ब्रेकिंग न्यूज़: UP और बिहार के उपचुनावों में चौंकाने वाले नतीजे आये सामने, इस पार्टी को मिली जोरदार बढत…

गोरखपुर: गोरखपुर लोकसभा सीट पर हुए उपचुनाव में वोटों की गिनती जारी है. समाजवादी पार्टी (सपा) प्रत्याशी प्रवीण निषाद ने मतगणना में गड़बड़ी का आरोप लगाया है. मतगणना केंद्र पर मीडियाकर्मियों की एंट्री पर रोक लगा दी गई है. आरोप है कि गोरखपुर में 8 राउंड वोटों की गिनती हो चुकी है, लेकिन केवल पहले राउंड के रुझान जारी किए गए हैं. विवाद बढ़ने पर गोरखपुर के जिलाधिकारी मतगणना केंद्र पर पहुंच गए हैं. शुरुआती रुझानों में बीजेपी के प्रत्याशी उपेंद्र शुक्ला आगे रहे. विवाद के बाद तीसरे राउंड के आंकड़े जारी किए गए, जिसमें सपा के प्रवीण निषाद बीजेपी के उपेंद्र शुक्ला से 1500 वोटों से आगे चल रहे हैं.

Gorakhpur: Counting of votes is going on in the by-election by the Gorakhpur Lok Sabha seat. Samajwadi Party (SP) candidate Pravin Nishad has accused the counting of votes. The entry of media persons on the counting center has been banned. It is alleged that 8 round votes have been counted in Gorakhpur, but only the first round trends have been issued. On the rise of the controversy, the District Magistrate of Gorakhpur reached the counting centers. In the initial trends, BJP’s candidate Upendra Shukla is ahead. After the controversy, statistics of third round were released, in which Praveen Nishad of SP is running ahead of BJP’s Upendra Shukla with 1,500 votes.

वोटों की गिणती शुरू होते ही बोले सपा प्रत्याशी प्रवीण निषाद, EVM में छेड़छाड़ करके मुझे हराया जाएगा
इससे पहले मतगणना शुरू होने के ठीक बाद समाजवादी पार्टी (सपा) के प्रत्याशी प्रवीण निषाद ने कहा कि उन्हें हराने के लिए राज्य सरकार प्रशासन का दुरुपयोग करेगी. प्रवीण निषाद ने आरोप लगाया कि वोटों की गिणती शुरू होते ही मतगणना केंद्र से उनके प्रतिनिधि को बाहर कर दिया गया है. उन्होंने आरोप लगाया कि इससे पहले भी गोरखुपर में बीजेपी वोटों की गिणती में हेरफेर करके साल 1999 में जमुना प्रसाद निषाद को हरा चुके हैं. प्रवीण निषाद ने आरोप लगाया कि बीजेपी इस बार भी ईवीएम बदलकर मतगणना में गड़बड़ी कर सकती है.

As soon as the counting of votes begins, SP supremo Praveen Nishad, I will be defeated by tampering EVM
Just before the counting began, Samajwadi Party (SP) candidate Pravin Nishad said that the state government would misuse the administration to defeat them. Praveen Nishad alleged that his representative was removed from the counting center as soon as the counting of votes started. He alleged that even earlier, in Bihar, manipulation of BJP votes in Gorakhpur defeated Jamuna Prasad Nishad in 1999. Praveen Nishad alleged that BJP can also change EVMs this time and make a difference in the counting of votes.

मालूम हो कि योगी आदित्यनाथ के मुख्यमंत्री बनने के बाद से गोरखपुर सीट खाली हुई है. वहीं केशव प्रसाद मौर्य के उपमुख्यमंत्री बनने के बाद फूलपुर लोकसभा सीट खाली हुई है.

It is known that after becoming the Chief Minister of Yogi Adityanath, the seat of Gorakhpur has been vacant. At the same time, after becoming the Deputy Chief Minister of Keshav Prasad Maurya, the Phulpur Lok Sabha seat has vacated.

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बीजेपी ने फूलपुर से कौशलेंद्र सिंह पटेल तथा गोरखपुर से उपेंद्र दत्त शुक्ल को उम्मीदवार बनाया है, जबकि इन दोनो सीटों पर समाजवादी पार्टी ने क्रमश: परवीन निशाद तथा नागेंद्र प्रताप सिंह मैदान में है. कांग्रेस ने इन दोनो सीटों पर भाजपा और सपा उम्मीदवारों के सामने क्रमश: मनीष मिश्र एवं सुरीथा करीम को खड़ा किया है.

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BJP has fielded Kuslendra Singh Patel from Phulpur and Upendra Dutt Shukla from Gorakhpur, while the Samajwadi Party in both these seats are Parvin Nishad and Nagendra Pratap Singh in the fray respectively. The Congress has fielded Manish Mishra and Suritha Karim in front of BJP and SP candidates in these two seats respectively.

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गोरखपुर में अपने मताधिकार का इस्तेमाल करने के बाद योगी आदित्यनाथ ने कहा था कि भाजपा को चौतरफा समर्थन मिल रहा है.‘‘ लोगों को पता है कि विकास ही एक मात्र रामबाण है.’

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After using his franchise in Gorakhpur, Yogi Adityanath had said that the BJP is getting all-round support. “People know that development is only a sovereign one.”

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https://youtu.be/hsfxfSRtdUs

https://youtu.be/k87GwTUEGuQ

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योगी सरकार ने यूपी के लिए लागू किया इतिहास का सबसे जबरदस्त बजट, आखरी क्षण मे कर डाले ये एहम बदलाव..

आबादी के लिहाज से देश के सबसे बड़े सूबे उत्तर प्रदेश का वर्ष 2018-19 का बजट शुक्रवार को विधानसभा में पेश कर दिया योगी सरकार के इस बजट में आगमी लोकसभा चुनाव की छाप साफ़ नजर आई यूपी के वित् मंत्री राजेश अग्रवाल ने सवा चार लाख रुपये के बजट में यूवाओं और किसनो के लिए युवाओं और किसानों के लिए कई घोषणाएं कर उह्न्ने लुभ्ने का कर उन्हें लुभाने का प्रयास किया। साथ ही आधारभूत ढांचे के विकास के लिए करोड़ों रुपये आवंटित

In the opinion of the Yogi Sarkar, the budget for the year 2018-19 in Uttar Pradesh, the largest constituency in the country, was introduced in the Vidhan Sabha on Friday, the finance minister Rajesh Aggarwal, who was present in the budget, In the budget of the youth, the youth and the farmers tried to entice them by making many announcements for the youth and the farmers. Also allocated crores of rupees for infrastructure development

वर्ष 2018-19 के लिए कुल 4,28,384.52 करोड़ रुपये का बजट पेश किया गया। यह 2017-2018 के बजट से 11.4 प्रतिशत अधिक है। बजट में 14,341.89 करोड़ रुपये की नई योजनाएं शुरू की गईं। हजारों करोड़ रुपये की नई योजनाएं शुरू करके प्रदेश सरकार ने लोकसभा चुनाव से पहले विकास को तवज्जो देने की कोशिश की है।

A total budget of Rs 4,28,384.52 crore was presented for the year 2018-19. This is 11.4 percent more than the budget of 2017-2018. In the budget, new schemes of Rs. 14,341.89 crore have been started. Starting the new schemes of thousands of crores, the state government has tried to give special consideration to development before the Lok Sabha elections.

