अभी-अभी UP राज्‍यसभा चुनाव में मिली हार से भौखलाई BSP, ने BJPको लेकर दे डाला ये विवादित बयान

नई दिल्ली: राज्यसभा चुनाव के नतीजे आने के बाद जहां बीजेपी जश्न मना रही है, वहीं चुनाव में मिली हार के बाद बहुजन समाज पार्टी निराश है. यूपी उपचुनाव के नतीजे आने के बाद बीएसपी के महासचिव सतीश चंद्र मिश्रा ने आरोप लगाया कि बीएसपी के प्रत्याशी को हराने के लिए मुख्तार अंसारी को वोट डालने से रोका गया. उन्होंने कहा कि मुख्तार अंसारी को वोट डालने के लिए कोर्ट ने इजाजत दे दी थी, लेकिन उनको जेल डालकर वोट नहीं डालने दिया गया. सतीश चंद्र मिश्रा ने बीजेपी पर धन और सत्ता के बल पर धांधली का आरोप लगाया है.

BJP को बताया दलित विरोधी
बीएसपी के महासचिव सतीश मिश्रा ने बीजेपी को दलित विरोधी बताया. उन्होंने कहा कि हमने भीमराव अंबेडकर को खड़ा किया था, बीजेपी को इस नाम से ही चिढ़ है. यही वजह है कि उसने पार्टी प्रत्याशी को हराने के लिए हर हथकंडा अपनाया.

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बीजेपी ने जोर-जबरदस्ती कर लिया वोट
बीएसपी नेता सतीश चंद्र मिश्रा ने बीजेपी पर गंभीर लगाते हुए कहा कि इन्होंने हमारे विधायक और दूसरे दलों के विधायकों के साथ जोर-जबरदस्ती करके वोट लेने का काम किया गया. इसलिए हम हारे और वो अपने 9वें सदस्य को जीतवाने में कामयाब हुए.

10वीं सीट के लिए थी काटे की टक्कर
आपको बता दें कि यूपी राज्यसभा चुनाव के लिए 10वीं सीट के लिए सबसे बड़ी चुनौती थी. इस सीट पर बीजेपी के अनिल अग्रवाल और बसपा के भीमराव अंबेडकर के बीच कांटे की टक्कर थी. इस पर बीजेपी ने जीत दर्ज की. गौरतलब है कि पहली वरीयता में बीजेपी के आठ विजयी उम्मीदवारों को 39-39 वोट मिले. सपा की जया बच्चन को 38 वोट मिले. पहली वरीयता की गिनती में दसवीं सीट के लिए बसपा के भीमराव अंबेडकर को 33 वोट मिले और बीजेपी के अनिल अग्रवाल को 22 वोट मिले. इसके बाद ही साफ हो गया था प्रचंड बहुमत वाली बीजेपी की दूसरी वरीयता में जीत तय है.

दो घंटे देरी से शुरू हुई थी गिनती
राज्यसभा चुनाव में वोटों की गिनती दो घंटे देर से शुरू हुई. दरअसल सपा और बसपा ने आरोप लगाया कि सपा के नितिन अग्रवाल और बसपा के अनिल सिंह ने पार्टी को बिना बताए क्रॉस वोटिंग की. लिहाजा उनके वोट अवैध घोषित होने चाहिए. इसके साथ ही सपा के विधायक राजेश यादव ने आरोप लगाया कि विपक्ष के चार बैलट पेपर फाड़े गए हैं. इसके बाद चुनाव आयोग ने फुटेज मंगवाया. जांच के बाद आयोग ने नितिन अग्रवाल और अनिल सिंह के वोट को वैध करार दिया. साथ ही बैलट फाड़ने वाले आरोप को भी खारिज कर दिया.

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ब्रेकिंग:UP राज्यसभा चुनाव : BJP ने लिया उपचुनाव की हार का बदला, बुआ-बबुआ के गठबंधन को लगा तगड़ा झटका..

