जवानो के खातिर पीएम मोदी ने जबरदस्त फैसला,जिसे देख पूरे विपक्ष में भूचाल

यानी कि अगर मोदी सरकार नहीं आती तो ना जाने और कितने वर्ष वही पुराने जेट और हथियार सेना को घिसने पड़ते. ये बेहद शर्म की बात है कि 2G ,कामनवेल्थ, कोयला इतने घोटाले हुए लेकिन सेना के लिए कभी कुछ नहीं किया गया.

लेकिन अब मोदी सरकार में एक के बाद एक सेना को ताक़तवर बनाने के फैसले लिए जा रहे हैं. मॉडर्न तोप, जेट, लड़ाकू चॉपर, S400 के बाद अब सेना की ताकत को और बढ़ाने के लिए, ब्रह्मोस और ARV सहित 3000 करोड़ रुपये की सैन्य खरीद को मंजूरी दे दी गयी है.

अभी मिल रही बड़ी खबर के मुताबिक रक्षा मंत्रालय ने शनिवार को नौसेना के दो स्टेल्थ फ्रिगेट (रडार की नजर में पकड़ नहीं आने वाले युद्धपोतों) के लिए ब्रह्मोस सुपरसोनिक क्रूज मिसाइलें और सेना के मुख्य युद्धक टैंक ‘अर्जुन’ के लिए बख्तरबंद रिकवरी वाहन सहित 3,000 करोड़ रुपये मूल्य की सैन्य खरीद को मंजूरी दी. एक वरिष्ठ अधिकारी ने यह जानकारी दी.

सेना के वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि दोनों खरीद के लिए रक्षा अधिग्रहण परिषद (डीएसी) से अनुमति मिली. डीएसी रक्षा खरीद को लेकर निर्णय लेने वाली रक्षा मंत्रालय की शीर्ष संस्था है.

उन्होंने कहा,‘रक्षा मंत्री निर्मला सीतारमण की अध्यक्षता में डीएसी ने करीब 3,000 करोड़ रुपये के रक्षा उपकरणों की खरीद के लिये मंजूरी दी.’ भारत एक अरब डॉलर की कीमत के दो स्टेल्थ फ्रिगेट खरीद रहा है और दोनों जहाज स्वदेश निर्मित ब्रह्मोस मिसाइलों से लैस होंगे.

अधिकारी ने बताया,‘देश में निर्मित ब्रह्मोस मिसाइल एक जांची-परखी और प्रमाणिक सुपरसोनिक क्रूज मिसाइल है और इसे इन जहाजों पर प्राथमिक हथियार के तौर पर रखा जायेगा.’

अधिकारी ने बताया कि डीएसी ने भारतीय सेना के मुख्य युद्धक टैंक ‘अर्जुन’ के लिए बख्तरबंद रिकवरी वाहन (एआरवी) की खरीद की भी स्वीकृति दी. एआरवी का डिजाइन और विकास डीआरडीओ ने किया है और इसका निर्माण रक्षा क्षेत्र की सार्वजनिक कंपनी बीईएमएल करेगी.
SOURCE DD BHARTI
URL:WWW.BHARTI.IN

अभी अभी : 500,000,000,000 के घोटाले में हुई बड़ी गिरफ़्तारी, माँ बेटे दहशत में खोज रहे छुपने का रास्ता |

नई दिल्ली : कांग्रेस ने देश में खरबों रुपये की लूट व् भ्रष्टाचार किये हैं, ये बात किसी से छिपी नहीं है. पीएम मोदी ने भ्रष्टाचार के खिलाफ जो मुहिम चलाई हुई है, उसमे आज एक बड़ी सफलता हाथ लगी है. अब तक तो भ्रष्टाचारी कारोबारी ही शिकंजे में फंस रहे थे, मगर अब पहली बार कांग्रेस का एक करीबी धरा गया है. फर्ज़ी दस्तावेज के ज़रिये बैंकों को हज़ारों करोड़ रुपये का चूना लगाने के आरोप में प्रवर्तन निदेशालय, यानी ईडी ने गगन धवन नामक एक शख्स को गिरफ्तार किया है |

New Delhi : The Congress has done loot or corruption of trillions of rupees in the country, it is not hidden from anyone. In the campaign against PM Modi’s campaign, there has been a great success today. So far the corrupt businessmen were stuck in the clutches, but now for the first time the Congress has been a close hold. Enforcement Directorate, i.e. ED arrested a man named Gagan Dhawan, on charges of looting thousands of crores of rupees through fraudulent documents.

काले धन को सफेद करने के आरोप में कांग्रेस का करीबी गिरफ्तार…
गगन धवन को कांग्रेस नेताओं का करीबी बताया जाता है. गगन को पांच हज़ार करोड़ रुपये के एक घोटाले के सिलसिले में मनी लॉन्ड्रिन्ग एक्ट के तहत दिल्ली में गिरफ्तार किया गया. गगन धवन पर आरोप है कि इसने कई नौकरशाहों और नेताओं के काले धन को सफ़ेद बनाने का गोरखधंधा यानी मनी लॉन्ड्रिंग किया है |

Congress closest to charges of black money laundering …
Gagan Dhawan is said to be close to the Congress leaders. Gagan was arrested in Delhi under the Money Laundering Act in connection with a scam of five thousand crores. Gagan Dhawan is alleged to have lent the money to the white money of many bureaucrats and politicians, that is, money laundering.

जांच एजेंसियों को कई नौकरशाहों को लाखों रुपये का भुगतान किए जाने से जुड़े दस्तावेज़ भी मिले हैं, जिनमें IRS सुभाष चंद्रा को 30 लाख रुपये दिए जाने से जुड़ा दस्तावेज भी शामिल है. इसके अलावा IAS मानस शंकर रे को 40 लाख रुपये दिए जाने का दस्तावेज़ भी बरामद हुआ है. इस मामले में दिल्ली पुलिस के कई बड़े अधिकारियों की भूमिका की भी जांच की जा रही है |

Documents related to payment of millions of rupees to investigating agencies have also been received by many bureaucrats, including the documents related to the payment of Rs 30 lakh to IRS Subhash Chandra. Apart from this, a document of Rs 40 lakhs was also recovered from IAS Manas Shankar Ray. In this case, the role of many big police officers of Delhi Police is also being investigated.

500000000000 रुपये का है घोटाला…
कांग्रेस की सरपरस्ती में पल रहे और देश को लूट-लूट कर खोखला कर रहे ये नौकरशाह भी अब जल्द ही हिरासत में आएंगे और धीरे-धीरे इसमें शामिल कोंग्रेसी नेताओं के कच्चे-चिट्ठे खुलना भी अब तय माना जा रहा है. ज़रा सोचिये कि कांग्रेस खुद तो घपले करती ही थी, साथ ही आईएएस व् आईपीएस अफसर भी भ्रष्टाचार में लगे रहते थे. जिन्हे देश चलाने की जिम्मेदारी दी जाती है, वो ही देश की जनता के टैक्स के पैसों में घुन की तरह लगे हुए हैं |

500,000,000,000 rupees scam …
These bureaucrats, who are still in the custody of the Congress, who are being looted and looting the country, will soon come into custody and gradually opening up of the raw and political leaders of the Congress leaders involved in them is also being considered. Just think that the Congress itself would have been screwed, as well as the IAS and IPS officers were also engaged in corruption. Those who are given the responsibility of running the country, they are engaged in the income of the people of the country like the mite of tax.

कोंग्रेसी नेताओं के लिए बड़ी मुश्किल हुई खड़ी…
बहरहाल अब गगन धवन को पटियाला हाउस कोर्ट में पेश किया जाएगा, जहां उसे पूछताछ के लिए रिमांड पर दिए जाने की मांग की जाएगी. रिमांड में गगन धवन की अच्छी तरह से पूजा-आरती करके उससे सब सच उगलवाया जाएगा. नौकरशाहों समेत नेताओं तक के सारे राज्यों पर से पर्दाफ़ाश कराया जाएगा |

For the Congress leaders, it has been very difficult …
However, now Gagan Dhawan will be presented in Patiala House Court, where he will be demanded on the remand for questioning. In the remand, Gagan Dhawan’s well-worshiped rituals will be spared all the truth. All the bureaucrats including the leaders will be exposed on the states.

