यूपी STFफाॅर्स के हाथ बड़ी कामयाबी ,कई वर्षों से जिसकी तलाश थी ,उसकी जाँच मिला देख अधिकारीयों के उड़े होश

नई दिल्ली : प्रदेश में योगी राज में अपराधियों, गैंगस्टर को चुन चुन के पकड़ा जा रहा है. पूरी तरह से यूपी को अपराध मुक्त करने के लिए स्पेशल टास्क फाॅर्स के ऑपरेशन तेज़ी से चल रहे हैं. पिछली सरकार में तुष्टिकरण की राजनीति के चलते इन्हे हमेशा बचाया गया.

यूपी STF के हाथ बड़ी कामयाबी लगी
अभी मिल रही बड़ी खबर के मुताबिक यूपी एसटीएफ के हाथ बड़ी कामयाबी लगी है. एसटीएफ ने मेरठ से एक लाख के इनामी मोहम्मद अकरम को देर रात मुजफ्फरनगर के खतौली इलाके से गिरफ्तार किया है. उसने पुलिस से हाथापाई की। इस दौरान एसटीएफ के तीन सिपाही चोटिल हो गए। अकरम के खिलाफ करीब 30 मुकदमें दर्ज हैं. STF ने गोली के बदले गोली चलाने की बात कही लेकिन पुलिस ने ऐसा नहीं किया. बता दें काफी सालों से इसकी पुलिस को तलाश थी.

सटीएफ को इस कुख्यात बदमाश के कब्जे से ढेर सारा असलाह और कारतूस का जखीरा बरामद किया हैं. बड़ी साज़िश को अंजाम देने की साज़िश रच रहा था. डेढ़ साल पहले वह मुजफ्फरनगर से पुलिस की हिरासत से फरार हो गया था और झारखंड की राजधानी रांची में जाकर छिप गया था.

अकरम मुजफ्फरनगर नगर के खालापार मोहल्ले का रहने वाला है और बेहद शातिर बदमाश है. अकरम पर लूट, डकैती, हत्या आदि के 35 से ज्यादा मुकदमे चल रहे हैं. एसटीएफ से मिली जानकारी के मुताबिक मुजफ्फरनगर के खालापार निवासी अकरम मुकीम काला गैंग से जुड़ा हुआ है. जिसके खिलाफ सहारनपुर, शामली, मुजफ्फरनगर और मेरठ में गंभीर धाराओं में केस दर्ज है.

वामपंथियों के दबाव के चलते नहीं किया एनकाउंटर
विपक्षी, मानवाधिकारी गैंग और कोर्ट के जजों के चक्कर में STF को मज़बूरन इस अपराधी को गिरफ्तार करना पड़ा. दरअसल एक लाख के इनामी बदमाश अकरम ने पुलिस व एसटीएफ पर फायर किया तो एसटीएफ ने भी पुलिस से जवाबी गोली चलाने को कहा, लेकिन पुलिस ने ऐसा नहीं किया। खतौली पुलिस को डर था कि कहीं खतौली में भी बवाल न हो जाए, इसलिए उसे गोली मारे बिना ही गिरफ्तार किया. हालाँकि इस मुठभेड़ में तीन STF जवान घायल हो गए.

लेकिन साफ़ देखा जा सकता है कि कुछ वामपंथियों की साज़िश और दबाव के चलते अब पुलिस भी एनकाउंटर करने में कतरा रही है हिचकिचा रही है. चाहे बदमाश कितना फायरिंग करता रहे लेकिन पुलिस उसे सिर्फ गिरफ्तार करने की कोशिश कर रही है. ये वामपंथी मानवाधिकारियों के पेट में तभी दर्द होता है जब अपराधी मरता है, अगर कोई पुलिसवाला शहीद हो जाए तब ये सारे गायब हो जाते हैं.

गोकशी से रखा अपराध की दुनिया में कदम गिरफ्तार किए गए अकरम ने बताया कि उसने 2004 में खालापार में गोकशी से अपराध की शुरुआत की. अकरम ने बताया कि वह रांची के कारगिल चौक पर डेढ़ वर्ष से मोहम्मद उमर नाम से चाय की दुकान चला रहा था.

अपराध की दुनिया में आने से पहले अकरम ने डेढ़ दशक पूर्व इसने एक हिन्दू युवती से प्रेम विवाह किया था, जिसका परिवार और ससुराल वालों ने विरोध किया था। शादी के बाद उसकी पत्नी ने नाम बदलकर मुस्कान रख लिया था.

source ddbharti

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CM योगी ने किया दंगाइयों का ऐसा बुरा हाल ,मायावती समेत मेवनी के उड़े होश |

मेरठ : देशभर के कई राज्यों में भारत बंद के नाम पर हिंसा की जा रही है. आंदोलन सुप्रीम कोर्ट द्वारा एससी-एसटी एक्ट में बदलाव के विरोध में शुरू हुआ था, मगर राजनीतिक पार्टियों द्वारा वोटबैंक के लिए इसका इस्तमाल शुरू हो गया है. राहुल गाँधी जैसे कई नेताओं ने हिंसक आंदोलन को अपना समर्थन दिया है. देशभर में दंगे किये जा रहे हैं और किसी में इतनी हिम्मत नहीं हो रही कि हिंसा को रोके. मगर यूपी के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने बिना किसी वोटबैंक की परवाह किये ऐसा सख्त कदम उठाया, जिसे देख देशभर में उनकी तारीफों के पुल बांधे जा रहे हैं.

Meerut: In many states across the country, violence is being taken in the name of the Bandh. The movement started by the Supreme Court against the change in the SC-ST Act, but political parties have started using it for votebank. Many leaders like Rahul Gandhi have supported their violent movement. Riots are being carried out across the country and nobody is getting so much courage to stop violence. But UP Chief Minister Yogi Adityanath took such a stern step, without worrying about any votebank, which is being seen as a bridge of his praise across the country.

मेरठ में हिंसा का खौफनाक मंजर
दरअसल आंदोलन के नाम पर देश के अलग-अलग शहरों में दलित संगठन और उनके समर्थक हिंसक प्रदर्शन कर रहे हैं. बता दें, कई जगहों पर ट्रेनें रोकी गई हैं. इसके अलावा कुछ शहरों में झड़प की घटनाएं भी सामने आई हैं. कारों को जलाया जा रहा है. बसों को आग के हवाले किया जा रहा है.

