आतंकवाद के जनक सऊदी से आयी सनसनीखेज खबर, जानकर आप भी ख़ुशी से झूम उठेंगे- आखिर आ ही गया ऊँट पहाड़ के नीचे

नई दिल्ली : इस्लामिक आतंकवाद अब दुनिया से पूरी तरह ख़त्म होने ही वाला है. सलाफी इस्लाम की आड़ में आतंकवाद का जनक सऊदी अरब अब घुटनों पर आ रहा है. सऊदी अरब पिछले काफी वक़्त से तेल कारोबार में भारी मंदी को झेलता चला आ रहा है, जिसके कारण टैक्स फ्री जीवन अब गुजरे जमाने की बात हो जाएगी. बता दें कि खाड़ी क्षेत्र की सबसे बडी अर्थव्यवस्था कहलाने वाले सऊदी अरब और यूएई में अब तक कोई टैक्स नहीं वसूला जाता था और सरकार कई तरह की सब्सिडी भी देती थी.

New Delhi: Islamic terrorism is now about to end completely with the world. Saudi Arabia, the father of terrorism under the guise of Salafi Islam, is now coming to the knees. Saudi Arabia has been facing heavy recession in the oil business for quite some time, due to which it will be a matter of tax free life. Let us say that no tax was levied in Saudi Arabia and UAE, which was called the biggest economy of the Gulf region, and the government also offered a lot of subsidies.

कंगाली के कगार पर खाड़ी देश
तेल से मोटी कमाई करने वाले इन देशों में आम जनता को सरकार को अपनी कमाई पर ना तो कोई इनकम टैक्स देना होता था और ना ही किसी उत्पाद और सेवा को खरीदने पर कोई सेल्स टैक्स या सर्विस टैक्स देना होता था. मगर कई दशकों से चली आ रही ये परम्परा अब नए साल से ख़त्म हो जायेगी.

Gulf country on the verge of bankruptcy
In these countries, who were making huge profits from oil, the general public had to pay no income taxes to the government on their earnings and neither had any sales tax or service tax for buying a product or service. But this tradition that has been going on for several decades will now end with the new year.

दरअसल यहाँ की सरकारें तेल से होने वाली कमाई के घटने के कारण काफी परेशान है और अब जनता से टैक्स वसूलने के अलावा उनके पास कोई चारा नहीं है. इसी के चलते 1 जनवरी 2018 से ये देश वैल्यू एडेड टैक्स व्यवस्था की शुरुआत करने जा रहे है.

Actually, the governments here are very disturbed due to the loss of earnings from oil and now they have no choice other than to tax the public. Because of this, these countries are going to start the Value Added Tax System from January 1, 2018.

वैट की पहल करने वाले दोनों देश गल्फ कोऑपरेशन काउंसिल के सदस्य हैं और इनके अलावा कुवैत, बहरैन, ओमान और कतर भी इसमें शामिल हैं. इन सभी देशों की कमाई का मुख्य जरिया तेल ही था, इसी को बेच-बेच कर इन देशों के पास अकूत दौलत आती थी. मगर पिछले कुछ सालों में वैश्विक स्तर पर तेल की कीमतों में गिरावट से यहाँ की सरकारों को काफी घाटा हो रहा है.

Both of the VAT initiatives are members of the Gulf Cooperation Council and besides this Kuwait, Bahrain, Oman and Qatar are also included in this. The main means of earning of all these countries was oil, selling and selling them to these countries came in great wealth. But in the past few years, the decline in oil prices globally is causing a lot of loss to the governments here.

मिडिल ईस्ट में कम होंगे युद्ध के हालात
ख़ास बात ये भी है कि ये देश कभी शान्ति से भी नहीं रहते और आपस में ही युद्ध करते रहते हैं. यमन और सऊदी के बीच तो आये दिन राकेट व् मिसाइलें दागी जाती हैं. वहीँ ईरान का भी सऊदी से छत्तीस का आंकड़ा रहता है. ऐसे में इन देशों का हथियार और युद्ध की तैयारी के क्षेत्र में भी काफी पैसा खर्च होता है, जिसके चलते सरकार की कमाई लगातार कम हो रही है.

The situation in the Middle East will be less
It is also a special thing that these countries do not live in peace anymore and keep fighting in their midst only. Between Yemen and Saudi, racquets and missiles are tainted. There is also a figure of thirty-six from Iran. In such a situation, the amount of money spent in the field of arms and war preparations of these countries is also being used, due to which the government’s earnings are continuously decreasing.

लिहाजा, दोनों देशों में सरकार ने नए साल से वैट के जरिए खाने-पीने के सामान, कपडे, इलेक्ट्रॉनिक और गैसोलीन, फोन, बिजली और पानी सप्लाई समेत होटल जैसे उत्पाद और सेवा पर कम से कम 5 फीसदी टैक्स लगाने का फैसला किया है.

So, in both the countries, the Government has decided to levy at least 5 per cent tax on goods and services such as hotels including food, clothing, electronic and gasoline, phone, electricity and water supply through VAT for the new year.

इसके अलावा उच्च शिक्षा के क्षेत्र में भी वैट लगाने की तैयारी की जा रही है और स्कूली शिक्षा में स्कूल यूनीफॉर्म, किताबें, स्कूल बस फीस और लंच जैसी सेवाओं को टैक्स के दायरे में रखा जाएगा.

Apart from this, preparations for VAT are also being made in the field of higher education and in school education, services such as school uniforms, books, school bus fees and lunch will be kept under tax.

गौतलब है कि खाड़ी देशों में बढ़ते राजस्व घाटे के असर को कम करने के लिए 2015 में गल्फ कोऑपरेशन काउंसिल में सभी सदस्य देशों ने टैक्स फ्री तमगा हटाते हुए उत्पाद और सेवाओं पर टैक्स लगाने पर सहमति जताई थी. इसके बाद अब 2018 में सऊदी और यूएई इस दिशा में पहला कदम बढ़ा रहे हैं. माना जा रहा है कि इसके बाद अन्य खाड़ी देश भी इसी फॉर्मूले पर अपने-अपने देश में वैट लगाने की पहल करेंगे.

In order to reduce the impact of the growing revenue deficit in the Gulf countries, in 2015, all the member countries in the Gulf Cooperation Council had agreed to impose tax on products and services by removing the tax free limit. After this, Saudi and UAE are now taking the first step in this direction in 2018. It is believed that after this, other Gulf countries will also take initiative to put VAT on this formula in their respective countries.

मुफ्तखोरी ख़त्म होने से आतंक का सफाया
जानकारों के मुताबिक़ तेल से होने वाली घटती कमाई से दुनिया में आतंकवाद में भी भारी कमी आएगी, क्योंकि सऊदी अरब को ही आतंक का जनक माना जाता है. तेल बेचकर आयी अथाह दौलत का इस्तेमाल दुनिया में सलाफी विचारधारा के प्रचार और आतंक को प्रायोजित करने के लिए किया जाता रहा है मगर अब वो दिन लदने लगे हैं.

Elimination of terror by eliminating free poker
According to experts, decreasing earnings from oil will also lead to a huge reduction in terrorism in the world, because Saudi Arabia is considered to be the father of terror. The wealth that came from selling oil has been used to sponsor Salafi ideology and to sponsor terror in the world but now they are starting to struggle.

जैसे-जैसे सऊदी समेत अन्य खाड़ी देशों का तेल व्यापार ठप्प होता जाएगा, वैसे-वैसे पैसे कमाने के लिए मेहनत करनी पड़ेगी और व्यापारिक सम्बन्ध बनाने के लिए दूसरे देशों के साथ अच्छे तालमेल बिठाने पड़ेंगे. सऊदी अरब तो इजराइल के साथ दोस्ती करने को भी काफी उत्सुक दिखाई दे रहा है.

As the oil trade of other Gulf countries, including Saudi, will get stalled, in the same way, it will have to work hard to earn money and in order to have a business relationship, it will have to adjust to other countries. Saudi Arabia is also looking forward to being friendly with Israel.

सऊदी जलवायु बहुत ज्यादा उद्योग व् व्यापार के अनुकूल भी नहीं है, ऐसे में दूसरे देशों पर निर्भर रहना पडेगा. मेहनत से कमाए गए पैसे का महत्व समझ में आएगा

The Saudi climate is not very favorable to the industry and business, in such cases, it will have to depend on other countries. The importance of hard-earned money will be understood.

 

यह भी देखें:

https://www.youtube.com/watch?v=m7CoPymK4gw

 

https://www.youtube.com/watch?v=8WfEyICu_NM

कासगंज हिंसा में चन्दन के पिता ने किया सनसनीखेज़ खुलासा, CM योगी समेत पुलिस आयी रेड अलर्ट पर !