बता दें कि ईडी ने अगस्त में गगन धवन और दिल्ली के एक पूर्व विधायक के ठिकानों पर छापेमारी भी की थी और गगन धवन का नाम सीबीआई की संदेसारा ग्रुप की FIR में भी है. कांग्रेस के खिलाफ ये एक बड़ा एक्शन माना जा रहा है, इससे पूछताछ के आधार पर कई नौकरशाहों व् नेताओं की गिरफ्तारी भी हो सकती है |

Let me tell you that the ED had conducted raids on the premises of Gagan Dhawan and a former Delhi legislator in August and Gagan Dhawan’s name is also in the FIR in the CBI’s Saadasara Group. This is being considered as a major action against Congress, it may also arrest many bureaucrats and leaders on the basis of inquiry.

देखिये यह वीडियो!

source : ddbharti.in

सोनिया गाँधी और डॉ अब्दुल कलाम के कनेक्शन का हुआ सनसनीखेज खुलासा, पुरे कांग्रेस में हडकंप..

देश जिनको केवल प्यार ही नहीं अपितु जिनकी पूजा भी करता है, वो हैं हमारे प्यारे अब्दुल कलाम। भारत के महामहिम, जनता के राष्ट्रपति, इतिहास में पहली बार जिन्होंने राष्ट्रपति भवन के दरवाज़े आम जनता के लिए खॊल दिये थे, जो भवन के चार दीवार से निकल कर जनता के बीच जाकर काम करते थे, जिनसे सारा देश एक मत से आज भी प्यार करता है उस महानुभाव अजातशत्रु अब्दुल कलाम से नफरत करती

The country which does not love only, but also worshipers, they are our beloved Abdul Kalam. His Excellency, the President of the public, for the first time in history, who had opened the doors of Rashtrapati Bhavan to the general public, who came out of the four walls of the building and used to work among the people, from whom the whole country is still in love That nobleman hates Ajatashtru

देश ने कई राष्ट्रपति देखें हैं लेकिन डॉ कलाम जैसा नहीं देखा। कभी हमें लगा ही नहीं कि वे देश के राष्ट्रपति हैं, अपितु हमें हमेशा यही लगा कि वे हमारे आप्त बंधू हैं। अपने पूरे जीवन काल में उन्होंने कभी किसी का दिल नहीं दुखाया। आपत्तीजनक टीका-टिप्प्पाणियां नहीं की। सबसे प्यार किया, सबको एक समान रखा। चाहे डीआरडीओ में निदेशक का काम करते हुए हो, या देश के महामहिम बने कार्यकाल में हो उन्होंने कभी घमंड नहीं किया, सत्ता का मद उनके सर चड़ कर नहीं नाचा। मरते दम तक काम करने वाले कर्मठ व्यक्ति, ता उम्र सीधा साधा जीवन व्यतीत करनेवाला व्यक्ति, जिसने संपत्ति के नाम पर केवल और केवल जनता का प्रेम कमाया हो उस व्यक्ति से मैडम जी को नफरत थी।

The country has seen many presidents but not like Dr. Kalam. We never thought that he was the President of the country, but we always felt that he was our brother. Throughout his life, he never hurt anyone’s heart. Do not have catastrophic criticisms. Most loved, kept everyone alike. Whether he is working as a director of the DRDO, or during his tenure as the country’s great ruler, he never boasted, did not take the matter of power with his head and did not dance. Madam ji was a person who was a simple person who worked for a long time, who lived a simple life span, who earned the love of the people only and only in the name of the property.

हां नफरत ही थी, अगर नहीं होती तो मैडम जी ने दूसरी बार अब्दुल कलाम को राष्ट्रपति बनने से क्यों रॊका? जब सारे पक्ष और देश की जनता अब्दुल कलाम को दुबारा राष्ट्रपति के रुप में देखना चाहती थी तो मैडम ने आपत्ति क्यों जतायी। तीसरी बार भी जब कलाम को राष्ट्रपति बनाने की मांग उठी तब भी उस मांग को क्यों खारिज कर दिया गया? कांग्रेस में वही होता है जो मैडम जी चाहती है। देश की आवाज, विपक्ष की या फिर अपने ही पार्टी की मांग उससे मैडम जी को कॊई फर्क नहीं पड़ता। उन्हें तो सिर्फ अपने पालतू चाहिए जो उनकी हाँ में हामी भर सके। इसीलिए अब्दुल कलाम के जगह पर उन्होंने प्रतिभा पाटिल को खड़ा कर दिया और राष्ट्रपति पद की गरिमा को मिट्टी में मिला दिया।

Yes was hatred, if not, why did Madam Ji stop Abdul Kalam from becoming President for the second time? When all the parties and the people of the country wanted to see Abdul Kalam again as President, why did Madam express objection? For the third time even when demand for President Kalam was raised, why was that demand rejected? The same happens in the Congress which Madam Ji wants. The voice of the country, the opposition or the demand of its own party does not make any difference to her. They should only have their pet, which can fill their Yes. That is why at the place of Abdul Kalam he created Pratibha Patil and merged the dignity of the President into the soil.

जिस देश ने अटल जी और अब्दुल कलाम जैसे महामहिम को देखा था उस देश को एक ‘रब्बर स्टेंप राष्ट्रपति’ और ‘रॊबोट प्रधानमंत्री’ को देखना पड़ा। केवल मैडम जी की ज़िद के वजह से। मैडम जी 1995 से ही प्रधानमंत्री बनना चाहती थी लेकिन कई कारणॊं के चलते वे बन नहीं पाई। उसके बाद मैडम जी ने हर वह काम किया जिससे उनकी पीएम बनने की रास्ते के सभी रोड़े हट जाये। 2004 में यूपीए की कुर्सी पर बैठ कर राज करने ही वाली थी कि ऐन वक्त में स्वामी जी ने उनके इटली के नागरिक होने का बम फौड़ा खुद को प्रधानमंत्री बनाकर ही दम लेने वाली थी।

The country which saw Atal ji and his father like Abdul Kalam had to see a ‘Rubber Stamp President’ and ‘Robot Prime Minister’. Only because of the persistence of Madam ji Madamji wanted to become the Prime Minister since 1995 but due to several reasons, he could not be formed. After that, Madam ji did everything that would cause all the obstacles in the path of becoming PM. In 2004, it was about to sit in the chair of the UPA chairmanship that Swamiji was about to take his own Italian bomber, as soon as he became prime minister himself.

सॊनिया का प्रधानमंत्री बनना लगभग तय था। राष्ट्रपति भवन में सॊनिया के प्रधानमंत्री बनने की सारे प्रकिया पूरी भी हो चुकी थी। एक दिन अब्दुल कलाम जी से सॊनिया मुलाकात करने जाती है और उसके कुछ ही क्षण बाद सॊनिया पीएम पद से अपनी दावेदारी हटा देती है। अचानक उनकी ‘अंतरात्मा’ जाग उठती है और वह देश के लिए प्रधानमंत्री कुर्सी को ‘त्याग’ देती है! आखिर क्या बात हुई थी कलाम और सॊनिया के बीच? क्या उस ‘बातचीत’, जिसके कारण उन्हें कुर्सी त्याग ना पड़ा उसी रंजिश के चलते ही मैडम जी ने अब्दुल कलाम के जगह पर प्रतिभा पाटिल और प्रणब मुखर्जी को ज्यादा यॊग्य समझा?

It was almost certain to become Sonia’s Prime Minister. All the procedures for becoming Prime Minister of Sonia Gandhi in Rashtrapati Bhavan were completed. One day, Abdul Kalam ji visits Sonania and after a few moments, Soniya removes her claim with the post of PM. Suddenly his ‘conscience’ awakes and he ‘renounces’ the Prime Minister’s chair for the country! What was the matter between Kalam and Sonania? Was that ‘talk’, due to the same reason why he did not give up his chair, did Madam Ji consider Pratibha Patil and Pranab Mukherjee more at the place of Abdul Kalam?

वास्तव में यह पहली बार नहीं था जब मैडम जी ने कलाम के नाम पर असहमति जतायी थी, बल्कि 2002 से ही वह कलाम के राष्ट्रपति बनने को लेकर असहनशील थी। सॊनिया की पहली पसंद के.आर. नारायणन थे और वह उन्हें ही दूसरी बार राष्ट्रपति के रूप में देखना चाहती थी जब के सारी पार्टियां कलाम के नाम पर मुहर लगा चुकी थी।

In fact, this was not the first time that Madam had disagreed with the name of Kalam, but since 2002, he was incapable of becoming the President of Kalam. Soniya’s first choice KR He was Narayanan and he wanted to see him as the second President when all the parties had stamped him in the name of Kalam.