लखनऊ : उत्तर प्रदेश में राज्यसभा की 10 सीटों पर हुए चुनावों में से बीजेपी ने 9 सीटों पर जीत हासिल की है. सपा की जया बच्चन ने भी जीत दर्ज की है. मायावती का एकमात्र उम्मीदवार भीमराव अंबेडकर बीजेपी के अनिल अग्रवाल के हाथों हार गए. इस जीत के साथ बीजेपी ने गोरखपुर और फूलपुर लोकसभा सीट पर हुए उपचुनाव में मिली हार का बदला ले लिया है. राज्यसभा चुनावों में मिली करारी हार के बाद बुआ-भतीजे (साप-बसपा) के बीच हुए गठबंधन पर भी सवालिया निशान लग गए हैं.

Lucknow: Out of the 10 seats in the Rajya Sabha elections in Uttar Pradesh, BJP has won 9 seats. Jaya Bachchan of SP has also won. Mayawati’s only candidate Bhimrao Ambedkar lost to BJP’s Anil Agarwal. With this victory, BJP has taken revenge for the defeats in the by-elections in Gorakhpur and Phulpur Lok Sabha seats. After the defeat in the Rajya Sabha elections, the alliance between the nephew (snakebazar) has been questioned.

दिनभर चले हाईवोल्टेज ड्रामे के बाद यहां देर शाम वोटों की गिनती शुरू हुई. गिनती शुरू होते ही बीजेपी ने आठ सीटों पर आसानी से जीत हासिल कर ली. इसके बाद मुकाबला बीजेपी के 9वें उम्मीदवार और बीएसपी के भीमराव अंबेडकर के बीच था, लेकिन अनिल अग्रवाल ने दूसरी वरियाता के वोटों में भीमराम को मात दे दी. समाजवादी पार्टी की उम्मीदवार जय बच्चन ने 38 मत हासिल करके जीत हासिल की है.

Counting of votes began late in the evening after the highway dance drama. As the count started, BJP easily won eight seats. After this the contest was between the BJP’s 9th and BSP’s Bhimrao Ambedkar, but Anil Agarwal defeated Bhimaram in the second verbal vote. Samajwadi Party candidate Jai Bachchan has won by winning 38 votes.

बीजेपी के विजयी चेहरे
बीजेपी के उम्मीदवार अरुण जेटली, अनिल जैन, जीवीएल नरसिम्हा राव, विजय पाल तोमर, कांता कर्दम, अशोक वाजपेयी, हरनाथ यादव, सकलदीप राजभर और अनिल अग्रवाल ने जीत दर्ज की है. दूसरी वरियता की काउंटिंग ने अनिल अग्रवाल की जीत पर मोहर लगा दी. दूसरी वरीयता में भीमराव अंबेडकर को सिर्फ एक ही वोट मिला.

BJP’s winning faces
BJP candidates Arun Jaitley, Anil Jain, GVL Narasimha Rao, Vijay Pal Tomar, Kanta Kardam, Ashok Vajpayee, Harnath Yadav, Sakaladeep Rajbhar and Anil Agarwal have won the election. Counting of second variant stamped on Anil Agarwal’s victory. Bhimrao Ambedkar got only one vote in second preference.

गठबंधन के बाद भी मायावती को झटका
इन चुनावों में सबसे बड़ा झटका बीएसपी को लगा है. मायावती ने इन चुनावों के लिए अपने धुर विरोधी रहे समाजवादी पार्टी से गठबंधन किया था. सपा मुखिया ने भी अपने शेष वोटों को बीएसपी उम्मीदवार को देने का वादा किया था. इसी गठबंधन के आधार पर अखिलेश सिंह ने गोरखपुर और फूलपुर लोकसभा सीट पर हुए उपचुनावों में जीत हासिल की थी.

Mayawati shocks even after coalition
The biggest blow to these elections is the BSP. Mayawati had an alliance with the Samajwadi Party, who was anti-incumbent for these elections. SP chief also promised to give his remaining votes to the BSP candidate. On the basis of this alliance, Akhilesh Singh had won in the by-elections held in Gorakhpur and Phulpur Lok Sabha seats.

