idol was discovered in Staraya Maina in the Volga region. This region was a highly populated area 1700 years ago, from where people migrated to different regions later on. Dr. Kozhevin, the archaeologist who unearthed the Vishnu statue has also discovered a number of pendants, weapons and coins as well.

एक दिलचस्प सह-घटना इस जगह का संदर्भ है जो कि ऋगवेद में पाया जा सकता है। विशेष रूप से रूस या सथराय मेन, को ‘रूस सोवियत सप्तहहमनागरम’ के रूप में संदर्भित किया गया है, जिसका शाब्दिक रूप से ‘722 उड़ने वाले वाहनों की भूमि’ का अनुवाद किया गया है। यह केवल रूस और भारत के बीच एक प्राचीन संबंध का अनुमान लगाता है, और देश में हिंदुत्व का प्रसार भी है। इससे पहले, एक और पुरातत्वविद् प्रो।

An interesting co-incidence is the reference of this place that can be found in the Rig Veda. Russia, or Sathraya Maina in particular, has been referred to as ‘Rus Soviath Sapthamahanagaratham’, which literally translates to ‘land of 722 flying vehicles. This only infers an ancient connect between Russia and India, and the prevalence of Hinduism in the country as well. Before this, yet another archaeologist Prof.

वस्तुतः स्मिरज़ोकॉफ़ ने भविष्यवाणी की थी कि रूस को प्राचीन भारत से अपनी सत्तारूढ़ और राजनीतिक विचारधारा प्राप्त है, और पश्चिम में नहीं। इस भविष्यवाणी को 1 9 52 में बनाया गया था। रूसी अभिलेखागारों के चित्र भी हैं जो प्राचीन रूस में मंदिरों के अस्तित्व को दर्शाते हैं।

Varely Smirzkoff had predicted that Russia derives its ruling and political ideologies from ancient India, and not the west. This prediction was made way back in 1952. There are also paintings from Russian archives that depict the existence of temples in ancient Russia.

देशी रूसी भाषा संस्कृत से भी उल्लेखनीय रूप से व्युत्पन्न करती है। सभी कनेक्शन सभी के बाद एक मात्र सह-घटना नहीं हो सकते हैं। यह सब सवाल है कि क्या रूस प्राचीन इतिहास में एक हिंदू राष्ट्र था, या यदि प्राचीन रूस में हिंदू धर्म के महत्व का कोई भी रूप था। और भी, प्राचीन कनेक्ट होने का जो भी हो सकता है?

The native Russian language makes notable derivations from Sanskrit too. All the connections cannot be a mere co-incidence after all. It all leads to the question of whether Russia was a Hindu nation in ancient history, or if Hinduism had whatever forms of importance in ancient Russia. More so, whatever might have happened to the ancient connect?

https://youtu.be/Z93S5GUKp28

चीन के लिए भारत ने तैयार किया 500 किलो का बमों का बाप, खतरनाक क्षमता देख अमेरिका समेत रूस के भी उड़े होश

फरीदाबाद : ये सच किसी से छिपा नहीं है कि आज भारत के लिए पाकिस्तान से भी बड़ा ख़तरा चीन बन चुका है. डोकलाम विवाद के दौरान चीन ने अपनी औकात भी दिखा दी थी, जब लगभग हर रोज वो भारत को युद्ध की धमकियां दे रहा था. चीन को जवाब देने के लिए भारत सरकार ने एक बेहद अहम् कदम उठाया है, जिसे देख चीन के साथ-साथ पाकिस्तान के भी हवा ढीली हो गयी है.

Faridabad: This truth is not hidden from anyone that today China has become a major threat to India for Pakistan. During the Dollar dispute, China had shown its formality, when almost every day he was threatening India for war. To respond to China, the Indian government has taken a very ego-step, which has seen the air of Pakistan, as well as the Chinese, have become loose.

युद्ध सामग्री (एम्यूनिशन) बनाने वाली देश की एक स्थानीय फैक्ट्री में चीन के लेजर गाइडेड बम को मात देने वाले स्मार्ट बम को बनाया जा रहा है. फरीदाबाद की एक फैक्टरी में तैयार हो रहे स्मार्ट बम जीपीआरएस टेक्नोलॉजी से लैस होंगे.