जब मैडम जी की मनमानी नहीं चली तो उन्होंने CPI (M) के साथ मिलकर कलाम के विरुद्द लक्ष्मी सहगल को खड़ा करदिया। उनके प्रधानमंत्री बनने के रास्ते में कॊई बाधा ना आये इसलिए मैडम जी को हर हाल में कलाम को रास्ते से हटाना था।

https://www.youtube.com/watch?v=h9A5-1T-BOA

When Madam did not go arbitrarily, he met with CPI (M) and raised Lakshmi Sehgal against Kalam. There was no obstacle in the way of becoming Prime Minister, so Madam Ji had to remove Kalam from all walks of life.

यह भी देखे
https://youtu.be/WE3MmmBzG4k

https://youtu.be/o9LQnPMci4I

Source Political Report

मोदी सरकार का बड़ा खुलासा इस कांग्रेसी दामाद को सुप्रीम कोर्ट ने जड़ा करारा तमाचा,जिसे देख देश समेत राहुल और सोनिया हैरान

नई दिल्ली : कांग्रेस और उसके घोटालों का कोई अंत ही नज़र नहीं आ रहा है. कांग्रेस ने ना खुद घोटाले किये बल्कि अपने परिवार रिश्तेदारों को भी मोटा फायदा पहुंचाया. इसी सिलसिले में हर बार कानून के साथ कबड्डी खेल कर मोदी सरकार से बचते आ रहे सोनिया के दामाद रोबर्ट वाड्रा के बुरे दिन शुरू हो गये हैं. हाईकोर्ट के बाद अब सुप्रीम कोर्ट ने वाड्रा को करारा तमाचा जड़ा है.

New Delhi: There is no end to the Congress and its scandals. Congress did not scam herself, but also benefited her family relatives with a big advantage. In the same way, every day bad days of Sonia’s son-in-law Robert Vadra, who have come out of the Modi government by playing kabaddi with law, have begun. After the High Court, the Supreme Court has now upheld the contract for Vadra.

सुप्रीम कोर्ट ने रोबर्ट वाड्रा को दिया तगड़ा झटका

अभी मिल रही बड़ी खबर के अनुसार रॉबर्ट वाड्रा और उनकी कंपनी स्काइलाइट हॉस्पिटैलिटी को सुप्रीम कोर्ट से बड़ा झटका लगा है. एएनआई न्यूज़ के मुताबिक DLF जमीन सौदों में हुई आमदनी की आयकर विभाग की जांच चलती रहेगी. क्योंकि सुप्रीम कोर्ट ने इस मामले में रॉबर्ट वाड्रा की कंपनी को किसी भी तरह की राहत देने से साफ इनकार कर दिया है. अब सुप्रीम कोर्ट से ऊपर कोई कोर्ट नहीं है जहाँ वो अपनी अर्ज़ी लेकर जायेंगे.

Supreme Court gives strong blow to Robert Vadra

According to the big news now, Robert Vadra and his company Skylight Hospitality have suffered a major setback from the Supreme Court. According to ANI News, investigation of income tax department of DLF land deals will continue. Because the Supreme Court has refused to give any kind of relief to Robert Vadra’s company in this case. Now there is no court over the Supreme Court where they will take their application.

रोबर्ट वाड्रा और उनकी कंपनी का जीना हुआ मुश्किल

सोनिया के दामाद रोबर्ट वाड्रा और उनकी कंपनी स्काइलाइट हॉस्पिटैलिटी ने कोर्ट में याचिका दी थी कि आयकर विभाग ने उनका जीना मुश्किल कर दिया है इसलिए उनके खिलाफ चल रही जांच रद्द कर दी जाय. लेकिन कोर्ट ने आयकर विभाग के सबूतों का गंभीरता से अध्यन किया और बड़े फर्जीवाड़े को सही बताया. जिसके बाद रोबर्ट वाड्रा की याचिका ख़ारिज कर दी गयी. इससे पहले दिल्ली हाई कोर्ट ने भी याचिका रद्द कर दी थी.

Robert Vadra and his company live hard

Sonia’s son-in-law Robert Vadra and his company, Skylight Hospitality, had petitioned in the court that the Income Tax Department has made them difficult to live, therefore the ongoing investigation against them should be canceled. But the court seriously examined the evidence of income tax department and corrected the big scam. After which Robert Vadra’s petition was dismissed. Earlier the Delhi High Court had also canceled the petition.

माना जा रहा है कि सुप्रीम कोर्ट के इस फैसले के बाद सोनिया गांधी के दामाद रॉबर्ट वॉड्रा की मुश्किलें एक बार फिर बढ़ सकती हैं. क्यूंकि स्काई लाइट हॉस्पिटैलिटी कंपनी के मालिक और गांधी परिवार के दामाद रोबर्ट वाड्रा से आयकर विभाग अब सीधा पूछताछ करेगा. साथ ही इस कंपनी के अन्य अधिकारीयों से भी पूछताछ होगी.

It is believed that after the Supreme Court’s decision, the problems of Sonia Gandhi’s son-in-law Robert Vadra can grow again. Because the Income Tax Department will now directly inquire from the owner of the Sky Light Hospitality Company and the son-in-law of Robert Vadra, son-in-law of Robert Vadra. In addition, other officials of this company will also be questioned.

यूं हुआ था पैसों का खेल
मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक स्काई लाइट हॉस्पिटैलिटी ने कथित रूप से डीएलएफ से 5 करोड़ रुपये का कर्ज लिया था, उसने इस धन का इस्तेमाल जमीन खरीदने के काम में इस्तेमाल किया, और बाद में उसने उसी जमीन को डीएलएफ को 50 करोड़ रुपये में बेच दिया. स्काईलाइट एक लिमिटेड लियाबिलिटी कंपनी थी, जिसे बाद में प्राइवेट लिमिटेड कंपनी में तब्दील कर दिया गया था. आयकर विभाग इसलिए इस कंपनी की दोबारा जांच करना चाहती है.

Yun Hua was the money game
According to media reports, Sky Light Hospitality allegedly took a loan of Rs 5 crore from DLF, used this money to use the land for the purchase of the land, and later sold it to DLF for 50 crore rupees. SkyLite was a limited liability company, which was later converted into a private limited company. The Income Tax Department therefore wants to re-examine this company.

कांग्रेस की हुड्डा सरकार की नाक के नीचे हुआ सारा खेल

बता दें ये सारा फर्जीवाड़ा 2010-11 में हरियाणा में कांग्रेस की हुड्डा सरकार की नाक के नीचे किया गया. इससे पहले वाड्रा ने आईटी विभाग के सामने व्यक्तिगत रूप से उपस्थिति होने से इंकार कर दिया था. लेकिन अब वाड्रा को कंपनी के अन्य निदेशकों के साथ आईटी विभाग के सामने पेश होना होगा.

Hooda government’s whole game under the nose of Congress

Explain that all the fake forgery was done under the nose of Congress’s Hooda government in Haryana in 2010-11. Earlier, Vadra had refused to appear personally in front of the IT department. But now Vadra will have to appear before the IT department with other directors of the company.

सुप्रीम कोर्ट ने आगे कहा कि वह जांच के लिए आईटी अधिकारियों द्वारा दिए गए तर्कों से सहमत है. साथ ही कोर्ट ने इस पर भी सहमति जताई कि यह केस किसी भी कोने से राजनीतिक प्रतिशोध लेने का नहीं है, जैसा कि कांग्रेस के द्वारा कहा जा रहा है. बता दें जब भी मोदी सरकार में कांग्रेस पर कोई एक्शन लिया जाता है तो कांग्रेस सबसे पहले यही कहती है कि राजनतिक बदला लिया जा रहा है.

The Supreme Court further said that he agreed with the arguments given by the IT authorities for investigation. At the same time, the court also agreed that this case is not a political retaliation from any corner, as is being said by the Congress. Whenever any action is taken on the Congress in the Modi Government, Congress first says that political revenge is being taken.

कांग्रेस लाना चाहती है मुख्या न्यायधीश के खिलाफ महाभियोग प्रस्ताव

बता दें आयकर विभाग के पास रोबर्ट वाड्रा के खिलाफ पुख्ता सबूत हैं जिससे अब सुप्रीम कोर्ट भी सहमत है. ऐसे में वो दिन दूर नहीं कि ये भी विदेश भागने की तैयारी कर सकते हैं. यहाँ ये बात भी गौर करने लायक है कि सुप्रीम कोर्ट के राबर्ट वड्रा के पक्ष में फैसला ना देने और सिख दंगों की दुबारा जांच करने से कांग्रेस बौखलाई हुई है तभी वो CJI दीपक मिश्रा के खिलाफ महाभियोग प्रस्ताव लाने की कोशिश कर रही है.