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बड़ी खबर:गोरखपुर फूलपुर उपचुनाव में मिली हार के बाद SP BSPको दी ऐसी पटखनी,होने वाले 2019 चुनाव में बना ली अपनी पार्टी

उत्तर प्रदेश की 10 राज्यसभा सीटों के लिए जारी चुनाव परिणामों में बीजेपी ने 9 सीटों पर जीत दर्ज कर ली है! इसके साथ ही 10वीं सीट पर लंबे समय तक बरकरार सस्पेंस भी खत्म हो गया है! जहां एक तरफ बीजेपी विपक्षी एकता में सेंध लगाने में कामयाब रही है, वहीं समाजवादी पार्टी (सपा) ने एक सीट पर जीत दर्ज की है! यूपी में राज्यसभा की सभी 10 सीटों के लिए नतीजे आने के बाद बसपा को तगड़ा झटका लगा है! बीजेपी के इस जीत का अंदाजा सभी को पहले से था, सिवाय सपा-बसपा गठबंधन के! लेकिन सच यह है कि इसकी पृष्ठभूमि उसी दिन तैयार हो गई थी जिस लोकसभा उपचुनाव के नतीजे आए थे और भाजपा को उत्तर प्रदेश की दोनों सीटों पर हार मिली थी!

BJP has won 9 seats in the election results for 10 Rajya Sabha seats in Uttar Pradesh! With this, the long pending suspense suspension on the 10th seat is also over! While on one hand BJP has managed to break the Opposition unity, the Samajwadi Party (SP) has won one seat! After the results for all the 10 seats of the Rajya Sabha in UP, the BSP has suffered a setback! The BJP’s victory was predicted by all, except the SP-BSP combine! But the truth is that its background was prepared on the day the results of the Lok Sabha by-elections were announced and the BJP had lost both the seats in Uttar Pradesh!

उत्तर प्रदेश के उपचुनाव में सपा-बसपा गठबंधन के हाथों मिली पराजय के बाद भारतीय जनता पार्टी के चाणक्य और पार्टी अध्यक्ष अमित शाह ने इसकी शुरुआत उसी दिन से कर दी थी, उन्होंने प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के साथ मिलकर ऐसी रणनीति बनाई कि सपा और बसपा के विधायक पार्टी की बैठकों और डिनर पार्टियों में तो शामिल होते रहे, लेकिन वोट करते समय बीजेपी के उम्मीदवार को वोट दे आए!

After the defeat of the SP-BSP coalition in Uttar Pradesh by the Samajwadi Party, Chanakya of the Bharatiya Janata Party and the party president Amit Shah had started it from that day, together with the state’s Chief Minister Yogi Adityanath, BSP MLA’s party and dinner parties continued to be involved, but while voting, the BJP candidate came to vote!

अमित शाह का पोल मैनेजमेंट इतना शानदार था कि शुक्रवार सुबह वोटिंग शुरू होने तक शीर्ष भाजपा नेता, विधायकों को वोट करने के तरीके और फर्स्ट एवं सेकंड प्रिफरेंस वोट के बीच का फर्क समझा रहे थे! जबकि सपा-बसपा गठबंधन नंबर जुटाने और आकड़ो में फांसी हुई थी! नतीजा यह हुआ कि संख्याबल में कमजोर होने के बाद भी बीजेपी के सभी नौ उम्मीदवार जीत हासिल करने में सफल रहे! और इसी के साथ लोकसभा की तरह ही राज्यसभा में भी बसपा अपने उमीदवार भीमराव आंबेडकर को भेजने में नाकाम रहा! आपको बता दे लोकसभा बसपा-0 और राज्यसभा में भी बसपा सांसदों की संख्या जीरो है!

Amit Shah’s pole management was so impressive that till Friday morning voting started, the top BJP leaders were explaining the difference between the ways of voting for the legislators and the first and second preference votes! Whereas SP-BSP coalition numbers were hanging and executed! As a result, even after being weak in numbers, all nine BJP candidates were successful in winning! And at the same time, like the Lok Sabha, the BSP failed to send its candidate Bhimrao Ambedkar even in the Rajya Sabha! Tell the people of Loksabha BSP-0 and in Rajya Sabha the number of BSP MPs is zero!

भाजपा अपने इस बड़े जित के साथ उपचुनावों में मिली हार का बदला तो ले ही लिया, और 2019 के लोकसभा चुनावों के लिए विपक्षी पार्टियों के बीच गठबंधन की राह भी मुश्किल कर दी! दरअसल, लोकसभा के उपचुनावों में मायावती ने सपा उम्मीदवार का ‘इस हाथ ले, उस हाथ दे’ की शर्त के साथ समर्थन किया था! यानी समझौता यह था कि इसके बदले सपा राज्यसभा चुनावों में बसपा उम्मीदवार का समर्थन करेगी. सपा ने अपनी ओर से शर्त पूरी करने की हरसंभव कोशिश की, लेकिन अमित शाह की रणनीति के आगे उसकी कोशिशें नाकाफी साबित हुईं!

