सुप्रीम कोर्ट ने सुनाया सबसे बड़े केस में जबरदस्त फैसला,कांग्रेसी वामपंथी समेत दोगले पत्रकारों को लगा ज़ोरदार झटका

नई दिल्ली : आज देश में इतनी ज़्यादा विरोधियों ने असहिष्णुता फैला के रख दी है. जब 2g के आरोपी को यही कोर्ट बरी कर देते हैं तब ये कोर्ट कांग्रेस के लिए भगवान बन जाते हैं, सत्य की जीत बताई जाती है लेकिन जब कोर्ट कांग्रेस और वामपंथी के मनमुताबिक फैसला नहीं सुनाते है तब मिनटों में यही जज बदनाम कर दिए जाते हैं.

New Delhi: Today, more opposition in the country has kept the intolerance spread. When the court acquits the 2G accused, then these courts become God for the Congress, the truth is said to be victory, but when the court does not pronounce the verdict of the Congress and the Left, then the same judges are defamed in minutes. .

लेकिन हद तो तब हो रही है जब सुप्रीम कोर्ट के अभी अभी सबसे बड़े केस में फैसले सुनाये जाने से कांग्रेस से ज़्यादा कई दोगले पत्रकारों को तकलीफ हो रही वे जज की विश्वसनीयता पर सवाल उठा रहे हैं.

But the extent has come when the Supreme Court is hearing the judgment of the judge in relation to the judgment of the most senior case, due to which many journalists are suffering from the Congress.

सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि अगर इस स्थिति को जारी रखा तो ये बहुत बड़ा खतरा होगा. जिस तरह से इस केस में याचिका डाली गई है ये सीधा न्यायपालिका पर हमला है. जो जज इस मामले की सुनवाई कर रहे थे, उनपर भी सीधा हमला किया गया था.

The Supreme Court said that if this situation continues, then it will be a very big danger. The way the petition has been filed in this case, this is an attack on the direct judiciary. The judges who were hearing this case were also directly attacked.

बता दें कि इस मामले की सुनवाई चीफ जस्टिस दीपक मिश्रा, जस्टिस एम खानविलकर और जस्टिस डीवाई चंद्रचूड़ की बेंच कर रही थी. इस याचिका को कांग्रेस नेता तहसीन पूनावाला, पत्रकार बीएस लोने, बॉम्बे लॉयर्स एसोसिएशन सहित कई अन्य पक्षकारों की ओर से दायर किया गया था.

Please tell that the hearing of this case was being done by a bench of Chief Justice Deepak Mishra, Justice M. Khanvilkar and Justice DV Chandrachud. This petition was filed on behalf of Congress leaders Tahsin Poonawala, journalist BS Lone, and many other parties including the Bombay Lawyer’s Association.

इसमें बड़ा हाथ वकील प्रशांत भूषण का भी है. वकील से सामाजिक कार्यकर्ता बने प्रशांत भूषण ने सोहराबुद्दीन शेख के एनकाउंटर को फर्जी बताया. साथ ही आधिकारिक पोस्टमार्टम रिपोर्ट को भी मानने से इंकार कर दिया.

There is also a big hand lawyer Prashant Bhushan. Prashant Bhushan, a social worker from the lawyer, said that the encounter of Sohrabuddin Sheikh is a fake. Also refused to accept the official post mortem report.

जस्टिस लोया की मौत को लेकर कांग्रेसी आस लगाए बैठे थे कि कोई साज़िश रच लेंगे मोदी सरकार के खिलाफ बड़ा षड़यंत्र रचा गया. जज लोया सोहराबुद्दीन एनकाउंटर का केस देख रहे थे. उनकी साधारण दिल के दौरे से होने वाली मौत को कांग्रेस ने संदिग्ध और एक साजिश के तहत मौत बताया.

The Congressmen were sitting on the pretext that Justice Loya’s death was a big conspiracy against Modi Government. Judge Loya was watching the case of Sohrabuddin encounter. The Congress is suspected of death due to his simple heart attack and death under a conspiracy.

कांग्रेस ने अपनी पूरी ताक़त इस केस में झोंक दी थी जिसके बाद अब कोर्ट में शांतिपूर्ण बहस नहीं बल्कि चीख चीख कर जज पर दबाव और आरोप लगाए जाने लगे थे. इस फैसले को भी CJI दीपक मिश्रा देख रहे हैं, तभी कांग्रेस दीपक मिश्रा के खिलाफ महाभियोग लाने जा रही थी.

The Congress had thrown its full force in this case, after which there was no peaceful debate in the court but screaming screaming and pressure was being made on the judge. This decision was also seen by CJI Deepak Mishra, when Congress was going to introduce impeachment against Deepak Mishra.

बता दें दिसंबर 2014 में जस्टिस लोया की नागपुर में मौत हो गई थी जिसे दिल का दौरा से मौत का कारण बताया गया था. जस्टिस लोया की मौत के बाद जिन जज ने इस मामले की सुनवाई की, उन्होंने अमित शाह को मामले में बरी कर दिया था. बस तब से कांग्रेस इस केस के पीछे हाथ धो के पड़ी थी.

In December 2014 Justice Loya was killed in Nagpur, who was told to have died due to heart attack. After the death of Justice Loya, the judge who had heard the case, had acquitted Amit Shah in the case. Since then the Congress had to wash hands behind this case.

यहाँ तक की जज लोया के परिवार को भी परेशान किया जा रहा था. जज लोया के बेटे अनुज लोया ने कुछ दिन पहले ही प्रेस कांफ्रेंस कर इस मुद्दे को बड़ा करने पर नाराजगी जताई थी. अनुज ने कहा था कि उनके पिता की मौत प्राकृतिक थी, कृपया उनकी मौत को राजनितिक मुद्दा न बनाएं.

Even the family of Judge Loya was being disturbed. Judge Loya’s son Anuj Loya had resented a few days ago by press conference and raised the issue. Anuj had said that his father’s death was natural, please do not make his death a political issue.

यह विडियो भी देखे

https://youtu.be/o9LQnPMci4I

https://youtu.be/WE3MmmBzG4k

SOURCE political report

लालू प्रसाद यादव के जेल जाने के बाद बिहार के मसीहा पर चारा चोरों का जानलेवा हमला !

पटना: बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार पर बक्सर में भीड़ ने हमला कर दिया. भीड़ ने मुख्यमंत्री के काफिले पर पत्थर फेंके और नीतीश के खिलाफ नारेबाजी की. पत्थराव होते ही सुरक्षाकर्मियों ने नीतीश को अपने घेरे में ले लिया और उन्हें सुरक्षित गाड़ी में बैठा दिया. इस घटना में नीतीश के सुरक्षाकर्मी घायल हुए हैं. यह घटना बक्सर के नंदन में उस समय हुई जब नीतीश कुमार ‘समीक्षा यात्रा’ में शामिल हो रहे थे|

Patna: The Bihar Chief Minister Nitish Kumar attacked the crowd in Buxar. The crowd threw stones at the Chief Minister’s convoy and sloganeering against Nitish. As stones started, security personnel took Nitish into his coat and placed him in a safe vehicle. Nitish’s security personnel were injured in this incident. This incident took place at Nandan in Buxar when Nitish Kumar was attending a ‘review journey’.

बता दें कि मुख्यमंत्री नीतीश कुमार इन दिनों विकास कार्यों की हकीकत जानने के लिए बिहार राज्य में आयोजित समीक्षा यात्रा पर हैं. पिछले साल सात दिसंबर को समीक्षा यात्रा पश्चिम चंपारण जिले से शुरू हुई. यात्रा के दौरान मुख्यमंत्री प्रशासनिक अधिकारियों के साथ हर जिले का दौरा कर रहे हैं और जिले के विकास कामों की समीक्षा कर रहे हैं|

Explain that Chief Minister Nitish Kumar is on a review visit in Bihar today to know the realities of development work. The review journey started on December 7 last year from West Champaran district. During the visit, the Chief Minister is visiting every district with administrative officials and is reviewing development works of the district.

समीक्षा यात्रा के दौरान हर जिले में ‘सात निश्चय’ से संबंधित योजनाओं की प्रगति, शराबबंदी, बाल विवाह मुक्त एवं दहेज उन्मूलन कार्यक्रम, बिहार लोक शिकायत निवारण कानून के क्रियान्वयन सहित विभिन्न कार्यक्रमों में की गई घोषणाओं का अनुपालन और अन्य विकास एवं कल्याणकारी योजनाओं की समीक्षा की जा रही है. नीतीश की यह यात्रा 18 जनवरी तक जारी रहेगी. इस दौरान कुछ दिनों के लिए मुख्यमंत्री पटना लौटेंगे और फिर कुछ दिनों के अंतराल पर पुन: यात्रा पर निकल जाएंगे. नीतीश अंतिम पड़ाव में 16 से 18 जनवरी के बीच नवादा, गया, औरंगाबाद और जहानाबाद जिले में यात्रा करेंगे|

During the review visit, the compliance of the announcements made in various programs including implementation of ‘seven decisions’ related to the progress of all districts, prohibition of the prohibition of marriage, child marriage-free and dowry eradication programs, implementation of Bihar Public Grievances Redressal Law and other development and welfare schemes. Being reviewed. This journey of Nitish will continue till January 18 During this, Chief Minister will return to Patna for a few days and then they will be on a journey again for a few days. Nitish will travel in the last stages between January 16 and 18 in Nawada, Gaya, Aurangabad and Jehanabad districts.