Congress wants to bring impeachment motion against Chief Justice

Let the Income Tax Department have strong evidence against Robert Vadra, which now the Supreme Court also agrees. In such a situation, the days are not far away that they can also prepare to flee abroad. It is also worth mentioning here that the Congress has been disturbed by the Supreme Court’s decision not to give a verdict in the favor of Robert Vadra and re-examining Sikh riots, when he is trying to bring an impeachment motion against the CJI Deepak Mishra.

इससे पहले फरवरी 2018 में रॉबर्ट वाड्रा से संबंधित एक संस्था की याचिका को हाई कोर्ट ने खारिज कर दिया था. उस याचिका में आयकर विभाग के उस नोटिस को चुनौती दी गई थी जिसमें 2010-11 में हरियाणा और राजस्थान में हुए जमीन के सौदे के पुनर्मूल्यांकन की मांग की गई थी.

Earlier in February 2018, the High Court had rejected the petition of an institution related to Robert Vadra. In that petition, the notice of income tax department’s notice was challenged in which, in 2010-11, the demand for re-assessment of land deal in Haryana and Rajasthan was sought.

यह भी देखे

https://youtu.be/Uzs16fYnw1k

https://youtu.be/VxtYK7YXsQ8

source name political report

नाराज शिव सेना की घर वापसी का ये है ख़ास फार्मूला,खुद इस बड़े नेता ने किया ऐलान

केंद्र में बीजेपी की सत्ता आने के बाद से अब तक बीजेपी पीएम मोदी जी के नेतृत्व में देश के अधिकतर राज्यों में अपनी जीत का परचम लहरा चुकी है. जिसके बाद बीजेपी देश की सबसे बड़ी पार्टी बन गयी है. बता दें इस समय देश के ज्यादातर हिस्सों में बीजेपी और उसकी सहयोगी पार्टियों की सरकार है. बता दें शिवसेना भारतीय जनता पार्टी की सबसे पुरानी राजनीतिक पार्टी है. बहुत समय से देखा गया है कि शिवसेना-बीजेपी से रूठी हुई रहती है. अक्सर बीजेपी को लेकर शिवसेना के बयान आते रहते थे. अब इसी बीच एक ऐसी खबर आ रही है जो विरोधियों के होश उड़ा देगी.

Since the BJP came to power in the center till now, under the leadership of BJP’s PM Modi, there has been a huge wave of victory in most of the states of the country. After which BJP has become the largest party in the country. At this time, in most parts of the country, BJP and its allies are the government of the parties. Let Shiv Sena be the oldest political party of the Bharatiya Janata Party. It has been seen for a long time that the Shiv Sena-BJP is busy with it. Often the Shiv Sena’s statements about BJP were coming. Now in the meantime a news is coming up that will spoil the opponents.

आपकी जानकारी के लिए बता दें रूठी हुई शिवसेना को लेकर बीजेपी ने एक बड़ा कदम उठाया है, जिसके बाद शिवसेना की घर वापसी होगी. जो लोग बीजेपी और शिवसेना के बीच रहने वाले मतभेद को लेकर खुश रहते थे, उन्हें ये जानकर अब बड़ा झटका लग जायेगा. सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार बीजेपी ने शिवसेना के सुप्रीमो उद्धव ठाकरे से कहा है कि बीजेपी शिवसेना के प्रतिनिधि को राज्यसभा के उपसभापति का पद देने के लिए तैयार है. बता दें राज्यसभा के तत्काल उपसभापति पीजे कुरियन कुछ ही महीनों बाद सदन से रिटायर होने जा रहे हैं.

For your information, tell us that the BJP has taken a big step towards Shiv Sena, after which the Shiv Sena will return home. Knowing those who were happy about the differences between the BJP and the Shiv Sena would be a big setback. According to information received from the sources, BJP has told Shiv Sena supremo Uddhav Thackeray that the BJP is ready to give the post of a Rajya Sabha Deputy Speaker to Shiv Sena’s representative. Revealed Rajya Sabha’s immediate deputy chairperson PJ Kurien is going to retire from the house after a few months.

पिछले 41 सालों से ये पद कांग्रेस के पास है लेकिन अब मोदी सरकार इस पद को विपक्षी दल को देना नहीं चाहती है. बीजेपी के इस प्रस्ताव के बाद कयास लगाये जा रहे हैं कि शिवसेना की घर वापसी होगी और विरोधियों के होश उड़ाएगी. बीजेपी ने शिवसेना को ये ऑफर उस समय दिया है जब दोनों के बीच रिश्ते बेहतर नहीं हैं, अब ऐसे में फैसला शिवसेना के हाथ में है. अगर शिवसेना बीजेपी के इस ऑफर को स्वीकार नहीं करती है तो यह पद बीजेपी अपने पास ही रखेगी.

The Congress has held this post for the last 41 years but now the Modi Government does not want to give this post to the opposition party. After this proposal of BJP, there is speculation that Shiv Sena will return home and will dispel the opponents. The BJP has given this offer to the Shiv Sena at the time that the relationship between the two is not good, now the decision is in the hands of Shivsena. If Shiv Sena does not accept this BJP’s offer then this post will keep the BJP close by itself.

जिसके लिए सांसद भूपेन्द्र यादव का नाम आगे चल रहा है. गौरतलब है कि शिवसेना को यह लगता है कि महाराष्ट्र की राजनीति में बीजेपी उसके प्रभुत्व पर अपना कब्ज़ा करती जा रही है. जिसको लेकर शिवसेना परेशान रहती है. अगर अगले चुनाव में दोनों पार्टी साथ रहती हैं तो बीजेपी ज्यादा सीटों की मांग कर सकती हैं. अब सरकार के इस फैसले के बाद विरोधियों की नींद उड़ गयी है. शिवसेना घर वापसी करके विपक्ष को बड़ा झटका दे सकती है.

For which MP Bhupendra Yadav’s name is going forward. Significantly, Shiv Sena feels that BJP is taking possession of its dominion in Maharashtra politics. The Shiv Sena remains disturbed about whom. If both parties live together in the next election, then BJP can demand more seats. Now after this decision of the government, the opponents have lost their sleep. After returning home, Shiv Sena can give a big blow to the opposition.

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https://youtu.be/Uzs16fYnw1k

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कर्नाटक चुनाव से पहले बीजेपी करने जा रही है वो काम जिसके बाद कांग्रेस को कोई पूछेगा तक नहीं !

केंद्र में जबसे बीजेपी की सरकार आई है तभी से प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जी के नेतृत्व में भाजपा देश के अधिकतर राज्यों में अपनी जीत का परचम लहरा चुकी है. अभी हाल ही में पूर्वोत्तर के तीन राज्यों में हुए चुनाव हुए चुनावों के परिणामों ने लोगों को हैरान कर दिया था. जिस त्रिपुरा में बीजेपी अपना खाता भी नहीं खोल पाती थी, अब वहां पीएम मोदी जी के नेतृत्व में भाजपा ने पूर्ण बहुमत से सरकार बनाई है. अब देश के कुछ ही राज्यों में कांग्रेस की सरकार बची है जिसमें एक कर्नाटक है. कर्नाटक में विधानसभा चुनाव की तारीखों का ऐलान हो चुका है.

Since the BJP government came to the center, since then, under the leadership of Prime Minister Narendra Modi, the BJP has woken up to its victory in most of the states of the country. More recently, the results of elections held in three states of North-East surprised people. In Tripura, BJP could not even open its account, now under the leadership of PM Modi, the BJP formed the government with a full majority. Now in a few states of the country the Congress government is left with one Karnataka. The dates for the assembly elections have been announced in Karnataka.

कर्नाटक में चुनावों के मद्देनजर सभी राजनैतिक पार्टियों ने कमर कस ली है. कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गाँधी काफी समय से कर्नाटक में लगे हुए हैं. पार्टी की इज्जत बचाने के लिए राहुल गाँधी बढ़-चढ़कर प्रचार प्रसार कर रहे हैं.वहीँ देश की सबसे बड़ी पार्टी बीजेपी और इसके चाणक्य कहे जाने वाले अमित शाह भी कांग्रेस को सत्ता से बाहर करने में पूरा जोर लगा रहे हैं. बीजेपी ने इसके लिए पूरी रणनीति तैयार कर ली है. देश के विभिन्न राज्यों में हुए चुनावों में बीजेपी ने प्रचंड जीत हासिल की है. कर्नाटक में भी बीजेपी-कांग्रेस को बड़ा झटका दे सकती है.