Meerut’s Creepy Violence
Actually, in the name of movement, in different cities of the country, the Dalit organization and their supporters are performing violently. Tell me, trains have been stopped in many places. Apart from this, incidents of skirmishes have also emerged in some cities. Cars are being lit. Buses are being handed over to the fire.

यूपी के मेरठ जिले में भारी बवाल देखने को मिल रहा है. हुड़दंगी प्रदर्शनकारियों ने हाईवे जाम कर पहले शोभापुर पुलिस चौकी में आग लगा दी और फिर उसके बाद वाहनों को आग के हवाले कर दिया. मेरठ में एक जगह नहीं बल्कि कई स्थानों पर प्राइवेट वाहनों में आग लगाई गई. विधायक के प्रतिनिधि के घर पर भी हमले की ख़बरें आ रही हैं.

In Uttar Pradesh’s Meerut district, there is a huge turnout. Hooddangi protesters hurled the highway and set fire to the first Shobhapur police post and then handed the vehicles to the fire. Private vehicles were set on fire in Meerut but not at one place. News of attack on the MLA’s house is also coming.

योगी की पुलिस ने ठिकाने लगाए दंगाइयों के दिमाग
अपने प्रदेश में हिंसा का ऐसा रूप यूपी के सीएम योगी को कतई बर्दाश्त नहीं. वोटबैंक की राजनीति की परवाह किये बिना यूपी के सीएम योगी ने हिंसा करने वालों के खिलाफ सख्त कदम उठाये हैं. यूपी पुलिस ने मेरठ में हिंसा फैला रहे युवाओं पर लाठी चार्ज किया है. ऐसी जमकर लाठियां भांजी जा रही हैं, जिसकी याद इन हुड़दंगियों को कई बरसों तक रहेगी.

Yogi’s police attacked the rioters
Such a form of violence in his state does not tolerate the CM Yogi of UP. Regardless of the politics of Votebank, CM Yogi of UP has taken strict action against those who have committed violence. UP police have charged the blacksmith on the youth spreading violence in Meerut. Such stereotypes are going to be niggardly, whose memory will remain for many years for these hooligans

वोटबैंक की खातिर जहाँ एक ओर देश के कई बड़े-बड़े नेता मुँह तक नहीं खोल पा रहे हैं, वहीँ योगी अपने प्रदेश में ऐसे गुंडों के खिलाफ सख्ती दिखा रहे हैं. योगी के एक्शन ने साबित कर दिया है कि वो वोटबैंक की राजनीति से ऊपर उठकर राज करने वाले नेता हैं, जो सबको एक सामान नज़र से देखते हैं.

For the sake of vote bank, on one hand many big leaders of the country are not able to open their mouths, the yogi is showing strictly against such goons in their territory. The action of the yogi has proved that he is the leader of ruling out the votebank politics, who sees everyone with a similar look.

सोशल मीडिया पर लोगों ने योगी के एक्शन को लेकर ख़ुशी जाहिर की है. वहीँ कुछ लोगों ने तो योगी को भावी पीएम तक घोषित कर दिया है. लोगों का कहना है कि प्रदर्शन शांतिपूर्ण होना चाहिए. प्रदर्शन के नाम पर हिंसा बिलकुल बर्दाश्त नहीं की जानी चाहिए.

People on social media have expressed happiness about the action of the yogi. Some people have declared the yogi to the future PM. People say that performance should be peaceful. Violence should not be tolerated at all in the name of display.

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https://www.youtube.com/watch?v=VxtYK7YXsQ8&feature=youtu.be

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ब्रेकिंग :CM योगी ने बनाया अबतक का सबसे बड़ा कानून जिसे देख पूरे देश में तहलका,अपराधियों की पतलून हुई गीली

लखनऊ : उत्तर प्रदेश को उत्तम प्रदेश बनाने के लिए पहले इसे अपराधमुक्त बनाना ज़रूरी है. इसमें सीएम योगी के राज में पहले से ही अपराधियों की जान हलक में अटकी हुई थी, पिछले 11 महीनों में 1200 से ज़्यादा एनकाउंटर, 40 मोस्टवांटेड अपराधी मौत की नींद सो चुके हैं, जो जेल में करीब 5000 वो अपनी ज़मानत नहीं लेना चाह्ते हैं. लेकिन अब तो सीएम योगी ने यूपी पुलिस को और ताक़त दे दी है अब तो अपराधियों, माफियाओं का काल बनकर उतरेगी पुलिस फाॅर्स.

Lucknow: It is necessary to make Uttar Pradesh free from crime before making it a terrific region. In the reign of CM Yogi, the lives of the criminals were already stuck in the veil; in the last 11 months, more than 1,200 encounters, 40 most of the convicted criminals have fallen asleep, who do not want to take their bail in about 5000 prisoners. But now the CM Yogi has given more powers to the UP police nowadays criminals will become the era of the Mafias, Police Force.

योगी सरकार ले आयी खतरनाक कानून, सुन अपराधियों की पतलून हुई गीली

अखिलेश सरकार में जिस पुलिस के हाथ बंधे गए थे उनके सीएम योगी ने हाथ खोल दिए हैं. जिन कुख्यात अपराधियों को पुलिस डंडे से रोकने जाती थी वो अब अपराधियों की एक गोली पर गोलियों की बौछार करते हैं क्यूंकि एक वक़्त ऐसा था कि चेन लूटने वाला भी कट्टा रखता था और पुलिस पर गोली चलाकर भाग जाता था. लेकिन अब सीएम योगी का यूपीकोका कानून देख अपराधी की पतलून गीली हो जाएगी.

The Yogi government brought dangerous laws, heard the criminals trousers wet

The CM Yogi has opened his hand in the Akhilesh government, which was held by the hands of the police. The infamous criminals who prevented the police from stalking, now show the bullets of bullets on a tablet of the criminals, because for a moment the chain robber also kept a straighter and ran away by firing on the police. But now the CM Yogi will get the culprit trousers wet watching the UPCOCKA law.