बुंदेलखंड को खास तवज्जो

राज्य सरकार ने किसनो के लिए खजना खोल दिया है| सरकार ने 100 करोड़ के अग्रिम भंडारण और किसानों को कम ब्याज दर पर फसली ऋण उपलब्ध कराने हेतु सब्सिडी योजना के तहत 200 करोड़ रुपये की व्यवस्था। इसके अलावा सरयू नहर परियोजना के लिए एक हजार 614 करोड़ रुपये दिया गया है। वित्त मंत्री ने कहा है कि कृषि पशुधन और विकास पर फोकश करगी |। प्राथमिक कृषि सहकारी समितियों के कम्प्यूटरीकरण हेतु 31 करोड़ रुपये की बजट व्यवस्था की गई है।

Special thanks to Bundelkhand

The state government has opened a treasure for the farmers. A provision of Rs. 200 crore under the subsidy scheme for the advancement of 100 crore rupees and to provide crop loan to the farmers at low interest rate. In addition, a thousand 614 crores have been given for the Saru Canal project. The Finance Minister has said that agriculture will focus on livestock and development. A budget of Rs. 31 crore has been made for computerization of primary agricultural cooperatives.


पशु स्वास्थ्य के लिए 100 करोड़

योगी सरकार ने राज्यभर में पशुओं की सुरक्षा पर विशेष बल दिया इसके तहत राष्टीय पशु स्वास्थ्य तथा रोग नियंत्रण कार्यक्रम हेतु 100 करोड़ रुपये की व्यवस्था की गई है बात दे प्रदेश में 770 सचल पशु चिकित्स्लय सचालित किये जा रहे है जिसमे पशु आरोग्य और नस्ल अपेक्षा है|इसके लिये सरकार ने 27 करोड़ रुएये की व्यवस्था की है

100 crores for animal health

Yogi Sarkar gave special emphasis on protection of animals across the state, under which a provision of Rs.100 crore has been made for National Animal Health and Disease Control Program. Speaking to the people, 770 Drugs Animal Animal Therapy is being organized in the state, which includes Animal Health and Breed
The government has arranged for Rs. 27 crores for this

विकास पर जोर

प्रदेश की मेट्रो परियोजनाओं को गति देने के लिए बजट में 500 करोड़ प्रावधान किया है इसके अलावा सड़क बनाने के लिये 11 हजार 343 करोड़ पुल के लिए 1817 करोड़ जारी किए गए है |गोरखपुर लिंक एक्सप्रेस वे के लिये पूर्वांचल एक्सप्रेस वे लिये 1000 करोड़ आगरा लखनऊ एक्सप्रेस वे बचे हुए काम करने के लिए 500 करोड़ दिए गए है |

Emphasis on development

In order to accelerate the state’s metro projects, 500 crore has been made in the budget, apart from this, for the construction of the road, 11183 crore bridges have been released for 1817 crores. For the Purkhal Express expressway for Gorakhpur Link Express, 1000 Crore Agra Lucknow Express has been given 500 crores for the remaining works.

शिक्षा व्यवस्था को सुधारने पर बल

प्रदेश की बदहाल शिक्षा व्यवस्था को दुरुस्त करने के लिए इस वर्ष योगी सरकार रोड़ों रुपये खर्च करने जा रही है। बजट में शिक्षा 1 से लेकर 8वीतक की शिक्षा मुफ्त करने मुफ्त किताबे के लिए 76 करोड़ रुपये माध्यमिक शिक्षा कल्याण के लिए 480 करोड़ रूपये उच्चतर शिक्षा के लिए 176 करोड़ रूपये कक्षा 1 से 8 तक बच्चों के यूनिफार्म के लिए 40 करोड़ रूपये और मिड डे मील के लिए 2 हजार 48 करोड़ में आवंटित किए गए हैं। वित्त मंत्री राजेश अग्रवाल ने कहा कि मदरसों के आधुनिकीकरण पर सरकार 440 करोड़ रुपये खर्च करेगी।

Strengthening education system

To improve the state’s poor education system this year, the Yogi Government is going to spend bucks of rupees. Rs.180 crores for free education, Rs. 480 crores for the education welfare, Rs. 176 crores for higher education, Rs. 40 crores for Uniforms of children between 1 to 8 and Mid Day Meal for free education. 2 thousand 48 crores have been allocated for Finance Minister Rajesh Aggarwal said that the government would spend Rs 440 crore on the modernization of madrassas.

प्रदेश के 10 जिले बनेंगे स्मार्ट राज्य सरकार ने केंद्र की मोदी सरकार स्मार्ट सिटी योजना को तेजी देने का फैसला किया |इसके तहत लखनऊ,कानपूर ,आगरा ,वाराणसी,इलाहाबाद, अलीगढ़, झाँसी, मुरादाबाद, बरेली तथा सहारनपुर के लिए स्मार्ट सिटी मिशन योजना अन्तर्गत 1 हजार 650 करोड़ रुपये की व्यवस्था प्रस्तावित की गई है।

10 districts of the state will become smart
The state government decided to speed up the Modi government’s smart city scheme under which under the smart city mission scheme for Lucknow, Kanpur, Agra, Varanasi, Allahabad, Aligarh, Jhansi, Moradabad, Bareilly and Saharanpur, Rs.1650 crores The arrangement has been proposed.

यूवाओं के लिए रोजगार पर फोकस

UP के बजट 2018-2019 में युवाओं के लिए स्वरोजगार और प्रदेश में और प्रदेश में उद्योगों के लिए माहौल बनाने पर विशेष बल दिया गया है। इसके तहत 250 करोड़ के स्टार्टअप फण्ड दिन दयाल ग्रामधोग योजना के लिए 10 करोड़ खादी मार्केटिंग के लिए 20 करोड़ का प्रावधान किया गया हैइसके अलावा यूपी हैण्डलूम, पावरलूम, सिल्क, टेक्सटाइल्स ऐंड गारमेंट नीति -2017 हेतु 50 करोड़ रुपये की व्यवस्था की गई है।

Focus on Employment for the Youth

Self budget for youth in UP budget 2018-2019Special emphasis has been given to create an environment for industries in the state and in the state. Under this, a provision of Rs. 20 crore has been made for the marketing of 100 million Khadi for startup fund Day Dayal gramdog scheme of 250 crore. Apart from this, a provision of Rs. 50 crore has been made for UP Handloom, PowerLoom, Silk, Textiles and Garment Policy-2017.

बजट में प्रधानमंत्री मातृ वन्दना योजना के लिए 291 कोर रुपये की व्यवस्था की गई ग्रामीण क्षेत्रों में इस वर्ष 100 नयेआयुर्वेदिक चिकित्सालयों की स्थापना का लक्ष्य रखा गया है। पीपीपी मोड पर 170 नैशनल मोबाइल मेडिकल यूनिट का संचालन किये जाने का निर्णय लिया गया है। प्रधानमंत्री स्वस्थ सुरक्षा योजना के फेज ३ के अंतर्गत ४ मेडिकल कॉलेज झाँसी , गोरखपुर ,इलहाबाद तथा मेरठ में उच्चीकृत विभाग बनाये जा रहे है .

In the budget, a provision of setting up of 100 new Ayurvedic hospitals has been set up in rural areas for the provision of 291 crore rupees for Prime Minister Mata Vandana Yojna. It has been decided to run 170 National Mobile Medical Unit at PPP mode. Under the Phase 3 of the Prime Minister Healthy Protection Scheme, 4 Medical Colleges are being upgraded in Jhansi, Gorakhpur, Allahabad and Meerut

SOURCEPOLKITICALREPORT

 

अभी अभी: UP से आयी इस खबर से ख़ुफ़िया एजेंसी समेत PM मोदी के उड़े होश, पूरे देश में मचा हडकंप…

लखनऊ : यूपी में सीएम योगी को अभी सिर्फ 100 ही दिन हुए हैं लेकिन उसमें ही उन्होंने ऐसे कई तीखे फैसले के साथ सपा के घोटालों का कच्चा चिटठा खोल के रख दिया है कि कुछ लोगों को लगता है अब योगी सरकार रास नहीं आ रही है. अभी अभी यूपी से ऐसी खबर आयी है जिसने एक पल में पूरे देश में दहशत का माहौल पैदा कर दिया है.

Lucknow: CM Yogi has been in just 100 days in UP, but in the same way, he has kept the raw paper of SP’s scandal with so many sharp decisions that some people feel that the Yogi Government is not coming to the rescue. Right now, there has been such news from the UP that has created a panic in the entire country in a moment of panic.