कासगंज में तिरंगा यात्रा मुस्लिम बहुल इलाके से निकालने पर हुई पत्थरबाज़ी के बाद, गोलियां चलायी गयी. इस दौरान हुई हिंसा में 22 साल के युवक अभिषेक गुप्ता उर्फ चंदन की मौत हो गई थी. जिसका एक हत्यारा अब सलीम को यूपी पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया है, इसके दो और भाई की धरपकड़ के लिए छापेमारी जारी है. इस बीच चंदन के पिता ने बड़ा खुलासा किया है ये उन लोगों को कान खोलकर सुनना चाहिए जो कहते है भारत देश में मुस्लिम सुरक्षित नहीं है.

After the stone-throwing took place in Kasganj, the tri-color journey from Muslim-dominated areas was fired. During the violence, 22-year-old Abhishek Gupta alias Chandan was killed. The one whose killer is now arrested by the UP police, Salim is raiding for two more brothers of his brother. In the meantime, Chandan’s father has made a big disclosure, he should listen to those ears, who say that Muslims in India are not safe in India.

अभी मिल रही बड़ी खबर के मुताबिक देशभक्त अभिषेक गुप्ता उर्फ चंदन की मौत पर जहाँ इस घटना के बाद से ही चंदन का परिवार सदमे में है वही अन्य राजनितिक पार्टियां अपनी रोटियों सेंक रही है. सब अपनी तुष्टिकरण की राजनीति खेल रही हैं. वही अब चंदन के परिवार को आरोपियों की तरफ से धमकी भी मिलने लगी है. गुरुवार को चंदन के पिता ने खुलासा करते हुए आरोप लगाया कि कुछ लोगों ने उन्हें धमकी दी है कि अगर दुश्मनी मोल ली तो अंजाम बहुत बुरा कर देंगे.

According to the big news now, on the death of patriot Abhishek Gupta alias Chandan, since Chandan’s family is in shock since this incident, other political parties are baking his loaves. All are playing politics of their appeasement. The same Chandan’s family is now getting threat from the accused. On Thursday, Chandan’s father exposed, alleging that some people threatened him that if the money was bought, then the consequences would be very bad.

चंदन के पिता सुशील गुप्ता निडरता से मीडिया के सामने आया और जिहादियों की धमकी के बारे में बताते हुए कहा “सुबह मैं घर के बाहर बैठा था. कुछ लोग बाइक पर आए. मेरे सामने बाइक रोकी और धमकी देते हुए बोले कि आरोपी जेल जा रहे हैं लेकिन दूसरे लोग अभी भी यहां हैं. हमसे दुश्मनी मोल मत लो, वरना देख लेंगे.” इस दौरान सुशील गुप्ता ने कहा कि उनकी और उनके परिवार की जिंदगी खतरे में है. उन्होंने प्रदेश सरकार से सुरक्षा की भी मांग की है. साथ ही परिवार की सुरक्षा के लिए लाइसेंसी हथियार की भी मांग की है.

Chandan’s father Sushil Gupta came in front of the media with fearlessness and said about the threat of jihadis, saying “I was sitting outside the house in the morning. Some people came to the bike. Stop the bike in front of me and threatened that the accused are going to jail but others are still here. Do not bargain with us, otherwise you will see. “Meanwhile, Sushil Gupta said that the life of him and his family is in danger. He also demanded protection from the state government. In addition, it has also sought the licensee’s weapon for the protection of the family.

दरअसल योगी सरकार के कड़े आदेश के बाद कासगंज में पुलिस ऐक्शन मोड में आयी है, लगातार आरोपियों की धरपकड़ हो रही है. पूरे इलाके में कट्टरपंथियों को घसीट घसीट कर बाहर निकला जा रहा है. बता दें चंदन की हत्या का मुख्य आरोपी सलीम भी गिरफ्तार कर लिया गया है. इसके दो भाई अभी फरार चल रहे हैं. पूरे इलाके में RAF (रैपिड एक्शन फाॅर्स) का कड़ा पहरा है.

In fact, after the strict order of the Yogi Government, the police action in Kasganj has come into action mode, constantly arresting the accused. The extremists are being dragged out in the entire area by dragging. Saying Salim, the main accused of Chandan’s murder, has also been arrested. Two of his brothers are still absconding. RAF (Rapid Action Farms) is a strict guard in the entire area.

इससे पहले मंगलवार को कासगंज में पुलिस ऐक्शन मोड में दिखी. आरोपियों की धरपकड़ के लिए पुलिस ने लगातार उनके ठिकानों पर दबिश दी. इस दौरान एक मकान में आरोपियों के छिपे होने की सूचना पर पुलिस मौके पर पहुंची. पर, यहां बाहर से ताला लगा हुआ था। इसके बाद पुलिस घर का दरवाजा तोड़कर अंदर घुस गई और यहां छिपे चार आरोपियों को धर दबोचा. बताया जा रहा है अब इन सभी आरोपियों की संपत्ति जब्त की जायेगी.मंगलवार को वसीम के घर के बाहर कुर्की का नोटिस चस्पा कर दिया गया.

Earlier on Tuesday, police in Kasganj appeared in action mode. For the arrest of the accused, the police continued to raid their bases. During this, the police reached the spot on the information of the accused being hidden in a house. But, here it was locked from the outside. After this, the police broke into the door of the house and entered the room and dumped the four accused here. It is being told that the assets of these accused will now be seized. On Tuesday, the notice of attachment was issued against Wasim’s house.

यह भी देखे :

https://www.youtube.com/watch?v=2p5FWA_BBz4

https://youtu.be/6KzO3XxanXM

डोनाल्ड ट्रम्प का पाकिस्तान को एक और बड़ा झटका, आतंकियों में मची भगदड़ !

एक बहुत बड़ी खबर ने दस्तक दी है जिसने पाकिस्तान के होश उड़ा दिए हैं! नए साल में अमेरिका से लगातार मिल रहे झटकों से पाकिस्तान पहले ही घबराया हुआ था और अभी-अभी पत्रकार आदित्य राज कौल के अनुसार अमेरिका ने पाकिस्तान को अब तक का सबसे बड़ा झटका दे डाला है|

A great news has been knocked out, which has caused the sensitivity of Pakistan! Pakistan was already nervous by the continuous shaking of the US in the new year, and according to the journalist Aditya Raj Kaul, the US has given Pakistan the biggest setback so far.

इसके साथ ही लश्कर-ए-तोएबा, जैश-ए-मुहम्मद और हिजबुल मुजाहिदीन जैसे आतंकी संगठनों पर कड़ी कार्रवाई करने को भी कहा, और कहा कि या तो इन सभी को मार दिया जाए या अमेरिका के हवाले कर दिया जाए|

At the same time, he also asked to take strict action against terrorist organizations like Lashkar-e-Toiba, Jaish-e-Mohammad and Hizbul Mujahideen, and said that either of them should be killed or handed over to the US.

जो भी एक्शन लिया जाए उसकी बाकयदा पूरी रिपोर्ट भी 15 जनवरी तक US को दी जाये! इसके साथ ही कौल ने लिखा कि अब पाकिस्तान की उलटी गिनती शुरू|

The entire report should also be given to the US by January 15, whatever action is taken. With this, Kaul wrote that now Pakistan’s countdown begins.

खुलेआम आतंकियों को समर्थन और संरक्षण देने पर पाकिस्तान लगातार घिरता चला जा रहा है! अमेरिका ने पहले तो आर्थिक मदद रोकी, और अब एक और बड़ी खबर के अनुसार अमेरिकी गृह विभाग ने पाकिस्तान को विशेष निगरानी सूची (स्पेशल वाच लिस्ट) में भी शामिल कर दिया है। यह सूची धार्मिक स्वतंत्रता के गंभीर हनन पर तैयार की जाती है|

Pakistan is constantly running to give support and protection to the terrorists. America first stopped economic aid, and according to another major news now, the US Home Department has included Pakistan in the Special Watch List. This list is prepared on serious abuses of religious freedom.

खुलेआम आतंकियों को समर्थन और संरक्षण देने पर पाकिस्तान लगातार घिरता चला जा रहा है! अमेरिका ने पहले तो आर्थिक मदद रोकी, और अब एक और बड़ी खबर के अनुसार अमेरिकी गृह विभाग ने पाकिस्तान को विशेष निगरानी सूची (स्पेशल वाच लिस्ट) में भी शामिल कर दिया है। यह सूची धार्मिक स्वतंत्रता के गंभीर हनन पर तैयार की जाती है|

Pakistan is constantly running to give support and protection to the terrorists. America first stopped economic aid, and according to another major news now, the US Home Department has included Pakistan in the Special Watch List. This list is prepared on serious abuses of religious freedom.