यूपी विधानसभा से UPCOCA बिल पास

अभी मिल रही बहुत बड़ी खबर के मुताबिक अपराध पर लगाम लगाने के लिए लाए गए यूपीकोका बिल को यूपी विधानसभा की मंजूरी मिल गई है. अब ये कानून मंजूरी के लिए राज्यपाल के पास भेजा जाएगा. योगी सरकार ने मंगलवार को चार महीने के बाद दूसरी बार यूपीकोका बिल को विधानसभा में पेश किया और पारित करा लिया.

UPCOCA Bill passes from UP assembly

According to the very big news now available, UPCoca Bill has been approved by the UP Assembly to curb crime. Now these laws will be sent to the governor for sanction. Yogi Sarkar presented the UPCOCA bill for the second time after four months in the assembly and passed it on Tuesday.

इससे पहले इस बिल को योगी सरकार ने विधानसभा से पास कराया था, लेकिन विधान परिषद में बीजेपी के पास बहुमत न होने के चलते, सपा, कांग्रेस बसपा ने मिलकर इस बिल को गिरा दिया था. ये कोई कश्मीर की धारा 370 नहीं है जिसे विपक्ष की सहमति के बिना पास नहीं कराया जा सके. लेकिन इस बार यूपीकोका बिल को विधान परिषद में भेजने की जरूरत ही नहीं है.

Earlier this bill was passed by the Yogi Government from the assembly, but due to lack of majority in BJP in the Legislative Council, the SP, the Congress BSP, had dropped this bill together. This is not a Section 370 of Kashmir which can not be passed without the consent of the opposition. But this time there is no need to send the UPCoco bill to the Legislative Council.

विपक्ष ने खूब कोशिश करी न हो बिल पास
आने को तो ये कानून पिछले साल ही आ जाता लेकिन तब भी विपक्ष ने टांग अड़ाई थी. संगठित अपराध नियंत्रण अधिनियम (यूपीकोका) बिल पिछले साल 21 दिसंबर को भी विधानसभा से पास हो गया था. जिसके बाद बिल को विधान परिषद भेजा गया और विपक्ष ने इसे गिरा दिया.

Opposition has not tried hard enough
The law came to the fore last year, but even then the Opposition blocked the limelight. The organized crime control act (UPCOCA) bill passed on December 21 last year was also passed from the assembly. After which the bill was sent to the Legislative Council and the opposition dropped it.

सपा ने कहा इससे अल्पसंख्यक खतरे में आ जायेंगे
दरअसल समाजवादी को राज्य में सुख शांति से ज़्यादा अपना वोटबैंक प्यारा है. उन्हें तुष्टिकरण की राजनीति से ज़्यादा लगाव है. समाजवादी पार्टी के प्रवक्ता राजेन्द्र चौधरी का कहना था कि यह कानून मुसलमानों को टार्गेट करने के लिए बनाया गया है. इससे सपा प्रवक्ता क्या ये कहना चाह्ते हैं कि सारे अपराधों में कहीं न कहीं मुसलमानों का हाथ होता है ? यही वजह है कि अखिलेश सरकार कभी ऐसा कानून नहीं लायी.

SP said this will bring the minority to danger
In fact, the socialist is more beloved than the state of happiness in the state. They have more love than appeasement politics. Samajwadi Party spokesman Rajendra Chaudhary said that this law was designed to target Muslims. Does the SP spokesperson want to say that there is a hand of Muslims in all the crimes? That is why the Akhilesh government has never brought such a law.


जबकि सरकार का दावा है कि इस कानून के आने से अंडरवर्ल्ड, जबरन वसूली, जबरन कब्जे, वेश्यावृत्ति, अपहरण, फिरौती, धमकी और तस्करी जैसे संगठित अपराधों पर लगाम लेगी.

While the government claims that by coming out of this law, it will rein in organized crime like underworld, forcible recovery, forcible occupation, prostitution, kidnapping, ransom, threats and smuggling.

मकोका की तर्ज़ पर सबसे सख्त है यूपीकोका
आइये अब जब इस कानून को स्वीकृति मिलने ही वाली है तो हम आपको बताते हैं कि अपराधी और विपक्ष के नेता इस कानून से खौफ क्यों खाते हैं. महाराष्ट्र कंट्रोल ऑफ आर्गनाइज्ड क्राइम एक्ट, MCOCA (मकोका) की तर्ज पर बनाए गए यूपीकोका कानून बहुत सख्त है.

UPCOCA is the hardest on the basis of MCOCA
Let us now, when this law is about to be approved, we tell you why the leaders of the criminal and the opposition are afraid of this law. UPCOCA law made on the lines of the Maharashtra Control of Organized Crime Act, MCOCA (MCOCA) is very strict.

आखिर क्यों खौफ खाते हैं अपराधी इस कानून से

यूपीकोका यानी संगठित जुर्मों के खिलाफ बना यह कानून पुलिस को अप्रत्याशित अधिकार और पावर दे देता है. किसी अन्य जुर्म के लिए पुलिस आरोपी को 15 दिनों की रिमांड पर ही जेल में रख सकती है लेकिन यूपीकोका के सेक्शन 28 (3अ) के अंतर्गत बिना जुर्म साबित हुए भी पुलिस किसी आरोपी को 60 दिनों तक जेल में रख सकती है. इस दौरान पुलिस पूछताछ के साथ थर्ड डिग्री टॉर्चर आम बात है. जिसे सुन अपराधी कि पतलून गीली हो जाती है.

Why are the perpetrators guilty of this law

This law against UPCOCA means organized crime and gives unpredictable rights and power to the police. For any other offense, the police can keep the accused in jail only on remand for 15 days, but under the section 28 (3A) of UPCOCA, the police could be kept in jail for 60 days. During this, third degree torcher is common with police interrogation. Tell the culprit that the trousers become wet.

180 दिनों तक बिना चार्जशीट जेल

आईपीसी की धारा के अंतर्गत किसी को गिरफ्तार करने के 60 से 90 दिनों के अन्दर चार्जशीट दाखिल करनी पड़ती है, वहीं मकोका में यह अवधि 180 दिनों की है. इसी तर्ज पर यूपीकोका में भी 180 दिनों तक बिना चार्जशीट दाखिल किए आरोपी को जेल में रखा जा सकेगा.

180 days without charging gel

Under the IPC section, the chargesheet has to be filed within 60 to 90 days of arresting someone, while in Makoca the period is 180 days. On similar lines, in UPCOCA, the accused, who has not filed the charge sheet for 180 days, will be kept in jail.