यूपी विधानसभा में मचा हड़कंप, दहशत का माहौल
अभी कुछ वक़्त पहले भी सीएम योगी जब अपना भाषण दे रहे थे तो उन्होंने बुलेट प्रूफ कांच के पीछे रहने की हिदायत दी गयी थी. क्यूंकि आये दिन सीएम योगी को आतंकी खतरे की धमकियाँ मिल चुकी हैं. ऐसी ही ताज़ा खबर अभी अभी एएनआई न्यूज़ एजेंसी से आ रही है जहाँ खुलासा हुआ है कि यूपी विधानसभा में बुधवार को चेकिंग के दौरान बेहद खतरनाक विस्फोटक मिला है. इसकी पुष्टि फॉरेंसिक टेस्ट से भी हो चुकी है ये एक PETN टाइप का भीषण तबाही वाला विस्फोटक है. इसके केवल 100 ग्राम से ही एक कार को पल भर में राख बना देने की ताक़त होती है.

Opposition in UP Assembly, panic attack
At some point in time, even when CM Yogi was giving his speech, he was instructed to be behind the bullet proof glass. Because the Yi Yi has received threats of terrorist threat during the days of coming. The latest news is coming from the ANI News Agency, which has revealed that on Wednesday, in the UP Assembly, it found extremely dangerous explosives during checking. It has been confirmed from the forensic test, it is a blasting explosive of a PETN type. Only 100 grams of it has the power to make a car ash throughout the moment.

समाजवादी पार्टी के विधायक की सीट के नीचे मिला विस्फोटक
इसे विधानसभा की सुरक्षा में एक बहुत बड़ी चूक बताया जा रहा है. आपको बता दें कि अभी यूपी विधानसभा में बजट सत्र चल रहा है. पाए गए विस्फोटक की मात्रा 60 ग्राम बताई जा रही है. यह उस जगह मिला जहाँ सभी पार्टी के विधायक बैठते हैं और सबसे खास बात यह रही कि ये विस्फोटक समाजवादी पार्टी के विधायक मनोज पांडे की सीट के नीचे एक नीले रंग की पॉलिथीन में मिला. जिसके बाद सभा में बुरी तरह हड़कंप मच गया.इस मामले की जांच यूपी एटीएस को सौंप दी गई है.

Explosive found under the seat of the Samajwadi Party legislator
This is being said to be a big mistake in the security of the assembly. Let us tell you that the budget session is going on in the UP Assembly now. The amount of explosive found is 60 grams. This is found in the place where all the party’s legislators sit and the most important thing is that they were found in a blue polythene under the seat of the explosive socialist party MLA Manoj Pandey. After which the meeting was badly stirred. The investigation of this case has been handed over to the UP ATS.

जिसके चरण बाद सीएम योगी ने शाम 4 बजे डीजीपी, प्रुमख सचिव, विधानसभा सचिव, प्रमुख सचिव गृह, प्रमुख सचिव सचिवालय प्रशासन, एडीजी लॉ ऐंड ऑर्डर, एडीजी सिक्यॉरिटी, एएसपी विधान सभा समेत तमाम वरिष्ठ अधिकारियों को बुलाया और विधान सभा और सचिवालय की सुरक्षा में लापरवाही के लिए खूब फटकार लगाई.

After that phase, CM Yogi called all the senior officers including DGP, Senior Secretary, Assembly Secretary, Principal Secretary Home, Principal Secretary Secretariat Administration, ADG Law and Order, ADG Security, ASP Vidhan Sabha and security of the Legislative Assembly and Secretariat. There was a lot of reproach for negligence.

लेकिन सबसे बड़ा सवाल यह है कि यह विस्फोटक अंदर कैसे पहुंचा और क्या सीएम योगी की जान को खतरा है? दरअसल, यूपी विधानसभा में जाने के लिए बहुस्तरीय सुरक्षा चक्रों से गुजरना पड़ता है. यही नहीं विधानसभा में सिर्फ विधायकों, मंत्रियों, सफाईकर्मचारी और मार्शल को ही जाने की इजाजत है.

But the biggest question is how did the explosive reach the inside and what is the danger of the CM Yogi’s life? Indeed, to go to the UP assembly, it has to go through multi-level security cycles. Not only that, legislators, ministers, volunteers and martials are allowed to go to the assembly only.

सबसे ज़्यादा खतरनाक और भयावह वाला है यह PETN विस्फोटक
दुनिया के 5 सबसे खतरनाक विस्फोटकों में शामिल है PETN. यह बेहद खतरनाक शक्तिशाली प्लास्टिक विस्फोटक होता है इससे बंकरों या ट्रेन में धमाकों के लिए इस्तेमाल में लाया जाता है. यह गंधहीन होता है इसलिए इसे खोजी कुत्ते और मेटल डिटेक्टर तक में पकड़ना बेहद मुश्किल होता है. बहुत कम मात्रा में भी बहुत बड़ा धमका हो किया जा सकता है. यहाँ तक की इसे एक्स रे मशीन भी नहीं पकड़ पाती हैं. यह एक खतरनाक रासायनिक पदार्थ होता है. साल 2011 में दिल्ली हाई कोर्ट में ऐसे ही धमाके का इस्तेमाल किया गया था.

The most dangerous and frightening is the PETN explosive
The world’s 5 most dangerous explosives include PETN It is a very dangerous powerful plastic explosive, it is used in the bunkers or in the train for explosions. It is odorless, so it is very difficult to catch it in the detective dog and metal detector. In very small quantities, too much threat can be done. Even this X-ray machine can not even catch it. This is a dangerous chemical substance. Similar explosions were used in the Delhi High Court in 2011.

उल्टा समाजवादी पार्टी सीएम योगी पर उठा रही है ऊँगली
सपा को कभी किसी से खतरा हो सकता है ये ज़रा मुश्किल लग रहा है तो उल्टा सपा नेता घनश्याम तिवारी ने कहा है इस तरह की चूक काफी चिंताजनक है सरकार को प्रदेश की सुरक्षा पुख्ता करनी चाहिए. सरकार सुरक्षा की बात करती है लेकिन बीजेपी की सरकार ने प्रदेश और देश का बुरा हाल कर दिया है.

Inverted Samajwadi Party is raising on CM Yogi
The SP is likely to face any danger, it is difficult to find. In contrast, Samajwadi Party leader Ghanshyam Tiwari has said that such a mistake is a matter of concern and the government should ensure the security of the state. Government talks about security but the BJP government has made the state and the country bad.

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https://www.youtube.com/watch?v=2p5FWA_BBz4

https://youtu.be/6KzO3XxanXM

कासगंज हिंसा:पाकिस्तानी सेना और चाँद के हत्यारों के कनेक्शन का खुलासा,जिसे जान योगी समेत मोदी भी हैरान |

दिल्ली:गौरतलब है कि उत्‍तर-प्रदेश के कासगंज में बीते शुक्रवार को हुई हिंसा मे 22 वर्षीय चंदन गुप्‍ता की मौत हो गई थी. बता दे कि गणतंत्र दिवस (26 जनवरी) के मौके पर विश्‍व हिन्‍दू परिषद (वीएचपी) और अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद (एबीवीपी) के छात्रों ने निकाली थी. इस तिरंगा-यात्रा को मुस्लिम बहुल इलाके से निकालने के दौरान भड़की हिंसा में चंदन गुप्ता की मौत हो गई थी.