इस समीक्षा यात्रा के दौरान मुख्यमंत्री को लोगों के विरोध का भी सामना करना पड़ रहा है. मधुबनी में समीक्षा यात्रा के दौरान वित्त रहित शिक्षकों द्वारा मुख्यमंत्री को काले झंडे दिखाए गए. नीतीश कुमार ने जैसे ही भाषण की शुरुआत की, वैसे ही शिक्षकों ने काले झंडे दिखाकर उनका विरोध किया|

During this review visit, the Chief Minister is also facing opposition from the people. During the review visit in Madhubani, black flags were shown to the Chief Minister by the Finance teachers. As soon as Nitish Kumar started the speech, the teachers protested against showing black flags.

जब मुख्यमंत्री ने यह समीक्षा यात्रा शुरू की थी तब राष्ट्रीय जनता दल (RJD) प्रमुख लालू प्रसाद ने विकास समीक्षा यात्रा को लेकर नीतीश की आलोचना करते हुए कहा था कि यह यात्रा एक घोटाला है, जिसमें सरकारी खजाने से करोड़ों रुपए छवि निर्माण पर खर्च किये जा रहे हैं. प्रसाद ने दावा किया कि यात्रा में शामिल प्रत्येक जिले के लिए 10 करोड़ रुपए सरकारी खजाने से खर्च किये जा रहे हैं|

When the Chief Minister began this review journey, then the RJD chief Lalu Prasad criticized Nitish about the development review visit saying that the visit was a scandal, in which the government spent crores rupees on image creation Are going Prasad claimed that 10 crores of rupees are being sent from the government treasury for each district involved in the journey.

नीतीश कुमार समीक्षा यात्रा के दौरान जब शेखपुरा जिले के एक गांव पहुंचे तो वहां उन्होंने एक ऐसे स्तूप की खोज की जो 3000 साल पुराना बताया गया. नीतीश की नजर जब इस स्तूप पर पड़ी, तब उन्होंने पाया यह तो कोई ऐतिहासिक एवं पुरातात्विक महत्व वाला स्थान प्रतीत होता है. इसके बाद ही मुख्य सचिव ने चौधरी को फोन किया था. मुख्यमंत्री की पहल पर स्तूप की जांच शुरू हुई. इन अवशेषों में मिट्टी के पात्र या बर्तन हैं, इनके पुरातात्विक महत्व हैं|

When the Chief Minister began this review journey, then the RJD chief Lalu Prasad criticized Nitish about the development review visit saying that the visit was a scandal, in which the government spent crores rupees on image creation Are going Prasad claimed that 10 crores of rupees are being sent from the government treasury for each district involved in the journey.

केपी जायसवाल अनुसंधान संस्थान के कार्यकारी निदेशक बिजॉय कुमार चौधरी ने कहा कि हमने उस जगह का दौरा किया और वहां कई अवशेषों को देखकर हम काफी रोमांचित हुए. ये अवशेष उनके पुरातन अस्तित्व का संकेत देते हैं. राज्य सरकार द्वारा संचालित यह संस्थान पटना संग्रहालय भवन में स्थित है, जो इतिहास एवं पुरातत्व के क्षेत्र में अनुसंधान करता है|

Bijoy Kumar Chaudhary, Executive Director, KP Jaiswal Research Institute said that we visited that place and we were quite thrilled to see many residues there. These relics indicate their ancient existence. This institute, run by the state government, is located in Patna Museum Building, which conducts research in the field of history and archeology.

सूत्रों के मुताबिक बिहार के मसीहा कह जाने वाले नितीश कुमार पर यह हमला चारा चोरों ने करवाया था| यह तो सभी जानते हैं की नितीश कुमार और लालू में शुरू से ही बनती नहीं थी और लालू नितीश के सामने कुछ और नितीश के पीछे कुछ और बोलते थे और उनके जेल जाने के बाद नितीश के विरोधियों और चारा चोरों का यह बड़ा गेम प्लान हो सकता है|

According to sources, Nitish Kumar, who was called the mosque of Bihar, was attacked by thieves. It is known to all that Nitish Kumar and Lalu did not get started from the beginning and Laloo used to speak in front of Nitish some more in front of Nitish and after going to jail, Nitish’s opponents and fodder thieves could have a big game plan. Is there.

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बहुत समय से रुखे टीचर भर्ती पर आया ये बड़ा फैसला, अखिलेश समेत विपक्ष के उड़े होश !

नरेंद्र मोदी की सरकार ने देश में 80 हज़ार फर्जी शिक्षकों, प्रोफेसरों को पकड़ा है, जो सिर्फ कागज़ पर है, जो असल में ही ही नहीं, और तनख्वाह ली जा रही थी, और ये लेने वाले कौन है ? ये है भ्रष्टाचारी कॉलेज में बैठे है ऐसे लुटेरे, स्कूलों में बैठे है, पंचायत के दफ्तरों में बैठे है|

Narendra Modi’s government has caught 80 thousand fake teachers and professors in the country, which is only on paper, which is not really only, and the salaries were being taken, and who is it to take? This is sitting in corrupt college; Such robbers, sitting in schools, sitting in the Panchayat offices.

स्कुल, कॉलेज, और अन्य संस्थाओ में शिक्षक होगा 1, उदाहरण के तौर पर सुरेश, पर ये लुटेरे लिखकर भेज देते है की यहाँ 3 शिक्षक है, 10 शिक्षक है, कौन आ रहा है देखने? और जो देखने आएगा, इंस्पेक्शन करने आएगा ठुसिये न उसके मुँह में 5 हज़ार, हो गया निरक्षण|

Teachers in schools, colleges, and other institutions will be 1, for example, Suresh, but they send these robbers by writing that there are 3 teachers, 10 teachers, who are coming to see? And who will come to see, will come to inspection, he will not see his face in 5 thousand rupees?

ये ही कोंग्रेसी कल्चर है, जिसे हम भ्रष्टाचार कहते है, भारत में भ्रष्टाचार इतना अधिक है की उसपर न ही कहा जाये तो ठीक है अन्यथा लिखते हाथ थक जायेंगे, यहाँ इतनी लूट है, और हर विभाग में, मोदी सरकार सबकुछ आधार से लिंक कर रही है, तो उसका भी विरोध किया जा रहा है, और क्यों ये आप समझ जायेंगे अभी बस 1 मिनट में|

This is the Congress culture, which we call corruption, corruption is so much in India that it is not right to say that otherwise it will be tired of writing otherwise, there is so much loot here, and in every department, the Modi government is linking all the bases. He is being opposed too, and why will you understand that in just 1 minute.

ये जो 80 हज़ार फर्जी शिक्षक पकडे है ये आधार लिंक के कारण पकडे है, अब भैया 3 शिक्षक है कहीं तो 3 अलग अलग आधार होगा न, 3 अलग अलग लोगों के आँखों की निशान होंगे, आधार के जरिये 80 हज़ार ऐसे फर्जी टीचर पकडे गए जो है ही नहीं और उनकी तनख्वाह खजाने से जा रही थी|

This is the 80 thousand fake teacher who is stuck because of this link, now the brother is a teacher, now there will be 3 different bases, there will be the eyes of 3 different people, through the base, 80 thousand such fake teachers got caught Not only that and his salary was going from the treasury.

अब आप खुद सोचिये जो लोग ये फर्जी तनख्वाह ले रहे थे, वो मोदी का विरोध तो करेंगे ही, और ये कहकर विरोध थोड़ी करेंगे की मोदी खाने नहीं दे रहा है, ये मोदी का विरोध ये कहकर करेंगे की मोदी दलित विरोधी है, विरोधी है, तो ये जनरल वालो को भी भड़काएंगे, मोदी किसान विरोधी है, भैया ये सारे लुटेरे बस इसी जुगाड़ में है की कैसे भी कांग्रेस को वापस ले आया जाये, जो खाती भी है और खाने भी देती है|

Now think of yourself, the people who were taking these fake salaries, they will oppose Modi, and will protest by saying that Modi is not eating, that he will oppose Modi by saying that Modi is anti-Dalit and anti-Dalit , Then they will also incite the generals, Modi is anti-farmer, brother, all these robbers are just in this jugaad how the Congress should be brought back, who also eats and gives food.