In view of the elections in Karnataka, all the political parties have taken a stand. Congress President Rahul Gandhi has been engaged in Karnataka for a long time. Rahul Gandhi is spreading propaganda to save the party’s dignity. He is pushing full force in the country’s biggest party, BJP and its Chanakya, Amit Shah, also to put the Congress out of power. The BJP has prepared the entire strategy for this. In the elections held in different states of the country, the BJP has won a huge victory. In Karnataka, BJP may also give a big setback to the Congress.

आपकी जानकारी के लिए बता दें कि कांग्रेस को राज्य में पस्त करने के लिए बीजेपी ने रणनीति के तहत 19 सूत्रीय कार्यक्रम और देशभर से 5 दर्जन से अधिक प्रचारकों को इस चुनाव में लगा दिया है. इन लोगों की इस चुनाव में महत्वपूर्ण भूमिका होगी. पार्टी इस रणनीति के तहत कई केंद्रीय मंत्रियों समेत देशभर के 56 सांसदों और नेताओं को लगा रही है. जो राज्य में चुनाव-प्रसार करेंगे. बीजेपी की इस रणनीति को जानने के बाद कांग्रेस को गहरा सदमा लग सकता है.

For your information, tell BJP to set up 19-point program under the strategy and more than 5 dozen campaigners from across the country in this election to save the Congress in the state. These people will have an important role in this election. The party is putting 56 ministers and leaders across the country, including several Union Ministers under this strategy. Which will spread the election in the state. Knowing this strategy of BJP can lead to deep shock for the Congress.

गौरतलब है कि केंद्रीय नेताओं की यह टीम कर्नाटक में लोगों के साथ करीबी संवाद के साथ काम कर रही है. यहाँ हर विधानसभा क्षेत्र से बूथ स्तर पर खास प्रबंधन पर जोर दिया जा रहा है. इसी के साथ बीजेपी बेलगावी, कलबुर्गी, हुबली, बेल्लारी, बेंगलुरु,मैसूर, मेंगलूरू समेत कई इलाकों में पीएम मोदी जी के करिश्मे का उपयोग करेगी. बीजेपी के वरिष्ठ नेता ने बताया कि प्रदेश की भाजपा टीम तो कार्यक्रम के अनुसार कार्य करेगी ही इसी के साथ केंद्रीय मंत्रियों, मुख्यमंत्रियों समेत देश के कई नेता रहेंगे जिनमे भाजपा अध्यक्ष अमित शाह के मार्गदर्शन में रविशंकर प्रसाद, निर्मला सीतारमन, पीयूष गोयल, धर्मेन्द्र प्रधान, केंद्रीय मंत्री प्रकाश जावड़ेकर, अनंत कुमार, गजेन्द्र सिंह शेखावत, अनंत कुमार हेगड़े, पीपी चौधरी के अलावा मुख्यमंत्रियों में जयराम ठाकुर और योगी आदित्यनाथ शामिल रहेंगे.

Significantly, this team of central leaders is working closely with people in Karnataka. There is an emphasis on special management at booth level from every assembly constituency. With this, BJP will use the charisma of PM Modi in many areas including Belagawi, Kaluburgi, Hubli, Bellary, Bengaluru, Mysore, Mangalore. A senior BJP leader said that the state BJP team will work according to the program, along with Union Ministers, Chief Ministers, including many leaders of the country, including Ravi Shankar Prasad, Nirmala Sitharaman, Piyush Goyal, Dharmendra Pradhan under the guidance of BJP President Amit Shah. , Union Minister Prakash Javadekar, Ananth Kumar, Gajendra Singh Shekhawat, Ananth Kumar Hegde, Chopra’s daughter-in-law Jairam Thakur and Yogi Adityanath will be included in the Chief Ministers.

जानकारी के लिए बता दें हर विधानसभा सीट पर 12 सदस्यीय समिति का गठन किया गया है. जिसमें जनजाति, अल्पसंख्यक, युवा, महिलाओं,अनुसूचित जाति को सदस्य के रूप में रखा गया है. बताया जा रहा है कि इस समिति को बूथवार रिपोर्ट तैयार करने का दायित्व सौंपा है. कर्नाटक में बीजेपी की जीत का दावा करते हुए पार्टी के राष्ट्रीय महासचिव मुरलीधर राव ने आरोप लगाया है कि कांग्रेस अपनी राजनीति धर्म, पंथ के आधार पर लोगों को बांटकर करती है. उन्होंने कहा है कि अब जनता सब समझ चुकी है और जनता ने बीजेपी को जनादेश देने का मन बना लिया है. बीजेपी की यह रणनीति कांग्रेस के लिए बड़ी मुसीबत बनकर सामने आ सकती है.

For the information, a 12-member committee has been formed on every assembly seat. In which tribes, minorities, youth, women, scheduled castes have been kept as members. It is being told that this committee has been given the responsibility of preparing the boothwar report. Claiming BJP’s victory in Karnataka, the party’s national general secretary Murlidhar Rao has alleged that Congress divides its politics on the basis of religion, creed. He has said that now the people have understood everything and the people have made the mind of giving a mandate to the BJP. This BJP strategy can be a big trouble for the Congress.

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https://www.youtube.com/watch?v=VxtYK7YXsQ8&feature=youtu.be

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बड़ी खबर: पूर्व एक्ट्रेस राम्या से मिली राहुल गाँधी को यह बड़ी धमकी, बड़ी मुसीबत में कांग्रेस अध्यक्ष!

कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गाँधी की एक मुश्किल थमती नहीं है कि दूसरी पैदा हो जाती है. त्रिपुरा में मिली बुरी हार के बाद कांग्रेस पार्टी को बड़ा झटका लगा है. केंद्र में जबसे बीजेपी की सरकार है तभी से प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जी के नेतृत्व में बीजेपी देश के अधिकतर राज्यों में अपनी जीत का परचम लहराकर कांग्रेस का सफाया कर चुकी है. अब कर्नाटक में विधानसभा चुनाव होने हैं, जहाँ अपनी नाक बचाने को कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गाँधी जमकर प्रचार-प्रसार कर रहे हैं. अब कर्नाटक विधानसभा चुनाव से पहले कांग्रेस के लिए बड़ा झटका लगा है.

Congress President Rahul Gandhi does not have a difficult situation that the second is born. After the bad defeat in Tripura, the Congress party has suffered a major setback. Since then, since the BJP’s government in the Center, under the leadership of Prime Minister Narendra Modi, BJP has wiped out the Congress by sculpting its victory in most of the states of the country. Now the assembly elections in Karnataka are going to be held, where Congress President Rahul Gandhi is spreading fervently to save his nose. Now before the Karnataka assembly elections, there is a big setback for the Congress.

आपकी जानकारी के लिए बता दें कि राहुल गाँधी ने जिस अभिनेत्री को सोशल मीडिया प्रमुख बनाया था, अब उसी ने पार्टी के खिलाफ जो किया है उसे जानकर कांग्रेस पार्टी को गहरा सदमा लग सकता है. ताजा घटनाक्रम के अनुसार कांग्रेस सोशल मीडिया विभाग की प्रमुख राम्या की माँ रंजीता ने बागी तेवर अपना लिए हैं. उन्होंने खुद के लिए मांडया विधानसभा टिकट मांगी है. इतना ही नहीं उन्होंने अपनी बेटी राम्या को पार्टी में उचित पद देने की मांग भी की है. इसी के साथ उन्होंने कांग्रेस पार्टी को चेतावनी देते हुए कहा है कि अगर उन्हें टिकट नहीं मिली तो वह निर्दलीय उम्मीदवार के तौर पर चुनावी मैदान में उतर आएगी.

For your information, let the Congress party be deeply shocked by the fact that Rahul Gandhi had made the social media chief, knowing what he has done against the party. According to the latest developments, Ranjita, mother of Congress Social Media Department Ramya, has adopted the rebel movement. He has sought Mandya assembly ticket for himself. Not only that, he has demanded to give his daughter Ramya a proper position in the party. With this, he has warned the Congress party that if he does not get the ticket, he will be in the electoral fray as an independent candidate.

गौरतलब है कि अभी तक चुनाव आयोग की तरफ से कर्नाटक में होने वाले विधानसभा चुनाव को लेकर आयोग ने तिथि की घोषणा नहीं की है. कयास लगाये जा रहे हैं कि अप्रैल या मई में चुनाव होने की संभावना है. चुनाव से पहले कांग्रेस पार्टी सीटों को लेकर फजीहत पड़ना शुरू हो गयी है. न्यूज़ 18 के अनुसार यह भी बताया जा रहा है कि राम्या ने हाई कमान से टिकट देने की मांग की है, नहीं तो वह निर्दलीय उम्मीदवार बनकर चुनाव में सामने आएँगी. अब ऐसे में सबसे बड़ा सवाल यह उठता है कि अगर उनको पार्टी से टिकट नहीं मिलती तो कांग्रेस के लिए बड़ा झटका लग सकता है. कहा जा रहा है कि अगर राम्या बाघी होतो हैं तो कांग्रेस को इस चुनाव में बड़ा झटका लग सकता है.

