चीन की धरती पर कदम रखते ही भारत के लिए बहुत बड़ी खुशखबरी,बीएसई ने आज रच दिया नया इतिहास, सारे रिकॉर्ड हुए धराशायी

नई दिल्ली : पीएम मोदी आज चीन के विदेशी दौरे पर हैं. चीन के वुहान शहर में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का भव्य स्वागत किया गया. यहाँ तक की खुद चीन के राष्ट्रपति शी जिंगपिंग ने प्रोटोकॉल तोड़कर पीएम मोदी कर गर्मजोशी से स्वागत किया.

New Delhi: PM Modi is on foreign tour of China today Prime Minister Narendra Modi received a grand reception in Wuhan city of China. Even China’s President Xi Jinping himself warmly welcomed the PM Modi by breaking the protocol.

पीएम मोदी ने कहा कि भारत के लोग वास्तव में बेहद गौरवान्वित महसूस कर रहे हैं कि मैं पहला ऐसा भारतीय प्रधानमंत्री हूं, जिसकी अगवानी के लिए आप (शी जिनपिंग) दो बार राजधानी से बाहर आए.

PM Modi said that the people of India are truly proud that I am the first Indian Prime Minister, for whom you (Shi Jinping) come out twice from the capital

अभी मिल रही ताज़ा खबर के मुताबिक आज भारत के लिए बहुत बड़ी खुशखबरी आयी. शेयर बाजार ने मई सीरीज की शुरुआत दमदार की तो वहीं अंत भी धमाकेदार रहा. एशियाई बाजार में उछाल के बीच बंबई शेयर बाजार में आज बहार का दिन है.

According to the latest news available today, there was a great news for India today. If the stock market started the May series, then the end was also bullish. Between the boom in the Asian market today is the day outside of the Bombay Stock Exchange.

जैसे ही सुबह बाजार खुला शेयर बाज़ार में भारी उछाल देखा गया. दोपहर 1.30 बजे 301 अंकों की उछाल के साथ सेंस्टिव इंडेक्स सेंसेक्स ने नया इतिहास रच दिया और बॉम्बे स्टॉक एक्सचेंज का संवेदी सूचकांक 35,014.82 पर चल रहा था. निफ्टी में 84 अंकों का उछाल रहा और ये 10,702.35 अंक पर पहुंच गया.

As soon as the morning market saw a huge surge in open stock market. At 1.30 pm, the BSE Sensex created a new history with a 301-point surge and the BSE Sensex Index of Bombay Stock Exchange was running at 35,014.82. The Nifty was up by 84 points and it reached 10,702.35 points.

रोज रिकॉर्ड तोड़ता शेयर बाजार इस बात का सबूत है कि पीएम मोदी की अगुवाई में जिस तरह देश आगे बढ़ रहा है, उससे तमाम क्षेत्रों की कंपनियों में विश्वास जगा है.नोटबंदी और जीएसटी जैसे आर्थिक सुधारों के कदम उठाने के बाद आर्थिक जगत में मोदी सरकार की साख मजबूत हुई है, और कंपनियां, शेयर बाजार, आम लोग सभी सरकार की नीतियों पर भरोसा कर रहे हैं.

The stock market is losing evidence that this is the evidence that the way the country is moving forward under the leadership of PM Modi is going to win trust in companies of all the sectors. After taking steps for economic reforms such as Nodbindi and GST, Modi Government in the financial world The credibility of this has been strengthened, and companies, stock markets, the common people are reliant on all government policies.

ये तो कुछ भी नहीं आप जानकार दंग रह जाएंगे मोदी के नेतृत्व में लगातार मजबूत हो रही अर्थव्यवस्था के कारण सरकार ने पहली बार विनिवेश के जरिये साल 2017-18 में अभी तक 54,337 करोड़ रुपये प्राप्त हो चुके हैं. यह एक अपना में ज़बरदस्त रिकॉर्ड है.

Nothing will be left to you knowing. Because of the continuous strengthening economy under Modi’s leadership, the government has received 54,337 crores for the first time in 2017-18 through disinvestment. It has a tremendous record in its own right.

विदेशी मुद्रा भंडार में ऐतिहासिक वृद्धि
मोदी की सरकार बनने के बाद देश में विदेशी मुद्रा भंडार में ऐतिहासिक वृद्धि हुई है. अर्थव्यवस्था के क्षेत्र में इस साल कई रिकॉर्ड बने हैं. भारतीय रिजर्व बैंक द्वारा जारी ताजा आंकड़ों के मुताबिक अप्रैल महीन में देश का विदेशी मुद्रा भंडार 423.12 अरब डॉलर के भारीभरकम रिकॉर्ड स्तर पर पहुंच गया. विदेशी मुद्रा भंडार ने 400 अरब डॉलर का स्‍तर पहली बार इस साल सितंबर के पहले हफ्ते में पार किया था. जबकि कांग्रेस शासन काल के दौरान 2014 में विदेशी मुद्रा भंडार 311 अरब पर अटका रहा करता था.

Historical rise in foreign exchange reserves
After the formation of Modi’s government, there has been a historic increase in foreign exchange reserves in the country. There are several records this year in the field of economy. According to the latest data released by the Reserve Bank of India, in April, the country’s foreign exchange reserves reached a record high of 423.12 billion dollars. Foreign exchange reserves crossed the $ 400 billion mark for the first time in the first week of September this year. During the Congress regime, during 2014, the foreign exchange reserves remained staggering at 311 billion rupees.

सफल नीलामी प्रक्रिया
मोदी सरकार में पहली बार कोयला ब्लॉक और दूरसंचार स्पेक्ट्रम की सफल नीलामी प्रक्रिया अपनाई गई. इस प्रक्रिया से कोयला खदानों (विशेष प्रावधान) अधिनियम, 2015 के तहत 82 कोयला ब्लॉकों के पारदर्शी आवंटन के तहत 3.94 लाख करोड़ रुपये से अधिक की आय हुई.

सरकार के आंकड़ों के अनुसार कांग्रेस सरकार में अप्रैल-जुलाई 2013-14 में अनुमानित व्‍यापार घाटा 62448.16 मिलियन अमरीकी डॉलर का था, वहीं अप्रैल-जनवरी, 2016-17 के दौरान 38073.08 मिलियन अमेरिकी डॉलर था. जबकि अप्रैल-जनवरी 2015-16 में यह 54187.74 मिलियन अमेरिकी डॉलर के व्‍यापार घाटे से भी 29.7 प्रतिशत कम है. यानी व्यापार संतुलन की दृष्टि से भी मोदी सरकार में स्थिति उतरोत्तर बेहतर होती जा रही है और 2013-14 की तुलना में लगभग 35 प्रतिशत तक सुधार आया है.