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चारा घोटाले में लालू यादव के जेल जाने के बाद तेजस्वी यादव ने दिया ये बड़ा बयान, PM मोदी भी हुए हैरान !

पटना: बिहार विधानसभा में प्रतिपक्ष के नेता एवं पूर्व उपमुख्यमंत्री तेजस्वी यादव ने पड़ोसी राज्य झारखंड के रांची स्थित सीबीआई की एक विशेष अदालत द्वारा करोड़ों रुपये के चारा घोटाला मामले में अपने पिता एवं राजद प्रमुख लालू प्रसाद को साढ़े तीन साल की सजा सुनाए जाने पर शनिवार (6 जनवरी) को कहा कि इसके खिलाफ वे उच्च न्यायालय में अपील करेंगे| तेजस्वी ने अपनी मां एवं पूर्व मुख्यमंत्री राबड़ी देवी सहित राजद के अन्य नेताओं के साथ पटना स्थित अपने सरकारी आवास पर शनिवार (6 जनवरी) को संवाददाताओं को संबोधित करते हुए कहा कि जो सजा सुनाई गयी है उसके खिलाफ जमानत के लिए हम लोग उच्च न्यायालय में अपील करेंगे|

Patna: Leader of the Opposition in the Bihar Assembly and former Deputy Chief Minister Tejasvi Yadav, on Saturday, sentenced a three and a half year sentence to his father and RJD chief Lalu Prasad in a fodder scam case by a special CBI court in Ranchi, neighboring Jharkhand. (January 6) said that they will appeal against it in the High Court. Speaking to reporters on Saturday (January 6th) at his official residence in Patna with his mother and former Chief Minister Rabri Devi, along with other RJD leaders, said that for the bail granted to the convicts, we will be in the High Court Will appeal.

रांची स्थित सीबीआई की एक विशेष अदालत ने 950 करोड़ रुपये के चारा घोटाला से जुड़े एक मामले (देवघर कोषागार से 89 लाख, 27 हजार रुपये की अवैध निकासी) में बिहार के पूर्व मुख्यमंत्री एवं राजद प्रमुख लालू प्रसाद को साढ़े तीन वर्ष की कैद एवं दस लाख रुपये जुर्माने की सजा सुनाई|

A special CBI court in Ranchi, in connection with a Rs 950 crore fodder scam case (Rs 89 lakhs, 27 thousand rupees from the Deoghar treasury), former Bihar chief minister and RJD chief Laloo Prasad imprisoned for three and a half years and ten Sentenced to a fine of Rs.

28 वर्षीय तेजस्वी ने कहा कि कानूनी लड़ाई है. निचली आदालत का जो फैसला आया है उसका हम सम्मान करते हैं, हमें न्यायपालिका में पूरा भरोसा है. हम फैसले का अध्ययन करेंगे और फिर फैसला करेंगे कि जमानत के लिए क्या कानूनी विकल्प बनता है. सीबीआई अदालत ने लालू को दोषी ठहराये जाने पर टिप्पणी करने पर तेजस्वी के खिलाफ अवमानना नोटिस जारी किया था. उन्होंने बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार और केंद्र में सत्तासीन भाजपा पर साजिश करने और केंद्रीय एजेंसियों का गलत इस्तेमाल करके लालू को फंसाने का आरोप लगाते हुए कहा कि आगामी मकर संक्रांति के बाद जनता के बीच जाकर सारी बातों को रखेंगे और जनजागृति कार्यक्रम और जनसभा करेंगे|

The 28-year-old said that there is a legal battle. We respect the decision taken by the lower court, we have full confidence in the judiciary. We will study the decision and then decide what legal alternatives are made for bail. The CBI court had issued a contempt notice against Rashid on commenting on Lalu being blamed. Accusing Bihar Chief Minister Nitish Kumar and conspiring to plot against the ruling BJP in the Center and misusing the central agencies, Makers said that the upcoming Makar will go through the public after the sankranti and keep all things and public awareness programs and public meetings.

तेजस्वी ने कहा कि दुख इस बात का है कि जनता ने जिनको चुना आज वे कारागार में हैं और जिनको नहीं चुना वे ‘चोर दरवाजे’ से सरकार में बैठे हैं. उन्होंने कहा कि लगातार यह सवाल उठाया जाता रहा कि लालू के नहीं रहने पर पार्टी (राजद) का क्या होगा पर इतिहास गवाह है कि जितनी भी बुरी परिस्थिति पूर्व में आयी है उसमें हमने एकजुटता के साथ संघर्ष किया है और कई लड़ाइयां जीती हैं. राजद में कभी बिखराव नहीं हुआ और हमलोगों ने एकजुटता और चट्टानी एकता के साथ संघर्ष किया और लड़ाई लड़ी|

Stazzi said that the sadness is that the people whom they chose today are in jail and those who have not chosen they are sitting in government with ‘thieves’ door. He said that it was continuously raised that the question of whether the party (RJD) will not be there if Lalu does not stay, but the history is witnessed that in the worst situation that has happened in the past, we have fought with solidarity and won many battles. There was never a scatter in the RJD and we fought with solidarity and rock solid unity and fought.

तेजस्वी ने कहा कि आज कुछ लोग इससे खुश हो सकते हैं कि लालू को फंसाकर जेल में रखा है पर वे भूले नहीं कि विरोधियों के काल ने अभी जन्म लिया है. तेजस्वी ने कहा कि नीतीश, भाजपा, राजग और आरएसएस को लालू से ही डर था क्योंकि राष्ट्रीय स्तर पर सभी विपक्षी दलों को एकजुट करने में वे महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहे थे और इन्हें कोई देश में चुनौती दे सकता है तो वे लालू हैं. इसलिए उन्हें साजिश के तहत फंसाया गया. उन्होंने कहा कि ये जो माहौल बनाने की कोशिश कर रहे थे कि लालू डर जाएंगे पर वे न तो कभी डरे हैं, न डरेंगे. न झुके हैं और न झुकेंगे और अपनी विचारधारा से कोई समझौता नहीं करेंगे|

Stazzi said that today some people may be happy that Laloo has been trapped and kept in jail, but he has not forgotten that the time of the opponents has just born. Stasi said that Nitish, BJP, NDA and RSS were afraid of Lalu as he was playing important role in uniting all the opposition parties at the national level and if anybody can challenge them in the country, then he is Lalu. So they were framed under the conspiracy. He said that he was trying to create the atmosphere that Lalu will be scared but he is neither afraid nor afraid. Do not bow down and will not bow down and will not compromise with your ideology.

रांची की एक सीबीआई अदालत ने नौ सौ पचास करोड़ रुपये के चारा घोटाला में देवघर कोषागार से 89 लाख, 27 हजार रुपये की अवैध निकासी के मामले में बिहार के पूर्व मुख्यमंत्री एवं राजद प्रमुख लालू प्रसाद को साढ़े तीन वर्ष की कैद एवं दस लाख जुर्माने की शनिवार (6 जनवरी) को सजा सुनाई. अदालत ने लालू के दो पूर्व सहयोगियों लोक लेखा समिति के तत्कालीन अध्यक्ष जगदीश शर्मा को सात वर्ष की कैद एवं बीस लाख रुपये के जुर्माने एवं बिहार के पूर्व मंत्री आर के राणा को साढ़े तीन वर्ष की कैद एवं दस लाख जुर्माने की सजा सुनायी|

A CBI court in Ranchi sentenced former Bihar Chief Minister Lalu Prasad to three-and-a-half years imprisonment and fined one lakh rupees in the fodder scam of Rs 9.55 crores in connection with illegal withdrawal of 89 lakhs, 27 thousand rupees from Deoghar treasury. Sentenced to Saturday (January 6th). The court sentenced Lalu’s two former colleagues, Jagdish Sharma, the then president of Public Accounts Committee, imprisonment of seven years, and a fine of twenty lakh rupees and former Bihar minister RK Rana, sentenced to three and a half years of imprisonment and one million fine.

बिहार के पूर्व मुख्यमंत्री लालू प्रसाद यादव, आर के राणा, जगदीश शर्मा एवं तीन वरिष्ठ पूर्व आईएएस अधिकारियों समेत 16 अभियुक्तों की सजा पर विशेष सीबीआई अदालत का फैसला शनिवार शाम साढ़े चार बजे आया. अदालत ने सजा की घोषणा वीडियो कांफ्रेंसिंग के माध्यम से की और सभी अभियुक्तों को बिरसामुंडा जेल में ही वीडियो लिंक से अदालत के सामने पेश कर सजा सुनायी गयी|

A special CBI court verdict on the conviction of 16 accused, including former Bihar Chief Minister Lalu Prasad Yadav, RK Rana, Jagdish Sharma and three senior IAS officers, came on Saturday evening at four in the evening. The court announced the verdict through video conferencing and the convicts were sent to the court in Birasamunda jail by the video link and sentenced to the court.