असल में आतंकवादी संगठनों पर बार बार टोके जाने और कहने के बाद भी पाकिस्तान कोई कार्रवाई नहीं कर रहा था और इस बात से डोनाल्ड ट्रंप प्रशासन पाकिस्तान से लम्बे समय से नाराज़ चल रही थी| इन्ही सब कारणों के चलते अमेरिकी सरकार पाकिस्तान को दी जाने वाले 25 करोड़ 50 लाख डॉलर की सहायता राशि भी रोक दी|

In fact, Pakistan was not taking any action even after repeated and telling terrorist organizations, and Donald Trump’s administration was angry with Pakistan for a long time. Due to all these reasons, the US government also stopped the 25 million dollar donation aid to Pakistan

खुद ट्रंप ने ट्वीट कर कहा था कि पाकिस्तान से हमें झूठ और छल के अलावा कुछ भी नहीं मिला! वे आतंकियों को सुरक्षित पनाहगाह देते रहे और हम अफगानिस्तान में खाक छानते रहे|

Trump himself tweeted and said that we did not get anything except Pakistan from lies and deceit! They kept safe places of terrorists and we kept shedding in Afghanistan.

अमेरिकी राष्ट्रपति ने पाकिस्तान को बेहद सख्त संदेश देते हुए कहा है बीते 15 सालों में हमने जो आर्थिक मदद दी वो बेवकूफी भरा फैसला था! उन्होंने कहा है पाकिस्तान हमारे नेताओं को मूर्ख समझता है, वह आतंकवादियों को पनाह देता है|

The US President has given a very strict message to Pakistan saying that the financial support we gave in the last 15 years was a stupid decision! He said that Pakistan considers our leaders to be fools, they give shelter to terrorists.

डोनाल्ड ट्रंप ने ट्वीट कर कहा कि पाकिस्तान को 33 अरब डॉलर की मदद अमेरिका की बेवकूफी है, क्योंकि पाकिस्तान ने बदले में झूठ और धोखा ही दिया, अब और नहीं|

Donald Trump tweeted that the $ 33 billion aid to Pakistan is America’s stupidness, because Pakistan has changed lie and cheated in return, not anymore.

यह भी देखे:

https://www.youtube.com/watch?v=aGHeWHD0uXg

https://www.youtube.com/watch?v=xlRRjGN7n7U

अमेरिका के पाकिस्तान पर इस वार से तबाही का मंज़र, सधी देश हाई अलर्ट पर !

नई दिल्ली : अमेरिका ने सख्त रुख अपना लिया है, उसे अपनी वो बड़ी गलती का अहसास हुआ है जो अमेरिका के पिछले राष्ट्रपति करोड़ों रूपए देकर कर रहे थे. अब वो ग़लती डोनाल्ड ट्रम्प नहीं दोहराना चाहते हैं. 1600 करोड़ रूपए की फंडिंग रोके जाने के बाद अमेरीका एक हफ्ते के अंदर पाकिस्तान पर दूसरी बड़ी कार्रवाई करने जा रहा है, इस बड़े झटके से पूरे पाकिस्तान समेत ISI में खलबली मच गयी है|

New Delhi: The United States has adopted a tough stance, it has realized its biggest mistake that the previous US President was paying millions of rupees. Now they do not want to repeat the mistake Donald Trump. After the funding of 1600 crores has been stopped, the US is going to take another major action on Pakistan within a week, with this major setback, there has been a stir in the ISI including the entire Pakistan.

अभी-अभी मिल रही बड़ी खबर के मुताबिक धार्मिक आज़ादी के गंभीर उल्लंघन करने वाले पाकिस्तान को अमेरिका ने उस विशेष निगरानी वाली सूची में डाल दिया है. इस सूची में 10 अन्य देश भी शामिल हैं. अमेरिका की नज़र में पाकिस्तान वो देश है जहाँ धार्मिक आज़ादी नहीं है ठीक उत्तरी कोरिया और चीन की तरह. आपको बता दें पाकिस्तान के कट्टरवाद सोच के कारण हिन्दू अल्पसंख्यकों की जनसख्या केवल 2 फीसदी रह गयी है|

According to the latest news, just after the serious violation of religious freedom, the US has put Pakistan in that special surveillance list. This list includes 10 other countries. In the eyes of Pakistan, Pakistan is a country where religious freedom is not exactly like North Korea and China. Let us tell you that due to Pakistan’s fundamentalist thinking, the population of Hindu minorities has remained only 2%.

इस बात की घोषणा खुद अमेरिका के विदेश मंत्री रेक्स टिलरसन ने करी है 10 देशों को ‘विशेष चिंता के देशों’ (सीपीसी) में फिर से नामित किया गया है. विदेश मंत्रालय की प्रवक्ता हेथर न्यूअर्ट ने कहा की मंत्रालय ने पाकिस्तान को भी धार्मिक आजादी के गंभीर उल्लंघन के लिए विशेष निगरानी सूची में डाल दिया है. उन्होंने कहा कि राज्य विभाग ने 22 दिसंबर, 2017 को सीपीसी सूची में बर्मा, चीन, इरिट्रिया, ईरान, उत्तर कोरिया, सूडान, सऊदी अरब, तजाकिस्तान, तुर्कमेनिस्तान और उज्बेकिस्तान को नामित किया, जिसकी घोषणा बृहस्पतिवार को विदेश मंत्री ने की|

This announcement has already been made by US Secretary of State Rex Tillerson, 10 countries have been re-named in ‘Countries of Special Concern’ (CPC). Foreign Ministry spokesman Hather Newert said that the Ministry has also put Pakistan in special monitoring list for serious violation of religious freedom. He said that the State Department named Burma, China, Eritrea, Iran, North Korea, Sudan, Saudi Arabia, Tajikistan, Turkmenistan and Uzbekistan on the CPC list on December 22, 2017, which was announced on Thursday by the External Affairs Minister.

यही नहीं पाकिस्तान की सबसे ज़्यादा ख़ुफ़िया एजेंसी जिसके दम पर पाकिस्तान उछलता रहता है वो भी अब पाकिस्तान के राडार पर आ गयी है. पूर्व अमेरिकी राजनयिक ने पाकिस्तानी खुफिया एजेंसी ISI पर प्रतिबंध लगाने और उनके दोहरे खेल को खत्म करने के लिए एकतरफा कार्रवाई करने के लिए कई सुझाव दिए हैं|

Not only that, Pakistan’s most secretive agency, who bounce on Pakistan, has also come to the radar of Pakistan. The former American diplomat has given several suggestions to take a one-sided action to ban the Pakistani intelligence agency ISI and eliminate their double game.

पाकिस्तान का कहना है की यह सब अमेरिका भारत के बहकाने से कर रहा है और भारतीय यह कभी न समझे की पाकिस्तान कोई कमज़ोर देश है| पाकिस्तान के पास परमाणु मिसाइलें हैं जो भारत को पलक झपकते ही तबाह कर देंगी| पाकिस्तान की वक्तव्य से दुनिया भर के देश सकते में आ गये है और सबको विश्व युद्ध के छिड़ने का अंदेशा हो रहा है क्यूंकि पाकिस्तान एक संकी और मुर्ख देश है|

Pakistan says that all this America is doing with the seduction of India and Indians never understand that Pakistan is a weak country. Pakistan has nuclear missiles which will destroy India by blinking. Through Pakistan’s statement, the countries of the world have come in and everybody is worried about the outbreak of world war as Pakistan is a narrow and foolish country.

विदेश विभाग के प्रवक्ता हीदर नौअर्ट ने कहा “दुनियाभर में कई स्थानों पर लोगों को अपने धर्म की आजादी का पालन करने पर अब भी उत्पीडऩ, अभियोजन का सामना करना पड़ता है और सलाखों के पीछे जाना पड़ता है।”.ठीक पाकिस्तान की तरह जो भारत के नागरिकों को किडनैप कर अपने जेलों में टॉर्चर करता है और भारत जासूस साबित करने पर तुला रहता है|

State Department spokesman Heather Naourt said, “In many places around the world, people have to face persecution, prosecution and follow bars after adhering to the freedom of their religion”. Kadnap casts the citizens of the jail and tortures them in their jails and India remains loyal to prove a detective.