Successful auction process
The successful auction process of the coal block and telecom spectrum was adopted for the first time in the Modi government. Through this process, under the coal mines (Special Provisions) Act, 2015, the transparency allocation of 82 coal blocks generated more than Rs 3.94 lakh crore rupees.

भारत हर क्षेत्र में अपना झंडा गाड़ता जा रहा है
आज तेज़ी से भारत हर क्षेत्र में अपना झंडा गाड़ता जा रहा है. कभी हथियार खरीदने के लिए दूसरे देशों के आगे हाथ फैलाना पड़ता था. हज़ारों करोड़ देकर पुरानी तकनीक के बेकार हथियार खरीदे जाते थे लेकिन आज भारत में ‘मेक इन इंडिया’ योजना के तहत दुनिया सबसे शक्तिशाली कंपनी भारत में आकर हथियार बना रही है वो भी सबसे आधुनिक तकनीक वाले. आज ये हथियार भारत दूससरे देशों को बेचकर शक्तिशाली देशों के साथ कंधे से कन्धा मिलाकर खड़े हो रहा है.

India is flipping its flag in every sphere
Today India is rapidly flipping its flag in every sphere. Ever had to spread arms ahead of other countries to buy arms. Untamed weapons of old technology were purchased by giving thousands of crores but today, in India, under the ‘Make in India’ scheme, the world’s most powerful company is making weapons in India, it is also the most advanced technology. Today, these arms are selling to other countries and standing with shoulders from powerful countries.

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https://youtu.be/WE3MmmBzG4k

https://youtu.be/o9LQnPMci4I

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उन्नाव गैंगरेप:CBI जाँच में आया हुआ चौकाने वाला खुलासा,पीड़िता पलटा बयान ,जांच अधिकारी भी रह गए हैरान

नई दिल्ली : कटुआ में शर्मसार करने वाली हरकत आयी जिसने बेशक पूरे देश को झकझोर के रख दिया, लेकिन आरोपी को फांसी देने की मांग करने के बजाय दोगले पत्रकारों ने इसमें इतना हिन्दू और मंदिर को बदनाम किया जितना आज तक नहीं किया होगा. इससे कई सत्ता के लालचियों को अपनी राजनितिक रोटी तक सेकने को मिल गयी.

New Delhi: A shameful act has come in Katua that, of course, kept the whole country shameless, but rather than demanding the execution of the accused, the journalists did not defame the Hindu and the temple in this way as it has not done so far. With this, many greedy greedy people got to join their political roti.

जबकि गाँव के लोगों का और दैनिक भास्कर की रिपोर्ट का कहना कुछ अलग ही है. पुलिस
चार्जशीट में मंदिर के तहखाने में दुष्कर्म को अंजाम दिया गया जबकि कुछ रिपोर्ट का कहना है कि मंदिर में तहखाना तो है ही नहीं. साथ ही गाँव के लोगों का भी मानना है कि मंदिर में रोज़ 40 से 50 लोग जाते हैं दर्शन करने ऐसी में ये संभव ही नहीं कि कोई इतने दिनों तक मंदिर में बच्ची को छुपा सके.

Whereas the people of the village and Dainik Bhaskar’s report say something different. policeIn the charge sheet, mischief was carried out in the basement of the temple, while some reports say there is no cellar in the temple. Also, people of the village also believe that 40 to 50 people go to the temple every day, in such a way it is not possible to hide the child in the temple for so many days.

लेकिन इस बीच अलीगढ़ से मुंबई भिवंडी से दिल दहला देने वाली खबर आ रही है लेकिन इसे ना तो कोई ब्रेकिंग न्यूज़ की तरह दिखा रहा है और ना ही कोई कैंडल मार्च निकाल रहा है.

But in the meanwhile, news from the Bhiwandi, from Aligarh, is coming to haunt, but it is not showing any breaking news and no candle is taking out the march.

मुंबई के ही भिवंडी में चार साल की बच्ची के साथ ISIS जैसी खौफनाक दुष्कर्म की गयी लेकिन किसी दोगले मीडिया के मुँह से आवाज़ नहीं निकल रही है. आरोपी आबेद मुहम्मद अजमीर शेख ने चार साली की बाची के साथ दुष्कर्म किया फिर उसके दोनों हाथ उखाड़ लिए और पैरों की उँगलियाँ काट के मार के फेंक दिया.

In Mumbai, a four-year-old girl in Bhiwandi was raped by ISIS, but there was no voice from the mouth of any dual media. The accused, Abeed Muhammad Ajmer Sheikh, raped the four-year-old girl with a rape, then uprooted both of her hands and threw the fingers of the thorns.

मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक मात्रा 1500 रूपए के लिए हुए विवाद के बाद बच्ची के पिता ने आरोपी की पिटाई कर दी थी । इसी का बदला लेने के लिए क्रूर हत्यारे ने बच्ची की जान लेने के साथ उसके हाथ और पैर की उंगलियां भी तोड दी थी.

According to the media report, after the dispute for quantity 1500 rupees, the child’s father had beaten the accused. To take revenge of this, the brutal murderer also broke the hands and feet of the child while taking the child’s life.

बच्ची घर के पास से खेलते-खेलते लापता हो गई थी । अगले दिन परिवार वालों ने भिवंडी के भोईवाडा पुलिस स्टेशन में शिकायत दर्ज कराई थी . बच्ची का शव एक मस्जिद के पीछे स्थित सुनसान इलाके में मिला था । बच्ची की बडी बेरहमी से हत्या की गई थी । उसके दोनों हाथ कंधे से तोडकर अलग कर दिए गए थे .

The girl was missing play and play near the house. The next day the families lodged a complaint with the Bhoiwada police station in Bhiwandi. The body of the girl was found in a deserted area located behind a mosque. The girl was brutally assassinated. Both of his hands were cut off from the shoulder and separated.