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चारा घोटाले के आरोपी लालू यादव की सजा के बाद PM मोदी पर बरसे तेज प्रताप यादव कहा…

चारा घोटाले में आरजेडी नेता लालू प्रसाद यादव को शनिवार को सजा का ऐलान हुआ। देवघर ट्रेजरी मामले में उन्हें साढ़े तीन साल की सजा सुनाई गई है। इसके साथ ही उन पर पांच लाख रुपए का जुर्माना लगाया गया। सजा के ऐलान के बाद लालू के बड़े बेटे तेज प्रताप यादव की प्रतिक्रिया आई।

RJD leader Laloo Prasad Yadav in fodder scam declared the punishment on Saturday. He has been sentenced to three and a half years in the Devghar Treasury case. At the same time, he was fined five lakh rupees. After the announcement of the punishment, the reaction of Prasad Yadav, elder son of Lalu, came.

 

 

उन्होंने प्रधानमंत्री को लेकर बड़ा बयान दिया। कहा है कि जो गरीबों के लिए लड़ेगा, उनकी आवाज उठाएगा। उसे ही घेरा जाएगा। देश की जनता आक्रोश में है। पीएम मोदी बैठकर मलाई खा रहे हैं। आपको बता दें कि चारा घोटाले से जुड़े एक मामले में रांची की विशेष सीबीआई अदालत ने आज (6 जनवरी) लालू प्रसाद यादव को साढ़े तीन साल की सजा और 5 लाख का जुर्माना लगाया है।

He gave a big statement about the Prime Minister. It is said that those who will fight for the poor will raise their voice. He will be surrounded. The people of the country are in anger. PM Modi is eating cream and sitting. Let me tell you that in a case related to the fodder scam, a special CBI court in Ranchi has imposed a fine of three and a half years on Lalu Prasad Yadav (January 6) and fined five lakhs.

देवघर ट्रेजरी मामले में फैसला वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए सुनाई गई है। अब लालू यादव को इस अदालत से जमानत नहीं मिल सकेगी। उन्हें जमानत के लिए हाई कोर्ट का दरवाजा खटखटाना होगा। अगर लालू प्रसाद यादव 5 लाख रुपये का जुर्माना नहीं चुकाते तो उन्हें 6 महीने की अतिरिक्त सजा भुगतनी होगी। इस मामले में कुल 16 लोगों को दोषी ठहराया गया था। लालू के अलावा दोषी फूल चंद, महेश प्रसाद, बाके जुलियस, सुनील कुमार, सुशील कुमार, सुधीर कुमार और राजाराम को भी 3.5 साल कैद व 5 लाख रुपये की सजा दी गई है।

Decision in Deoghar Treasury case has been heard through video conferencing. Now Laloo Yadav can not get bail from this court. They will have to knock the High Court door for bail. If Laloo Prasad Yadav does not pay a penalty of Rs 5 lakh, he will have to pay an extra 6 months sentence. In this case, a total of 16 people were convicted. Apart from Lalu, convicted flowers Chand, Mahesh Prasad, Baki Julius, Sunil Kumar, Sushil Kumar, Sudhir Kumar and Rajaram have also been sentenced to 3.5 years imprisonment and Rs 5 lakhs.

तेज प्रताव ने इस बारे में शनिवार को पत्रकारों से बातचीत की। उन्होंने कहा, “हमें विश्वास है कि लालू जी को बेल मिलेगी। हमें न्यायिक प्रणाली में पूरा विश्वास है। हम झुकेंगे नहीं।”

Fast Pratava talked to reporters on Saturday about this. They said, “We believe Laloo ji will get Bell. We have complete faith in the judicial system. We will not bow down. ”

बड़े बेटे ने आगे एक चैनल से कहा, “अभी इस बारे में हमें सूचना मिली है। अगर ज्यादा की सजा होती है तो हाईकोर्ट जाएंगे। देखिए गरीब की जो आवाज उठाएगा, चाहे हम उठाएंगे या कोई और उठाएगा उसे लोग ऐसे ही घेरने का काम करेंगे। देखिए जनता कैसे आक्रोश में है। किस तरह से कारनामा हो रहा है। नरेंद्र मोदी मलाई खा रहे हैं बैठ कर। सारी डील वही कर रहे हैं।”

The elder son said to a channel, “Now we have received information about this. If there is more punishment then the High Court will go. Look, the voice of the poor will raise, whether we will raise or someone else will pick it up, people will do such work. See how the public is in anger. How is it happening? Narendra Modi is eating cream and sitting. All deals are doing the same. ”

वर्ष 1990 से 1994 के बीच देवघर कोषागार से 89 लाख, 27 हजार रुपये की फर्जीवाड़ा कर अवैध ढंग से पशु चारे के नाम पर निकासी के इस मामले में कुल 38 लोग आरोपी थे, जिनके खिलाफ सीबीआई ने 27 अक्तूबर 1997 को मुकदमा दर्ज किया था और लगभग 21 साल बाद इस मामले में गत 23 दिसंबर को फैसला आया।

Between 1990 and 1994, a total of 38 people were accused in the case of illegal fodder evacuation of Rs 89 lakhs, 27 thousand rupees from Deoghar treasury and against whom the CBI filed the case on October 27, 1997, and After 21 years, the verdict came on December 23 in the case.

सीबीआई की विशेष अदालत ने चारा घोटाले के इस मामले में 23 दिसंबर को लालू प्रसाद समेत तीन नेताओं, तीन आईएएस अधिकारियों के अलावा पशुपालन विभाग के तत्कालीन अधिकारी कृष्ण कुमार प्रसाद, पशु चिकित्साधिकारी सुबीर भट्टाचार्य तथा आठ चारा आपूर्तिकर्ताओं सुशील कुमार झा, सुनील कुमार सिन्हा, राजाराम जोशी, गोपीनाथ दास, संजय कुमार अग्रवाल, ज्योति कुमार झा, सुनील गांधी तथा त्रिपुरारी मोहन प्रसाद को अदालत ने दोषी करार देकर जेल भेज दिया था।

In the case of the fodder scam, on December 23, three leaders including Lalu Prasad, three IAS officers, Krishan Kumar Prasad, Animal Husbandry Department, Animal Husbandry Subir Bhattacharya and eight fodder suppliers Sushil Kumar Jha, Sunil Kumar Sinha, Rajaram Joshi, Gopinath Das, Sanjay Kumar Agarwal, Jyoti Kumar Jha, Sunil Gandhi and Tripurari Mohan Prasad Programmed court jailed him guilty.

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हाईकोर्ट में हुआ मनमोहन सिंह और कांग्रेस की ऐसी खौफनाक साजिश का पर्दाफ़ाश, दंग रह गया पूरा देश !

नई दिल्ली : देश की सुरक्षा को खतरे में डालने और अपने वोट बैंक के तुष्टिकरण करने के लिए कांग्रेस सरकार ने कोई कसर नहीं छोड़ी थी. 2004 में सत्ता में आते ही कांग्रेस ने सबसे पहला काम जो किया, वो था POTA क़ानून को हटाने का, जिसे बीजेपी ने पास किया था जब अटल बिहारी वाजपेयी पीएम थे. इस क़ानून के जरिये जांच एजेंसियां उन लोगों को गिरफ्तार करके पूछताछ कर सकती थीं, जिनपर आतंकी घटनाओं से जुड़े होने का शक होता था. मगर अपने वोटबैंक को और इशरत जहाँ व् यासीन भटकल जैसे आतंकियों को बचाने के लिए कांग्रेस ने सत्ता में आते ही इस क़ानून को हटा दिया था |

New Delhi: The Congress government has left no stone unturned to threaten the country’s security and appease its vote bank. The first thing Congress did when it came to power in 2004 was the removal of the POTA law, which the BJP had passed when Atal Bihari Vajpayee was PM. Through this law the investigating agencies could arrest and interrogate those people who were suspected to be involved in terrorist incidents. But to save the terrorists like their vote bank and Ishrat Jahin and Bhatkal, the Congress had removed this law when it came to power.

मगर अब पूर्व प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह को लेकर एक और बेहद सनसनीखेज खुलासा हुआ है. मनमोहन सिंह ने जामा मस्जिद के शाही इमाम बुखारी को अक्टूबर 2004 में निजी तौर पर पत्र लिखकर भरोसा दिलाया था कि जामा मस्जिद को संरक्षित स्मारक का दर्जा नहीं दिया जाएगा | आज दिल्ली हाई कोर्ट ने इस केस को उठाते हुए मनमोहन सिंह के उस फैसले पर सवाल उठाया है कि आखिर क्यों उन्होंने शाही इमाम से ऐसा वादा किया. इस पूरी खबर को पढियेगा जरूर, आप हैरान रह जाएंगे. मनमोहन सिंह का वो फैसला अब जांच के दायरे में आ गया है और कोर्ट ने पूछा है कि आखिर ऐसा वादा करने के पीछे मनमोहन सिंह का मकसद क्या था?