The BJP took the revenge of the defeat in the bye-election with this big Joint, and made it difficult for alliance between the opposition parties for the 2019 Lok Sabha elections! In fact, in the bye-elections by the Lok Sabha, Mayawati had supported the SP candidate with the condition of ‘take this hand, give that hand’! The compromise was that the SP would support BSP candidate in the Rajya Sabha elections instead. The SP made every effort to fulfill the condition on its behalf, but his efforts proved to be inadequate with Amit Shah’s strategy!

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बहुत समय से रुखे टीचर भर्ती पर आया ये बड़ा फैसला, अखिलेश समेत विपक्ष के उड़े होश !

नरेंद्र मोदी की सरकार ने देश में 80 हज़ार फर्जी शिक्षकों, प्रोफेसरों को पकड़ा है, जो सिर्फ कागज़ पर है, जो असल में ही ही नहीं, और तनख्वाह ली जा रही थी, और ये लेने वाले कौन है ? ये है भ्रष्टाचारी कॉलेज में बैठे है ऐसे लुटेरे, स्कूलों में बैठे है, पंचायत के दफ्तरों में बैठे है|

Narendra Modi’s government has caught 80 thousand fake teachers and professors in the country, which is only on paper, which is not really only, and the salaries were being taken, and who is it to take? This is sitting in corrupt college; Such robbers, sitting in schools, sitting in the Panchayat offices.

स्कुल, कॉलेज, और अन्य संस्थाओ में शिक्षक होगा 1, उदाहरण के तौर पर सुरेश, पर ये लुटेरे लिखकर भेज देते है की यहाँ 3 शिक्षक है, 10 शिक्षक है, कौन आ रहा है देखने? और जो देखने आएगा, इंस्पेक्शन करने आएगा ठुसिये न उसके मुँह में 5 हज़ार, हो गया निरक्षण|

Teachers in schools, colleges, and other institutions will be 1, for example, Suresh, but they send these robbers by writing that there are 3 teachers, 10 teachers, who are coming to see? And who will come to see, will come to inspection, he will not see his face in 5 thousand rupees?

ये ही कोंग्रेसी कल्चर है, जिसे हम भ्रष्टाचार कहते है, भारत में भ्रष्टाचार इतना अधिक है की उसपर न ही कहा जाये तो ठीक है अन्यथा लिखते हाथ थक जायेंगे, यहाँ इतनी लूट है, और हर विभाग में, मोदी सरकार सबकुछ आधार से लिंक कर रही है, तो उसका भी विरोध किया जा रहा है, और क्यों ये आप समझ जायेंगे अभी बस 1 मिनट में|

This is the Congress culture, which we call corruption, corruption is so much in India that it is not right to say that otherwise it will be tired of writing otherwise, there is so much loot here, and in every department, the Modi government is linking all the bases. He is being opposed too, and why will you understand that in just 1 minute.

ये जो 80 हज़ार फर्जी शिक्षक पकडे है ये आधार लिंक के कारण पकडे है, अब भैया 3 शिक्षक है कहीं तो 3 अलग अलग आधार होगा न, 3 अलग अलग लोगों के आँखों की निशान होंगे, आधार के जरिये 80 हज़ार ऐसे फर्जी टीचर पकडे गए जो है ही नहीं और उनकी तनख्वाह खजाने से जा रही थी|

This is the 80 thousand fake teacher who is stuck because of this link, now the brother is a teacher, now there will be 3 different bases, there will be the eyes of 3 different people, through the base, 80 thousand such fake teachers got caught Not only that and his salary was going from the treasury.