परिवार द्वारा बच्ची की पहचान किए जाने के बाद हत्या का मामला दर्ज पुलिस ने छानबीन शुरू की थी । मामले की गंभीरता को देखते हुए इसकी जांच के लिए तीन टीमें बनाई गई थी . पुलिस ने बिहार जाकर उसे दबोच लिया । पकडे जाने के बाद शेख ने बताया कि बच्ची के पिता की पान की दुकान पर उसका लगभग 1500 रुपए उधार था । इसी बात को लेकर करीब 2 महीने पहले बच्ची के पिता ने उसकी पिटाई की थी । इसी का बदला लेने के लिए उसने बच्ची की जान ले ली.

After identifying the child by the family, the police had started scrutinizing the case of murder. Given the seriousness of the matter, three teams were formed to investigate it. The police went to Bihar and arrested him. After getting caught, Sheikh informed that the girl’s father had a loan of around 1500 lacs at his Pan shop. About this same thing about 2 months ago the child’s father beat him. He took the life of the child to take revenge of this.

उत्तर प्रदेश के अलीगढ में पुलिस ने बेहद तत्परता दिखाते हुए एक हत्यारे को गिरफ्तार किया है जिसका नाम है शकील . इस हत्यारे के राज खुलने से पूरा देश सन्न रह गया है. इसने अब तक तीन मासूमो का बेरहमी से कत्ल करना स्वीकार किया है जिसमे से के की आयु सात साल की ,दूसरी की उम्र चार साल की और तीसरी और अभी हाल में ही कत्ल हुई बच्ची की उम्र मात्र 2 साल की है.. इस हत्यारे की गिरफ्तारी के बाद भारत के तथाकथित फर्जी सेक्युलर मुँह सील करके बैठ गए हैं.

In Aligarh, Uttar Pradesh, the police has shown very willingness to arrest an assassin whose name is Shakeel. The whole country has remained silent after the assassination of this murderer opens. This has solemnly accepted the killing of three innocent people, of which the age of seven years, the second is four years old and the third and only recently, the victim’s daughter is only two years old. After arrest, India’s so-called fake secular faces sealed

इतना बाड़ा कांड हो गया लेकिन एक भी दोगला मीडिया ने इसकी खबर नहीं चलायी, ना ही कोई डिबेट हुई ना ही राहुल, प्रियंका, वाड्रा इंडिया गेट पर कैंडल मार्च लेकर निकले, ना ही कोई बॉलीवुड का फिल्मबाज़ शर्मसार महसूस करते हुए तख्ती दिखा रहा है. क्या इंसाफ को भी अब ये धर्म के तराज़ू में तौलने लगे हैं.

There was such a big scam, but not a single diabolical media did not report it nor did any debate nor did Rahul, Priyanka, Vadra go out with a candle march on India Gate, and no Bollywood filmmaker is showing a franking feeling of shame . What justice has now started to weigh in the balance of religion.

यह भी देखे
https://youtu.be/o9LQnPMci4I

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सोनिया गांधी और मालेगांव ब्लास्ट के कनेक्शन का हुआ सनसनीखेज खुलासा, PM मोदी समेत योगी जी भी रह गए भौचक्के!

नई दिल्ली: देश को बेच देना देश के साथ गद्दारी करना; ये महज मुहावरे नहीं रहे, बल्कि कांग्रेस ने इन्हे हकीकत का अमली जामा पहना दिया है. कांग्रेस ने सत्ता के दौरान देश के खिलाफ किस प्रकार से साजिश रची थी और कैसे बेगुनाहों को फंसाया गया था, इसका एक बड़ा खुलासा हुआ है, जिसने देश को हिला कर रख दिया है. कैसे सोनिया गांधी देश के प्रमुख हिन्दू नेताओं के पीछे हाथ-धो कर पड़ी हुई थी और उन्हें फंसाने के लिए साजिशों के जाल बुने गए थे.

New Delhi: Selling the country to betray the country; These are not mere idioms, but the Congress has given it the reality of reality. Congress has put him in power was plotted how against the country and how innocent people were framed, it has been a great revelation, which shaking the country. How Sonia Gandhi was forced to hand-wash behind the major Hindu leaders of the country and were woven web of conspiracies to trap them.

भागवत और योगी को फंसाने की थी साजिश
कर्नल पुरोहित के बाहर आने के बाद मालेगांव ब्लास्ट मामले में झूठा कैसे बनाकर फंसाये गए सुधाकर चतुर्वेदी ने कांग्रेस सरकार की पोल खोल दी है. सुधाकर ने बताया है कि मुंबई एंटी टेरर स्कॉड (एटीएस) ने इस केस की जांच में ऐसे हथकंडे अपनाए थे, जिनसे जाहिर हो रहा था कि वो बेगुनाह लोगों को इस केस में घसीटना चाहती है. सबसे अहम् खुलासा जो सुधाकर ने किया है, उसके मुताबिक़ कांग्रेस के इशारों पर एटीएस योगी आदित्यनाथ और राष्ट्रीय स्वयंसवेक संघ के प्रमुख मोहन भागवत को भी इस केस में फंसाना चाहती थी.

Plot to trap Bhagwat and Yogi

After coming out of the Colonel priest, Sudhakar Chaturvedi, who was framed by making false in the Malegaon blast case, has opened the Congress government’s pole. Sudhakar has said that the Mumbai Anti Terror Scout (ATS) had adopted such tactics in the investigation of this case, which was evident from the fact that he wants to drag innocent people into this case. According to Sudhakar, the most revealing reverence, according to Congress gestures, ATS Yogi wanted to implicate Adityanath and chief of National Automobile Conservation Association Mohan Bhagwat in this case.

सुधाकर को भी कर्नल पुरोहित की ही तरह इस झूठे केस में फंसाया गया और बिना सबूतों के 9 साल तक जेल में बंद रखा गया. उनपर जुल्म व् यातनाओं के कहर बरसाए गए. 9 साल बाद जमानत मिलने के बाद सुधाकर ने और भी कई खुलासे किए हैं. सुधाकर ने बताया कि हिंदू कार्यकर्ताओं को निशाने पर लेकर तत्कालीन कांग्रेस-एनसीपी सरकार महाराष्ट्र में अपना वोट बैंक बना रही थी.

Sudhakar was also implicated in this false case as a Colonel and kept in jail for no 9 years without any evidence. They were ravaged by oppression and torture. After 9 years, Sudhakar has done many more revelations after getting bail. Sudhakar said that on the target of Hindu activists, the then Congress-NCP government was making its vote bank in Maharashtra.