But now another very sensational disclosure has happened about former Prime Minister Manmohan Singh. Manmohan Singh had personally written a letter to the Imam Bukhari of Jama Masjid in October 2004 and assured that the Jama Masjid would not be given the status of a protected monument. Today, the Delhi High Court has raised the question of Manmohan Singh’s decision, raising the case, why he made such a promise to the Imam Imam. Of course, you will be surprised at this whole news. The decision of Manmohan Singh has now come under the purview of the investigation and the court has asked, what was the motive behind Manmohan Singh’s promise to make such a promise?

क्या है सारा मामला ?
दरअसल सुहैल अहमद खान नाम के एक व्यक्ति ने हाई कोर्ट में एक पीआईएल दाखिल की थी. पीआईएल में मांग की गई थी कि जामा मस्जिद को संरक्षित स्मारक घोषित किया जाए और उसके अंदर व् आसपास किये गए अतिक्रमण को हटाया जाए. पिछले साल नवंबर में सुहैल अहमद खान ने शाही इमाम के बेटे की दस्तारबंदी को चुनौती देते हुए भी एक पीआईएल दाखिल की थी और मस्जिद के मैनेजमेंट की सीबीआई जांच की मांग की थी | इसी पीआईएल पर सुनवाई के दौरान भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण विभाग ने हाई कोर्ट को ‘मनमोहन काल’ की एक चिट्ठी सौंपी है. इस चिट्ठी में खुलासा किया गया है कि 10 साल सत्ता में रहने के बावजूद यूपीए सरकार जामा मस्जि‍द को संरक्षि‍त स्मारक का दर्जा इसलिए नहीं दे सकी क्योंकि खुद प्रधानमंत्री ने ही शाही इमाम को ऐसा ना करने का वादा किया था |

What is the whole matter?
In fact, a person named Suhail Ahmad Khan filed a PIL in the High Court. PIL was demanded that the Jama Masjid be declared a protected monument and the encroachment surrounding it and the surrounding areas should be removed. In November last year, Suhail Ahmad Khan had also filed a PIL challenging the royal imam’s son and demanded a CBI inquiry into the management of the mosque. During the hearing on this PIL, the Archaeological Survey of India has handed over a letter to the High Court ‘Manmohan Kal’. In this letter, it has been disclosed that despite being in power for 10 years, the UPA Government could not provide the Jama Masjid as a protected monument because itself the Prime Minister had promised to not do the same to Imam Imam.

क्या लिखा है पत्र में ?
सबसे दिलचस्प बात तो यह है कि मनमोहन सिंह ने यह पत्र 20 अक्टूबर 2004 को लिखा था. यानी प्रधानमंत्री बनने के ठीक बाद. पीएम ने चिट्ठी में लिखा था कि उन्होंने संस्कृति मंत्रालय और एएसआई को निर्देश दे दिया है कि वे मरम्मत का काम तय वक्त में पूरा कर दें. इस मरम्मत का अनुरोध इमाम ने 10 अगस्त 2004 के लेटर में किया था. पीएम ने उन्हें लेटर में यह भी बताया था कि मंत्रालय ने तय किया है कि जामा मस्जिद को संरक्षित स्मारक घोषित नहीं किया जाएगा | हैरानी की बात है कि जामा मस्जिद एक संरक्षित स्मारक नहीं है लेकिन इसके बावजूद 1956 से भारत सरकार लगातार इसके रख-रखाव का काम अपने खर्च पर करती आ रही है. यानि जनता के टैक्स का पैसा एक धर्म की इबादत स्थल के रख-रखाव में खर्च होता रहा है, जोकि पूरी तरह से गैर-कानूनी है. जामा मस्जिद की इमारत पर शाही इमाम और वक्फ बोर्ड अपना दावा ठोकते आये हैं लेकिन इसके रख-रखाव का पैसा अपनी जेब से नहीं भरते बल्कि भारत के संस्कृति मंत्रालय से लेते हैं. अरे ये लोग तो बिजली का बिल तक जमा नहीं करते और हर जगह एयर कंडीशनिंग आपको दिख जायेगी |

What is written in the letter?
The most interesting thing is that Manmohan Singh wrote this letter on October 20, 2004. That is, immediately after becoming the Prime Minister. The PM wrote in the letter that he has instructed the Ministry of Culture and ASI to complete the repair work in due time. This repair was requested by Imam on August 10, 2004. The PM had also told him in the letter that the ministry has decided that the Jama Masjid will not be declared a protected monument. Surprisingly, the Jama Masjid is not a protected monument but in spite of this, since 1956, the Indian government has been continuously doing its maintenance work at its expense. That is, the public tax has been spent in the maintenance of the place of worship of a religion, which is totally illegal. Imperial Imams and Waqf boards have been claiming their claims on the building of Jama Masjid but do not fill up the maintenance money of their pockets but from the Ministry of Culture of India. These people do not deposit the electricity bill and air conditioning will be visible everywhere.

अब जानिये अंदर की बात !
आइये अब आपको बताते हैं वो राज की बात जो कोई मीडिया आपको नहीं बताएगा. दरअसल नियमानुसार यदि किसी इमारत को संरक्षित स्मारक का दर्जा दे दिया गया तो उसे सार्वजनिक मीटिंग या सम्मेलनों के लिए इस्तेमाल नहीं किया जा सकता. केंद्र से विशेष अनुमति लिए बिना एक संरक्षित स्मारक का उपयोग स्वागत, पार्टियों, सम्मेलनों या मनोरंजन कार्यक्रमों के लिए नहीं किया जा सकता | लेकिन जामा मस्जिद अब राजनीतिक गतिविधियों, बैठकों, वोट बैंक की राजनीति और कई अन्य अवैध व्यवसायों का केंद्र बन चुका है. और भी ज्यादा चौंकाने वाली बात तो ये है कि 2004 में मनमोहन सिंह के पीएम बनने से पहले 2002 में ही जामा मस्जिद में चल रहीं आतंकी और देश विरोधी गतिविधियों के बारे में और शाही इमाम अहमख बुखारी द्वारा मस्जिद का दुरुपयोग के बारे में दिल्ली हाई कोर्ट में एक याचिका दायर की गई थी |

Now know the inside thing!
Let’s now tell you the matter of the secret which no media will tell you. Actually, if a building is given a protected monument status, it can not be used for public meetings or conferences. Without a special permission from the Center, a protected monument can not be used for reception, parties, conferences or entertainment programs. But Jama Masjid has now become a center for political activities, meetings, vote bank politics and many other illegal occupations. Even more alarming thing is that were running before Manmohan Singh became the Prime Minister in 2004, the Jama Masjid in 2002, the Delhi High Court about the terror and abuse of the mosque by about anti-state activities and Imam Ahmk Bukhari A petition was filed in

सब कुछ जानते हुए भी मौन रहे मनमोहन सिंह !
रईसुद्दीन नाम के एक शख्स ने एक पीआईएल दाखिल करके आरोप लगाया था कि, “अहमद बुखारी और उनके पिता ने अपने निजी इस्तेमाल के लिए जामा मस्जिद के आसपास के इलाकों का अवैध इस्तेमाल शुरू कर दिया था और यहाँ सभी प्रकार की अवैध गतिविधियां, अवैध बाज़ार, आतंकवादी गतिविधियां यहाँ होती हैं और साथ ही कई असामाजिक तत्व भी इस स्मारक में आश्रय लेते हैं ” | जिसके बाद हाई कोर्ट ने इस मुद्दे की जांच करने के लिए दिल्ली सरकार के लेफ्टिनेंट गवर्नर को नोटिस जारी किया था. ये सब जानने के बावजूद कांग्रेस सरकार ने अपने वोट बैंक की खातिर जामा मस्जिद में परोक्ष रूप से आतंकवाद और देश विरोधी गतिविधियों को बचाये रखा. मनमोहन सिंह को शर्म आनी चाहिए कि आतंकवादी देश के लिए बड़ा ख़तरा बन गए, ये जानने के बावजूद वो मौन रहे और सोनिया गांधी के हाथों कठपुतली बने रहे |

Manmohan Singh, who was silent knowing everything!
A man named Raisuddin had filed a PIL alleging that, “Ahmed Bukhari and his father had started illegal use of the areas surrounding the Jama Masjid for their personal use and here all illegal activities, illegal market Terrorist activities are here, as well as many anti-social elements also take shelter in this memorial. ” After which the High Court issued notice to the Lieutenant Governor of Delhi Government to look into the issue. In spite of knowing this, the Congress government has indirectly protected terrorism and anti-national activities in Jama Masjid for its vote bank. Manmohan should be ashamed that terrorists became a big threat to the country, despite knowing this, he remained silent and remained a puppet in Sonia Gandhi’s hands.

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लालू के बाद आया ममता बनर्जी का नंबर, मोदी सरकार का कोलकाता में ताबड़तोड़ एक्शन!