चन्दन की हत्या उस समय में हुई थी जब एक तरफ सीमा पर जवान पाकिस्तानी सेना से लोहा ले रहे हैं वहीँ देश के अंडा जब कुछ हिन्दुतानी युवाओं ने मात्र यह कह दिया की आप यदि हिन्दुस्तानी हो तो वन्दे मातरम कहना ही चाहिए ,मग इससे देश में छुपे गद्दार बहार निकल आये और देश के इन सपूतों पर हमला कर चन्दन की बेरहम हत्या करदी ,यह क्कुछ वैसा ही है जैसे कुछ समय पहले सेना के जवानों को सीमा पर गश्त लगते हुए चुपके से मार दिया गया था ,इसलिए चन्दन को शहीद कहा जाना कुछ गलत नहीं होगा |

चंदन गुप्ता
पुलिस के एक सूत्र ने बताया, वहां पर करीब 50 की संख्या में युवक मौजूद थे और उनमें से एक ने हाथ में तिरंगा झंडा लिया हुआ था। इनमें एक युवक के हाथ में बंदूक भी दिख रही थी और कुछ अन्य ने डंडे ले रखे थे। इस दौरान कई राउंड हवाई फायर किए गए और मुस्लिम बहुल इलाकों की तरफ पत्थरबाजी भी की गई।

इसके साथ ही शहर कोतवाली के एसएचओ रिपुदमन सिंह की तरफ से फाइल की गई एफआईआर में कहा गया है कि, ‘तिरंगा यात्रा में शामिल युवाओं को दूसरे समुदाय के लोगों ने अपनी कॉलोनी के रास्ते जाने से मना किया, जिसके बाद दोनों समूहों में झड़प होने लगी। जब पुलिस ने मामला शांत कराने के लिए हस्तक्षेप किया तो किसी ने बात नहीं मानी। इसी दौरान गली में गोली चलने की आवाज आई। इसके बाद दोनों तरफ से पत्थरबाजी और फायरिंग होने लगी। पुलिसकर्मियों को भी टारगेट किया गया।’

आईएएस प्रदीप कासनी
तो वही कासगंज हिंसा पर बरेली डीएम के फेसबुक पोस्ट को लेकर विवाद अभी थमा नहीं था कि अब एक और आईएएस अधिकारी मामले में टिप्पणी कर विवादों को न्योता दे बैठे हैं। अपने फेसबुक पोस्ट्स और अलग-अलग मसलों पर बेबाक राय रखने के लिए मशहूर आईएएस प्रदीप कासनी ने बरेली के डीएम के पोस्ट का जिक्र कर कासगंज हिंसा पर तंज कसा है।

प्रदीप कासनी ने बरेली के डीएम कैप्टन राघवेंद्र विक्रम सिंह के पोस्ट का जिक्र किया है। उन्होंने लिखा है- ‘एक जिला मैजिस्ट्रेट? भीष्म साहनी कृत ‘तमस’ नहीं पढ़ा होगा!’ भीष्म साहनी की महान कृतियों में से एक मानी जाने वाली ‘तमस’ 1947 में बंटवारे के वक्त हुए सांप्रदायिक दंगों की कहानी है।

गौरतलब है कि बरेली के डीएम सिंह ने कासगंज हिंसा का नाम लिए बिना लिखा था कि मुस्लिम मोहल्लों में जबरदस्ती जुलूस ले जाने और पाकिस्तान मुर्दाबाद के नारे का अजीब रिवाज बन गया है। उनका यह पोस्ट काफी वायरल हुआ था और बाद में उन्होंने इसे हटा लिया था।

यूपी के आगरा और फिरोजाबाद मे तिंरगा यात्रा को बुधवार को प्रशासन ने बीच में ही रोक दिया. आगरा में विश्व हिंदू परिषद और बजरंग दल के कार्यकर्ता तिरंगा यात्रा निकाल रहे थे. प्रशासन ने इस तिरंगा यात्रा को निकालने की अनुमति नहीं दी थी. इसलिए प्रशासन इस यात्रा को रोक दिया. प्रशासन ने पहले ही कह दिया था कि पूरे शहर में धारा 144 लगी हुई है. यात्रा नहीं निकाली जा सकती है. लेकिन यहां सुबह से ही सैंकड़ों की संख्या में वीएचपी के कार्यकर्ता बड़ी़ संख्या में एकत्रित हो गए थे.

ऐसा ही एक वीडियो ‘Unofficial Sususwamy‏’ नाम के ट्विटर अकाउंट द्वारा 31 जनवरी को शेयर किया गया।वीडियो में कुछ गाड़‍ियों पर तिरंगा और कुछ पर भगवा झंडा लिए युवक नारेबाजी कर एक गली से गुजरते दिख रहे हैं। वीडियो फूलों की किसी दुकान के भीतर से लिया गया मालूम होता है। ‘वंदे मातरम’ के नारों के बीच कुछ युवक कहते हैं, ”हिंदुस्‍तान में रहना होगा, वंदे मातरम कहना होगा।’

कासगंज मामले में CM योगी को कामयाबी,पकड में आया हत्यारा तो उगले ये बड़े-बड़े नाम ,जिहादियों की रूह तक दहशत

लखनऊ : कासगंज दंगे के बाद सीएम योगी ने बयान दिया था कि आरोपियों को बक्शा नहीं जाएगा. सीएम योगी का वादा पूरा होता दिख रहा है क्योंकि पुलिस ने चंदन गुप्ता के हत्यारे तीन भाइयों में से एक को धर-दबोचा है. सलीम नाम का पहला जिहादी पुलिस की हिरासत में आ चुका है और फिलहाल कासगंज कोतवाली में तेल पिलाये डंडों से उसकी अच्छी तरह से खातिरदारी हो रही है.

Lucknow: After the Kasganj riots, CM Yogi made the statement that the accused will not be expelled. The promise of CM Yogi is being fulfilled because the police has arrested Chandan Gupta’s killer, one of the three brothers. The first jihadist named Salim has been in the custody of the police and at present he is getting good accountability with the oil pellet sticks in Kasganj Kotwali.

पुलिस अपने तरीके से पूछताछ कर रही है और वसीम व् नसीम को तलाश कर रही है. पुलिस ने इनके घर पर कुर्की का नोटिस भी लगाया है, यदि एक मार्च तक ये आरोपी कोर्ट में हाजिर नहीं हुए तो उनकी संपत्ति जब्त कर ली जाएगी.

The police is interrogating in their own way and looking for Wasim or Nasim. The police has also issued a notice of attachment to their house, if the accused did not appear in the court till March 1, their property would be seized.

सामने आया चंदन का आखिरी वीडियो
बता दें कि चंदन की 26 जनवरी को हत्या हुई थी और एबीपी न्यूज़ समेत कई चैनलों ने सारा दोष चन्दन व् उसके साथियों पर ही मढ़ दिया था. इन मीडिया चैनलों ने झूठी न्यूज़ चलाई कि चन्दन व् उसके साथी भगवा झंडा लेकर यात्रा निकाल रहे थे और मुसलमानों को भड़काने वाले नारे लगा रहे थे, जबकि चन्दन के वीडियो से साफ़ हो गया है कि वो बुलेट से तिरंगा यात्रा लेकर निकला था.

Chandan’s last video appeared
Please tell that Chandan was murdered on January 26 and several channels including ABP News had plundered the entire blame on the Chandni and his companions. These media channels carried out false news that Chandan and his companions were carrying out the saffron flag and were shouting slogans provoking Muslims, while the video of Chandan became clear that he had come out with a bullet from the bullet.

चन्दन गुप्ता तिरंगा यात्रा में सबसे आगे चल रहा था. उसके हाथ में तिरंगा झंडा था, नाकि भगवा झंडा और वो कोई आपत्तिजनक नारेबाजी भी नहीं कर रहा था. जिहादी तत्वों की सुनियोजित साजिश थी दंगा करने की. इसी के चलते जानबूझकर तिरंगा यात्रा को मुस्लिम बहुल इलाके से गुजरने से रोक दिया गया.

Chandan Gupta was leading in the tri-color journey. He had a tricolor flag in his hand, not a saffron flag and he was not even making any objectionable sloganeering. The planned plot of jihadist elements was to riot. Due to this, intentionally the Tiranga Yatra was stopped from passing through a Muslim dominated area.