भगवा आतांकवाद के नाम पर हिन्दू नेताओं को जेल भेजने की साजिश
सुधाकर ने बताया कि उससे कई बार योगी आदित्यनाथ और उनके संगठन हिंदू युवा वाहिनी के बारे में पूछा गया. उनके सवालों से ऐसा लगता था कि वे योगी आदित्यनाथ को ब्लास्ट का मुख्य आरोपी बनाना चाहते थे. इतना ही नहीं एटीएस यह भी जानने की कोशिश कर रही थी कि उनके आरएसएस नेताओं से कैसे संबंध हैं? यहां तक की जांच के दौरान सुधाकर को थर्ड डिग्री का सामना भी करना पड़ा था.

Conspiracy to send Hindu leaders to prison after saffron terrorism
Sudhakar said that many times he was asked about Yogi Adityanath and his organization Hindu Youth Vahini. From his questions, it seemed that he wanted to make the Yogi Adityanath the main accused of the blast. Not only this, the ATS was also trying to know how much relation there is to their RSS leaders. Even during the investigation Sudhakar had to face a third degree.

मतलब मार-मार कर उनसे कहा जा रहा था कि वो ऐसी गवाही दे-दें, जिनसे योगी आदित्यनाथ को भी झूठे केस में फंसा कर जेल भेज दिया जाए. सुधाकर ने बताया कि उन्हें नासिक स्थित घर ने उठाया गया था और लंबी पूछताछ के बाद एक प्राइवेट 7 सीटर विमान से भोपाल भेजा गया. सुधाकर को संग्राम सिंह के नाम से भोपाल ले जाया गया. इतना ही नहीं उन्हें फंसाने के लिए उनके नासिक वाले घर में आरडीएक्स भी रखा गया था.

Taxes should be sent to jail Sudhakar said that he was picked up by a house in Nashik and after a long interrogation, a private 7-seater aircraft was sent to Bhopal. Sudhakar was taken to Bhopal by the name of Sangram Singh. Not only that, RDX was also kept in their nasik’s house to trap them.

झूठे सबूत प्लांट किये गए
हालांकि बाद में जांच जब राष्ट्रीय जांच सुरक्षा को सौंपी गई तो एनआईए तब पता चला कि सुधाकर के घर में आरडीएक्स एक प्लानिंग के तहत रखा गया था. हालांकि, एनआईए ने यह चार्जशीट में नहीं बताया कि प्राइवेट जेट का फंड कहां से मुहैया हुआ और गैर-कानूनी पिस्टल-आरडीएक्स कहा से आया?

False evidence planted
However, later investigations were handed over when the National Investigation Security was handed over, then the NIA came to know that RDX was placed under a planning in Sudhakar’s house. However, NIA did not tell in the charge sheet that where did the private jet’s fund come from and the illegal pistol-RDX came from?

वामपंथी जजों के कारण बची है कांग्रेस
अब सवाल ये है कि कांग्रेस, एनसीपी व् एटीएस के उन भ्रष्ट अधिकारियों के खिलाफ जांच चलाकर उन्हें कम से कम मृत्यु दंड क्यों नहीं दिया जाना चाहिए? मगर साफ़ है कि जैसे-जैसे जांच आगे बढ़ेगी, वैसे-वैसे कांग्रेस इसे राजनीतिक षड्यंत्र कहेगी और यदि इनके खिलाफ सबूत मिल भी गए तब भी अदालतों में बैठे इनके वामपंथी साथी इन्हे झट से जमानत पर रिहा कर देंगे. सवाल ये भी है कि क्या गुजरात की जनता ऐसी भ्रष्ट और नीच पार्टी को वोट देकर फिर से सत्ता पर बैठायेगी?

Congress left out due to leftist judges
Now the question is, why should not the least punishment be given to the corrupt officials of Congress, NCP and ATS by conducting investigations against them? But it is clear that as soon as the investigation progresses, the Congress will call it a political conspiracy and even if evidence has been found against them, even then their Left colleagues sitting in the courts will release them on bail. The question is whether the people of Gujarat will again sit on power by voting for such a corrupt and despicent party?

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https://youtu.be/Uzs16fYnw1k

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राम रहीम की गिरफ़्तारी के बाद अब इस मौलाना बाबा हुआ बड़ा खुलासा जिसे देख योगी समेत परा देश हैरान

 

पुलिस ने इस पर इनाम की घोषणा भी की हुई थी. कहा जा रहा है कि इस इनामी शातिर अपराधी का असली नाम आफताब उर्फ नाटे है, लेकिन ये मौलाना करीम के नाम से लोगों की आँखों में धुल झोंकता था. इसके अपराधों के बारे में जानकार तो आप और भी ज्यादा चौंक जाएंगे.

The police had also announced the reward on this. It is being said that Aftab alias Nate is the real name of this vicious criminal, but this maulana was blown in the eyes of people by the name of Karim. You will be more shocked if you are knowledgeable about its crimes.

बलात्कारी मौलाना की खबर दिखाने से बच रहा मीडिया !

दो बलात्कार के आरोप गुरमीत राम रहीम की गिरफ्तारी पर छाती पीटने वाले मीडिया को 39 महिलाओं से बलात्कार करने वाले इस मौलाना की गिरफ्तारी पर सांप सूंघ गया है. कोई इस खबर को प्रमुखता से नहीं दिखा रहा है. इसके बारे माँ बताया जा रहा है कि ये कथित मौलाना ट्रिपल तलाक की पीड़ित मुस्लिम महिलाओं का हलाला के नाम पर यौन शोषण करने का धंधा चलाता था.

The news of the rapist Maulana was saved from the media!

The snake has sniffed on the arrest of the maulana who raped 39 women with cheating on the arrest of Gurmeet Ram Rahim, accused of two rape charges. Nobody is showing this news prominently. The mother is being told that this alleged maulana used to run a business of sexual exploitation in the name of Halalah, the victim of triple divorced Muslim women.

अब तक ये 39 महिलाओं का यौन शोषण कर चुका है. तमिल फिल्म में एक्टिंग कर चुके एनकाउंटर स्पेशलिस्ट अनिरुद्ध सिंह ने एडीजी इलाहाबाद एसवी सावंत की अगुवाई में इस बदमाश को बॉलीवुड स्टाइल में गिरफ्तार किया. एसपी सिटी सिद्धार्थ शंकर मीणा के मुताबिक मौलाना करीम 1985 से फरार चल रहा था.