इसके साथ ही जेल के अन्य कैदियों से मिलने के लिए भी इस कानून के अंतर्गत बहुत सख्ती है. सेक्शन 33 (सी) के अनुसार किसी जिलाधिकारी की परमिशन के बाद ही यूपीकोका के आरोपी साथी कैदियों से मिल सकते हैं, वो भी हफ्ते में एक से दो बार.

In addition to this, it is very strict under the law to meet other prisoners in jail. According to section 33 (C), only after the permissions of a district official, the accused persons of UPCOCA can meet the prisoners, they also have two times in a week.

मुजरिम पाए जाने पर उम्र कैद से लेकर मौत की सजा

यूपीकोका की सुनवाई के लिए स्पेशल कोर्ट बैठेगी और मुजरिम पाए जाने पर उम्र कैद से लेकर मौत की सजा का भी प्रावधान होगा. साथ ही मुजरिम पर 5 से लेकर 25 लाख तक का जुर्माना लगाया जा सकता है. पिछली अखिलेश सरकार में कानून की इतनी ख़राब हालत थी कि माफियाओं के चलते हिन्दुओं के कैराना से पलायन की खबरें आती थी. लेकिन अब एक ऐसा कानून पुलिस को मिलेगा जो संगठित जुर्मों के खिलाफ पुलिस को शक्तिशाली बनाएगा.

Life sentence imprisonment on death penalty if convicted

The special court will sit for the hearing of the UPCOCA and if there is a convict, there will also be provision for life imprisonment and death sentence. At the same time, a fine ranging from 5 to 25 lakh can be imposed on the mujrim. In the previous Akhilesh government, there was such a bad condition of law that due to the mafias the news of migrating from the Karaana of Hindus came. But now a law will be received by the police who will strengthen the police against organized crimes.

जमानत मिलना नामुमकिन

इसके लिए पुलिस के पास अधिकार है कि वो आरोपी के पत्र, टेलीफोन और व्यक्तिगत रूप से किसी से मिलने पर भी रोक लगा दें. किसी भी व्यक्ति पर यूपीकोका लगने के बाद उसे जमानत मिलना नामुमकिन ही है.

Impossible to meet bail

For this, the police have the right to prohibit the person’s letter, telephone and personally meet anyone. It is impossible for any person to get bail after getting UPCCO

अभी तक अपराधी राज्य छोड़ कर भाग रहे थे, अब इस कानून के आ जाने से तो वे दुनिया भी छोड़ने लगेंगे. इससे पहले ही कई खबरें आ चुकी हैं कि कई अपराधी, अपराध का मार्ग छोडकर, सब्जी बेचना पंचर लगाना जैस अकाम शुरू कर चुके हैं.

So far the criminals were leaving the state and now they will also leave the world because of the coming of this law. Already there have been reports that many criminals have started Jas Akam to stop selling criminals and sell vegetables.

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https://youtu.be/k87GwTUEGuQ

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कार्ति चिदंबरम को सुप्रीम कोर्ट की और से सबसे बड़ा झटका जिसे देख पी चिंदबरम समेत PM मोदी सन्न

अभी कुछ दिन पहले पूर्व वित्त मंत्री के पी चिदंबरम के बेटे कार्ति चिदंबरम को सीबीआई ने चेन्नई एअरपोर्ट से गिरफ्तार किया था. जिसके बाद कांग्रेस पार्टी में हाहाकार मच गया था. सीबीआई और ईडी द्वारा की गयी कार्रवाई को लेकर कांग्रेस पार्टी ने बीजेपी सरकार पर निशाना साधना शुरू कर दिया. इस कार्रवाई पर कांग्रेस ने कहा कि ये बीजेपी की चाल है. वहीँ बीजेपी नेताओं ने कांग्रेस के इस आरोप को खारिज करते हुए कहा था कि जाँच एजेंसियां अपना काम कर रही हैं इसमें केंद्र सरकार कोई हस्तक्षेप नहीं है. इस गिरफ़्तारी के बाद कांग्रेस बुरी तरह से बौंखला गयी है.

Just a few days ago, Karti Chidambaram, son of former Finance Minister P Chidambaram, was arrested by the CBI from Chennai airport. After that there was a stroke in the Congress party. The Congress party began to target the BJP government over the action taken by the CBI and ED. On this action the Congress said that it is the BJP’s move. The BJP leaders, while rejecting the allegation of Congress, said that the investigating agencies are doing their job. The central government has no interference in it. After this arrest, Congress has been badly bordered.

आपकी जानकारी के लिए बता दें कि INX मीडिया मामले में गिरफ्तार किये गये पूर्व वित्त मंत्री पी चिदंबरम के बेटे कार्ति चिदंबरम को एक और बड़ा झटका लगा है. जिसे जानने के बाद पूरी कांग्रेस पार्टी सकते में आ जाएगी. कार्ति चिदंबरम को सुप्रीम कोर्ट ने झटका देते हुए समन को रद्द करने की अपील को ठुकरा दिया है. बता दें इसका मतलब ईडी की तरफ से जारी पूछताछ और कार्रवाई पर कोई असर नहीं पड़ने वाला है. सुप्रीम कोर्ट ने सीबीआई और ईडी को नोटिस जारी कर दो दिनों में जवाब तलब करने का आदेश दिया है. बता दें इस मामले की अगली सुनवाई 8 मार्च को होगी.

For your information, let us know that Karti Chidambaram, son of former finance minister P Chidambaram, arrested in INX media case, has suffered another major setback. After knowing which entire Congress party can come in. Karti Chidambaram has turned down the appeal of cancellation of summons while jerk by the Supreme Court. Let’s say it means no effect on the ongoing inquiry and action taken by ED. The Supreme Court has issued a notice to the CBI and ED and asked to summon the reply within two days. Let the next hearing of this case be on March 8.

गौरतलब है कि 8 मार्च को सुनवाई के बाद अंतरिम राहत पर विचार किया जा सकता है. आगे कोर्ट ने कहा है कि इस नोटिस का असर मामले में चल रही किसी जाँच पर नहीं पड़ने वाला है. बता दें कार्ति इन दिनों 5 दिन की रिमांड पर हैं. कार्ति का रिमांड 6 मार्च को पूरा हो रहा है. बताया जा रहा है कि सीबीआई इस मामले में कार्ति की रिमांड बढ़ाने की अपील कर सकती है. आज यानि 6 मार्च को पटियाला हाउस कोर्ट में इस मामले की सुनावी होने वाली है. बता दें इस सुनवाई में कार्ति चिदंबरम के अलावा उनकी माँ नलिनी चिदंबरम भी कोर्ट पहुंची हैं.