अब आप खुद सोचिये जो लोग ये फर्जी तनख्वाह ले रहे थे, वो मोदी का विरोध तो करेंगे ही, और ये कहकर विरोध थोड़ी करेंगे की मोदी खाने नहीं दे रहा है, ये मोदी का विरोध ये कहकर करेंगे की मोदी दलित विरोधी है, विरोधी है, तो ये जनरल वालो को भी भड़काएंगे, मोदी किसान विरोधी है, भैया ये सारे लुटेरे बस इसी जुगाड़ में है की कैसे भी कांग्रेस को वापस ले आया जाये, जो खाती भी है और खाने भी देती है|

Now think of yourself, the people who were taking these fake salaries, they will oppose Modi, and will protest by saying that Modi is not eating, that he will oppose Modi by saying that Modi is anti-Dalit and anti-Dalit , Then they will also incite the generals, Modi is anti-farmer, brother, all these robbers are just in this jugaad how the Congress should be brought back, who also eats and gives food.

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https://www.youtube.com/watch?v=4Tyz5onsJbA

https://www.youtube.com/watch?v=dsJje-_3hzs

पिछली सरकार की करतूतों को देख गुस्से से भभक उठे CM योगी आदित्यनाथ, अखिलेश की हालत ख़राब !

यूपी में योगी आदित्यनाथ की सरकार बनते ही उन्होंने अपने कड़े तेवर और बेबाक रवैया दिखाना शुरू कर दिया था. लेकिन सिर्फ शुरुआती दिनों में ही नहीं वही तेवर आज भी वो उसी हिम्मत और जोश से दिखा रहे हैं | लेकिन इस बार तो सीएम योगी ने अपने ही सरकारी विभाग के खिलाफ ताबड़तोड़ एक्शन ले लिया |

As soon as Yogi became the governor of Adityanath in UP, he started showing his strong and uncomfortable attitude. But not only in the early days, they are showing the same courage and enthusiasm even today. But this time the CM Yogi took a swift action against his own government department.

अभी मिल रही बहुत बड़ी खबर के मुताबिक अखिलेश सरकार सीएम योगी को विरासत में सिर्फ मुसीबतें दे गए हैं | अखिलेश सरकार में सरकारी विभाग को इतना ज़्यादा लचर और लापरवाह बना के रख दिया है कि आप भी हैरान रह जायेंगे | खबर के मुताबिक सीएम योगी ने लखनऊ में सरकारी विभागों की ओर से कई महीनों से बिजली का बकाया बिल नहीं जमा करने पर उनके बिजली कनेक्शन काट दिए गए हैं | इन सरकार विभागों के अंदर आरामतलवी और अड़ियलपन इतना ज़्यादा घुस गया है कि इन सरकारी विभागों ने कई महीनों से बिजली के बिल की भुगतान नहीं किया था |

According to the very big news now available, the Akhilesh government has given only trouble to the CM Yogi in heritage. In the Akhilesh government, the government department has been kept so lenient and careless that you will be surprised. According to the news, the CM Yogi has been disconnected from the government departments in Lucknow for not getting the electricity bill for several months. Relaxation and hardship have penetrated so much within these government departments that these government departments did not pay electricity bills for several months.

Akhilesh Yadav has given the legacy to the Yogi Government, Power Corporation Department of UP, which is badly defused. Because only government departments have outstanding electricity bill of about 10,000 crores. Due to this, electricity rates have to be expensive in the state, if the government departments recover from the arrears, electricity rates in the state will never be expensive. See what Akhilesh has given to the Yogi Sarkar in the heritage, you see the difference yourself, the UP number one in the government dues. Uttar Pradesh 8853 crores, Telangana- 3561 crores, Maharashtra- 3364 crores, Andhra Pradesh 2828 crores, Kerala 2609 crores, Jammu and Kashmir 1868 crores, Karnataka 1880 crores, Bihar Rs 610 crores. You can see the difference between the difference between UP and Jammu and Kashmir. Such government was running SP for 5 years.

समाज कल्याण विभाग कर रहा था अपना ही कल्याण लेकिन फिलहाल जिन दो विभागों पर योगी सरकार ने बिजली के कनेक्शन काटे गए है वो है फोरेंसिक लैब और समाज कल्याण का होस्टल शामिल है | बताया जा रहा है कि फोरेंसिक विभाग पर लगभग 16 लाख, जबकि समाज कल्याण के होस्टल पर करीब 26 लाख रुपये का बिल बकाया है | बताइये ये समाज का कल्याण करेंगे 26 लाख का बिल दबाये बैठे हैं, खुद अनुशासन है नहीं समाज में क्या अनुशासन लाएंगे | ऐसा लगता है ये समाज का कम, अपना ज़्यादा कल्याण करने में लगे थे |

The social welfare department was doing its own welfare, but the two departments on the Yogi Government have cut the connection of electricity, it is the forensic lab and hostel of social welfare. It is being told that about 16 lakhs have been given on forensic department, while the society welfare has a balance of about 26 lakh rupees. Let us say that the welfare of the society will pressurize the bill of 26 lakhs, discipline itself and not what will bring discipline in society. It seems that they were less in society, engaged in better welfare.