So far these 39 women have been sexually exploited. Encounter Specialist Anirudh Singh, who had acted in the Tamil film, arrested this crook under the leadership of ADG Allahabad SV Sawant in Bollywood style. According to SP city Siddhartha Shankar Meena, Maulana Karim was absconding since 1985.

नई दिल्ली : बाबा रहीम की गिरफ्तारी और सजा के बाद अब बारी आयी है एक कथित मौलाना की. पुलिस ने बलात्कारी मौलाना करीम को धर दबोचा है. बता दें कि ये मौलवी पिछले 32 सालों से पुलिस की आँखों में धुल झोंकर अपनी अवैध गतिविधियां चला रहा था.

New Delhi: After the arrest and punishment of Baba Rahim, the turn has now come to an alleged maulana. Police have arrested the rapist Maulana Karim. Please tell us that this maulavi was running illegal activities in the eyes of the police for the past 32 years.

मस्जिदों और दरगाहों में छिपता था !

वो मुंबई, सूरत, अजमेर शरीफ और फर्रुखाबाद जैसे शहरों की मस्जिदों और दरगाहों में छिपता फिर रहा था. दरगाहों में आने वाले श्रद्धालुओं से मौलाना करीम खुद को तांत्रिक बताता था और भूत-प्रेत की बाधा दूर करने के नाम पर भी पैसे ऐंठता था औऱ उन्हें आफताब गंडा और ताबीज बनाकर देता था. एसपी सिटी के मुताबिक मौलाना करीम खुद को हलाला निकाह एक्सपर्ट भी बताता था.

Was hidden in mosques and dargahs!

He was hiding in mosques and dargahs of cities like Mumbai, Surat, Ajmer Sharif and Farrukhabad. Maulana Karim used to tell himself as a Tantric with devotees coming to the dargahs and even in the name of taking away the obstacles of ghosts, he used to make money, and gave them Afabat and donated amulet. According to SP City, Maulana Karim would also tell herself Halala Nirvah Expert.

हवालात में मुक्का-लात के बाद इस शातिर अपराधी मौलाना करीम ने झांसा देकर 39 महिलाओं का हलाला के नाम पर यौन शोषण करने की बात कबूल की है. उसने लोगों को धोखा तो दिया ही, साथ ही लाखों रुपए भी ऐंठे. धोखाधड़ी के लिए मौलाना करीम ने बाकायदा अपना एक नेटवर्क तैयार किया था. 33 सालों में उसने खुद को सिद्ध मौलाना बताकर दर्जन से ज्यादा शागिर्दों की टीम बनाई थी.

After punching in the lock-up, the vicious criminal Maulana Karim has blamed the 39 women for sexually exploiting the name of Halala. He betrayed the people, and also millions of rupees. For fraud, Maulana Karim had prepared a network of his own. In 33 years, he created himself as a perfect maulana and created a team of more than dozen pupils.

ये शागिर्द उसके झूठे तंत्र-मंत्र की विद्या का प्रचार प्रसार करते थे. ये इतना शातिर था कि पुलिस से बचने के लिए हर 15 दिन में अपना सिम कार्ड बदल लेता था और बेहद गोपनीय तरीके से अपने परिवार के संपर्क में रहता था. पुलिस ने जब इसके परिवार से पूछताछ की तो उन्होंने भी उसके बारे में किसी भी प्रकार की जानकारी देने से मना कर दिया था.

These teachers used to propagate the teaching of his false system. It was so vicious that he used to change his SIM card every 15 days to avoid the police and was in touch with his family in a very confidential manner. When the police interrogated his family, they also refused to give any information about him.

परिवार ने भी किया गुमराह !

परिवार का कहना था कि उससे से उनका कोई संबंध नहीं है, क्योंकि वह उन पर तेजाब फेंक कर घर से भागा था और तब से वापस नहीं लौटा, जोकि सरासर झूठ था. पुलिस ने लगातार उसके परिजनों का नंबर सर्विलांस पर रखा और तब जाकर मौलाना करीम की लोकेशन का पता लग पाया. यूपी में तुष्टिकरण की सरकारों में इस अपराधी को नहीं धरा जा सका लेकिन योगी आदित्यनाथ सरकार ने ये काम कर दिखाया.

The family also did mislead!

The family said that they have nothing to do with him, because he was throwing acid on them and ran away from home and did not return from then, which was a completely false. Police consistently kept the number of his relatives on the surveillance and then went to find out the location of Maulana Karim. The culprit could not be defeated in the appeasement governments in UP but Yogi Adityanath Sarkar showed this work.

गिरफ्तारी के बाद मौलाना करीम ने बताया कि वो इलाहाबाद के शाहगंज थाना क्षेत्र में रहता था. 1981 में मोहल्ले के लड़के मोहम्मद अजमत ने उसकी भांजी से छेड़छाड़ की, जिसे देख वो गुस्से से उबाल पड़ा और उसने बदला लेने की ठान ली.

After the arrest, Maulana Karim told that he lived in the Shahganj police station area of ​​Allahabad. In 1981, Mohalla’s son, Mohammed Ajmat, tampered with his niece, who saw that he got angry and he decided to take revenge.

बदला लेने के लिए उसने अजमत पर गोली दाग दी, जिससे उसकी मौत हो गयी. क़त्ल के इल्जाम में पुलिस ने उसे गिरफ्तार किया और दो साल बाद 1983 में जिला कोर्ट ने उसे उम्र कैद की सजा सुनाई, हालांकि वो दो साल बाद ही जमानत पर बाहर आ गया और फिर शहर से भाग गया.

To get revenge, he shot Azmat, which led to his death. The police arrested him in the charge of murder and two years later in 1983, the District Court sentenced him to life imprisonment, although he came out on bail only two years later and then fled from the city.

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https://youtu.be/Uzs16fYnw1k

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CM योगी की सरकार में चल रहे इस इस मदरसे बोर्ड पर लिखा है जो जिसे पढ़ आप चौक जायेगे

उत्तर प्रदेश में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ का मदरसों को आधुनिक करने की कवायद अब देखने को मिल रही है। प्रदेश के मदरसों में हुए बदलाव का असर अब तेजी से देख रहा है।

In Uttar Pradesh, the exercise of modernizing the madarsas of the Chief Minister Yogi Adityanath is now being seen. The effect of change in the madarsas of the state is now seeing rapidly.