इस सबसे ये बात तो है कि पाकिस्तान के अब बुरे दिन शुरू हो गए हैं, अब उसकी असलियत अमेरिका भी अच्छी तरह से समझ रहा है. तभी तो करोड़ों की फंडिंग रोकने के बाद अब धार्मिक आज़ादी ख़त्म करने वाली लिस्ट में पाकिस्तान को भी डाल दिया गया है.साथ ही पाकिस्तान की ख़ुफ़िया एजेंसी ISI भी अब अमेरिका के राडार पर आ गयी है. अब वक़्त आ गया है की अमेरिका ISI पर प्रतिबन्ध लगा दे|

This is the most talked about that nowadays bad days of Pakistan have started, now its realization America is well understood. Only after blocking the crores of rupees, Pakistan has also been put in the list of religious freedom list. Only the intelligence agency of Pakistan, ISI, has now come to the US radar. Now the time has come that the US should banned ISI.

पाकिस्तान की अमेरिका की तरफ से 1600 करोड़ की फंडिंग रुकना एक बड़े बम धमाके से कम नहीं है जिससे पाकिस्तान मीडिया बुरी तरह बौखला गयी है, राष्ट्रपति ट्रम्प के खिलाफ और भारत के खिलाफ जी भरकर ज़हर उगल रही है. इसी बौखलाहट में वो कह रही है कि अमेरिका को पाक्सितान कि ज़रूरत पड़ेगी ना कि पाकिस्तान को अमेरिका की|

Pakistan’s funding of 1600 crores by the United States is not less than a major bomb blast, the Pakistan media has been badly disturbed, the President is spreading poison by filling up against Trumpp and against India. In this gloom he is saying that America will need Pakistan and not Pakistan to America.

तो वही पाकिस्तान ने भारत के ऊपर इस सब का ठीकरा फोड़ना शुरू कर दिया है. पाकिस्तान के विदेश मंत्रालय ने कहा है कि डोनाल्ड ट्रम्प एक सनकी है और वो भारत कि ही भाषा बोल रहा है. भारत अमेरिका को पाकिस्तान के खिलाफ उकसा रहा है|

So the same Pakistan has started cleansing all of this above India. Pakistan’s Foreign Ministry has said that Donald Trump is a freak and he is speaking the same language of India. India is provoking America against Pakistan.

यह भी देखो :

https://www.youtube.com/watch?v=xlRRjGN7n7U

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सेना के पाकिस्तान में घुसने के बाद, CRPF जवानों को मिली यह ऐतिहासिक कामयाबी !

नई दिल्ली : कल हमारे देश के सेना के जवानों ने सीमा पार करके पाकिस्तान को अंदर घुस के मारा और तीन चौकियां उड़ायीं, साथ ही जैश का आतंकी कमांडर 4 फूटिया नूर मुहम्मद भी मार गिराया गया. ऐसे ही कल देर रात हमारे CRPF के जवानों को देश के अंदर छुपे हुए दुश्मन पर बड़ी जीत हासिल हुई जिससे दुश्मन के खेमे में बुरी तरह खलबली सी मच गयी है|

New Delhi: Yesterday, the army personnel of our country crossed the border and hit Pakistan inside and set up three posts, as well as Jaish’s terror commander 4 Futia Noor Muhammad was killed. Late last night, our CRPF soldiers got a big victory over the enemy hiding inside the country, which has caused a lot of turmoil in the enemy camp.

अभी मिल रही ताज़ा खबर के मुताबिक छत्तीसगढ़ में CRPF के ज़बरदस्त ऑपरेशन और एनकाउंटर की आशंका होता देख सबसे बड़े कुख्यात नक्सली नरसिंह रेड्डी ने आत्मसमर्पण कर दिया है. उसने बस्तर के बजाए वारंगल में तेलंगाना पुलिस के समक्ष आत्मसमर्पण कर दिया है. ये कोई छोटा मोटा नक्सली नहीं था, इस पर एक करोड़ रूपये का इनाम था. इसीलिए इसे सीआरपीएफ जवानों की बड़ी कामयाबी बताई जा रही है.नक्‍सलवाद के तीस साल के इतिहास में ये पहला मौका है, जब सेन्ट्रल स्तर के किसी नक्सली नेता ने पुलिस के सामने हथियार डालने का फैसला लिया है|

According to the latest news available today, the most notorious Naxalite Narasimha Reddy surrendered after seeing the tremendous operation and Encounter of CRPF in Chhattisgarh. He surrendered before the Telangana police in Warangal instead of Bastar. It was not a small fat Naxalite, it was a reward of Rs. 1 crore. That is why it is being said that the CRPF jawans are being successful. This is the first time in the thirty years of Naxalism, when a central level Naxal leader has decided to put arms in front of the police.

सूचनाओं और खूफिया तंत्र की कड़ी चौकसी के चलते उसकी लोकेशन लगातार सुरक्षाबलों को मिल रही थी. हाल ही में वो छत्तीसगढ़ के नारायणपुर, भोपालपट्नम और सुकमा में अलग-अलग एनकाउंटर में जान गंवाते बचा था. लिहाजा जान के खतरे को भांपते हुए उसने छत्तीसगढ़ पुलिस के बजाए तेलंगाना पुलिस की शरण में जाना मुनासिब समझा. उसके आत्मसमर्पण को एंटी नक्सल ऑपरेशन के रिकार्ड में इस साल की सबसे बड़ी कामयाबी के रूप में देखा जा रहा है|

Because of the strict vigilance of the information and intelligence system, his location was constantly getting the security forces. Recently, he had lost his life in separate encounter in Narayanpur, Bhopalpatnam and Sukma in Chhattisgarh. So, knowing the danger of life, it is advisable to go to the shelter of the Telangana Police instead of Chhattisgarh Police. His surrender is seen as the biggest success of this year in the record of Anti Naxal Operation.

इस नक्सली के साथ-साथ उसकी पत्नी ने भी आत्मसमर्पण कर दिया है. आत्मसमर्पण के बाद नरसिंह रेड्डी की जान जोखिम में है. टॉप मोस्ट नक्सली नेताओं और उनके सहयोगियों के बारे में जानकारी होने के चलते नरसिंह रेड्डी के आत्मसमर्पण से नक्सली बुरी तरह बौखलाए हुए हैं. नक्सलियों में खलबली मची हुई है क्यूंकि नरसिंह रेड्डी अब कई बड़े खुलासे और अन्य नक्सलियों की जानकारी दे रहा है|

Along with this Naxalite, his wife surrendered too. Narasimha Reddy’s life is at risk after surrender. Naxalites are very frustrated with the surrendering of Narasimha Reddy due to information about topmost Naxalite leaders and their colleagues. The naxalites have been upset because Narsingh Reddy is now giving information about many big disclosures and other Naxalites.

एक करोड़ इनामी वाले कुख्यात नक्सली नरसिंह रेड्डी के आत्मसमर्पण से नक्सली नेताओं और उनके दल को तगड़ा झटका लगा है. नक्सली नरसिंह रेड्डी छत्तीसगढ़ में खासतौर पर बस्तर इलाके में कई बड़े नक्सली वारदातों को अंजाम दे चुका है. फिलहाल वो पड़ोसी राज्य उड़ीसा में सक्रिय था.नरसिंह ने छत्तीसगढ़ के अलावा उड़ीसा, आंध्रप्रदेश और महाराष्ट्र में कई बड़ी वारदातों को अंजाम दिया है.बारूदी सुरंगे बिछाने और लैंडमाइन विस्फोट की घटनाओं को अंजाम देने में उसे महारत हासिल थी|

With the surrender of the infamous Naxalite Narasimha Reddy of one crore prize, Naxalite leaders and their crew have suffered a setback. Naxalite Narasimha Reddy has done many major Naxalite incidents in Chhattisgarh especially in the Bastar area. At the moment, he was active in neighboring Orissa. He has done many major incidents in Chhattisgarh besides Orissa, Andhra Pradesh and Maharashtra. He had mastered the execution of the tunnel tunnels and landmine explosions.

आतंक फ़ैलाने के साथ-साथ नरसिंह अन्य राज्यों में जाकर नक्सली दलों को इसके लिए प्रशिक्षित भी किया करता था. दरअसल नरसिह रेड्डी की फोटो नहीं होने के चलते पुलिस की आंखों में वो अक्सर धूल झोकते रहता था. कभी दाढ़ी मूछें रखकर तो कभी क्लीन शेव करने की वजह से उसकी पहचान नहीं हो पा रही थी. अपनी कद काठी और नक्सली दल में ऊंची पैठ के चलते नरसिंह पुलिस की आंखों की किरकिरी बना हुआ था|

Besides spreading panic, Narasimha used to go to other states to train the Naxalite forces for it. In fact, due to the lack of photograph of Narasimha Reddy, he often kept scorching in the eyes of the police. He was never able to recognize the bearded beard and because of his clean shave. Narasimha had become the star of the eyes of the police due to his high stature and high penetration in the Naxalite party.