अब सबसे बड़ा सवाल ये खड़ा होता है कि अगर 10 हज़ार करोड़ से ज़्यादा का बिल नहीं दिया गया तो ये पैसा गया कहाँ, किस-किस की जेब गरम हो रही थी अब तक? और अड़ियलपन की हद देखिये साहब बिजली विभाग ने कई बार नोटिस भी भेजना शुरू किया फिर भी कान पर जू तक नहीं रेंगी | लिहाजा बिजली विभाग ने कड़ी कार्रवाई करते इनके कनेक्शन काट दिए | इससे सभी सरकारी विभागों को सन्देश जाएगा कि उनके अब ऐशोआराम के दिन गए, अब ज़रा सख्ती से पेश आने वाली सरकार आ गयी है |

 

Now the biggest question arises that if more than 10 thousand crores of rupees were not billed then this money went where, what was the pocket of the pocket being so far? And see the extent of hardship, the Hon’ble Electricity Department has started sending the notice many times, but the ear will not live up to the zoo. So the electric department took strong action and cut off their connections. It will send a message to all the government departments that they have gone on the day of Ashoka, now the government has come to the strictest level.

आगे से ऐसी समस्या न कभी खड़ी ना हो, इसका भी समाधान योगी सरकार ने ग़ज़ब का निकाला है, जीएम लेसा आशुतोष कुमार ने बताया कि सभी सरकारी विभागों को सख्त निर्देश दे दिए गए है कि सबसे पहले अपने बकाया बिल चुकाएं, और उसके बाद अपने यहां प्री-पेड मीटर लगवा ले. ठीक मोबाइल फ़ोन की तरह रिचार्ज करिये फोन पर बात करिये, ठीक वैसे ही बिजली मीटर को रिचार्ज करिये, और बिजली पाइये | जैसा राजा वैसी प्रजा इससे पहले आपको याद होगा जब कभी अखिलेश सरकार पत्रकारों से वार्ता करते वक़्त या कभी मीटिंग कर रही होती थी तब बिजली कट जाया करती थी, जिससे वे अँधेरे में बैठ कर मीटिंग करते थे और फिर बिजली आ जाया करती थी |

Further, such a problem should not arise at any time, even the solution of the Yogi Government is unfortunate, GM Lisa Ashutosh Kumar told that all government departments have been given strict instructions that first of all pay their outstanding bills, and after that their Take a pre-paid meter here. Recharge the phone like a mobile phone, talk on the phone, just recharge the power meter, and get electricity. As King Vaishi Praja, before you remember, whenever Akhilesh was talking to journalists or at the time of meeting, he used to cut electricity, so that he used to sit in the darkness and then used to come to power.

जिसका लोग खूब मज़ाक उड़ाया करते थे, लेकिन फिर भी अखिलेश कोई एक्शन नहीं ले पाए, यानि उन्हें सब पता था फिर भी जानबूझ कर एक्शन नहीं लिया गया | लेकिन कुछ वक़्त पहले खबर आयी थी की सपा पार्टी के प्रमुख मुलायम सिंह यादव के घर का ही बिजली कनेक्शन कटवा दिया गया था | क्यूंकि उन्होंने भी कई महीनों से बिल नहीं दिया था | अब वो कहावत है न जैसा राजा वैसी प्रजा  जैसा पार्टी प्रमुख वैसे सरकारी विभाग भी बिना बिजली बिल चुकाए मौज काट रहे थे |

Whose people used to make fun of him, but still Akhilesh could not take any action, that is, he knew everything, but no action was taken intentionally. But for the time being, the first news came that the power connection of SP chief Mulayam Singh Yadav’s house was cut. Because he had not even billed for several months. Now that is the saying, like the party chief like Raja Vasi Pradhan, the government departments were also spending money without paying electricity bills.

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