सीएम योगी के संसदीय क्षेत्र रहे गोरखपुर का दारुल उलूम हुसैनिया मदरसा चर्चा का विषय बना हुआ है। यह मदरसा आधुनिक शिक्षा का केंद्र बन गया है।

Darul Uloom Husseiniya Madarasa of Gorakhpur, which is a parliamentary area of ​​the Yogi, remains a matter of discussion. This madrasa has become the center of modern education.

अब तक शायद यह बात पहले कभी नहीं सुनी गई होगी किसी मदरसे में संस्कृत भी पढ़ाई जा रही है। यह मदरसा यूपी शिक्षा बोर्ड के अंतर्गत आता है। खास बात यह है कि संस्कृत पढ़ाने के लिए मुस्लिम शिक्षक ही नियुक्त किया गया है।

So far, this matter has never been heard before, in any madrasa, Sanskrit is also being taught. This madrasa belongs to the UP Education Board. The special thing is that a Muslim teacher has been appointed to teach Sanskrit.

यहां अल्पसंख्यक समुदाय के छात्रों को विज्ञान, गणित, अंग्रेजी, अरबी के साथ-साथ हिंदी और संस्कृत की शिक्षा भी दी जा रही है। संभवत: ऐसा पहली बार हो रहा है कि मदरसे में संस्कृत भी पढ़ाई जा रही है। यूपी शिक्षा बोर्ड के अंतर्गत आनेवाला दारुल उलूम हुसैनिया मदरसे में संस्कृत पढ़ाने के लिए मुस्लिम शिक्षक ही नियुक्त किया गया है।

Here, minority community students are being given education in Hindi, Sanskrit as well as science, mathematics, English, Arabic. Probably this is happening for the first time that Sanskrit is also being taught in Madarsa. A Muslim teacher has been appointed to teach Sanskrit in Darul Uloom Husainia Madrasa, who is under the UP Education Board.


वहीं गोरखपुर में दारुल उलूम हुसैनिया मदरसा में पढ़नेवाले छात्र कहते हैं, ”हमें संस्कृत सीखना अच्छा लगता है। हमारे शिक्षक विषयों को अच्छी तरह से समझाते हैं। हम भी बहुत अच्छी तरह समझते हैं। हमारे माता-पिता भी हमें सीखने में मदद करते हैं।”

At the same time, students in Darul Uloom Husseaniya Madarsa in Gorakhpur say, “We like to learn Sanskrit. Our teachers explain topics well. We also understand very well. Our parents also help us learn. ”

आपको बता दें की उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ इस समय मदरसों को आधुनिक करने के लिए कई कदम उठा रहे हैं। ऐसा दृश्य शायद ही देखने को मिलेगा, योगी आदित्यनाथ को इस कार्य के लिए सलाम करना चाहिए, दोस्तों हमें इस विषय को इतना शेयर करना चाहिए कि सुबह सुबह ओवैसी के फ़ोन तक पहुँच जाए और सुबह सुबह उसे मिर्ची भी लग जाये।

Let us tell you that Uttar Pradesh’s Chief Minister Yogi Adityanath is taking several steps to modernize the madarsas. Such a scene will rarely be seen, Yogi Adityanath should salute for this work, friends should share this subject so much that in the morning, Owaisi should reach the phone and in the morning it will also become a chilli.

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source poltical report

योगी आदित्यनाथ के सीएम बनने पर फट पड़ा ओवैसी का गुस्सा,काँपे जिसे देख अखिलेश और कांग्रेस समेत मुस्लिम मैं हाहाकार

पटना : अभी कुछ ही वक़्त पहले यूपी के कासगंज में तिरंगा यात्रा पर पथराव व् गोलीबारी हुई थी, जिसमे चन्दन गुप्ता नाम के एक युवक की मौत हो गयी थी और इसके बाद वहां दंगे भड़क उठे थे. कुछ वही हाल राम नवमी के मौके पर बिहार व् बंगाल में भी रहा. शोभा यात्रा पर कट्टरपंथियों द्वारा पथराव किया गया, जिसने दंगे का रूप ले लिया. वहीँ मीडिया का एक धड़ा एक बार फिर कट्टरपंथियों के बचाव में खड़ा हो गया है.

Patna: Just a few days ago, there was a stone pelting and firing on the Tiranga yatra in UP, in which a young man named Chandan Gupta was killed and after that there were riots. Some were also in Bihar and Bengal on the occasion of Ram Navami. Shobha Yatra was stoned to death by the extremists, who took the form of riots. At the same time, one faction of the media has once again stood in the defense of the fundamentalists.

क्या है पूरा मामला?

औरंगाबाद में सोमवार को निकाली गई रामनवमी की शोभायात्रा पर कट्टरपंथियों ने पथराव कर दिया, जिसके बाद लोग भड़क उठे. आक्रोशित भीड़ ने कई दुकानों में आग लगा दी और बवाल किया. कट्टरपंथियों के पथराव में शोभायात्रा में शामिल छह से अधिक लोग घायल हुए वहीं कई अधिकारियों को भी चोटें आई हैं.

What is the whole matter?

After the raid on Ramnavmi in Aurangabad on Monday, the fundamentalists hurled stones at them, after which the people got upset. The angry crowd set fire to many shops and made a fire. More than six people involved in the Shobhayatra were injured in the stone pelting stones, while many officials have also been injured.

सवाल ये है कि आखिर शोभा यात्रा पर पत्थरबाजी की ही क्यों गयी? आखिर कब तक लोग कट्टरपंथियों के पत्थर खाते रहेंगे? वहीँ मीडिया का एक धड़ा फिर से सक्रिय हो गया है और दंगों का सारा दोष हिन्दुओं पर ही मढ़ा जा रहा है.

The question is, why did it go rocking on Shobha? After all, how long will people keep on stoning stones of fanaticism? At the same time a faction of the media has been activated and all the blame on the riots is being planted on the Hindus only.