Significantly, interim relief can be considered after the hearing on March 8. The court further said that the effect of this notice is not to be investigated on any ongoing investigation. Tell Karti these days are on remand for 5 days. Karti’s remand is being completed on 6th March. It is being told that the CBI may appeal to increase Karti’s remand in this case. Today ie 6 March, this case will be heard in Patiala House Court. In this hearing, apart from Karti Chidambaram, his mother Nalini Chidambaram has also reached the court.

बता दें कार्ति चिदंबरम ने एक तरफ अपनी जमानत की अर्जी दाखिल की थी. इसी के साथ कार्ति inx मीडिया मामले को लेकर सुप्रीम कोर्ट पहुंचे थे. कार्ति ने इस मामले में ईडी के समन के खिलाफ याचिका दायर की थी. जिसे सुप्रीम कोर्ट ने खारिज कर दिया है. फ़िलहाल में कार्ति सीबीआई की हिरासत में ही हैं. सीबीआई के सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार बताया गया है कि कार्ति चिदंबरम पूछताछ के दौरान बिलकुल भी बात नहीं कर रहे हैं और ना ही जाँच में सहयोग दे रहे हैं. इसी वजह से बताया जा रहा है सीबीआई उनकी हिरासत बढ़ाने की मांग कर सकती है. inx मामला 2007 में पी चिदंबरम के वित्त मंत्री रहने के दौरान आईएनएक्स मीडिया के 305 करोड़ रुपये विदेशी फंड हासिल करने से जुड़ा है. इस मामले में आरोप है कि कार्ति की कंपनी को यह फंड दिलवाने के लिए 10 लाख रूपये मिले थे.

Let us say Karti Chidambaram had filed his bail application on one side. With this, Karti came to the Supreme Court on the inx media case. Karti filed a petition against the summon of ED in this case. Which the Supreme Court has dismissed. At present, Karti is in CBI custody. According to information received from CBI sources, it has been reported that Karti Chidambaram is not talking about the matter either during the interrogation or is cooperating in the investigation. For this reason it is being told that the CBI can demand their custody. While P Chidambaram is the finance minister in the 2007 issue of Inx case, INX Media’s 305 crore rupees is linked to foreign fund acquisition. In this case, it is alleged that Karti’s company received 10 lakh rupees for getting this fund

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SOURCENAME:POLITICAL REPORT

 

योगी राज में आतंकियो और कांग्रेस के कनेक्शन खुली ये बड़ी पोल,राहुल समेत पुरे कांग्रेस में भगदड़

आपको याद नहीं है तो एक घटना बताते ही साल था 2017और जगह थी उत्तर परेश की राजधानी लखनऊ जहाँ पर ats ने सैफुल्ला नाम के isis आतंकी का एनकाउंटर किया ठगा तब उत्तर परेश में चुनाव थे योगी मुख्यमंत्री नहीं बने थे नतीजे नहीं आये थे |

If you do not remember then the year was 2017 as per an incident and the place was Lucknow, the capital of Uttar Paresh where ats attacked the terrorists named as Saifullah. Answer: There were elections in Uttar Paresh. The Yogi did not become the chief, the results did not come.


तब आंतकी सैफुल्ला के परिवार से मिलने एक मौलना गया था जिसका नाम है आमिर राशिदी मदनी,जिसकी तस्वीर आप ऊपर देख रहे है इसका विडियो भी मोजूद है इश्ने उत्तर परेश की पुलिस को खुलेआम धमकी देते हुए कहा था की वर्दी वालो हमारे लडको को टच किया तो वर्दी के साथ खाल भी उतरवा दोंगा सपा राज में यही होता था जरा दूसरी चीज पर नजर डालिये |

Then a visit was made to meet the family of Saifullah, whose name is Amir Rashidi Madani, whose picture you see above is also recorded in the video. Ishnay responded to Paresh’s police openly and threatened that the uniforms touched our boys So with the uniform also, take down the skins, this was the same thing in the SP Raja. Just look at the other thing.

कैरान :ये उत्तर प्रदेश का क़स्बा जहाँ हिन्दुओ के लिए जीना मुश्किल कर दिया गया था इस इलाके मे मुस्लिम आब्दी 95% हो गयी क्यूंकि हिन्दू इलाका छोड़ने पर मजबूर हो गया था हजारों हिन्दुओं को यहं से अत्त्याचार करके भगा दिया गया था पर कैरान के हालत बदल रहे है

Karan: This town of Uttar Pradesh, which was made difficult for living for Hindus, became Muslim 95% in this area.Because the Hindus were forced to leave the area, thousands of Hindus were discharged from it, but the condition of the Karan is changing.

कैराना की मायावती और अखिलेश यादव के राज में ये स्तिथि हो गयी थी की, हिन्दू घर छोड़ने पर मजबूर थे, वो हरियाणा और उत्तराखंड के इलाके में पलायन कर रहे थे, मुकीम काला और फुकरान जैसे गैंग इलाके में सक्रिय थे, जो हिन्दुओ पर भीषण अत्याचार करते थे, हिन्दू अपने घरों पर “ये मकान बिकाऊ है” लिखने को मजबूर थे, हिन्दुओ के घरों पर ताले लटके दिखाई देते थे और हिन्दू पलायन को मजबूर थे

In the reign of Mayawati and Akhilesh Yadav of Kairana, it was established that Hindus were forced to leave their house, they were migrating to the areas of Haryana and Uttarakhand, were active in gang areas like Mukim Kala and Fukran, which were horrifying on Hindus Hindus used to torture, Hindus were forced to write “these houses are sold” on their homes, locals in Hindu homes were seen hanging and Hindus were forced to flee

पर सर्कार बदली और योगी आई मुकीम काला और फुकरान गैंग गुंडों का एनकाउंटर शरू हुआ और अब स्तिथि ये है कि कैरान में हिन्दुओं के घरो पर लटके ताले खुलने लगे है और माकन बिकाऊ है मिटाया जा रहा है, खबर के मुताबिक 1दर्जन से अधिक हिन्दू अपने घरो में लौट 1 दर्जन से ज्यादा घरों के ताले फिर से खुल गए है, मुसारिक, जावेद, फुकरान, गय्यूर, इरशाद जैसे जिहादियों ने आत्मसमर्पण कर दिया है और खुद बोल रहे है की साहेब हमे पकड़ लो, हम जेल में ही ठीक है