A smart bomb that overlaps China’s laser-guided bomb is being built in a local factory in the country making war material (ambition). A smart bomb ready in a factory in Faridabad will be equipped with GPRS technology.

लक्ष्य को बिना चूके तबाही मचा देगा ये बम
जीपीआरएस के कारण लेजर गाइडेड टेक्नोलॉजी स्मार्ट बम सीधे लक्ष्य पर हमला करेगा. लेजर गाइडेड तकनीक से लैस होने के कारण लक्ष्य के चूकने का तो सवाल ही नहीं उठता. इसके अलावा इसमें एक और ख़ास बात ये भी है कि ये बम हवा के दबाव के कारण भी लक्ष्य से नहीं चूकेगा.

This bomb will destroy the target without fail
Due to GPRS, laser-guided technology Smart Bomb will attack the target directly. Due to laser-guided technology, there is no question of lagging the goal. Apart from this, there is another special thing in it that these bombs will not miss the target due to air pressure.

इस बम की ताकत का अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि लक्ष्य में आयी किसी भी बहुमंजिला इमारत को ये बम जमींदोज करते हुए जमीन के अंदर 10 फीट गहरा और 150 मीटर रेडियस में गड्‌ढा बना देता है. हवा से हवा और आसमान से जमीन में लक्ष्य के परखच्चे उड़ाने की क्षमता रखता है ये महा बम. बताया जा रहा है कि चीन की अक्ल ठिकाने लगाने के लिए फैक्टरी में हज़ारो की सख्या में इन बमों की पहली खेप तैयार हो रही हैं.

The strength of this bomb can be judged from the fact that making this bomb in the multiplexed building, it makes 10 feet deep inside the ground and crater in 150 meters radius. This air bomb has the ability to blow the air from the wind and from the sky to the target on the ground. It is being said that the first consignment of these bombs is being prepared in thousands of factories in the factory to establish the axiom of China.

जीपीएस कंट्रोल्ड होगा ये बम
500 किलो वजनी यह बम जीपीएस के जरिये कंट्रोल्ड होगा और 15000 फीट की ऊंचाई से जमीन के अंदर 10 फीट गहराई तक छिपे दुश्मन के परखच्चे उड़ाने की क्षमता रखता है. आर्डिनेंस फैक्टरी के दिशा निर्देशन में प्रस्तावित टेक्नोलॉजी और डिजाइन के मुताबिक इसे खास एलॉय स्टील से बनाया जा रहा है.

GPS will be controlled by these bombs
Weighing 500 kg, this bomb will be controlled by GPS and will have the ability to fly the enemy’s enemy from 10 feet depth in depth to 15000 feet. According to the proposed technology and design in the direction of the ordinance factory, it is being made with special alloy steel.

ये तो कुछ भी नहीं, इस महा विनाशक स्मार्ट बम को भारत द्वारा फ्रांस से खरीदे दुनिया के सबसे खतरनाक रॉफेल जेट में लोड किया जाएगा. इसके अलावा ये बम समुद्र में एयरक्रॉफ्ट कैरियर जंगी जहाज पर तैनात रहने वाले सुखोई और अन्य लड़ाकू विमान में हाई टेक्नोलॉजी एम्यूनिशन के रूप में भारत को अद्भुत शक्ति प्रदान करेंगे.

It’s nothing, this great destroyer smart bomb will be loaded in India’s most dangerous Raffel jet bought by France from India. In addition, these bombs will provide amazing power to India in the form of high technology ambition in the Sukhoi and other fighter aircraft being deployed on aircraft carriers in the sea.