कोलकाता: भ्रष्टाचारी व् घोटालेबाज चारा चोर लालू यादव अपनी सही जगह यानी जेल पहुंच गया है, उसकी संपत्ति जब्त करने का फैसला भी अदालत सुना चुकी है. इसके बाद जेल जाने का अगला नंबर पश्चिम बंगाल की मुख्‍यमंत्री और तृणमूल कांग्रेस की अध्‍यक्ष ममता बनर्जी का है| भ्रष्टाचार के आरोप में तृणमूल कांग्रेस के कई सांसद जेल पहुंच चुके हैं| कुछ ही वक़्त पहले चिट फंड घोटाले के मामले में ममता के सांसद तपस पाल और सुदीप बांदोपाध्‍याय को धरा गया था और अब इसी से जुडी एक और बड़ी खबर सामने आ रही है|

KOLKATA: The corrupt and scampered charcoal thief Lalu Yadav is in his right place, that is, he has already been sent to jail. The court has also decided to seize his property. After this, the next number of prisoners is the Chief Minister of West Bengal and Trinamool Congress President Mamta Banerjee. Trinamool Congress MPs have been jailed for corruption. For the first time in the case of Chit Fund scam, Mamata MP Tapas Pal and Sudip Bandopadhyay were arrested and another big news is now being reported.

रोजवैली चिटफंड मामले में प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने 3 ज्वैलरी शोरूम में छापे मारे हैं| बुधवार सुबह ईडी की टीम ने लेक पैलेस, गरिया व हावड़ा स्थित रोजवैली के आदरिजा गोल्ड कारपोरेशन के शोरूम में छापेमारी की और 22 कैरट सोने के 72 किलो आभूषण, 18 कैरट सोने के 18 किलो आभूषण, हीरे व् कई अन्य कीमती रत्न जब्त कर लिए|

The Enforcement Directorate (ED) has raided 3 jewelry showrooms in the rugged chit fund case. On Wednesday morning, the ED team raided the showroom of Haridvaya Gold Corporation in Lech Palace, Garia, and Howrah, and seized 72 kg of gold ornaments 22-carat gold, 18 kilograms of 18kg gold ornaments, diamonds, and many precious gems.

जानकारी के मुताबिक़ ईडी ने करीब 40 करोड़ रुपये के आभूषण जब्त किए हैं. बताया जा रहा है कि आद्रिजा गोल्ड कॉरपोरेशन ने चिटफंड घोटाले के आरोपी गौतम कुंडू के स्वामित्व वाले रोजवैली ग्रुप के विभिन्न फर्मो से कर्ज लिया था| एजेंसी रोजवैली ग्रुप में जमा धन लेने वाली कंपनियों से पैसे निकालकर उसे दूसरे काम में लगाने की जांच कर रही है|

According to the information, the ED has seized jewelry worth Rs 40 crore. It is being said that Adrija Gold Corporation has taken loans from different companies of Rosewali group owned by Gautam Kundu, accused of Chitfund scam. The agency is investigating the money collected from the depositors in the Rosalai Group and putting them into another work.

बता दें कि 2016 में रोजवैली चिटफंड घोटाले में ईडी ने 1250 करोड़ रुपए की कीमत के आठ होटल और कंपनी की कारें भी जब्त की थीं| चिटफंड घोटाले में पश्चिम बंगाल, ओडिशा और पूर्वोत्तर के कुछ राज्यों में हजारों लोग कथित तौर पर धोखधड़ी के शिकार हुए थे| रोजवैली चिटफंड घोटाले को पश्चिम बंगाल का अब तक का सबसे बड़ा घोटाला कहा जा रहा है, इसे लेकर तृणमूल कांग्रेस के ही एक और सांसद कुणाल घोष और श्रींजॉय बोस समेत राज्‍य सरकार में मंत्री रहे मदन मित्रा को भी सीबीआई गिरफ्तार कर चुकी है|

Let us say that in 2016, the ED had seized eight hotels and company cars worth Rs 1,250 crore in the daily chit fund scam. In Chitfund scam, thousands of people were allegedly involved in the scam in West Bengal, Odisha and some states of the northeast. The ruling Chitfund scam is being called the biggest scandal of West Bengal so far, it has been arrested by the CBI, and Madan Mitra, a minister in the state government, including Trinamool Congress MP Kunal Ghosh and Shrinjoy Bose.

दरअसल ममता के सरंक्षण में बंगाल में जम कर घोटाले किये गए हैं और जिनमे ममता के सांसद तक शामिल थे| लोगों को जमकर लूटा गया और वोटबैंक की राजनीति के चलते दंगे-फसाद तो बंगाल में अक्सर होते ही रहते हैं| मगर अब ममता के कुकर्म सामने आ रहे हैं| वैसे हर जांच व् गिरफ्तारी के लिए पीएम मोदी पर दोष मढ़ने वाली ममता, इस जांच के लिए मोदी पर आरोप भी नहीं लगा सकती क्योंकि रोज़वैली चिटफंड घोटाले की जांच सुप्रीम कोर्ट के निर्देश पर की जा रही है|

Indeed, in the preservation of Mamta, scams have been done in Bengal and those of Mamta’s MPs were involved. People were looted and the riots and rioting caused by vote bank politics often happen in Bengal. But now the misdeeds of Mamta are coming out. Well, Mamata, who blames PM Modi for every investigation and arrest, cannot even blame Modi for the investigation, because the investigation of the Rose Chawla scandal is being done on the directions of the Supreme Court.

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2G घोटाले मे सभी आरोपियों को बरी,चीन से प्रभावित होकर CBI ने जारी किया नया फरमान, माँ बेटे दहशत में

सीबीआई ने कहा है कि वह 2जी स्पेक्ट्रम आवंटन घोटाले के सभी आरोपियों को बरी करने के विशेष अदालत के फैसले को चुनौती देगी. विशेष अदालत ने गुरुवार को इस मामले में सभी 16 आरोपियों को बरी करते हुए जांच एजेंसी की ओर से पेश मामले को खारिज कर दिया.

एजेंसी को सामान्य तौर पर किसी अदालती आदेश का अध्ययन करने में महीनों का समय लगता है. जिसके बाद वह हाईकोर्ट में अपील करती है. लेकिन इस मामले में सीबीआई ने फैसला आने के कुछ घंटों के बाद ही घोषणा कर दी है कि ‘प्रथम दृष्टया’ यह समीक्षा का मामला बनता है.

सीबीआई के प्रवक्ता अभिषेक दयाल ने कहा, ‘2जी घोटाले से संबंधित फैसले की प्रथम दृष्टया समीक्षा के बाद ऐसा प्रतीत होता है कि अभियोजन द्वारा आरोपों को आगे बढ़ाने के लिए पेश किए गए प्रमाणों पर संबंधित अदालत ने उचित तरीके से विचार नहीं किया. सीबीआई इस मामले में जरूरी कानूनी कदम उठाएगी.’ यह पूछे जाने पर कि क्या यह अपील दिल्ली हाईकोर्ट में दायर की जाएगी, प्रवक्ता ने इसका हां में जवाब दिया.

पूर्व दूरसंचार मंत्री ए. राजा और द्रमुक सांसद कनिमोई को सीबीआई की विशेष अदालत ने गुरुवार को 2जी स्पेक्ट्रम आवंटन घोटाला मामले में बरी कर दिया. अदालत ने 15 अन्य आरोपियों और तीन कंपनियों को भी बरी किया गया है.

वहीँ चीन में शंघाई की एक अदालत ने एक दूरसंचार धोखाधड़ी मामले में शामिल होने के लिए सोमवार को चार लोगों को 10 से 14 साल की सजा सुनाई।

जीनस जिले के पीपल्स कोर्ट के मुताबिक, चार प्रतिवादी, यू ज़ियाओफीई, चेन योंगहो, वांग जुहुई और वू योंग्हो, धोखाधड़ी के दोषी थे और 300,000 युआन ($ 44,982) और 2 मिलियन युआन के बीच जुर्माना लगाए गए थे।

दूरसंचार धोखाधड़ी के मामले में कुल 126 प्रतिवादी शामिल थे। अदालत जल्द ही दूसरे बचाव पक्षियों के फैसले को जल्द से जल्द पेश करेगी।

प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने भी विशेष अदालत के फैसले को चुनौती देने का फैसला किया है. विशेष अदालत ने 19 लोगों को 2जी स्पेक्ट्रम आवंटन से संबंधित मनी लांड्रिंग मामले में बरी किया है. ईडी के अधिकारियों ने कहा कि एजेंसी फैसले का अध्ययन करेगी और सबूतों और जांच के साथ उच्च न्यायालय का दरवाजा खटखटाएगी.

अधिकारियों ने कहा कि यह देखा जाना है कि क्या अदालत ने सिर्फ इस आधार पर ईडी के मामले को खारिज किया कि एजेंसी ने अनुमान के आधार पर यह जांच की है या इसके पीछे अन्य कारण भी थे.