But the worker changed and the Yogi started the encounter of Muqim Black and Fukaran gang goons and now the situation is that the locked locks on the houses of Hindus have started to open and Maken is available to be wiped, according to the news, more than 1 dozen Hindus More than 1 dozen home locks have been reopened after returning home, jihadis like Musharik, Javed, Fukan, Sayyur, Irshad have surrendered and themselves are saying that the Sah Hold on us, we are fine in jail

अंकित मित्तल नाम का हिन्दू अपने परिवार के साथ अपने घर वापस आ गया है, अंकित कैराना में सिनेमा हॉल चलाता था, अंकित ने बताया की 2014 में उस से 5 लाख की फिरौती मांगी गयी थी, इस्लामिक गैंग भयानक अत्याचार करने लगे थे, इसी कारण उसे अपने परिवार को ले जाकर हरिद्वार में बसना पड़ा, पर अब अंकित लौट आया है

The Hindu named Ankit Mittal has returned to his house with his family, was running a cinema hall in Ankit Karaana, Ankit told that in the year 2014, a ransom of 5 lakh was sought from him, the Islamic gang started doing terrible torture, for this reason He had to take his family and settle in Haridwar, but now he has returned.

अंकित मित्तल ने ये भी कहा की अब पुरे परिवार को वापस कैरान लेकर आयगा और पूरा परिवार फिर से कैरान में ही होली मनायागा क्यूंकि योगी सरकार है अब कोई दर नहीं है स्थानीय गुंडे इलाका छोड़कर भाग गए है कई का एनकाउंटर कर दिया गया है और अब हिन्दुओं के लिए स्तिथि यहाँ रहने लायक हो गयी अंकित मित्तल ने भी कहा की अन्य लोग भी अपने घरों मी जल्द लौटेंगे और ऐसे कई लोगो से उसकी बाय भी हुई है

Ankit Mittal also said that now the whole family will bring back the Karan and the whole family will celebrate Holi again in Karan
As the Yogi government is no longer there is no rate, the local goose has fled the area and many have been encroached and now the status of the Hindus is worth living here, Ankit Mittal also said that other people will return their homes soon and such Many people have also bitten by them

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CM योगी के नेतृत्व में UPने मुंबई को दी जबरदस्त पटखनी दाउद समेत राज ठकारे के उड़े होश

नई दिल्ली: उत्‍तर प्रदेश के अपराधियों पर इस समय योगी आदित्‍यनाथ नाम का काल मंडरा रहा है! जी हां, योगी आदित्‍यनाथ काल इसलिए क्‍योंकि यूपी में अब अपराधियों के लिए कोई जगह नहीं बची है! दरअसल यहां ताबड़तोड़ एनकाउंटर हो रहे हैं और क्राइम की कमर तोड़ी जा रही है! हर अपराधी खौफ खाये बैठा है की कही आज उसका नंबर तो नहीं आ गया! आपको बता दे राज्‍य में बीते 48 घंटों में जो हुआ है उसके बाद इसे योगी आदित्‍यनाथ काल ही कहना एकदम उचित होगा!हर अपराधी खौफ खाये बैठा है की कही आज उसका नंबर तो नहीं आ गया! आपको बता दे राज्‍य में बीते 48 घंटों में जो हुआ है उसके बाद इसे योगी आदित्‍यनाथ काल ही कहना एकदम उचित होगा!

New Delhi: On the criminals of Uttar Pradesh, Yogi Adityanath is on a long time! Yes, Yogi Adityanath is the reason because now there is no place for criminals in UP! In fact, there are continuous encroachers here and the waist of crime is being broken! Every culprit is frightened by the fact that today’s number has not come! Let us tell you what has happened in the past 48 hours in the state, after which it will be absolutely right to say Yogi Adityanath Kal!Every culprit is frightened by the fact that today’s number has not come! Let us tell you what has happened in the past 48 hours in the state, after which it will be absolutely right to say Yogi Adityanath Kal!

उत्तर प्रदेश में बढ़ रहे अपराध पर नकेल कसने के लिए ताबड़तोड़ मुठभेड़ों का सिलसिला जारी है! मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की यूपी पुलिस एकबार फिर ‘मिशन क्लीन’ मोड में आ चुकी है! उत्तर प्रदेश में बीते 48 घंटे में पुलिस और बदमाशों के बीच 16 मुठभेड़ें हुई हैं, जिसमें 24 दुर्दांत अपराधियों को धर-दबोचा गया! पुलिस ने तड़ातड़ हुए इन एनकाउंटर्स में जिन बदमाशों का काम तमाम किया है, उनमें कईयों पर 10 हजार से 50 हजार तक का इनाम घोषित था! इन पर उत्तर प्रदेश समेत कई अन्य राज्यों में हत्या, डकैती, अपहरण, फिरौती, वसूली, रेप जैसे दर्जनो मामले भी दर्ज हैं!

In Uttar Pradesh, there is a continuation of continuous encounters for tightening the crime on the rising crime! Chief Minister Yogi Adityanath’s UP Police has once again been in ‘Mission Clean’ mode! In Uttar Pradesh, there have been 16 encounters between the police and the miscreants in the last 48 hours, in which 24 miscreants were raped! The police, who have done all the work of the gangsters in the encounters, were rewarded with a reward ranging from 10 thousand to 50 thousand! There are also dozens of cases of murder, robbery, kidnapping, ransom, recovery, rap in many other states including Uttar Pradesh.

लखनऊ से लेकर नोएडा और मेरठ में ताबड़तोड़ एनकाउंटर हुए! लखनऊ में बावरिया गिरोह के डकैतों से कल रात मुठभेड़ हुई जिसके बाद पुलिस चार डकैतों को गिरफ्तार करने में सफल रही! इन 16 मुठभेड़ों के दौरान पुलिस ने बदमाशों के पास से नकदी, ज्वेलरी, और अपराध में शामिल कई गाड़ियां भी बरामद की हैं. बरामद गाड़ियां या तो चोरी की थीं या फिर अपराधियों द्वारा लूटी गई. पिछले दिनों बढ़ते अपराध पर विपक्ष द्वारा साधे जा रहे निशाने के बाद सीएम योगी ने पुलिस अधिकारियों की मीटिंग बुलाकर साफ संदेशा दिया कि या तो अपराध पर अंकुश लगाएं या फिर दूसरी नौकरी तलाश लें!