दरअसल काफी वक़्त पहले छत्तीसगढ़ के ही सुकमा में सीआरपीएफ के जवानों पर नक्सलियों ने कायराना हमला किया था, जिसमें 25 जवान शहीद हो गए थे. जिसके बाद से गृह मंत्रालय से खुले आर्डर दिए गए, स्पेशल टीम और ऑपरेशन चलाये जा रहे हैं. नक्सलियों के खात्मे के लिए पूरी तरह कमर कस के जवान तैयार हैं|

Actually, in the first Sukma of Chhattisgarh, the CRPF jawans were attacked by Maoists, in which 25 jawans were martyred. Since then, open orders were given from the Home Ministry, special teams and operations were being run. For the elimination of the Maoists, the young men are fully prepared.

दरअसल ये नक्सली एक अजीब ही सोच से ग्रसित होते हैं, ये किसी तरह का विकास नहीं चाहते हैं, न सड़क बनवाना चाहते हैं, न ही पुल, न रेलवे लाइन. जहाँ ऐसा काम होता है ये उसे तबाह कर देते हैं. साथ ही इनके पास कई खतरनाक हथियार भी रहते हैं, जिससे ये अपने आतंक को अंजाम देते हैं. लेकिन अब CRPF जवानों ने इन पर नकेल कसने की पूरी तैयारी कर ली है|

Indeed, these Naxalites are stricken with a strange thinking, they do not want any kind of development, neither want roads, nor bridges, nor railway lines. Where such a thing happens it destroys it. They also have many dangerous weapons, so they carry out their terror. But now CRPF jawans have made full preparations to crack them down.

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https://www.youtube.com/watch?v=xlRRjGN7n7U

https://www.youtube.com/watch?v=aGHeWHD0uXg

ब्रेकिंग न्यूज़: सर्जिकल स्ट्राइक कर भारत ने लिया बदला, POK में घुसकर पाकिस्तान को दिखाई औकात !

नई दिल्ली: जम्मू-कश्मीर के राजौरी जिले में मेजर सहित चार सैनिकों की शहादत का बदला लेते हुए भारतीय सेना ने सोमवार देर शाम पाकिस्तान के तीन सैनिकों को मार गिराया है. न्यूज एजेंसी ANI के मुताबिक भारतीय सेना ने रावलकोट के रुख काकरी सेक्टर में कार्रवाई करते हुए पाकिस्तान के 3 सैनिकों को ढेर कर दिया है. पाकिस्तानी मीडिया के हवाले से कहा जा रहा है कि भारत की ओर से हुई गोलीबारी में तीन पाकिस्तानी सैनिक मारे गए हैं और एक घायल हैं. इससे पहले रविवार को भारतीय सेना ने नौशेरा में पाकिस्तान के स्नाइपर को ढेर कर दिया था |

New Delhi: In retaliation for the martyrdom of four soldiers including Major in the Rajouri district of Jammu and Kashmir, Indian Army has killed three Pakistan soldiers on Monday late evening. According to the news agency ANI, the Indian Army has taken action in Rakhkot’s Kakarka sector and has piled up 3 Pakistani soldiers. It is being said by the Pakistani media that three Pakistani soldiers were killed and one was injured in the firing by India. Earlier on Sunday, the Indian army had crushed Pakistan sniper in Naushera.

यह कार्रवाई भारतीय सेना के स्नापर ने अंजाम दिया है| पाकिस्तानी सैनिकों ने जम्मू कश्मीर में राजौरी जिले के केरी सेक्टर में नियंत्रण रेखा (एलओसी) के पास थल सेना के एक गश्ती दल पर शनिवार को गोलीबारी की, जिसमें एक मेजर और तीन सैनिक शहीद हो गए थे. अधिकारियों ने बताया कि संघर्ष विराम उल्लंघन की ताजा घटना ऐसे वक्त हुई, जब मुख्यमंत्री महबूबा मुफ्ती लोगों की शिकायतें दूर करने के इरादे से राजौरी जिला मुख्यालय में हैं. एक रक्षा प्रवक्ता ने बताया कि पाकिस्तानी सैनिकों ने दोपहर करीब सवा बारह बजे केरी सेक्टर के ब्रात गल्ला में थल सेना के एक गश्ती दल को निशाना बनाया|

This action has been accomplished by snapper of the Indian Army. Pakistani troops fired Saturday a patrol group of the army force in the Kerry sector of Rajouri district in Jammu Kashmir, where a Major and three soldiers were martyred. Officials said that the latest incident of ceasefire violation took place at a time when the Chief Minister Mahbuba Mufti is in Rajouri district headquarters with the intention of removing the complaints of the people. A defense spokesman said that Pakistani soldiers targeted a patrol group of Army Staff at Brat Gali in Keri sector around 1200 noon.

प्रवक्ता ने बताया कि मेजर मोहरकर प्रफुल्ल अंबादास, लांस नायक गुरमैल सिंह और सिपाही परगट सिंह गोलीबारी में गंभीर रूप से घायल हो गए थे और बाद में उनकी मौत हो गई. दो अन्य कर्मी भी घायल हुए और उनका इलाज चल रहा है|

The spokesman said that Maj Moharar Praful Ambadas, Lance Naik Gurmail Singh and Sepoy Pargat Singh were seriously injured in the firing and later they died. Two other workers were also injured and they are undergoing treatment.

वहीं, राजौरी के वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक युगल मनहर ने बताया कि दो घायल कर्मियों में भी एक की जान चली गई. इसबीच, थल सेना ने एक बयान में कहा कि भारतीय सैनिकों ने पाकिस्तानी गोलीबारी का मुंहतोड़ जवाब दिया है. जम्मू कश्मीर की मुख्यमंत्री ने मेजर सहित शहीद सैनिकों को श्रद्धांजलि अर्पित की |

At the same time, Rajouri Senior Superintendent of Police, Yugal Manhar told that one person was killed in two injured workers. Meanwhile, the army said in a statement that Indian soldiers have given a brief answer to the Pakistani firing. Jammu and Kashmir Chief Minister paid tribute to the martyrs including Major.

एक आधिकारिक प्रवक्ता ने कहा कि मुख्यमंत्री महबूबा मुफ्ती ने सीमा पार से गोलीबारी में शहीद हुए थलसेना के मेजर और तीन जवानों को श्रद्धांजलि अर्पित की. उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री ने शहीद सैनिकों के परिजन के प्रति संवेदना प्रकट की है. राज्य के उप मुख्यमंत्री निर्मल सिंह ने शहीद सैनिकों को श्रद्धांजलि अर्पित की और संघर्ष विराम उल्लंघन को लेकर पाकिस्तान की निंदा की |

An official spokesman said that Chief Minister Mahbuba Mufti paid homage to the Major and three jawans of the Army who were martyred in cross-border firing. He said that the Chief Minister expressed his condolences on the kin of martyr soldiers. State Deputy Chief Minister Nirmal Singh paid tribute to martyrs and condemned Pakistan for ceasefire violations.

सिंह ने यहां एक कार्यक्रम से इतर संवाददाताओं से कहा, ‘पाकिस्तान इस तरह की कायरना हरकतें कर रहा है और उसे मुंहतोड़ जवाब दिया जा रहा है लेकिन वह ऐसी हरकतों से बाज नहीं आ रहा.’ मेजर अंबादास (32) महाराष्ट्र के भंडारा जिले, जबकि लांस नायक गुरमैल सिंह (34) पंजाब के अमृतसर जिला निवासी थे. वहीं, सिपाही परगट सिंह (30) हरियाणा के करनाल जिले के रहने वाले थे| थल सेना ने एक बयान में कहा, ‘मेजर अंबादास, लांस नायक गुरमैल और सिपाही परगट बहादुर सैनिक थे. कर्तव्य निवर्हन के दौरान उनके सर्वोच्च बलिदान और समर्पण को लेकर राष्ट्र हमेशा उनका रिणी रहेगा |

https://www.youtube.com/watch?v=ECmLhu6_4BA&feature=youtu.be

Singh told reporters from a program here, “Pakistan is doing such a kind of actress and it is being reprimanded but she is not able to do such things.” Major Ambadas (32), Bhandara district of Maharashtra, while Lance Naik Gurmail Singh (34) was a resident of Amritsar district of Punjab. At the same time, Sapahi Pargat Singh (30) was a resident of Karnal district of Haryana. The Army said in a statement, “Major Ambadas, Lance Naik Gurmail and Sep Pargat were brave soldiers. The nation will always remain their savior for their highest sacrifice and dedication during duty reduction.