जब एबीवीपी कार्यकर्ताओं ने इसपर ऐतराज जताया तो उनपर घरों की छतों से फायरिंग की गयी और पत्थरबाजी की गयी. यूपी पुलिस के मुताबिक़ जिहादी तत्वों ने पुलिस के जवानों पर भी फायरिंग की.

When ABVP activists protested, they were fired and stone-shaped from the roofs of the houses. According to the UP Police, jihadi elements also firing on the police jawans.

गृह मंत्रालय ने मांगी विस्तृत रिपोर्ट
गृह मंत्रालय ने राज्य सरकार को शुक्रवार को शुरू हुयी हिंसा तथा उसके बाद इलाके में शांति के लिए उठाए गए कदमों के बारे में विस्तृत रिपोर्ट देने को कहा है. राज्य सरकार से यह भी कहा गया है कि हिंसा में शामिल लोगों को दंडित करने के लिए उठाए गए कदमों का ब्यौरा भी मुहैया कराए. मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा है कि उनकी सरकार राज्य के हर नागरिक को सुरक्षा प्रदान करने के लिए प्रतिबद्ध है और अराजकता फैलाने वालों से सख्ती से निपटा जाएगा.

Detailed report sought by the Home Ministry
The Home Ministry has asked the state government to submit a detailed report on the violence launched on Friday and subsequently steps taken for peace in the area. It has also been said to the state government that details of the steps taken to punish people involved in the violence have also been provided. Chief Minister Yogi Adityanath has said that his government is committed to providing security to every citizen of the state and those who spread the chaos will be dealt with strictly.

हिंसा में अबतक 145 लोग गिरफ्तार
चंदन की हत्या के आरोप में 20 नामजद लोगो पर एफआईआर है. पांच नामजद और छह अज्ञात समेत 11 की गिफ्तारी हो चुकी है. 15 नामजद आरोपियों की गिरफ्तारी अभी बाकी है. कासगंज में हिंसा के सिलसिले में 145 लोगों को गिरफ्तार किया गया है.

145 people arrested in violence
There is an FIR on 20 nominated people for the charge of killing Chandan. Five nominations and six unidentified 11 people have been arrested. 15 Nominated accused are yet to be arrested. 145 people have been arrested in connection with the violence in Kasganj.

योगीराज में UP से आयी बेहद चौंका देने वाली खबर, जिसे पढ़ PM मोदी समेत पूरा देश रह गया दंग…

लखनऊ : मुलायम, मायावती और फिर अखिलेश, तीनों ने मिलकर प्रदेश को बीमारू राज्य बनाये रखने में कोई कसर नहीं छोड़ी थी. मायावती ने अपने कार्यकाल में जमकर लूट मचाई और अखिलेश तो उनसे एक कदम आगे निकल गए, लूटने के साथ-साथ तुष्टिकरण के लिए दंगे-फसाद तक करवाए. मगर पीएम मोदी और सीएम योगी ने प्रदेश की जनता से किया सबसे बड़ा वादा पूरा कर दिखाया है, जिससे प्रदेश की जनता में काफी ख़ुशी देखी जा सकती है.

Lucknow: Mulayam, Mayawati and then Akhilesh, together with the three, had left no stone unturned to make the state a sick state. Mayawati had looted her lot during her tenure and Akhilesh went one step ahead of her, along with looting as well as for rioting for appeasement. But PM Modi and CM Yogi have fulfilled the biggest promise made to the people of the state, which can be enjoyed very well in the people of the state.

यूपी में 2500000000000 रुपये का निवेश
दरअसल प्रदेश में गुंडा राज होने के कारण कोई भी बड़ी कंपनी यूपी में निवेश नहीं करना चाहती थी, जिसके कारण यहाँ के लोगों को अन्य राज्यों में भटकना पड़ता था. मगर सीएम योगी के राज में यूपी पुलिस ने धड़ाधड़ एनकाउंटर करके ज्यादातर बड़े गुंडों को परलोक पहुंचा दिया और अन्य जेलों में ठूंस दिए गए. साथ ही यूपीकोका बिल को भी मंजूरी दे दी गयी.

Investments of Rs. 25000000000 in UP
In fact, because of the Gunda rule in the state, no big company wanted to invest in UP, due to which the people here had to wander in other states. But in the reign of CM Yogi, the UP Police, after dismantling most of the big goons, was beaten up and thrown into other jails. Also the UPCOCA bill was approved.

लिहाजा प्रदेश अपराध मुक्त होता जा रहा है. परिणामस्वरूप उत्तर प्रदेश में फरवरी में होने वाले निवेशक सम्मेलन के दौरान जबरदस्त निवेश होने जा रहा है. कंपनियों ने सीएम योगी के राज पर अपना भरोसा जताया है. अधिकारियों के मुताबिक़ राज्य में अब तक 2500000000000 रुपये यानी करीब ढाई लाख करोड़ रुपये से अधिक के निवेश के प्रस्ताव आ चुके हैं.

So the state is becoming crime free. As a result, there will be tremendous investment in the investor conference in Uttar Pradesh in February. Companies have expressed their trust in the rule of CM Yogi. According to officials, there has been proposals for investment of more than 2.5 billion rupees, or more than 2.5 billion rupees, in the state so far.

मोदी से भी तेज योगी आदित्यनाथ
इसे लेकर योगी सरकार ने पिछले दिनों कई जगहों पर रोड शो आयोजित कर राज्य में निवेश की संभावनाएं तलाशी थीं. यूपी औद्योगिक विकास विभाग के अधिकारियों के मुताबिक़ फरवरी में निवेशक सम्मेलन के आयोजन और इससे पहले प्रमुख राज्यों में रोड शो का प्रयोग काफी सफल रहा है. सरकार को अब तक करीब 2.53 लाख करोड़ रुपये के निवेश प्रस्ताव मिले हैं.

Even faster than Modi, Yogi Adityanath
About this, the Yogi Sarkar had conducted roadships in many places in the past and searched the possibilities of investing in the state. According to officials of the UP Industrial Development Department, the use of road shows in major states was successful in organizing an investor conference in February and earlier in the state. So far, the government has received investment proposals of about Rs 2.53 lakh crore.

इसमें दिल्ली, मुंबई, हैदराबाद व बंगलुरु जैसे बड़े शहरों के रोड शो में शामिल उद्योगपतियों ने प्रदेश में आगे बढ़कर निवेश के लिए हाथ बढ़ाया है. सरकार को उम्मीद है कि जनवरी में प्रस्तावित कोलकाता और अहमदाबाद रोड शो से भी इसी तरह के उत्साहवर्धक निवेश के प्रस्ताव मिलेंगे.

In this, industrialists involved in the road show in big cities like Delhi, Mumbai, Hyderabad and Bangalore have extended their hands on investment in the state. The Government expects that the proposed Kolkata and Ahmedabad road shows in January will offer similar encouraging investment proposals.

अधिकारी ने जानकारी दी कि दिल्ली में आयोजित रोड-शो में 27,000 करोड़, बंगलौर के रोड-शो में 6,000 करोड़, हैदराबाद के रोड-शो में 11,500 करोड़ और मुंबई रोड-शो में 1.25 लाख करोड़ रुपये के निवेश के प्रस्ताव विभिन्न औद्योगिक घरानों व उद्यमियों ने दिए हैं.

The official informed that in the road-show organized in Delhi, Rs 27,000 crore, 6,000 crore in road-show in Bangalore, Rs 11,500 crore in road-show in Hyderabad and Rs 1.25 lakh crore investment in Mumbai roadshow to various industrial houses. Entrepreneurs have given.

इसके बाद अब पांच जनवरी को कोलकाता तथा अहमदाबाद में रोड-शो का आयोजन होगा. इसमें भी अच्छे परिणाम मिलने की संभावना है. फरवरी में होने वाली निवेशक सम्मेलन में देश-विदेश से बड़ी संख्या में उद्योगपतियों के शामिल होंगे.