पथराव से गुस्साए हिन्दू युवक

बताया जा रहा है कि कट्टरपंथियों की पत्थरबाजी से गुस्साए कुछ हिन्दू युवकों ने बिहार के समस्‍तीपुर के रोसड़ा कस्‍बे में स्थित जामा मस्जिद पर धावा बोल दिया. युवक मस्जिद के ऊपर चढ़ गए और उसपर भगवे झंडे फहरा दिए. हालांकि समस्‍तीपुर के एसपी दीपक रंजन के मुताबिक़ जब पुलिस वहां पहुंची तो उन्‍हें भगवा झंडे नहीं मिले, केवल तिरंगा लगा हुआ मिला.

Hindu youth angry with stone pelting

It is being told that some Hindu youths, angry at the stone-throwing stones, attacked the Jama Masjid in Rosda town of Samastipur, Bihar. The youth climbed to the mosque and hoisted the saffron flag on it. However according to SP Deepak Ranjan of Samastipur, when the police arrived there, they did not get the saffron flag, only got the tricolor.

कट्टरपंथी शिक्षा देने वाले एक मदरसे पर भी धावा बोला गया और उसे तहस-नहस कर दिया गया. खबर के मुताबिक रोसड़ा के गुदरी बाजार स्थित मस्जिद के पास से सोमवार को माता दुर्गा की प्रतिमा विसर्जन को जा रही थी. ये बात कट्टरपंथी युवकों से सहन नहीं हुई और उन्होंने मूर्ति की ओर चप्‍पल फेंक दी. इसी के विरोध में सैकड़ों लोग मस्जिद के पास इकट्ठा होकर आरोपी की बलि देने की मांग करने लगे.

A madrasa who gave fundamental education was also attacked and it was demolished. According to the news, the statue of Mata Durga was going to immersion on Monday near Mosad, situated in Gudri Bazaar in Rosda. This thing was not tolerated by fundamentalist youths and they threw slippers towards the idol. In protest against this, hundreds of people gathered near the mosque and demanded the sacrifice of the accused.

बिहार-बंगाल में कट्टरपंथियों का आतंक

बता दें कि औरंगाबाद में ठाकुरबाड़ी की तरफ से रामनवमी की शोभायात्रा बाजार के लिए प्रवेश किया था. इस्लाम टोली मोड़ के पास कट्टरपंथियों की भीड़ ने अचानक पथराव शुरू कर दिया. जिससे लोग भड़क गए. कट्टरपंथी शोभायात्रा को वहां से जाने तक नहीं देना चाहते थे. बड़ी मुश्किल से मौके पर मौजूद पुलिस अधिकारियों ने किसी तरह जुलूस को पार कराया.

Terror of fanatic in Bihar-Bengal

Please tell that on behalf of Thakurbadi in Aurangabad, Ramanavami’s Shobhayatra entered the market. A crowd of fundamentalists suddenly started stone pelting near Islam Toli Mutt. Thereby, people flared up. The fundamentalists did not want to give Shobhayatra away from there. The police officers present on the spot barely passed the procession.

ये खबर आग की तरह फैली और देखते ही देखते दूसरी और खड़े लोग भड़क उठे और एक-एक कर दुकानों में आग लगाई जाने लगी. एक दर्जन से अधिक दुकानों और गुमटियों को फूंक दिया गया. यहाँ ध्यान देने वाली बात ये है कि कट्टरपंथियों द्वारा पत्थरबाजी के बाद ही दंगे की शुरुआत हुई, मगर मीडिया ने बड़ी ही आसानी से सारा दोष आरएसएस व् हिन्दुओं पर ही मढ़ दिया.

The news spread like a fire, and seeing the other people standing standing broke out and each one started setting fire to shops. More than a dozen shops and dummies were blown up. The point here to note is that after the rhetoric by the fundamentalists, the riots took place, but the media easily eased the blame on RSS and Hindus only.

इसी बहाने से नितीश कुमार पर कीचड उछाला जाना भी शुरू हो गया. वहीँ बंगाल में हिन्दुओं के अलावा पुलिस अधिकारी तक दंगों में घायल हो गए, मगर ममता से सवाल पूछने या बंगाल दंगों की खबर चलाने की जगह देश के मीडिया ने बड़ी सफाई से उस खबर को छिपा लिया.

With this excuse Nitish Kumar also started to throw the kitchad. In addition to the Hindus in Bengal, police officials were injured in the riots, but instead of asking questions from Mamata or playing the news of the Bengal riots, the country’s media hid that news with great cleanliness.

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SOURCE NAME POLITICAL REPORT

अभी अभी: UP से आयी इस खबर से ख़ुफ़िया एजेंसी समेत PM मोदी के उड़े होश, पूरे देश में मचा हडकंप…

लखनऊ : यूपी में सीएम योगी को अभी सिर्फ 100 ही दिन हुए हैं लेकिन उसमें ही उन्होंने ऐसे कई तीखे फैसले के साथ सपा के घोटालों का कच्चा चिटठा खोल के रख दिया है कि कुछ लोगों को लगता है अब योगी सरकार रास नहीं आ रही है. अभी अभी यूपी से ऐसी खबर आयी है जिसने एक पल में पूरे देश में दहशत का माहौल पैदा कर दिया है.

Lucknow: CM Yogi has been in just 100 days in UP, but in the same way, he has kept the raw paper of SP’s scandal with so many sharp decisions that some people feel that the Yogi Government is not coming to the rescue. Right now, there has been such news from the UP that has created a panic in the entire country in a moment of panic.

यूपी विधानसभा में मचा हड़कंप, दहशत का माहौल
अभी कुछ वक़्त पहले भी सीएम योगी जब अपना भाषण दे रहे थे तो उन्होंने बुलेट प्रूफ कांच के पीछे रहने की हिदायत दी गयी थी. क्यूंकि आये दिन सीएम योगी को आतंकी खतरे की धमकियाँ मिल चुकी हैं. ऐसी ही ताज़ा खबर अभी अभी एएनआई न्यूज़ एजेंसी से आ रही है जहाँ खुलासा हुआ है कि यूपी विधानसभा में बुधवार को चेकिंग के दौरान बेहद खतरनाक विस्फोटक मिला है. इसकी पुष्टि फॉरेंसिक टेस्ट से भी हो चुकी है ये एक PETN टाइप का भीषण तबाही वाला विस्फोटक है. इसके केवल 100 ग्राम से ही एक कार को पल भर में राख बना देने की ताक़त होती है.