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VIDEO : अगर भारत चीन को झुका सकता है तो पकिस्तान की क्या औकात है – पाक मीडिया !

पाकिस्तान हमेशा से अपने देश की विकाश को दरकिनार कर भारत की बर्बादी पर ज्यादा तवज्जो देता रहा है, वहाँ अबतक जितनी भी सरकार आई लगभग सब ने भारत के खिलाफ जहर उगलने का ही काम किया है! इसके अलावे जिस किसी ने भी भारत के साथ दोस्ती की हाथ बढ़ाने की कोशिश की उन नेताओं को इसका खामयाजा बखूबी भुगतना पड़ा! क्युकी वहां की सेना तख्ता पलट कर देती है |

Pakistan has always been giving more importance to the waste of India bypassing the development of our country, almost all the government has come here, almost all have done the same thing to promote poison against India! Besides, whoever tried to extend friendship with India, those leaders had to suffer the consequences of this! The Qiki overturns the army’s coup.

एक बात तो सत्य है की पाकिस्तान जब जब भारत से भिड़ने की कोशिश की है तब तब उसे मुहकी कहानी पड़ी है! भारतीय शुक्रगुजार है अपने सैनिकों का जिन्होंने अपनी जान की परवाह किये बिना पाकिस्तान के नपक इरादों को नेस्तोनाबूत कर दिया! चाहे वो 1971 का युद्ध हो या करगिल!

One thing is true that when Pakistan has tried to confront India, then she has a fascination story! Thanking the Indians, who sold their soldiers to Pakistan, without regard to their own lives! Whether it is 1971 war or Kargil!

लेकिन एक पाकिस्तान है जो अभी तक भी उसी हालत में है जैसे 1947 में था। क्योंकि इन्होंने तो देश की तरक्की पर कभी जोर दिया ही नही बस जोर दिया तो भारत की तरक्की पर रोड़ा बनने का, भारत की तकक्की पर जलने का। ये लोग आये दिन बस भारत को बर्बाद करने के झूठे ख्वाब देखते हैं। दुनिया के कई मुल्क चाँद और मंगल ग्रह और पहुँच गये लेकिन पाकिस्तानी अभी भी भारत में घुसपैठ की ही कोसिश करता है।

But there is a Pakistan which is still in the same condition as it was in 1947. Because he never emphasized on the progress of the country, not just the emphasis, the impediment on the progress of India, the burning of India on the fate. These people see the false sorrow of destroying India simply on the day of coming. Many countries of the world reached the moon and Mars, but the Pakistani still intends to infiltrate into India.

भारत चाइना मुद्दे पर चीन ने भारत के सामने घुटने टेक दिये हैं। इस बिहाफ पर पाकिस्तान का एक वीडियो तेजी से वायरल हो रहा है। वीडियो में न्यूज़ स्टूडियो में भारत पाकिस्तान की स्थति पर चर्चा हो रही है। जिसमे पाकिस्तानी एक्सपर्ट भी बैठे हुवे थे। बातचीत में कहा कि भारत ने एशिया में चीन का हव्वा खराब कर दिया । हमारी औकात ही क्या है। हम तो भारत के आगे कहीं भी नही टिकते।

China has knocked the front of India on the China-China issue. A video of Pakistan on this behalf is becoming viral. The video is being discussed on the status of India-Pakistan in the news studio. In which the Pakistani experts were sitting. In the talks, India said that India has ruined China’s Eve in Asia. What is ours? We can not stay anywhere ahead of India.

https://youtu.be/MhZrA3Y51XI

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https://www.youtube.com/watch?v=g-H5DwYD5dc

https://www.youtube.com/watch?v=6KzO3XxanXM

धमाकेदार खबर : खूंखार आतंकी ने मिलाया भारतीय सेना से हाथ फिर हुआ कुछ ऐसा अंजाम जिससे कश्मीरियों के उड़े होश !

वैसे तो कश्मीर में पिछले काफी वक़्त से भारतीय सेना आतंकवादियों का शिकार कर रही है. अब तक 100 से ज्यादा खतरनाक आतंकवादी मारे जा भी चुके हैं, लेकिन इन दिनों घाटी में एक अलग ही कशमकश शुरू हो गयी है. आतंकी आपस में ही लड़े मर रहे हैं. आतंकी संगठनों में आपसी फूट पड़ गयी है. आतंकवादी संगठन हिजबुल मुजाहिद्दीन ने जम्मू-कश्मीर के शोपियां की गलियों को ऐसे हैरतअंगेज पोस्टर्स से भर दिया है, जिन्हे देख आप भी हैरानी में पड़ जाएंगे.

In the meantime, the Indian army is hunting terrorists in Kashmir for quite some time now. So far, more than 100 dangerous terrorists have been killed, but these days a different peasant has started in the valley. Terrorists are fighting alone. Terrorist organizations have mutual differences. Terrorist organization Hizbul Mujahideen has filled the streets of Shopian in Jammu and Kashmir with such amazing posters, you will also be surprised.

इन पोस्टर्स में हिज़बुल ने अपने पूर्व कमांडर जाकिर मूसा के खिलाफ जहर उगलते हुए लिखा है कि जाकिर मूसा ने भारतीय सेना के साथ हाथ मिला लिया है और भारतीय सेना की मदद कर रहा है. उसके कारण ही सेना आसानी से कश्मीरियों की ह्त्या करने में कामियाब हो पा रही है. पोस्टरों में लोगों को उकसाया गया है कि भारतीय एजेंट बन चुका जाकिर मूसा जहां भी मिले, पकड़कर मार डालो ठोक डालो |

In these posters, Hizb has written poison against his former commander Zakir Musa that Zakir Musa has joined hands with the Indian Army and is helping the Indian Army. Because of this, the army is easily able to kill the Kashmiris. People have been provoked in the posters that an Indian agent has become Jakir wherever he meets, grab and kill him.

ये पोस्टर्स उर्दू में लिखे गए हैं और इन पर मूसा की तस्वीरें भी छापी गई है. इसमें दावा किया गया है कि जाकिर मूसा भारतीय सेना से बड़ी रकम लेकर निर्दोष कश्मीरियों की हत्या करवा रहा है. यह ‘विश्वासघाती’ सरकारी मदद से खुद को बहुत अमीर बना रहा है. पहले वो हिज़बुल का हिस्सा था मगर अब उसने भारत सरकार से हाथ मिला लिया है. ऐसे में आपको वह जहां भी मिले, उसे खत्म कर दो. गद्दार को मार डालो |

these posters are written in Urdu and photos of Moses are also printed on them. It has been claimed that Zakir Musa is killing the innocent Kashmiris with a huge amount from the Indian army. This ‘treacherous’ government help is making itself very rich. Earlier he was part of Hizbul but now he has joined hands with the Indian government. In this way, wherever you get it, finish it, kill the traitor.

हालांकि सच्चाई इससे कहीं दूर है. दरअसल मूसा के मुताबिक़ अलगाववादी संगठन हुर्रियत कॉन्फ्रेंस कश्मीर में ‘राजनीतिक समस्या’ बताकर ‘आम लोगों को फांसी’ पर चढ़वा रहा है. जबकि मूसा कश्मीर के आंदोलन को कश्मीर की आजादी नहीं बल्कि इस्लामिक आंदोलन मानता है|

However, the truth is far from it. In fact, according to Moses, separatist organization Hurriyat Conference is calling ‘political problems’ in Kashmir and ‘killing people on the common people’. While Moses considers the movement of Kashmir to be not the freedom of Kashmir but the Islamic movement.

उसके मुताबिक़ हिन्दुओं को जान से मारने का मिशन होना चाहिए ना कि कश्मीर की राजनीति का. इसीलिए उसे हुर्रियत कॉन्फ्रेंस पर विशवास नहीं रहा और उसने कुछ महीने पहले ही हिज़बुल मुजाहिदीन का साथ छोड़कर ‘गजवा-ए-हिंद’ (अल-कायदा का आतंकी सेल) से हाथ मिला लिया था.

According to him, there should be a mission to kill Hindus rather than Kashmiri politics. That is why he did not believe in the Hurriyat Conference and he had left Hizbul Mujahideen a few months ago and joined hands with ‘Gajwa-e-Hind’ (Al-Qaeda’s Terrorist Cell).

अब आलम ये है कि एक आतंकी संगठन कश्मीर को पाकिस्तान में मिलाने के लिए लड़ रहा है और दूसरा हिन्दुओं के क़त्ल करने के लिए. दोनों आपस में ही भिड़ गए हैं. वैसे देखा जाए तो भारतीय सेना के लिए तो इससे फायदा ही है क्योंकि दोनों की आपसी लड़ाई का फायदा उठाकर दोनों संगठनों के आतंकियों को ठोकना आसान हो जाएगा.