गुजरात, मुम्बई को पीछे छोड़ देगा यूपी
बता दें कि बंगाल, बिहार और यूपी इन तीन राज्यों से अब तक बड़े निवेशक कन्नी काटते आये हैं क्योंकि यहाँ गुंडा राज, माफिया, वसूली करने वाले गैंग के साथ-साथ नेताओं तक को चन्दा पहुँचाना पड़ता था. मगर प्रदेश ने एक योगी को अपना मुख्यमंत्री बनाकर अपना भाग्योदय कर लिया.

UP will leave behind Gujarat, Mumbai
Let us know that Bengal, Bihar and UP have been cutting big investors from these three states till now, because there was a need for bringing Gunda Raj, mafia, collector gang along with the leaders to the losers. But the state has made a Yogi as its Chief Minister and made its fortune.

प्रदेश अपराध मुक्त तो हो ही रहा है, यूपीकोका के कारण भू-माफिया, खनन माफिया में लगे बदमाशों को जमानत तक नहीं मिलेगी. कंपनियों ने यूपी के अच्छे माहौल को देख यहाँ का रुख कर लिया है. दावा किया जा रहा है कि विकास के मामले में आने वाले दस वर्षों में यूपी गुजरात को भी पीछे छोड़ देगा.

The state is being criminally free, the miscreants engaged in the land mafia and mining mafia due to UPCOCA will not get bail. Companies have moved here to see the good atmosphere of UP. It is being claimed that UP will leave Gujarat behind in the next ten years in terms of development.

यह भी देखें:

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बड़ी खबर: आप गुजरात चुनाव में व्यस्त हैं, वहां योगी ने बना दिया बेहद खतरनाक क़ानून- पूरे UP में मचा हाहाकार

लखनऊ : यूपी भले ही अपराध व् गुंडा-गर्दी के लिए जाना जाता रहा हो, मगर सीएम योगी आदित्यनाथ ने उत्तर प्रदेश को उत्तम प्रदेश बनाने की मन में ठान ली है. सीएम योगी पहले भी कई बार कह चुके हैं कि बदमाश या तो यूपी छोड़ दें या फिर बदमाशी, वरना उन्हें ठोक दिया जाएगा. यूपी में पिछले 6 महीनों में हुए 400 से ज्यादा एनकाउंटर भी साबित करते हैं कि योगी की चेतावनी मिथ्या नहीं गयी है. मगर अब योगी ने एक और बेहद जबरदस्त फैसला लेकर यूपी की सियासत हिला दी है और बदमाशों में खौफ पसर गया है.

Lucknow: Even if the UP has been known for crime and crime, but the CM Yogi Adityanath has decided to make Uttar Pradesh an ideal state. CM Yogi has said many times before that if the badmash either abandons UP or bullying, otherwise he will be knocked down. More than 400 encounter in UP in the last 6 months also prove that Yogi’s warning is not false. But now the Yogi has shaken the state of UP with another very big decision and the horrors have spread.

यूपी में कोका कानून को मिली मंजूरी
उत्तर प्रदेश की बीजेपी सरकार ने भू-माफिया, खनन माफिया और संगठित अपराधियों से निपटने के लिए प्रदेश में संगठित अपराध नियंत्रण विधेयक (कोका) को मंजूरी दे दी है. गृह विभाग के इस मसौदे को योगी सरकार ने हरी झंडी दे दी है.

Approval of Coca-Law in UP
The BJP government of Uttar Pradesh has approved the organized crime control bill (coca) in the state to tackle the land mafia, mining mafia and organized criminals. This draft of the Home Department has given a green signal to the Yogi Sarkar.

दरअसल भू-माफिया, खनन माफिया और संगठित अपराधियों की गढ़ बन चुके उत्तर प्रदेश में ये अपराधी बेख़ौफ़ होकर इसलिए घूमते आये हैं, क्योंकि क़ानून कमजोर हैं. शासन के एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि अभी जो कानून है, उसमें अपराधियों को जल्दी जमानत मिल जाती है. छूटने के बाद वे फिर उसी तरह के अपराध में लिप्त हो जाते हैं. यूपीकोका से संगठित अपराध पर लगाम लगाने में मदद मिलेगी.

In fact, in the Uttar Pradesh, which has become the stronghold of the land mafia, mining mafia and organized criminals, the culprits have gone unheeded because the laws are weak. A senior official of the government told that in the current law, criminals get early bail. After the exemption, they become involved in the same kind of crime. It will help to control the organized crime with UPCOCCO.

25 लाख जुर्माना से लेकर मौत तक की होगी सजा
यूपी कोका को महाराष्ट्र के मकोका की तर्ज पर लागू किया गया है. यूपी कोका के तहत 25 लाख रुपए जुर्माना से लेकर मौत की सजा तक हो सकती है. कोका कानून को 14 दिसंबर से शुरू हुए विधानमंडल के शीतकालीन सत्र में पेश किया गया, जिसको मंजूरी दे दी गई.

From 25 lakh fines to death, punishment will be
UP coca has been implemented on the lines of MCOCA of Maharashtra. U.K. Coca can be fined between Rs 25 lakh and up to the death penalty. The Coca-Law was introduced in the winter session of Legislature which started on December 14, which was approved.

अब इसे राज्यपाल के माध्यम से राष्ट्रपति को भेजा जाएगा, वहां से मंजूरी मिलते ही यूपी में कोका कानून बन जाएगा. यूपी कोका विधेयक महाराष्ट्र के मकोका के अलाव कर्नाटक व गुजरात में लागू ऐसे कानूनों का अध्ययन कर तैयार कराया है.

Now it will be sent to the President through the governor, after getting approval from it, the Coca-Law will become in UP. The UP Coca-Bill has been prepared by studying such laws enacted in Karnataka and Gujarat other than Maharashtra’s MCOCA.

वहीँ इस क़ानून को मंजूरी मिलते ही प्रदेश की राजनीति में भी खलबली मच गयी है. जाहिर सी बात है कि अपराधियों को राजनेताओं का समर्थन प्राप्त है, समाजवादी पार्टी के तो ज्यादातर नेता भी अपराध में लिप्त रहे हैं. ये अपराधी राजनेताओं को चन्दा तक चढ़ाते आये हैं. मगर अब इस क़ानून की बदौलत अपराध में लिप्त नेता तक को अंजाम तक पहुंचा दिया जाएगा.

Even after getting the approval of this law, there has been a panic in the state’s politics. Obviously the criminals are supported by politicians, most of the leaders of the Samajwadi Party are also involved in crime. These criminals have been offering politicians up to the moon. Now, thanks to this law, the leader involved in the crime will be brought to the finish.

पीएम मोदी ने यूपी चुनाव के दौरान प्रदेश की जनता से वादा किया था कि वो तीन तलाक को ख़त्म करेंगे और प्रदेश को अपराध मुक्त भी करेंगे. अब ये दोनों वादे योगी सरकार ने पूरे कर दिखाए हैं.

PM Modi had promised the people of the state during the UP elections that they would end three divorces and also free the state of crime. Now both of these promises have been fulfilled by the Yogi Sarkar.

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UP में अपराधियों के एनकाउंटर पर योगी आदित्यनाथ ने दिया ऐसा करारा जवाब विपक्ष समेत पत्रकार के भी छूटे पसीने !

उत्तर-प्रदेश में क़ानून व्यवस्था की स्थिति को लेकर लगभग सभी सरकारें जनता के निशाने पर रही हैं! इस बार योगी सरकार कानून व्यवस्था को पटरी पर लाने के लिए लगातार कड़े कदम उठा रही है! यूपी में क़ानून व्यवस्था किसी से छुपी नहीं है |

Almost all the governments have been targeting the public with the status of law and order in Uttar Pradesh. This time the Yogi Government is constantly taking stringent measures to bring the legal system back on track! The law system in UP is not hidden from anyone.