बड़े एयरक्रॉफ्ट कैरियर जहाज को चंद सेकेंड में उड़ाने की भी क्षमता
इस महा विनाशक बम की एक ख़ास बात ये भी है कि ये दुश्मन देश की नौसेना के किसी भी बड़े एयरक्रॉफ्ट कैरियर और जंगी जहाज को चंद सेकेंड में उड़ाने की भी क्षमता रखता है. मतलब निशाना साधकर दाग दिया तो दुश्मनों का जंगी समुद्री जहाज कुछ ही पलों में तबाह हो जाएगा.

The ability to fly a large aircrafts carrier in a few seconds
One particular thing about this great destroyer bomb is that the enemy also has the capability to fly any major navy air warfare and warship in a few seconds. If the target is struck and stained, then the enemy’s warlike sea vessel will be destroyed in a few moments.

रक्षा सूत्रों के मुताबिक इस स्मार्ट बम को खास तौर पर चीन के लेजर गाइडेड हाई टेक्नोलॉजी बमों को मात देने के लिए ही तैयार किया जा रहा है. यही वजह है कि इस बम को भारतीय एयरक्रॉफ्ट कैरियर जहाज पर तैनात सुखोई और रॉफेल जैसे अत्याधुनिक टेक्नोलॉजी वाले लड़ाकू विमानों में लोड किया जाएगा.

According to defense sources, this smart bomb is being specially designed to beat China’s laser guided high technology bombs. This is the reason why this bomb will be loaded in fighter planes of state-of-the-art technology, such as Sukhoi and Ropel positioned on the Indian Aircraft Carrier ship.

बम में लगा होगा सेंसर
जीपीआरएस और लेजर गाइडेड होने के कारण फाइटर जेट की स्पीड और हवा के दबाव के बावजूद ये बम लक्ष्य को चूकेगा नहीं. इसके अलावा बम में एक सेंसर भी लगा होगा, जो लक्ष्य को हिट करने से 800 मीटर पहले ही पॉयलेट को बीप देगा. स्मार्ट बम में टारगेट एरिया के आसपास का विजुअल लेने की कैपिसिटी को भी इंस्टाल किया जा रहा है, जिसके जरिये जिस लक्ष्य को उड़ाया जाएगा, उसके आसपास की जानकारी भी सेना को मिल जायेगी. आसपास कुछ और संदिग्ध गतिविधि देखकर फिर से हमला किया जा सकेगा.

Sensor to be installed in bomb
Due to GPRS and Laser Guided, despite the speed and air pressure of fighter jets, this bomb will not miss the target. Apart from this, there will also be a sensor in the bomb, which will give the boil to the pallet 800 meters before the target is hit. In the smart bomb, the capacity to take visualization around the target area is also being installed, through which the army will get information about the target that will be blown away. Seeing some more suspicious activity around will be attacked again.

10 हजार बम बनाने का मिला ऑर्डर
युद्ध सामग्री निर्माण फैक्टरी के डायरेक्टर एसके गोयल ने बताया कि हमें आर्डिनेंस फैक्ट्री से 10 हजार स्मार्ट बम बनाने का ऑर्डर मिला है. अप्रैल महीने में ही फैक्ट्री को डिजाइन दिया गया था. स्मार्ट फीचर होने के कारण मैं तो इसे फॉदर बम की ही संज्ञा दूंगा. दुश्मन का बंकर हो या कोई और टारगेट यह बम इतना शक्तिशाली है कि माइनस विजुअल टारगेट को भी ध्वस्त कर देगा, यानी यदि लक्ष्य यदि साफ़ दिख नहीं रहा हो तब भी अचूक निशाना लगा कर तबाही मचा देगा. फैक्ट्री में बनने वाले कंपलीट बम को फ्यूल एम्युनिशनेट (बारुद भरना) आर्डिनेंस फैक्ट्री करेगी.

Found 10 thousand bombs
SK Goel, director of the war materials manufacturing factory, told that we had received an order to build 10 thousand smart bombs from the ordinance factory. The factory was designed only in the month of April. Being a smart feature, I would call it a strong bomb. An enemy bunker or another target This bomb is so powerful that even the minus will destroy the target, that is, if the goal is not clearly visible then it will also give a devastating effect. The factory will make the fuel abundant ordinance factory in the factory.

source-dd bharti