Now Alam is that a terrorist organization is fighting Kashmir to join Pakistan and for killing other Hindus. The two have been confronted by each other. By the way, it is beneficial for the Indian Army to take advantage of the mutual battles of both, it will be easy to hit the terrorists of both the organizations.

पीएम मोदी ने तो कश्मीर से एक-एक आतंकी को चुन-चुन कर मारने के आदेश तो दिए ही हुए हैं. सेना भी अपने मिशन में तेजी से काम कर रही है. हालात ये हो चुके हैं कि आतंकी संगठन का लीडर बनते ही उसे मार दिया जाता है. ऐसे में आतंकी लीडर बनने तक से कतराने लगे हैं, उन्हें पता है कि उनके लीडर बनते ही उनका नंबर आ जाएगा.

PM Modi has given orders to kill and kill each terrorist from Kashmir. The Army is also working fast in its mission. Things have happened that he is killed as soon as the leader of the terrorist organization becomes a leader. In such a situation, terrorists have been cutting off till they become a leader, they know that their leader will come as soon as their leader becomes formed.

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https://www.youtube.com/watch?v=6KzO3XxanXM

आखिर क्यों इजराइल इतनी मित्रता दिखा रहा है, क्या कारण है भारत के प्रति इस राजनैतिक प्रेम का…

हम सभी ने देखा की मोदी जब से इजराइल गए हैं सारा इजराइल उनपर प्यार बरसा रहा है| इसके क्या मायने हैं| क्यों इजराइल भारत के प्रधानमन्त्री और भारत, दोनों का दीवाना हो गया है| इजराइल ऐसा क्यों कर रहा है| कहने का मतलब है की दुनिया के सबसे ताकतवर देश में शुमार इजराइल का भारत के साथ क्या लेना देना हो सकता है|

We all have seen hom modiji is loved by israel ever since he decided to vsit israel. what does it mean? why israel prime minister has fallen in love with india. question is what on earth a powerful nation like israel has to do with a country like india.

कयास यह भी लगाये जा रहे हैं की इजराइल से भारत को इनोवेशन का बोहत बड़ा खजाना मिल सकता है| हालाकि इसैल बोहत छोटा सा देश है लेकिन भारत इजराइल से बोह्ह्त कुछ सीख सकता है| इजराइल की कुल जनसँख्या केवल 87 लाख है और क्षेत्रफल केवल 20700 वर्ग किलोमीटर है| यदि तुलना करें तो भारत का क्षेत्रफल इजराइल से 158 गुना ज्यादा है| जबकि जनसंख्या 153 गुना ज्यादा है| ऐसे में बोहत से लोग ये कहेंगे की इन दोनों देशों की तुलना संभव नहीं |

It is also being speculated that from Israel, India can get a great treasure of innovation. Though Ismail is a small country with Bohit, but India can learn something from Bohhat. The total population of Israel is only 87 million and the area is only 20700 square kilometers. If compared, the area of ​​India is 158 times more than Israel. While the population is 153 times more. In such a case, people will say that the comparison of these two countries is not possible.

हम भी यह बात जानते हैं लेकिन इनोवेशन क्षेत्रफल और जनसँख्या की मोहताज नहीं होती| नए आविष्कार और खोज कही भी हो सकती हैं| केवल खोज करने का भाव होना चाहिए| और इजराइल भाव में पीछे नहीं है| और इसीलिए इजराइल को इनोवेशन का केंद्र कहा जाता है| आतंकवाद से लड़ने के नए तरीके हों या खेती करने के नए फोर्मुले, इजराइल ने दोनों ही क्षेत्रो में झंडे गाढ़े हुए हैं| वह जय जवान भी है और जय किसान भी है|

We also know this, but the area of innovation and the population is not appealing. New inventions and discoveries can happen anywhere. There should be a sense of searching only. And Israel is not behind in the spirit. And that is why Israel is called the center of innovation. There are new ways to fight terrorism or the new formulas of farming, Israel has flagged the flags in both areas. He is also a Jai Jawan and Jai is a farmer too.

आतंकवाद से मुकाबला केसे किया जाता है? और सूखी ज़मीन पर खेती केसे होती है? ये इनोवेशन इजराइल ने पूरी दुनिया को करके दिखाया है| इजराइल दुनिया के उन चुनिन्द्दा देशों में शामिल है जो आतंकवाद से किसी भी तरह का कोई भी समझौता कभी भी नहीं करते हैं|

How to counter terrorism? And what is the cultivation of dry land? This innovation has shown to Israel through the whole world. Israel is among the select countries of the world who do not compromise on any kind of terrorism.

आज इजराइल के बने हथियार पूरी दुनिया में आतंकवादियों पर मौत बनकर बरस रहे हैं|
Today the weapons made by Israel are roaming on the terrorists throughout the world.

इतिहास गवाह है की भारतीय जनता पार्टी की सरकार से इजराइल के रिश्ते हमेशा अच्छे रहे हैं| इससे पहले पूर्व प्रधानमन्त्री अटल विहारी बाजपेयी के नेत्रत्व वाली सर्कार के समय भी तत्कालीन इजराइल के प्रधानमन्त्री अरियल शेरोन भारत की यात्रा करने वाले पहले इसरायली प्रधानमंती बने|

History is witness that Israel’s relations with the Bharatiya Janata Party government have always been good. Earlier, even during the reign of the Prime Minister Atal Bihari Vajpayee’s leadership, then Israel’s prime minister Ariel Sharon became the first Israeli prime minister to visit India.

कांग्रेस पार्टी पर ये आरोप लगते रहे हैं की उन्होंने इजराइल को नज़रंदाज़ किया| हालांकि पी वी नरसिंह राव के कार्यकाल में इजराइल से कूटनीतिक बातचीत की औपचारिक शुरुआत हुई थी|

The Congress party has been accusing that they ignored Israel. However, during the tenure of P.V. Narasimha Rao, formal formation of diplomatic negotiations was initiated by Israel.

इतिहास गवाह है की भारतीय जनता पार्टी की सरकार से इजराइल के रिश्ते हमेशा अच्छे रहे हैं| इससे पहले पूर्व प्रधानमन्त्री अटल विहारी बाजपेयी के नेत्रत्व वाली सर्कार के समय भी तत्कालीन इजराइल के प्रधानमन्त्री अरियल शेरोन भारत की यात्रा करने वाले पहले इसरायली प्रधानमंती बने|

History is witness that Israel’s relations with the Bharatiya Janata Party government have always been good. Earlier, even during the reign of the Prime Minister Atal Bihari Vajpayee’s leadership, then Israel’s prime minister Ariel Sharon became the first Israeli prime minister to visit India.

भारत और इजराइल में क्या समानताएं हैं और दोनों देशों को एक साथ क्यों काम करना चाहिए और इजराइल को ये बात समझ में आती है इसीलिए इजराइल भारत देश के साथ जुड़ने को बेताब है| अधिक जाने के लिए निचे विडियो देखें|

What are the similarities between India and Israel and why both countries should work together and Israel understands this, so Israel is desperate to be associated with India. Watch the video below to learn more.

यह भी देखे :

https://www.youtube.com/watch?v=8ImzYyVUuNQ

बड़ी खबर- देश में फिर से मोदी सरकार ने करवाई सर्जिकल स्ट्राइक, आतंकियों के होश उड़े !

कांग्रेस सरकार के दौरान आतंकियों की चापलूसी और देशभक्तों को झूठे मुकदमों में फंसाने की ख़बरें आयेदिन ही आया करती थी. मगर मोदी सरकार के दौरान पहली बार देश ने सर्जिकल स्ट्राइक करनी शुरू की. पहले म्यांमार में, फिर पीओके में सर्जिकल स्ट्राइक करके भारतीय सेना ने आतंकियों के मन में खौफ भर दिया है | हाल ही में म्यांमार में एक बार फिर सर्जिकल स्ट्राइक की गयी थी और उग्रवादियों के ठिकाने उड़ा दिए गए थे | अब देश के अंदर ही ऐसी ही एक और बड़ी सर्जिकल स्ट्राइक की खबर सामने आ रही है, जिसने नक्सलियों के होश उड़ाए हुए हैं |

During the Congress government, the news of trickery of terrorists and entrapment of the patriots in false cases came only days. But for the first time during the Modi government, the country started surgical strike. In the first place in Myanmar, then by the surgical strike in the PoK, the Indian Army has filled the horror of the terrorists. More recently, a surgical strike was done in Myanmar and the whereabouts of the militants were blown away. Now there is news of another such major surgical strike within the country, which has captured the naxalites.