Significantly, the commission has not announced the date for the assembly elections in Karnataka on behalf of the Election Commission so far. There are speculations that there is a possibility of elections in April or May. Prior to the election, there has been a fuss about Congress party seats. According to News 18, it is also being said that Ramya has demanded a ticket from High Command, otherwise he will emerge as an Independent candidate in the election. Now the biggest question arises that if they do not get a ticket from the party then there can be a big setback for the Congress. It is being said that if Ramya Baghi is formed then the Congress may get a big setback in this election.

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2019 चुनाव से ऐन पहले आयी इस रिपोर्ट से पूर्व गवर्नर ने किया बेहद चौंकाने वाला खुलसा, माँ बेटे सदमे…

नई दिल्ली : एक RBI गवर्नर रघुराम राजन थे, जिन्होंने अभी बयान दिया था कि भारत में अभी भी अर्थव्यवस्था में ठहराव नहीं, साथ ही मोदी नीतियों पर हमला करते हुए आर्थिक, कृषि और उत्पादन पर चर्चा करी, साथ ही जेएनयू के आज़ादी गैंग के पक्ष में बोलते हुए कहा कि किसी को भी देशविरोधी बताकर उसे नकारना नहीं चाहिए बल्कि उसकी बात सुननी चाहिए. लेकिन PNB बैंक घोटाले पर एक शब्द नहीं बोले.

एक ये गवर्नर थे और अब एक और पूर्व के गवर्नर ने जो पीएम मोदी को लेकर कहा है वो आपके होश उड़ा देगा.

भारत के वर्तमान राजनीतिक और आर्थिक हालात 25 वर्षों में सबसे बेहतर
अभी भारतीय रिजर्व बैंक के पूर्व गवर्नर बिमल जालान मेल टुडे की तरफ से आयोजित Build India Conclave में कहा कि पीएम नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में भारत आर्थिक तौर पर मजबूत देश के तौर पर उभरा है. आज भारत के आर्थिक और राजनीतिक दृष्टिकोंण का लोहा पूरा विश्व मानता है. अर्थव्यवस्था के लिहाज से देखें तो भारत ने जो मुकाम पिछले चार वर्षों के दौरान हासिल किया है, वह पिछले कई दशकों में संभव नहीं हो सका था.

RBI के पूर्व गवर्नर बिमल जालान ने कहा कि भारत की वर्तमान आर्थिक और राजनीतिक स्थिति पिछले 25 वर्षों में सबसे मजबूत है. उनका कहना है कि उच्च वृद्धि हासिल करने का यह सबसे सुनहरा मौका है, क्योंकि कई वर्षों बाद देश में एक पार्टी के बहुमत वाली सरकार है और बगैर किसी राजनीतिक अवरोध के कड़े फैसले लेती है.

बिमल जालान ने मोदी सरकार द्वारा टेक्नोलॉजी के बेहतर इस्तेमाल की भी तारीफ की. उन्होंने कहा कि तकनीकी के इस्तेमाल से जहां पारदर्शिता आई है, वहीं बगैर किसी बिचौलिए के गरीबों को उनका हक मिल रहा है. लोगों को अब सीधा उनके खाते में पैसे पहुंच रहे हैं. कैशलेस भुगतान करने से कालाधन और टैक्स की चोरी पर लगाम लगी है.

2025 तक दोगुनी हो जाएगी भारतीय अर्थव्यवस्था


पीएम मोदी के नेतृत्व में अर्थव्यवस्था को मज़बूती मिली है. अभी हाल ही में केंद्र सरकार का कहना था कि अर्थव्‍यवस्‍था एक तरह से पटरी पर है और इसका आकार 2025 तक दोगुना होकर 5 लाख करोड़ डॉलर हो जाएगा. फिलहाल, देश की अर्थव्‍यस्‍था 2.5 लाख करोड़ डॉलर की है और यह दुनिया की छठी सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था है. आज दुनिया की सबसे तेज़ गति से बढ़ने वाली अर्थव्यवस्था है.

भारत तेज़ी से बन रहा इकनोमिक सुपरपावर
इससे पहले अर्थशास्त्री और नोबेल पुरस्कार विजेता पॉल क्रूगमैन ने भारतीय अर्थव्यवस्था की तारीफ करते हुए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को प्रभावशाली आर्थिक सुधारक बताया था. पॉल क्रूगमैन ने कहा कि पीएम मोदी की नीतियां भारत की आर्थिक वृद्धि को सही दिशा देने वाली हैं. उन्होंने कहा कि जिस तरह भारत की अर्थव्यवस्था मजबूत हो रही है, अब भारत को इकोनॉमिक सुपरपॉवर कहा जा सकता है.

क्रूगमैन ने कहा कि भारत में बिजनेस करने वालों ने अपने कारोबार में चौंकाने वाले नतीजे दिए हैं, और इससे साफ लगता है कि भारत प्रगति के रास्ते पर तेजी से आगे बढ़ रहा है, और उसमें पूरी दुनिया को बदलने की क्षमता है.

भारत की अर्थव्यवस्था बढ़ेगी, कम होगी चीन की रफ्तार-आईएमएफ
अंतरराष्ट्रीय मुद्रा कोष (IMF) ने कहा था कि नोटबंदी और जीएसटी के शुरुआती झटकों के बाद अब इस साल भारत की आर्थिक वृद्धि की रफ्तार दुगनी गति से बढ़ेगी. आईएमएफ ने ‘वैश्विक संभावनाएं एवं नीतिगत बदलाव’ विषय पर जारी एक रिपोर्ट में कहा है कि वैश्विक स्तर पर आर्थिक वृद्धि के वापस कमजोर रुख की ओर जाने का अनुमान है. रिपोर्ट में कहा गया है कि चीन में आर्थिक वृद्धि के धीरे-धीरे कमजोर पड़ने की संभावना है, जबकि नोटबंदी और जीएसटी जैसे दो अहम झटकों के बाद भारत की आर्थिक वृद्धि में तेजी का रुख दिखाई दे रहा है.

खुद पूर्व राष्ट्रपति प्रणब मुखर्जी ने पीएम मोदी को देश का सच्चा मार्गदर्शक भी बताया. राष्ट्रपति प्रणब मुखर्जी ने ये भी कहा कि पीएम मोदी ने देश की अर्थव्यवस्था को एक नया रास्ता दिखाया है. उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के कई फैसले तो इतने बेमिसाल है कि उनसे एक नए युग की शुरुआत हो गयी है. उन्होंने कहा 2019 में भारत की जीडीपी 8% से भी ऊपर रहेगी.

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56″ की जबरदस्त ताकत चीन-पाक के इलाको पर अब होगा भारत का अधिकार,सोती कांग्रेस के ही खड़े हो गये कान

नई दिल्ली : अभी तक पिछली सरकारों में सरकारी खजाने के लुटने, या करोड़ों लाखों के घोटालों की ही खबरें आती थी. लेकिन अब आज़ादी के बाद मोदी सरकार में पहली बार ऐसा ऐतिहासिक कदम उठाने जा रही है जिससे सरकारी ख़ज़ाने में करीब 1 00,000 करोड़ रूपए की बड़ी धनराशि आने वाली. इसके लिए मोदी सरकार ने सबसे पहले 49 साल पुराने उस कानून में बदलाव किया जिसकी वजह से ये बड़े काम करने में रुकावट आ रही थी.

New Delhi: So far, there were reports of looting of government treasury, or crores of millions of scams in previous governments. But now after independence, Modi is going to take such a historic step for the first time in the government, which will generate huge funds of about Rs.100,000 crores in the government treasury. For this, the Modi government first changed the 49-year-old law, due to which there was obstruction in doing this great work.

मोदी सरकार ने उठाया ऐतिहासिक कदम, सरकारी खजाने में होगी धनवर्षा
अभी मिल रही बहुत बड़ी खबर के मुताबिक मोदी सरकार देशभर में करीब एक लाख करोड़ रुपए की शत्रु संपत्ति की नीलामी करने की तैयारी कर रही है. आपको बता दें कि पूरे भारत में कुल 9,400 शत्रुओं की 1 लाख करोड़ रुपये से अधिक कीमत की संपत्तियां हैं. गृह मंत्रालय के अधिकारियों के अनुसार मंत्रालय ने ऐसी सभी संपत्तियों की पहचान करना शुरू कर दिया है.