फैसले से निराश हैं सुब्रमण्यम स्वामी

बीजेपी सांसद और वरिष्ठ वकील सुब्रमण्यम स्वामी ने कहा है कि वे 2जी स्कैम मामले में सभी आरोपियों के बरी होने से निराश हैं. उन्होंने कहा कि जांच अधिकारी भ्रष्टाचार के खिलाफ लड़ने के लिए गंभीर नहीं थे. मुझे उम्मीद है कि प्रधानमंत्री इस फैसल से सबक लेंगे. भ्रष्टाचार के खिलाफ हमारी लड़ाई युद्ध स्तर पर जारी रहेगी.

स्वामी ने कहा कि ‘2जी स्कैम मामले को फिर से पटरी पर लाया जाएगा. इसे फिर से ईमानदार कानून अधिकारियों और वकीलों जो कि मंत्रियों की ‘चमचागिरी’ नहीं करते, उनके माध्यम से ट्रैक पर लाया जा सकता है.

उप-राष्ट्रपति वेंकैया नायडू ने लिया हामिद अंसारी के खिलाफ बड़ा फैसला, एक डरे हुये मुसलमान की खुली पोल !

आपको याद ही होगा कि पूर्व उपराष्ट्रपति हामिद अंसारी को जाते-जाते भारत में मुस्लिम असुरक्षित लगने लगे थे. उन्होंने इस बात का जिक्र भी किया था. जिसके बाद हमने खुलासा करके बताया था कि कैसे हामिद अंसारी के कार्यकाल के दौरान राज्यसभा टीवी के नाम पर करोड़ों रुपयों की लूट की गयी और अब उन्हें पकडे जाने का डर सताने लगा है | अब इस लूट की जांच के आदेश दे दिए गए हैं|

You must remember that in the past, going to former Vice President Hamid Ansari, Muslims seemed insecure in India. They also mentioned this. After that, we had disclosed how during the tenure of Hamid Ansari, millions of rupees were looted in the name of Rajya Sabha TV and now they are afraid of getting caught. Now the order has been ordered to investigate the robbery.

नए उपराष्ट्रपति वेंकैया नायडू ने घोटालों की इन रिपोर्ट्स पर संज्ञान लेते हुए राजयसभा टीवी में हुए पूरे खर्च का ईमानदारी से ऑडिट कराने को कहा है | यह जानकारी सामने आई है कि 2011 में राज्यसभा टीवी शुरू होने से लेकर अब तक इस पर 375 करोड़ रुपये खर्च किए जा चुके हैं | इतना ज्यादा बजट तो बड़े-बड़े प्राइवेट चैनलों का भी नहीं होता|

New Vice President Venkaiah Naidu, taking cognizance of these reports of scandals, has asked for an honest audit of the entire expenditure in Rajya Sabha TV. It has come to light that since the beginning of Rajya Sabha TV in 2011, it has already spent Rs 375 crores on this. It does not have much budget even for big private channels.

इस चैनल को राज्यसभा की कार्यवाही दिखाने के लिय शुरू किया गया था, लेकिन भ्रष्टाचार और लूट का आलम देखिये कि हामिद के करीबियों को नौकरियाँ बाँट दी गयी | राजयसभा टीवी सीधे उप-राष्ट्रपति के अंडर ही आता है. हद तो तब हो गयी, जब इस चैनल ने बाकायदा कमर्शियल फिल्मों का प्रोडक्शन भी शुरू कर दिया था और इसके लिए प्राइवेट प्रोड्यूसर को बिना किसी औपचारिकता के करोड़ों रुपये दे दिए |

This channel was started to show the action of the Rajya Sabha, but see corruption and robbery, that Hamid’s close friends were given jobs. Rajya Sabha TV comes under the vice president only. The extent has come when this channel has also started production of commercial films, and for this, the private producer was given millions of rupees without any formality.

नए उपराष्ट्रपति वेंकैया नायडू ने इस बात पर हैरानी जताई है कि राज्यसभा टीवी के फंड से 12.50 करोड़ रुपये एक कमर्शियल फिल्म ‘रागदेश’ बनाने के लिए दे दिए गए. ये तो सरासर गलत है. फिल्म बनाने के बाद फिल्म के प्रमोशन इत्यादि के नाम पर भी काफी लूट की गयी. इस फिल्म का प्रोड्यूसर राज्यसभा टीवी को नहीं, बल्कि इसके सीईओ गुरदीप सप्पल को बनाया गया. मानो फिल्म के लिए पैसे उन्होंने अपनी जेब से दिए हों |

New Vice President Venkaiah Naidu has expressed surprise over the fact that Rs 12.50 crore was given from Rajya Sabha TV fund to create a commercial film called ‘Ragade’. This is absolutely wrong. After the making of the film, the name of the promotion of the film was also robbed. The producer of the film is not made to Rajya Sabha TV, but its CEO Gurdeep Sappal was made. As if the money for the film has been given from his pocket.

गुरदीप सप्पल हामिद अंसारी के ओएसडी भी थे. जनता के पैसों से बनी इस फिल्म में दिग्विजय सिंह की दूसरी पत्नी अमृता राय को बतौर हीरोइन लिया गया. राजयसभा टीवी को चलाने के लिए संसद भवन के बाहर एक जगह किराये पर ली गई थी, जिसका किराया 25 करोड़ रुपये था. ये अपने आप में एक बड़ा घोटाला है. इसके अलावा 3.5 करोड़ रुपये कर्मचारियों को लाने-ले-जाने के लिए कैब सर्विस पर फूंक दिए गए. मतलब जहाँ-जहाँ से हो सकता था, वहां-वहां से लूट की गयी |

Gurdeep was also the OSD of Sappal Hamid Ansari. In this movie made of public money, Digvijay Singh’s second wife Amrita Rai was taken as a heroine. Rajya Sabha was rented out of the Parliament House to run the TV, which was worth 25 crores. This is a big scam in itself. Apart from this, Rs 3.5 crores of rupees were flown on the cab service to carry and carry employees. Where looted from where it could have been.

कोंग्रेसियों की ख़ास बात ये भी है कि सभी मिल-बाँट के खाते हैं | बिकाऊ मीडिया का भी ख़ास ख़याल रखते हैं | राजयसभा टीवी की लूट में भी पत्रकारों का ख़ास ख्याल रखा गया | कांग्रेस के वफादार पत्रकारों को राजयसभा टीवी में गेस्ट एंकर बनाकर हर महीने लाखों रुपये बांटे गए | इसके अलावा हामिद अंसारी जितनी बार भी विदेश यात्रा पर गए, उनके साथ राज्यसभा टीवी की एक के बजाय दो टीमें भेजी जाती थीं |

There is also the special mention of the congressmen that all the accounts were shared. We also take special care of the emerging media. In the robbery of Rajya Sabha TV, journalists were taken care of. Loyalists of Congress have distributed lakhs of rupees every month by making guest anchors in Rajya Sabha TV. Apart from this, Hamid Ansari went on a foreign trip as well as two teams instead of one of the Rajya Sabha TVs.

पीएम मोदी की विदेश यात्रा से मीडिया इसीलिए तो चिढ़ा रहता है, क्योंकि वो पत्रकारों को अपने साथ ले जा कर मौज नहीं करवाते | इसके अलावा राजयसभा टीवी में नौकरी कर रहे पत्रकारों ने जनता के पैसों से विदेशों में पढ़ाई और स्कॉलरशिप पर भी खूब ऐश की| इन पत्रकारों में दिग्विजय सिंह की पत्नी अमृता राय, द वायर के एमके वेणु, कैच के भारत भूषण, इंडियास्पेंड.कॉम के गोविंदराज इथिराज और उर्मिलेश जैसे नाम थे| ये सभी कांग्रेस के पालतू पत्रकार माने जाते रहे हैं |

The media is teasing because of PM Modi’s foreign visit because he does not have the pleasure to take journalists along with them. Apart from this, journalists who were working in Rajya Sabha TV also made a lot of public money on education and scholarships abroad. These journalists included names like Digvijay Singh’s wife Amrita Rai, MK Venu of The Wire, Bharat Bhushan of Catch, Govindraj Ithiraj and Urmilesh from IndiaSpend.com. All of these have been considered as pet journalists of Congress.