सीआरपीएफ जवानों पर हमले करने वाले नक्सलियों के खिलाफ मोदी सरकार ने बड़ा अभियान छेड़ा हुआ है. खबर है कि छत्तीसगढ़ में नक्सलियों के काले धन, खुफिया तंत्र एवं हथियारों के जखीरे की बरामदगी की कार्रवाई के बाद अब पुलिस का सर्जिकल स्ट्राइक ऑपरेशन शुरू हो चुका है | इस सर्जिकल स्ट्राइक को फ्लेक्सी सर्जिकल स्ट्राइक कहा जा रहा है, इसके तहत नक्सलियों के गढ़ कहे जाने वाले इलाकों में पुलिस ने इनामी राशि के साथ नक्सलियों की फोटो के बड़े-बड़े फ्लेक्स व् होर्डिंग लगवाए हैं |

The Modi government has launched a big campaign against the Maoists who attacked the CRPF jawans. The news is that the surgical strike operation of the police has started after the operation of the recovery of black money, intelligence and weapons of Naxalites in Chhattisgarh. This surgical strike is being called a Flexi Surgical Strike, under which the police has provided large flakes and billboards of Naxalites with prize money in areas called Maoists’ strongholds.

इनमे चेतावनी जारी की गयी है कि समर्पण करो वरना मारे जाओगे | पुलिस व् सुरक्षाबलों के जवान नक्सलियों के पीछे पूरी शिद्दत से लगे हुए हैं और समर्पण ना करने पर इन्हे देखते ही मार गिराने के आदेश हैं | सभी इनामी नक्सलियों की जानकारी हर होर्डिंग पर नक्सली प्रभावित इलाकों के थाना कैंपों के साथ ग्रामीण क्षेत्रों में भी इनामी नक्सलियों के फ्लेक्स लगवाए जा रहे हैं |

It has been issued warning that surrender or else will be killed. The soldiers of the police and the security forces are fully engaged in the revenge of the Maoists and if they do not surrender they are ordered to kill. Information about all the prize naxalites, with floating camps of Naxalite affected areas on every hoarding, fencing of the Naxalites is also being implemented in rural areas.

इसको ही फ्लेक्सी सर्जिकल स्ट्राइक नाम दिया गया है. फ्लेक्स लगवाने के पीछे पुलिस का तर्क है कि जो नक्सली बीजापुर, सुकमा एवं ओड़िसा के सरहदीय इलाकों में सक्रिय हैं, उनका दंतेवाड़ा जिले में आना जाना लगा रहता है. ऐसे टॉप माओवादियों के नाम, इनाम की राशि की जानकारी के साथ फोटो फ्लेक्स में लगवाए गए हैं | पुलिस का मानना है कि इनामी राशि व जागरुकता के कारण एक ओर जहां ग्रामीणों द्वारा नक्सलियों की सूचना उन्हें मिलेगी, वहीं दूसरी ओर फ्लेक्स के माध्यम से नक्सलियों को भी समर्पण करने का मौका दिया जा रहा है | पुलिस अधिकारियों का कहना है कि इससे नक्सलियों को संदेश दिया जा रहा है कि मुठभेड़ में बाकी जो नक्सली मारे गए हैं, समर्पण नहीं करने पर उनका भी यही हश्र होगा |

This is named as Flexi Surgical Strike. The police have argued that the Naxalites are active in the border areas of Bijapur, Sukma and Odisha, and they are going to come to Dantewada district. The names of such top Maoists, along with information about the amount of reward, have been photographed in Flex. Police believe that due to prize money and awareness, while the villagers will get information about the Maoists, on the other hand, Naxals are being given the opportunity to surrender through Flex. Police officers say that it is being given message to the Maoists that if the Naxalites have been killed in the encounter, they will be defeated if they do not surrender.

छोटे-छोटे पर्चे, पोस्टर नहीं बल्कि होर्डिंग्स के जरिये नक्सली ऑपरेशन इस योजना का नाम फ्लेक्सी सर्जिकल स्ट्राइक इसलिए भी रखा गया है, क्योंकि अब तक पुलिस पर्चे, पोस्टर के माध्यम से ही इनामी नक्सलियों की जानकारी दिवारों पर चस्पा करती थी. पहली बार बड़े-बड़े फ्लैक्स व होर्डिंग के माध्यम से इनामी नक्सलियों को लेकर प्रचार-प्रसार किया जा रहा है |

Naxalite operation through small swamps, posters, hoardings, this scheme has also been named Flexi Surgical Strike because the police used to send information about the Naxalites through the poster, poster, on the wall. For the first time, propaganda is being spread through the big flax and billboards for the Naxalites.

पुलिस नक्सलियों के बारे में सूचना देने वाले की पहचान गुप्त रखने के साथ ही इनाम भी दिया जा रहा है. फ्लेक्स के माध्यम से पुलिस की ओर से गांव के लोगों को यह भी बताया जाएगा कि बड़े नक्सलियों और संगठनों द्वारा किस तरह से आम ग्रामीणों का शोषण किया जा रहा है. शीर्ष नक्सलियों के परिवार ऐशो आराम से गुजर बसर कर रहे है. उनके बच्चे अच्छे स्कूलों में पढ़ रहे हैं. जबकि नक्सली ग्रामीण छेत्रो के स्कूलों को तोड़ कर ग्रामीण बच्चो को शिक्षा से वंचित कर रहे हैं |

The information about the police naxalites is being kept as well as the reward is given. Through Flex, the people of the village will be told by the police how the villagers and organizations are exploiting the common villagers. The families of the top Maoists have been living comfortably. Their children are studying in good schools. While the Naxalites are blocking schools of rural areas, rural children are deprived of education.

समर्पण या मौत दंतेवाड़ा के एडिशनल एस पी गोरखनाथ बघेल के मुताबिक फ्लेक्स से ग्रामीणों के अंदर मानसिक बदलाव आएगा. जनता नक्सलियों के शोषण से त्रस्त हो चुकी है. फ्लेक्स में सरहदीय इलाकों के शीर्ष नक्सली, जिनका जिले में आना जाना लगे रहता है. उनकी फोटो के साथ इनाम की राशि की जानकारी भी है | एएसपी बघेल ने बताया कि फ्लेक्स में पुलिस के उच्च अधिकारियों के मोबाइल फोन नंबर भी दिए गए हैं. फ्लेक्स में दोनो बातों का जिक्र किया गया है कि सरकार की समर्पण नीति के तहत समर्पण कर मुख्यधारा में जुड़े अन्यथा मुठभेड़ में मारे गए माओवादियों की तरह तुम भी मारे जाओगे |

Dedication or death According to Dantewada Additional SP Gorakhnath Baghel, there will be a psychological change in the villagers. The people have been troubled by the exploitation of the Maoists. Top Naxalites of the border areas in Flex, who are going to come to the district. There is also information about the amount of reward with his photo. ASP Baghel said that the mobile phone number of the police officers in Flex has also been given. In Flex, both things have been mentioned that surrendered under the surrender policy of the government, in the mainstream, otherwise you will be killed like Maoists killed in the encounter.

नक्सलियों का अंत करीब एएसपी बघेल ने यह भी कहा कि ग्रामीण इलाकों में फ्लेक्स ज्यादा दिनों तक नहीं रहेंगे. नक्सली उन्हें फाड़ देंगे. फिर भी फाड़ने से पहले नक्सली दिए गए नम्बरो को रख लेते हैं और जरूरत के समय फोन भी करते हैं. पहले भी मोबाइल फोन के जरिये कई माओवादियों ने समर्पण करने की इच्छा जताई और समर्पण किया | कांग्रेस की सरकार देश में 60 सालों तक रही और नक्सलियों के खिलाफ एक्शन लेने की जगह उन्हें पालती रही. साफ़ है कि मोदी सरकार नक्सलियों के सफाये के लिए हर मुमकिन कदम उठा रही है | सरकारी सूत्रों के मुताबिक़ सरकार का मिशन है कि अगले लोकसभा चुनावों तक नक्सलियों का पूरी तरह से सफाया हो जाए |

Nearing the end of the Maoists, ASP Baghel also said that flex in rural areas will not stay for long. Naxalites will tear them. However, before tearing, the Naxalites keep the numbers given and phone them in need. Earlier, through the mobile phone, many Maoists expressed their desire to surrender and surrendered. The Congress government remained in the country for 60 years and kept abreasting instead of taking action against the Naxalites. It is clear that the Modi government is taking every possible step to wipe out the Naxalites. According to government sources, the government’s mission is that the Naxalites are completely wiped out by the next Lok Sabha elections.

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https://www.youtube.com/watch?v=6KzO3XxanXM