From Lucknow to Noida and Meerut, there were sharpened encounters! The encounter took place last night by the dacoits of Bavaria gang in Lucknow, after which the police managed to arrest four dacoits! During these 16 encounters, the police have recovered cash, jewelery, and many vehicles involved in crime from the gangsters. Recovered carts were either stolen or looted by the criminals. After being hit by the opposition on increasing crime in the past, CM Yogi called a meeting of police officers and gave a clear message that either to curb crime or to seek another job!

पुलिस और बदमाशों के बीच एनकाउंटर का ताजा खबर शामली से आई है, जहां पुलिस ने मुकीम काला गैंग के कुख्यात अपराधी अकबर को मार गिराया. कैराना और शामली में आतंक का पर्याय बन चुके अकबर पर 50 हजार का इनाम घोषित था. शामली के पंचायत सदस्य मोहसिन के घर फायरिंग कर रंगदारी मांगने के आलावा उस पर लूट, डकैती, मर्डर के 11 से अधिक केस दर्ज हैं.

The latest news of the encounter between the police and the miscreants came from Shamli, where the police killed Akbar, the infamous criminal of the Mukim black gang. Akbar, who was synonymous with terror in Kairana and Shamli, was rewarded with a reward of 50 thousand. Apart from firing the house of Shamli Panchayat member Mohsin, instead of seeking dardera, there are more than 11 cases of robbery, robbery and murder.

यह भी देखे

https://youtu.be/BVuWDLCqpCM

https://youtu.be/6KzO3XxanXM

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योगी राज में अब तक की ये सबसे बड़ी खुशखबरी, जिसे देख ख़ुशी से आपकी आँखों में आ जायेंगे आंसू

मेरठ : यूपी के सीएम योगी आदित्यनाथ किस तरह से उत्तर प्रदेश को उत्तम प्रदेश बना रहे हैं, ये जानकार आपको भी सुकून मिलेगा. कुछ ही महीनों पहले तक जो राज्य गुंडा राज के नाम से मशहूर था, वहाँ बड़े पैमाने पर बदमाशों की सफाई अभियान चल रहा है. आपको याद होगा कि अखिलेश राज में यूपी के कैराना से हिन्दुओं के पलायन की ख़बरें सामने आ रही थी. अब उसी कैराना से एक बड़ी खबर सामने आ रही है.

Meerut: CM Yogi Adityanath of Uttar Pradesh is making Uttar Pradesh the best state, knowing this will help you to get it. Until a few months ago, the state which was known as Gunda Raj, there is a large number of sweeping campaign of miscreants running. You will remember that news of the disappearance of Hindus from Uttar Pradesh’s Karana in Akhilesh Raj was coming out. Now a big news is coming out from that carahana.

हिन्दुओं को भागने पर मजबूर करने वाला मारा गया
यहां के सरूरपुर थाना क्षेत्र में पिछले गुरुवार को एसटीएफ ने कैराना में आतंक मचा रहे नामी बदमाश वसीम काला को ठोक दिया है. पुलिस ने बताया है कि वसीम काला पर 50 हजार का इनाम भी घोषित था. कैराना में वसीम काला और मुकीम काला नाम के दो सगे भाइयों ने हिन्दुओं के खिलाफ आतंक मचाया हुआ था. इन्ही जैसों के चलते वहाँ के हिन्दुओं को अपना घर-बार छोड़कर पलायन करना पड़ रहा था.

The Hindus have been forced to flee
In the Sarpurpur police station here on Thursday, the STF has knocked down Naami Badamash Wasim Black, who is facing terror in Karaana. Police have said that the reward of 50 thousand on Wasim Kala was also announced. In Kairana, two brothers in the name of Wasim Kala and Mukim Black were terrorized against the Hindus. Due to these similarities, the Hindus there had to leave their home and flee.

फिलहाल पुलिस इनके अन्य साथि‍यों की तलाश में जुटी है. एसटीएफ के डीएसपी ब्रिजेश कुमार सिंह ने बताया कि उन्हें गुप्त सूचना मिली थी कि वसीम काला अपने साथी के साथ बाइक से करनावल-मीरपुर रजवाहे से आ रहा है. सूचना के आधार पर एसटीएफ की टीम ने कार्रवाई शुरू की और रजवाहे के पास घेराबंदी की गई.

At present, the police is busy looking for his other colleagues. DSP of STF Brijesh Kumar Singh told that he had received secret information that Wasim Kala is coming with his partner from Bikan to Karnal-Mirpur Rajvahi. On the basis of information, the STF team started the action and the siege was done near Rajwahi.

एसटीएफ के एक्शन के बाद कैराना में छायी शान्ति
इसके बाद सामने से एक बाइक पर दो युवक आते दिखे, जिन्हे पुलिस ने रुकने का इशारा किया लेकिन बदमाश शायद भांप गए और पुलिस पर ही गोलियां चलानी शुरू कर दी. जवाब में पुलिस ने भी गोली चलाई, जिसके बाद खुद को चारों ओर से घिरा हुआ देखकर दोनों बदमाश अपनी बाइक छोड़कर खेतों की ओर भागे.

After the action of STF, the peace of mind in Kairana
After this, two youths appeared on the bike from the front, which the police indicated to stop but the miscreants got scared and started firing on the police. In response, the police also fired, after seeing the surroundings surrounded by both the miscreants left their bike and ran towards the fields.

मगर इतने में ही पुलिस की एक गोली वसीम काला को जा लगी और वो मौके पर ही ढेर हो गया, जबकि उसका साथी खेतों के रास्ते भागने में कामयाब रहा. एसटीएफ द्वारा मुठभेड़ की सूचना पर सरूरपुर थाना पुलिस मौके पर पहुंची और खेत में छिपे दुसरे बदमाश की तलाश में कांबिंग शुरू की, मगर तब तक वो भाग निकला था. घंटों तक चली कांबिंग के बावजूद उसका कोई सुराग हाथ नहीं लगा.