राज्यसभा टीवी घोटाले को कांग्रेस का आखिरी घोटाला कहा जा सकता है, क्योंकि 2014 में सत्ता जाने के बाद राज्यसभा वो आखिरी संस्था थी जिस पर कांग्रेस का कब्जा बना रहा| अगस्त 2017 में हामिद अंसारी के रिटायर होने के बाद ये कब्जा खत्म हुआ. इस दौरान उनकी अगुवाई में राज्यसभा में कांग्रेस के चाटुकार पत्रकारों की गतिविधियां हमेशा विवादों के साये में रहीं| इस टीम में कांग्रेसियों के अलावा बड़ी संख्या में वामपंथी और जिहादी सोच वाले पत्रकार शामिल थे. जिन्होंने सत्ता की मलाई का जमकर मजा उठाया|

Rajya Sabha TV scandal can be called the last scandal of Congress because, after the elections in 2014, the Rajya Sabha was the last institution which remained the occupation of the Congress. After the retirement of Hamid Ansari in August 2017, the occupation ended. During this time, the activities of journalists in the Rajya Sabha in the Rajya Sabha were always in the light of the controversy. In this team, there was a large number of leftists and jihadist thinking journalists besides Congressmen. Who enjoyed the cream of power,

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स्वामी का भारी कहर टुटा माँ बेटे पर, राहुल और सोनिया के लिए खुले तिहाड़ के दरवाज़े !

“पाप का घड़ा एक ना एक दिन जरूर फूटता है” ये कहावत देश की सबसे पुरानी और सबसे भ्रष्ट राजनीतिक पार्टी कांग्रेस प्रमुख सोनिया गाँधी और उनके बेटे राहुल गाँधी पर पूरी तरह से चरितार्थ होती है | अब तक बड़े कोंग्रेसी नेताओं पर आरोप तो लगते थे, लेकिन ये भ्रष्ट नेता घपले इतनी सफाई से करते हैं कि साबित कुछ नहीं हो पाता था | इसी के चक्कर में ये साफ़ बच निकलते थे | मगर अब हालात बदल गए हैं | अभी-अभी आयी एक बड़ी खबर के मुताबिक़ सोनिया और राहुल के हवाला से कनेक्शन के पुख्ता सबूत जांच एजेंसी को मिल गए हैं |

“The pitcher of sin grows a day or two” This proverb is fully characterized by the oldest and most corrupt political party in the country, Congress chief Sonia Gandhi and her son Rahul Gandhi. So far, big Congress leaders were charged, but these corrupt leaders used to scare so much that there was nothing to prove. In this round, they would have escaped safely. But now things have changed. According to a major news recently, Sonia and Rahul have got the convincing proof of connection with the probe agency.

दरअसल टाइम्स नाउ ने ये खुलासा किया है | उन्हें कुछ ऐसे दस्तावेज मिले हैं, जिनसे साबित होता है कि गाँधी परिवार के मालिकाना हक़ वाली यंग इंडिया प्राइवेट लिमिटेड ने हवाला के धंधे में लिप्त अपराधियों द्वारा कोलकाता से चलाई जा रही एक शैल (कागजी) कंपनी से कर्जा लिया था | इस बड़े खुलासे से ये साफ़ हो गया है कि सोनिया गाँधी व् राहुल गाँधी के ना केवल हवाला ऑपरेटर से संपर्क हैं बल्कि उनके साथ मिलकर हेरा-फेरी भी करते हैं | नेशनल हेराल्ड अखबार को प्रकाशित करने वाली एसोसिएटेड जर्नल्स लिमिटेड के साथ लेन-देन को लेकर कांग्रेस प्रमुख सोनिया गाँधी और युवराज राहुल गाँधी पहले से आयकर विभाग के रडार पर हैं |

Actually Times Now has revealed this. They have received some documents that prove that Young India Private Limited, a proprietor owned by the Gandhi family, had taken loan from a shawl (paper) company run by the criminals engaged in hawala business. With this big disclosure, it has become clear that Sonia Gandhi and Rahul Gandhi have not only contacted the hawala operator, but also harassed them together. Congress President Sonia Gandhi and Yuvraj Rahul Gandhi are already on the radar of the Income Tax Department for dealing with Associated Journals Limited, which publishes the National Herald newspaper.

अब ये ताजा खुलासा नेशनल हेराल्ड केस में गांधी परिवार के लिए एक बड़ा झटका साबित हुआ है | टाइम्स नाउ के हाथ जांच रिपोर्ट भी लगी है, जिसके आधार पर पता चला है कि सोनिया व् राहुल गाँधी के मालिकाना हक़ वाली यंग इंडिया प्राइवेट लिमिटेड के हवाला ऑपरेटर के साथ लिंक थे. मजे की बात ये है कि गांधियों ने घोटाला तक अपने पैसों से नहीं बल्कि कालेधन से किया | दस्तावेजों के मुताबिक़ गाँधी माँ-बेटे ने कोलकाता के एक हवाला ऑपरेटर से करीब 1 करोड़ का कर्जा लिया. इसी कालेधन के जरिये इन फर्जी गांधियों ने एसोसिएटेड जर्नल्स लिमिटेड का अधिग्रहण कर लिया और उसके मालिक बन बैठे |

Now this latest disclosure has proved to be a major setback for the Gandhi family in the National Herald case. Times Now has a hand-in-scrutiny report, on the basis of which it was found that Sonia and Rahul Gandhi had links to the Hawala operator of Young India Pvt Ltd, owned by Gandhi. The interesting thing is that the villagers did not scam their money, but instead of black money. According to documents, Gandhi’s mother and son took a loan of about 10 million rupees from a hawala operator in Kolkata. Through these black money, these fake villagers acquired Associated Journals Limited and became its owner.

यानी गाँधी माँ-बेटे ने हवाला के जरिये कालाधन लेकर यंग इंडिया प्राइवेट लिमिटेड का इस्तमाल करके एसोसिएटेड जर्नल्स लिमिटेड का मालिकाना हक हासिल कर लिया. बताया जा रहा है कि अब जबकि आयकर विभाग यंग इंडिया द्वारा एसोसिएटेड जर्नल्स लिमिटेड को खरीदे जाने के केस की जांच कर रहा है, तो जल्द ही आयकर विभाग एक चार्जशीट फाइल करके गाँधी माँ-बेटे पर 250 करोड़ रुपये का जुर्माना ठोकने जा रहा है |

That is, Gandhi’s mother-son acquired the proprietary rights of Associated Journals Limited by using the Young India Private Limited by taking a blackmail through hawala. It is being told that now that Income Tax Department is investigating the case of the purchase of Associated Journals Limited by Young India, soon the Income Tax Department is going to file a charge sheet and is going to impose a fine of Rs 250 crore on Gandhi’s mother and son.

 

ईडी करेगा माँ-बेटे को गिरफ्तार? बता दें कि अक्टूबर 2017 को आयकर विभाग ने यंग इंडिया की टैक्स छूट को भी खारिज कर दिया था | इस मामले में याचिकाकर्ता बीजेपी नेता डॉक्टर सुब्रमनियन स्वामी का कहना है कि अबतक मिले सबूतों के आधार पर प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) सोनिया, राहुल समेत शामिल अन्य वरिष्ठ कांग्रेस नेताओं के खिलाफ मनी लॉन्ड्रिंग के लिए मामला दर्ज कर सकता है और इन्हे पूछताछ के लिए हिरासत में ले सकता है |

ED will arrest mother and son? Let the IT department reject the tax exemption of Young India by October 11, 2017. In this matter, petitioner BJP leader Dr. Subramanian Swamy says that on the basis of the evidence available so far, ED can file a case for money laundering against other senior Congress leaders including Sonia, Rahul and they will be detained for interrogation Can take in.

पूरे परिवार ने करीबियों के साथ मिलकर किया गोलमाल आयकर विभाग पहले ही यंग इंडिया प्राइवेट लिमिटेड को 24 पन्नों का नोटिस जारी करके कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी और उपाध्यक्ष राहुल गांधी को 2 हज़ार करोड़ संपत्ति सौदे में असली लाभार्थी बता चुका है. केवल सेनिया और राहुल गांधी ही नहीं, इस मामले में प्रियंका गांधी, कांग्रेस नेता मोतीलाल वोरा और नेहरू-गांधी परिवार का गरीबी सैम पित्रोदा भी शामिल है | पटियाला हाउस कोर्ट पहले ही सोनिया और राहुल को इस मामले में धोखाधड़ी का षड्यंत्र रचने का आरोपी मान चुकी है. जानकारों के मुताबिक़ ये तय है कि जल्द ही सोनिया और राहुल की गिरफ्तारी होगी और सात साल तक की सजा सुनाई जा सकती है |

Together with the neighbors, the Golmaal Income Tax Department has already issued a 24-page notice to Young India Private Limited, telling Congress President Sonia Gandhi and Vice President Rahul Gandhi that they are the real beneficiaries in the 2,000 crores property deal. Not only Senya and Rahul Gandhi, in this case Priyanka Gandhi, Congress leader Motilal Vora and Sam Pitroda are also the poverty of the Nehru-Gandhi family. The Patiala House Court has already recognized Sonia and Rahul as accused in the conspiracy to commit fraud in this case. According to experts, it is decided that soon Sonia and Rahul will be arrested and sentenced to seven years.

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https://www.youtube.com/watch?v=Dhl7blIhWec