Modi government takes up the historic step, will be in the public exchequer
According to the very big news now available, the Modi government is preparing to make an auction of enemy property worth Rs one lakh crore across the country. Let us tell you that there are total assets worth more than Rs. 1 lakh crores of total 9,400 foes all over India. According to the officials of the Ministry of Home Affairs, the Ministry has started identifying all such properties.

गृह मंत्रालय के एक अधिकारी ने बताया कि हमनें कुछ समय पहले ही गृह मंत्री राजनाथ सिंह को बताया था कि 6,289 शत्रु संपत्तियों का सर्वे कर लिया गया है और बाकी 2,991 संपत्तियों का सर्वे किया जा रहा है. गृह मंत्री ने तभी आदेश दिया था कि ऐसी संपत्तियां जिनमें कोई बसा नहीं है, उन्हें जल्दी खाली करा लिया जाए ताकि उनकी बोली लगवाई जा सके.

An official of the Home Ministry said that we had told Home Minister Rajnath Singh some time ago that 6,289 enemy properties have been surveyed and the remaining 2,991 properties are being surveyed. The Home Minister had then ordered that such properties in which there is no settlement, should be evacuated so that their bid could be taken.

शत्रु संपत्ति पर कब्ज़ा करेगी सरकार
पहले हम आपको समझते हैं कि शत्रु संपत्ति होती क्या है. जब देश का विभाजन हुआ तो हज़ारों लोग कुछ पाकिस्तान में बस गए तो कुछ चीन में बस गए. लेकिन देश में अब तक इनकी संपत्ति बिना वजह मौजूद है और जगह घेर रही है. इसी संपत्ति को शत्रु संपत्ति कहते हैं. पिछली कांग्रेस सरकार ऐसे मुद्दे पर आखें बंद करे बैठी रही. लेकिन मोदी सरकार ने फटाफट 49 साल पुराने शत्रु संपत्ति अधिनियम में संशोधन किया और अब कार्रवाई होने जा रही है. नए कानून के मुताबिक विभाजन के दौरान या उसके बाद पाकिस्तान और चीन जाकर बसने वाले लोगों की संपत्तियों पर उनके वारिस का अधिकार नहीं रहता.लिहाजा यह संपत्ति सरकार के कब्जे में आ जाएगी.

Government will capture enemy property
Firstly, we understand that what enemy does is property. When the country was partitioned, thousands of people settled in Pakistan and some settled in China. But so far in the country their possessions are without reason and surrounded by space. This property is called enemy property. The previous Congress government has been sitting close to the eyes on such an issue. But the Modi Government has amended the 49 year old Enemy Property Act and now the action is going on. According to the new law, property of those settlers going to Pakistan and China during or after the partition does not have the right to inherit. The property will be acquired by the government.

जिन्ना हाउस पर होगा अब सरकार का अधिकार, पाकिस्तान बेच चुका है भारतियों की संपत्ति
आपको जानकार बेहद हैरानी होगी कि पाकिस्तान में भी इस तरह की संपत्तियों थी जो भारतीयों की थी, उन्हें पाकिस्तान बहुत साल पहले ही बेच कर खा चुका है. लेकिन हमारे देश में लचर सरकार और कानून व्यवस्था के कारण शत्रु संपत्ति पर कोई एक्शन नहीं लिया गया. जैसे की दक्षिण मुंबई में मलबार हिल स्थित जिन्ना हाउस, जिन्ना हाउस को देश के विभाजन के षड़यंत्र का प्रतीक बताते हुए बीजेपी विधायक लोढ़ा ने सरकार से इसका कब्जा लेकर वहां पर कला व संस्कृति केंद्र शुरू करने की मांग करी थी.

jinnah House will now be entitled to government, Pakistan has sold property of Indians
You will be surprised that you have had such properties in Pakistan that Indians belonged to, they have been sold by Pakistan many years ago. But in our country no action was taken on the enemy property due to the lethargic government and the law system. As Jinnah House, located in Malabar Hill in South Mumbai, describing Jinnah House as a symbol of the country’s partition conspiracy, BJP legislator Lodha had taken possession of the government and demanded to start an art and culture center there.

इससे पहले पाकिस्तान ने मुंबई स्थित जिन्नाह हाउस को अपनी संपत्ति बताया था और भारत से कहा था कि भारत सरकार उसकी इज्जत करे और हमें उसी सौंप दे.आपको बता दे जिन्ना हाउस में ही भारत विभाजन की नीव रखी गयी थी. पिछली सरकारों ने जिन्ना हाउस की रखवाली के लिए लाखों रूपए खर्च करवा दिए. लेकिन अब वो भारत सरकार की संपत्ति है.

Earlier, Pakistan had told Jinnah House in Mumbai as its property and had told India that the Indian government should respect it and give it to us. Tell you that the foundation of India Partition was laid in Jinnah House itself. The previous governments have spent millions of rupees for the maintenance of Jinnah House. But now it is the property of the Government of India.

आपको जानकार बेहद हैरानगी होगी कि पाकिस्तान जाकर बसने वाले लोगों की भारत में कुल 9,280 संपत्ति हैं जिसमें से उत्तर प्रदेश का हिस्सा सबसे अधिक है. अकेले उत्तर प्रदेश में ही कुल 4,991 शत्रु की संपत्ति हैं, पश्चिम बंगाल में ऐसी 2,735 और राजधानी दिल्ली में ऐसी 487 संपत्तियां हैं. इनमें से कुल 126 संपत्तियां ऐसी हैं जिन्होंने चीन की नागरिकता ले ली थी. चीन के नागरिकों से जुड़ी सबसे अधिक शत्रु संपत्तियां मेघायल में हैं, मेघायल में 57 शत्रु संपत्तियां हैं जबकि 29 पश्चिम बंगाल में हैं. असम में ऐसी 7 समपत्ति हैं.

You will be amazed that you have a total of 9,280 properties in India, which is the largest part of Uttar Pradesh. In Uttar Pradesh alone, there are total assets of 4,991 enemy, there are such 2,735 in West Bengal and 487 such properties in the capital Delhi. Of these, 126 properties are those who had taken citizenship of China. There are 57 enemy properties in Meghalaya while 29 are in West Bengal. There are 7 such possessions in Assam.

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मोदी राज में भारत ने विश्व स्तर पर गाड़ा झंडा,आयी शानदार रिपोर्ट, तोड़ डाले अब तक के सारे रिकॉर्ड, विरोधियों के उड़े परखच्चे, 70 सालों में जो नहीं हुआ वो अब हो रहा है

भारत आज तेज़ी से वैश्विक शक्ति बनने की ओर बढ़ चला है. दुनिये के बड़ी आर्थिक एजेंसियां आज भारत की अर्थव्यवस्था देख अचंभित हैं. वर्ल्ड बैंक, IMF, वर्ल्ड इकनोमिक फोरम, moodys , नोमुरा, यहाँ तक UN भी 2020 तक भारत की जीडीपी को 7.5% से ऊपर बता रहा है.

India has progressed towards becoming a global power faster today. The big economic agencies of the world are amazed to see India’s economy today. The World Bank, the IMF, the World Economic Forum, the moodys, the Nomura, even the UN, is telling India’s GDP above 7.5% by 2020.


मोदी राज में भारत को लेकर आयी ट्रैवल एंड टूरिज्म काउंसिल आयी ज़बरदस्त रिपोर्ट

70 सालों में जो नहीं हुआ वो आज संभव हो रहा है. यही वजह है कि 2018 के शुरू होते ही भारत चीन को पछाड़ते हुए दुनिया की सबसे तेज़ गति से बढ़ने वाली अर्थव्यवस्था बन गया है. तो वहीँ अब दशकों से डूब रहे पर्यटन क्षेत्र पर World Travel & Tourism Council (WTTC) ने विश्व स्तर पर रिपोर्ट दी है जिसे देख आपका सीना भी गर्व से फूल उठेगा

Travel and tourism council brought about India’s tremendous report in Modi’s rule

What has not happened in 70 years, it is possible today. This is the reason that as of 2018, India has become the fastest growing economy in the world while retreating China. So now, the World Travel & Tourism Council (WTTC) has reported globally on the tourism sector that has been dubbed for decades, and seeing that your sister will also be proud

अभी मिल रही बहुत बड़ी खबर के मुताबिक देश में पर्यटन को बढ़ावा देने के प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के प्रयासों से ज़बरदस्त रिपोर्ट आ रही है. World Travel & Tourism Council (WTTC) ने विश्व स्तर पर जारी की गई अपनी एक रिपोर्ट में बताया है कि अगले 10 वर्षों में भारत विश्व की तीसरी सबसे बड़ी टूरिज्म इकोनॉमी बन जाएगा.