इसी को देखते हुए प्रदेश में कानून व्यवस्था को चुस्त-दुरुस्त बनाने के लिए योगी सरकार अफसरों को कड़े निर्देश और अपराधियों से सख्ती से निपटने के आदेश दिए हैं! जिसके चलते अपराधियों में खौफ पैदा हो गया है |

In view of this, the Yogi Government has ordered strict instructions to the officers to deal with the law and order in order to deal with the criminals strictly. Due to which there has been a fear of criminals.

सीएम योगी के इसी आदेश के चलते एक कार्यक्रम में जब उनसे पूछा गया कि आप कहते हैं कि अपराधी जेल जाएंगे या तो फिर यमराज के पास! यूपी में योगी सरकार के सत्ता में आने के बाद से छह महीने के भीतर यानी 5 अक्टूबर 2017 तक 433 एनकाउंटर हुए है |

Because of this order of CM Yogi, when he was asked in a program that you say that the culprits will go to jail or else they are near Yamraj! Since the Yogi Government came to power in UP, in less than six months, ie 5 October 2017, there have been 433 encounters.

योगी सरकार जब से यूपी में सत्ता में आई है तब से अब तक यूपी में 15 लोग एनकाउंटर में मारे जा चुके हैं! योगी सरकार इन एनकाउंटर को उपलब्धि और कानून व्यवस्था में सुधार के सबूत के तौर पर पेश करती रही है |

Since the Yogi Government has come to power in UP since then, 15 people have been killed in the encounter in UP! The Yogi Government has been presenting these encounter as proof of achievement and improvement in law and order.

खुद मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा है कि अपराधी या तो जेल जाएंगे या फिर एनकाउंटर में मारे जाएंगे! अब तक 868 कुख्यात अपराधी पुलिस ने गिरफ्तार किए हैं। यह वह अपराधी हैं जिन पर पुलिस ने गिरफ्तारी के लिए इनाम रखा था! सीएम योगी ने साफ कहा है कि निर्दोषों को छेड़ेंगे नहीं और दोषियों को छोड़ेंगे नहीं।

Himself, Chief Minister Yogi Adityanath has said that criminals will either go to jail or they will be killed in an encounter! So far, 868 infamous criminals have been arrested by the police. This is the culprit on whom the police had rewarded for the arrest! The CM Yogi has clearly said that the innocent will not be tortured and will not leave the guilty.

इसी को लेकर इंडिया टुडे के पत्रकार राहुल कंवल नें मुख्यमंत्री योगी को कटघरे में लेते हुए एक ज़बरदस्त सवाल में फसा दिया! पर योगी ने पुरे आत्मविश्वास के साथ राहुल के सवाल का असा जवाब दिया की हॉल तालियों से गूंज उठा |

INDIA TODAY journalist Rahul Kanwal caught the Chief Minister Yogi in a tremendous question about this! But the Yogi with full confidence gave an answer to Rahul’s question that the hall was filled with applause.

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यूपी चुनाव में अमित शाह के इस फोर्मुले ने भरी सर्दी में छुड़ाए माँ बेटे के पसीने !

नई दिल्ली: उत्तर प्रदेश में निकाय चुनाव के नतीजे लगभग आ चुके हैं. भारतीय जनता पार्टी ने राज्य में एक बार फिर बाजी मारी है. लेकिन इन नतीजों में सबसे बड़ी बात जो वही वो ये कि राहुल गाँधी अपना घर भी नहीं बचा सके. राहुल गांधी का संसदीय क्षेत्र और कांग्रेस का गढ़ माने जाने वाली अमेठी में भी भारतीय जनता पार्टी ने परचम लहराया है |

New Delhi: The results of body elections in Uttar Pradesh have almost come. The Bharatiya Janata Party has once again betrayed the state. But the biggest thing in these conclusions is that the same Rahul Gandhi can not even save his house. In the Amethi, which is considered as a parliamentary constituency of Rahul Gandhi and a Congress stronghold, the Bharatiya Janata Party has wooed the pancham.

अमेठी में दो नगर पालिका,गौरीगंज और जायस समेत दो नगर पंचायतें अमेठी और मुसााफिरखाना हैं. अमेठी की नगर पंचायत सीट भाजपा की चंद्रमा देवी जीत गई हैं. इसके साथ ही फिलहाल तक आए रुझानों के अनुसार अमेठी की गौरीगंज नगरपालिका सीट पर भाजपा आगे चल रही है. अमेठी के गौरीगंज नगरपालिका सीट से भाजपा को जीत मिली है, जबकि जायस नगरपालिका में भी भाजपा को बढ़त मिली है. अभी तक यहां एक भी चुनाव में भाजपा अपना खाता नहीं खोल सकी थी. यह अपने आप में एक इतिहास है |

Amethi has two municipal panchayats including two municipalities, Gauriganj and Jayas, Amethi and Musafirkhana. Amethi’s Nagar Panchayat seat has won the BJP’s, Chandra Devi. At the same time, according to trends, the BJP is moving forward in the Gauriganj Municipality seat of Amethi. The BJP has won from Gauriganj municipality seat of Amethi, whereas in the Jayas municipality, the BJP has got an edge. So far, in a single election, the BJP could not open its account. It has a history in itself.

चुनाव के इन रुझानों के आधार पर बीजेपी नेता स्मृति इरानी ने कांग्रेस के राजकुमार राहुल गांधी पर तंज कसते हुए कहा कि राहुल गांधी अपने निर्वाचन क्षेत्र में ही नहीं जीत रहे हैं. इससे साफ है कि जनता में उन्हें समर्थन नहीं मिल रहा है. गुजरात में स्मृति ने कहा कि जो अपने क्षेत्र में नहीं जीत सकता, वह गुजरात में क्या सपने लेकर आए हैं |

On the basis of these trends of elections, BJP leader Smriti Irani tightened tears on Congress vice-president Rahul Gandhi and said that Rahul Gandhi is not winning in his constituency alone. It is clear from them that they are not getting support from the public. In Gujarat, Smriti said that what cannot win in its territory, what dreams have come in Gujarat?

बता दें कि बीजेपी 2014 के लोकसभा चुनाव से ही बीजेपी कांग्रेस के गढ़ में सेंध लगाने में जुटी हुई है। इसी क्रम में उसने राहुल के मुकाबले कद्दावर नेता स्मृति को राहुल के मुकाबले अमेठी में उतारा था. वहीं, विधानसभा चुनाव की बात की जाए तो कांग्रेस और सपा ने गठबंधन में चुनाव लड़ा था. इसके बावजूद अमेठी की 5 में से 4 सीटें बीजेपी ने जीती थी और कांग्रेस का खाता तक नहीं खुला था |

Let me tell you that BJP has been involved in breaking the Congress stronghold since the 2014 Lok Sabha elections. In the same sequence, she had brought Kadtar leader Smriti to Rahul in Amethi compared to Rahul. At the same time, if the talk of assembly elections, the Congress and the SP contested in the coalition. Despite this, 4 out of 5 seats of Amethi won by BJP and the Congress account was not open.

पिछले चुनावों के नतीजे देखें तो रायबरेली भी कांग्रेस के हाथ से फिसल रहा है. विधानसभा चुनाव में यहां कि 5 सीटों में से 2 पर बीजेपी ने कब्जा कर कांग्रेस को झटका दिया था. 2014 में भले ही सोनिया जीती हों लेकिन उनका वोट बैंक कम हुआ था. उस वक्त सपा ने उनके खिलाफ कोई कैंडिडेट मैदान में नहीं उतारा था |

Seeing the results of the last elections, Rae Bareli is also slipping from the hands of the Congress. In the Assembly elections here, 2 of the 5 seats BJP had captured and shocked the Congress. In 2014 even if Sonia won, but her vote bank was reduced. At that time, SP had not fielded any candidate against him.

जीत के बाद यूपी सीएम योगी आदित्यनाथ ने कहा कि यूपी के चुनाव सबकी आंखों को खोलने वाला है, जो लोग गुजरात के संदर्भ में बात कर रहे थे उनका खाता भी नहीं खुला है और अमेठी में भी सूपड़ा साफ हुआ है |

After winning, UP CM Yogi Adityanath said that the elections of UP are going to open all eyes, those who were talking about Gujarat, their account is not even open and Amethi has also been cleared.