But in a lot of the same, one bullet from the police went to Wasim Kala and he got stuck on the spot, while his partner managed to escape through the fields. On the information of the encounter by the STF, the Sarpurpur police station reached the spot and started camping in search of another miscreant hidden in the farm, but by then he had escaped. Despite climbing for hours, there was no clue on his hand.

वसीम काला को अस्पताल पहुंचाया गया, जहां डॉक्टरों ने उसे मृत घोष‍ित कर दिया. पुलिस के मुताबिक एनकाउंटर में मारे गए बदमाश की शिनाख्त शामली में रहने वाले वसीम काला के रूप में हुई है. वसीम पर 50 हजार का इनाम घोषित था और इसके खिलाफ रंगदारी, हत्या, लूट आदि के एक दर्जन से ज्यादा केस दर्ज थे. वसीम कैरान के कुख्यात बदमाश मुकीम काला का सगा भाई था. मुकीम इस समय जेल में बंद है। इसकी दहशत की वजह से कैराना के हिन्दुओं ने पलायन करना शुरू किया था.

Wasim Kala was taken to the hospital, where doctors declared him dead. According to the police, the miscreants killed in an encounter were identified as Wasim Kala, who lived in Shamli. Wasim was declared a reward of 50 thousand and against him more than a dozen cases of dredging, murder, loot etc. were registered. Wasim Karan’s infamous crook was a relative brother of Mukim Black. Mukim is currently in jail. Because of its panic, the Karaana Hindus started to flee.

यह भी देखें:

https://youtu.be/LvTwV08DsAo

https://youtu.be/gxWa3r-mlh0

source zee news

बड़ी खबर: PM मोदी के विरुद्ध कांग्रेसी दलालों की रची बड़ी साजिश का हुआ खुलासा, UP पुलिस ने किया पर्दाफ़ाश

नई दिल्ली : चुनाव जीतने के लिए कांग्रेस और उनके दलाल किस हद तक गिर सकते हैं, इस बात का अंदाजा आपको ये हैरतअंगेज खबर पढ़कर हो जाएगा. यूपी चुनाव से पहले सपा नेताओं ने गुजरात के लोगों को गधा तक कह डाला था. अब गुजरात चुनाव में एक बार फिर गधों का सहारा लेकर कांग्रेस चुनाव जीतने की कोशिश कर रही है. कांग्रेस के दलाल माने जाने वाले एनडीटीवी ने बीजेपी सरकार का मजाक उड़ाते हुए झूठी खबर वायरल कर दी कि यूपी पुलिस ने गधों को चार दिनों के लिए जेल में डाल दिया, मगर यूपी पुलिस ने तुरंत इनकी अक्ल ठिकाने लगा दी.

आकाओं की मदद के लिए झूठी ख़बरें छाप रहा एनडीटीवी
एनडीटीवी की रिपोर्ट के मुताबिक़ उत्तर प्रदेश के जालौन जिले में जेल प्रशासन ने गधों के एक समूह को हिरासत में ले लिया था. इस रिपोर्ट के मुताबिक़ उरई में हिरासत में लिए गए इन गधों ने जिला जेल के बाहर लगे पेड़ों को नुकसान पहुंचाया था, जिसके बाद जेल प्रशासन के कर्मचारी इन्हें पकड़कर ले आए.

हालांकि ये खबर पूरी तरह से झूठी और बकवास थी, मगर फिर भी बिना सच्चाई की पड़ताल किये कई मीडिया चैनलों व् अखबारों ने प्रमुखता से इस खबर को चलाया और बीजेपी सरकार पर खूब कीचड उछाला गया. कोंग्रेसी दलालों की पूरी कोशिश थी कि किसी तरह इस मुद्दे को लेकर मोदी को घेर लिया जाए और गुजरात चुनाव को प्रभावित किया जाए.

यूपी पुलिस ने दी चेतावनी
मगर यूपी पुलिस ने तुरंत घटना का संज्ञान लेते हुए जांच की और पाया कि पूरी खबर कोरी बकवास है और यूपी पुलिस ने किसी गधे को नहीं पकड़ा है. जिसके बाद एनडीटीवी को फटकार लगाते हुए यूपी पुलिस ने आगे से जांच करके रिपोर्ट छापने के लिए कहा.

मगर बदतमीजी की इंतहां देखिये कि गलती पकडे जाने पर भी एनडीटीवी ने माफ़ी नहीं मांगी. माफ़ी मांगना तो दूर, उलटा यूपी पुलिस को ही नसीहत देते हुए कह दिया कि ये रिपोर्ट उनके बारे में है ही नहीं. वहीँ देश की जनता इस झूठी खबर और मोदी के खिलाफ मीडिया के एक वर्ग द्वारा किये जा रहे षड्यंत्र को देख बुरी तरह भड़क उठे.

https://twitter.com/Rajdeep4G/status/935375764794388480

ट्विटर व् फेसबुक पर लोगों ने एनडीटीवी को जी-भर कर कोसा. लोगों ने ट्वीट करके कहा कि मीडिया जितनी झूठी ख़बरें चलाएगा, मोदी उतना ही आगे बढ़ेगा. वहीँ कुछ लोगों ने एनडीटीवी पत्रकारों को अफवाह फैलाने के लिए जेल भेजे जाने तक के लिए कहा.

बता दें कि एनडीटीवी सदा ही देश विरोधी गतिविधियों में लिप्त रहा है. इससे पहले भी आतंकवादियों की मादा करने के आरोप के चलते सरकार ने इस चैनल को एक दिन के लिए बैन करने का फैसला लिया था, मगर तब सभी वामपंथी पत्रकार उसके समर्थन में आकर घड़ियाली आंसू बहाते हुए उसे प्रेस की आजादी पर ख़तरा बताने लगे थे.

मगर ये साफ़ है कि एक पार्टी के खिलाफ एजेंडा चलाने वाले ऐसे डिज़ाइनर पत्रकार अपने आकाओं को चुनाव में जीत दिलाने के लिए झूठी, फर्जी ख़बरें छापने से भी संकोच नहीं करते हैं. ऐसे में इनके द्वारा छापी गयी किसी भी खबर का विशवास करना मुश्किल हो जाता है.

यह भी देखें :

https://youtu.be/6KzO3XxanXM

https://youtu.be/KZmJrB0_U64

source zee news