According to the very big news now available, there is tremendous report coming from Prime Minister Narendra Modi’s efforts to promote tourism in the country. World Travel & Tourism Council (WTTC) has said in a report released globally that in the next 10 years, India will become the world’s third largest tourism economy

70 सालों में नहीं हुआ आज तक ऐसा

वर्ल्ड ट्रैवल एंड टूरिज्म काउंसिल (डब्ल्यूटीटीसी) की रिपोर्ट ने देश की कुल जीडीपी और टूरिज्म से होने वाली आय के आंकड़ों के विश्लेषण के आधार पर यह बात कही है. डब्ल्यूटीटीसी ने गुरुवार को अपनी यह रिपोर्ट जारी की है. जिसके अनुसार 2028 तक टूरिज्म के क्षेत्र में भारत में 1 करोड़ से ज़्यादा नई नौकरियां पैदा होंगी. इसके अलावा ट्रैवल एंड टूरिज्म में सीधे और परोक्ष रूप से नौकरियां 2028 में 42.9 मिलियन से बढ़कर 52.3 मिलियन हो जाएंगी.

Not so long in 70 years

The World Travel and Tourism Council (WTTC) report has said this on the basis of the analysis of income from the country’s total GDP and tourism. WTTC has released its report on Thursday. According to which 2028 new jobs will be created in India in the field of tourism. Apart from this, direct and indirect jobs in travel and tourism will increase from 42.9 million to 52.3 million in 2028.

रिपोर्ट के मुताबिक भारत अभी विश्व की सातवीं सबसे बड़ी टूरिज्म इकोनॉमी है और टूरिज्म इंफ्रास्ट्रक्चर में मजबूती से इसमें और तेजी आने की संभावनाएं हैं. लेकिन अगर इसी गति से प्रगति करता रहा तो वो दिन दूर नहीं जब भारत दुनिया की सबसे बड़ी टूरिज्म इकोनॉमी होगा.विदेशी दौरों का मिल रहा फायदा

According to the report, India is now the seventh largest tourism economy in the world, and there is a possibility of further strengthening of Turism Infrastructure. But if progressing at this pace, then the day is not far when India will be the biggest tourism economy in the world.The advantage of getting foreign tour

पीएम मोदी जितनी बार विदेशी दौरे पर जाते हैं वहां बसे भारतियों को भारत की संस्कृति की असली पहचान करवाते हैं. तेज़ी से हर क्षेत्र में तरक्की कर रहे एक उज्जवल भारत की पहचान कराते हैं. लेकिन कांग्रेस ने पीएम मोदी के हर विदेशी दौरों का सिर्फ मज़ाक उड़ाया है, जबकि राहुल गाँधी अभी विदेश गए थे उन्होंने वहां भारत को गिरता हुआ बताया था. लेकिन अंत में जब आंकड़े आते हैं तो पता चल ही जाता है कि किसके दावे में कितना दम है.

Every time PM Modi goes on an overseas tour, Indians settled there in real identity of India’s culture. Quickly identify a bright India growing up in every sphere. But the Congress has just made fun of every foreign visit of PM Modi, while Rahul Gandhi had just gone abroad and told India there falling down. But when the figures come in the end, it is known that whose claim is so astounding.

सारे रिकॉर्ड धराशायी

मोदी सरकार के राज में पिछले कई दसियों सालों से सुस्त पड़ा पर्यटन क्षेत्र अब न सिर्फ खड़ा हो गया है बल्कि बुलेट ट्रैन की तेज़ी से दौड़ भी रहा है. पिछले 70 सालों में जो नहीं हुआ वो अब हो रहा है. सारे रिकॉर्ड धराशायी होते जा रहे हैं और सरकारी ख़ज़ाने में झमाझम पैसा बरस रहा है.

All recorded dashed

In the reign of Modi Government, the tourism sector, which has been languishing for the past several decades, has not only stood, but is also running the bullet train rapidly. What has not happened in the last 70 years is happening now. All records are getting dashed and Jhajjham is roaming in government treasury.

सरकारी ख़ज़ाने में बरसा पैसा

आप यकीन नहीं करेंगे मोदी सरकार ने पर्यटन क्षेत्र का कायाकल्प कर दिया है. भारत विदेशी पर्यटकों के लिए पसंदीदा जगह बनता जा रहा है. साल 2017 भारत के पर्यटन क्षेत्र के लिहाज से ज़बरदस्त साबित हुआ. बीते साल भारत आने वाले विदेशी पर्यटकों की संख्या 1 करोड़ के पार पहुंच गई तो दूसरी तरफ इससे होने वाली आमदनी भी 27 अरब डॉलर यानी 1728 अरब रुपये के शानदार आंकड़े तक पहुंच गयी.

Long money in government treasury

You will not believe the Modi government has rejuvenated the tourism sector. India is becoming a favorite destination for foreign tourists. Year 2017 proved to be a tremendous development in India’s tourism sector. The number of foreign tourists coming to India crossed the 1 million mark in the last year, and on the other hand, the revenues of this year also reached the impressive figure of $ 27 billion or 1728 billion rupees.

CEO ग्लोरिया गुएवारा हुई पीएम मोदी की मुरीद

WTTC की प्रेसिडेंट और CEO ग्लोरिया गुएवारा ने मोदी सरकार की रीजनल कनेक्टिविटी स्कीम की तारीफ की जिसके तहत 350 एयरपोर्ट और और हवाई पट्टियों को विकसित किया जाना है. उन्होंने कहा कि मौजूदा सरकार ने विदेशी पर्यटकों को आकर्षित करने के लिए कई बड़े कार्य किए हैं। 163 देशों के लिए ई-वीजा शुरू करना और इन्क्रेडिबल इंडिया 2.0 कैंपेन को अच्छी मार्केटिंग और पीआर रणनीति के साथ लॉन्च करना भी एक अच्छा कदम है.

CEO of Gloria Guevara, PM Modi’s mentor

WTTC President and CEO Gloria Guevara praised the Modi Government’s Regional Connectivity Scheme, under which 350 airports and airplanes are to be developed. He said that the present government has done many major works to attract foreign tourists. Launching e-Visas for 163 countries and launching Incredible India 2.0 Campaign with good marketing and PR strategy is also a good step.

ये तो कुछ भी नहीं मौजूदा मोदी सरकार में पर्यटन के क्षेत्र में भारत की रैंकिंग तेजी में ऊपर गई है. Travel and Tourism Competitive Index (TTCI) 2017 में भारत 2013 की तुलना में 25 पायदान ऊपर पहुंच गया. TTCI की रिपोर्ट में भारत का स्‍थान 40वां था, जबकि 2015 में यह 52वें और 2013 में 65वें स्‍थान पर था.

This is nothing but in the current Modi government, India’s rankings have been rising in the field of tourism. Travel and Tourism Competitive Index (TTCI) In 2017, India reached 25 points higher than 2013. India’s position in TTCI’s report was 40th, while in 2015 it was 52st and 65th in 2013.

पीएम मोदी ने खुद विश्व के कई देशों में दौरा किया जिसका विरोधियों ने तो मज़ाक उड़ाया लेकिन वहां के नागरिकों को भारत की विविधिता पूर्ण संस्कृति का अनुभव करने के लिए पीएम मोदी ने आमंत्रित किया. मोदी सरकार की इसी नीति का असर दिखने लगा है।

PM Modi himself visited many countries of the world, whose opponents made fun of him but PM Modi invited the citizens of India to experience India’s diverse culture. Modi Government has started to see the impact of this same policy.

केपीएमजी और फिक्की की टूरिज्म सेक्टर पर ‘Expedition 3.0: Travel and hospitality gone digital’ शीर्षक वाली रिपोर्ट के अनुसार भारत में 2017 में ट्रैवल और टूरिज्म सेक्टर में 2 करोड़ 59 लाख रोजगार के अवसर मिले हैं. इतना ही नहीं टूरिज्म सेक्टर ने जीडीपी में 141.1 बिलियन का योगदान दिया है.

According to a report titled ‘Expedition 3.0: Travel and Hospitality gone digital’ on KPMG and FICCI’s tourism sector, there are 20 million 59 lakh employment opportunities in India in the Travel and Tourism Sector in 2017. Not only that, the tourism sector contributed 141.1 billion to the GDP.

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SOURCE NAME POLITICAL REPORT