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पिछली सरकार की करतूतों को देख गुस्से से भभक उठे CM योगी आदित्यनाथ, अखिलेश की हालत ख़राब !

यूपी में योगी आदित्यनाथ की सरकार बनते ही उन्होंने अपने कड़े तेवर और बेबाक रवैया दिखाना शुरू कर दिया था. लेकिन सिर्फ शुरुआती दिनों में ही नहीं वही तेवर आज भी वो उसी हिम्मत और जोश से दिखा रहे हैं | लेकिन इस बार तो सीएम योगी ने अपने ही सरकारी विभाग के खिलाफ ताबड़तोड़ एक्शन ले लिया |

As soon as Yogi became the governor of Adityanath in UP, he started showing his strong and uncomfortable attitude. But not only in the early days, they are showing the same courage and enthusiasm even today. But this time the CM Yogi took a swift action against his own government department.

अभी मिल रही बहुत बड़ी खबर के मुताबिक अखिलेश सरकार सीएम योगी को विरासत में सिर्फ मुसीबतें दे गए हैं | अखिलेश सरकार में सरकारी विभाग को इतना ज़्यादा लचर और लापरवाह बना के रख दिया है कि आप भी हैरान रह जायेंगे | खबर के मुताबिक सीएम योगी ने लखनऊ में सरकारी विभागों की ओर से कई महीनों से बिजली का बकाया बिल नहीं जमा करने पर उनके बिजली कनेक्शन काट दिए गए हैं | इन सरकार विभागों के अंदर आरामतलवी और अड़ियलपन इतना ज़्यादा घुस गया है कि इन सरकारी विभागों ने कई महीनों से बिजली के बिल की भुगतान नहीं किया था |

According to the very big news now available, the Akhilesh government has given only trouble to the CM Yogi in heritage. In the Akhilesh government, the government department has been kept so lenient and careless that you will be surprised. According to the news, the CM Yogi has been disconnected from the government departments in Lucknow for not getting the electricity bill for several months. Relaxation and hardship have penetrated so much within these government departments that these government departments did not pay electricity bills for several months.

Akhilesh Yadav has given the legacy to the Yogi Government, Power Corporation Department of UP, which is badly defused. Because only government departments have outstanding electricity bill of about 10,000 crores. Due to this, electricity rates have to be expensive in the state, if the government departments recover from the arrears, electricity rates in the state will never be expensive. See what Akhilesh has given to the Yogi Sarkar in the heritage, you see the difference yourself, the UP number one in the government dues. Uttar Pradesh 8853 crores, Telangana- 3561 crores, Maharashtra- 3364 crores, Andhra Pradesh 2828 crores, Kerala 2609 crores, Jammu and Kashmir 1868 crores, Karnataka 1880 crores, Bihar Rs 610 crores. You can see the difference between the difference between UP and Jammu and Kashmir. Such government was running SP for 5 years.

समाज कल्याण विभाग कर रहा था अपना ही कल्याण लेकिन फिलहाल जिन दो विभागों पर योगी सरकार ने बिजली के कनेक्शन काटे गए है वो है फोरेंसिक लैब और समाज कल्याण का होस्टल शामिल है | बताया जा रहा है कि फोरेंसिक विभाग पर लगभग 16 लाख, जबकि समाज कल्याण के होस्टल पर करीब 26 लाख रुपये का बिल बकाया है | बताइये ये समाज का कल्याण करेंगे 26 लाख का बिल दबाये बैठे हैं, खुद अनुशासन है नहीं समाज में क्या अनुशासन लाएंगे | ऐसा लगता है ये समाज का कम, अपना ज़्यादा कल्याण करने में लगे थे |

The social welfare department was doing its own welfare, but the two departments on the Yogi Government have cut the connection of electricity, it is the forensic lab and hostel of social welfare. It is being told that about 16 lakhs have been given on forensic department, while the society welfare has a balance of about 26 lakh rupees. Let us say that the welfare of the society will pressurize the bill of 26 lakhs, discipline itself and not what will bring discipline in society. It seems that they were less in society, engaged in better welfare.

अब सबसे बड़ा सवाल ये खड़ा होता है कि अगर 10 हज़ार करोड़ से ज़्यादा का बिल नहीं दिया गया तो ये पैसा गया कहाँ, किस-किस की जेब गरम हो रही थी अब तक? और अड़ियलपन की हद देखिये साहब बिजली विभाग ने कई बार नोटिस भी भेजना शुरू किया फिर भी कान पर जू तक नहीं रेंगी | लिहाजा बिजली विभाग ने कड़ी कार्रवाई करते इनके कनेक्शन काट दिए | इससे सभी सरकारी विभागों को सन्देश जाएगा कि उनके अब ऐशोआराम के दिन गए, अब ज़रा सख्ती से पेश आने वाली सरकार आ गयी है |

 

Now the biggest question arises that if more than 10 thousand crores of rupees were not billed then this money went where, what was the pocket of the pocket being so far? And see the extent of hardship, the Hon’ble Electricity Department has started sending the notice many times, but the ear will not live up to the zoo. So the electric department took strong action and cut off their connections. It will send a message to all the government departments that they have gone on the day of Ashoka, now the government has come to the strictest level.

आगे से ऐसी समस्या न कभी खड़ी ना हो, इसका भी समाधान योगी सरकार ने ग़ज़ब का निकाला है, जीएम लेसा आशुतोष कुमार ने बताया कि सभी सरकारी विभागों को सख्त निर्देश दे दिए गए है कि सबसे पहले अपने बकाया बिल चुकाएं, और उसके बाद अपने यहां प्री-पेड मीटर लगवा ले. ठीक मोबाइल फ़ोन की तरह रिचार्ज करिये फोन पर बात करिये, ठीक वैसे ही बिजली मीटर को रिचार्ज करिये, और बिजली पाइये | जैसा राजा वैसी प्रजा इससे पहले आपको याद होगा जब कभी अखिलेश सरकार पत्रकारों से वार्ता करते वक़्त या कभी मीटिंग कर रही होती थी तब बिजली कट जाया करती थी, जिससे वे अँधेरे में बैठ कर मीटिंग करते थे और फिर बिजली आ जाया करती थी |

Further, such a problem should not arise at any time, even the solution of the Yogi Government is unfortunate, GM Lisa Ashutosh Kumar told that all government departments have been given strict instructions that first of all pay their outstanding bills, and after that their Take a pre-paid meter here. Recharge the phone like a mobile phone, talk on the phone, just recharge the power meter, and get electricity. As King Vaishi Praja, before you remember, whenever Akhilesh was talking to journalists or at the time of meeting, he used to cut electricity, so that he used to sit in the darkness and then used to come to power.

जिसका लोग खूब मज़ाक उड़ाया करते थे, लेकिन फिर भी अखिलेश कोई एक्शन नहीं ले पाए, यानि उन्हें सब पता था फिर भी जानबूझ कर एक्शन नहीं लिया गया | लेकिन कुछ वक़्त पहले खबर आयी थी की सपा पार्टी के प्रमुख मुलायम सिंह यादव के घर का ही बिजली कनेक्शन कटवा दिया गया था | क्यूंकि उन्होंने भी कई महीनों से बिल नहीं दिया था | अब वो कहावत है न जैसा राजा वैसी प्रजा  जैसा पार्टी प्रमुख वैसे सरकारी विभाग भी बिना बिजली बिल चुकाए मौज काट रहे थे |

Whose people used to make fun of him, but still Akhilesh could not take any action, that is, he knew everything, but no action was taken intentionally. But for the time being, the first news came that the power connection of SP chief Mulayam Singh Yadav’s house was cut. Because he had not even billed for several months. Now that is the saying, like the party chief like Raja Vasi Pradhan, the government departments were also spending money without paying electricity bills.

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