Opposition in UP Assembly, panic attack
At some point in time, even when CM Yogi was giving his speech, he was instructed to be behind the bullet proof glass. Because the Yi Yi has received threats of terrorist threat during the days of coming. The latest news is coming from the ANI News Agency, which has revealed that on Wednesday, in the UP Assembly, it found extremely dangerous explosives during checking. It has been confirmed from the forensic test, it is a blasting explosive of a PETN type. Only 100 grams of it has the power to make a car ash throughout the moment.

समाजवादी पार्टी के विधायक की सीट के नीचे मिला विस्फोटक
इसे विधानसभा की सुरक्षा में एक बहुत बड़ी चूक बताया जा रहा है. आपको बता दें कि अभी यूपी विधानसभा में बजट सत्र चल रहा है. पाए गए विस्फोटक की मात्रा 60 ग्राम बताई जा रही है. यह उस जगह मिला जहाँ सभी पार्टी के विधायक बैठते हैं और सबसे खास बात यह रही कि ये विस्फोटक समाजवादी पार्टी के विधायक मनोज पांडे की सीट के नीचे एक नीले रंग की पॉलिथीन में मिला. जिसके बाद सभा में बुरी तरह हड़कंप मच गया.इस मामले की जांच यूपी एटीएस को सौंप दी गई है.

Explosive found under the seat of the Samajwadi Party legislator
This is being said to be a big mistake in the security of the assembly. Let us tell you that the budget session is going on in the UP Assembly now. The amount of explosive found is 60 grams. This is found in the place where all the party’s legislators sit and the most important thing is that they were found in a blue polythene under the seat of the explosive socialist party MLA Manoj Pandey. After which the meeting was badly stirred. The investigation of this case has been handed over to the UP ATS.

जिसके चरण बाद सीएम योगी ने शाम 4 बजे डीजीपी, प्रुमख सचिव, विधानसभा सचिव, प्रमुख सचिव गृह, प्रमुख सचिव सचिवालय प्रशासन, एडीजी लॉ ऐंड ऑर्डर, एडीजी सिक्यॉरिटी, एएसपी विधान सभा समेत तमाम वरिष्ठ अधिकारियों को बुलाया और विधान सभा और सचिवालय की सुरक्षा में लापरवाही के लिए खूब फटकार लगाई.

After that phase, CM Yogi called all the senior officers including DGP, Senior Secretary, Assembly Secretary, Principal Secretary Home, Principal Secretary Secretariat Administration, ADG Law and Order, ADG Security, ASP Vidhan Sabha and security of the Legislative Assembly and Secretariat. There was a lot of reproach for negligence.

लेकिन सबसे बड़ा सवाल यह है कि यह विस्फोटक अंदर कैसे पहुंचा और क्या सीएम योगी की जान को खतरा है? दरअसल, यूपी विधानसभा में जाने के लिए बहुस्तरीय सुरक्षा चक्रों से गुजरना पड़ता है. यही नहीं विधानसभा में सिर्फ विधायकों, मंत्रियों, सफाईकर्मचारी और मार्शल को ही जाने की इजाजत है.

But the biggest question is how did the explosive reach the inside and what is the danger of the CM Yogi’s life? Indeed, to go to the UP assembly, it has to go through multi-level security cycles. Not only that, legislators, ministers, volunteers and martials are allowed to go to the assembly only.

सबसे ज़्यादा खतरनाक और भयावह वाला है यह PETN विस्फोटक
दुनिया के 5 सबसे खतरनाक विस्फोटकों में शामिल है PETN. यह बेहद खतरनाक शक्तिशाली प्लास्टिक विस्फोटक होता है इससे बंकरों या ट्रेन में धमाकों के लिए इस्तेमाल में लाया जाता है. यह गंधहीन होता है इसलिए इसे खोजी कुत्ते और मेटल डिटेक्टर तक में पकड़ना बेहद मुश्किल होता है. बहुत कम मात्रा में भी बहुत बड़ा धमका हो किया जा सकता है. यहाँ तक की इसे एक्स रे मशीन भी नहीं पकड़ पाती हैं. यह एक खतरनाक रासायनिक पदार्थ होता है. साल 2011 में दिल्ली हाई कोर्ट में ऐसे ही धमाके का इस्तेमाल किया गया था.

The most dangerous and frightening is the PETN explosive
The world’s 5 most dangerous explosives include PETN It is a very dangerous powerful plastic explosive, it is used in the bunkers or in the train for explosions. It is odorless, so it is very difficult to catch it in the detective dog and metal detector. In very small quantities, too much threat can be done. Even this X-ray machine can not even catch it. This is a dangerous chemical substance. Similar explosions were used in the Delhi High Court in 2011.

उल्टा समाजवादी पार्टी सीएम योगी पर उठा रही है ऊँगली
सपा को कभी किसी से खतरा हो सकता है ये ज़रा मुश्किल लग रहा है तो उल्टा सपा नेता घनश्याम तिवारी ने कहा है इस तरह की चूक काफी चिंताजनक है सरकार को प्रदेश की सुरक्षा पुख्ता करनी चाहिए. सरकार सुरक्षा की बात करती है लेकिन बीजेपी की सरकार ने प्रदेश और देश का बुरा हाल कर दिया है.

Inverted Samajwadi Party is raising on CM Yogi
The SP is likely to face any danger, it is difficult to find. In contrast, Samajwadi Party leader Ghanshyam Tiwari has said that such a mistake is a matter of concern and the government should ensure the security of the state. Government talks about security but the BJP government has made the state and the country bad.

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राज्यसभा चुनाव : राजा भैया ने आखिरी समय में चला ये बड़ा पैंतरा बुआ बबुआ के उड़े होश..

लखनऊ: उत्तर प्रदेश में राज्यसभा चुनावों की 10 सीटों के लिए जारी मतदान के बीच एक बड़ी खबर सामने आई है। सूत्रों के मुताबिक, समाजवादी पार्टी के करीबी माने जाने वाले कुंडा से निर्दलीय विधायक राजा भैया बीजेपी उम्मीदवार के पक्ष में मतदान कर सकते हैं।

Lucknow: A big news has emerged between the ongoing elections for the 10 seats of the Rajya Sabha elections in Uttar Pradesh. According to sources, Independent legislator Raja Bhaiya, who is considered close to the Samajwadi Party, can vote for the BJP in the favor of the candidate.

हालांकि अभी तक इस खबर की पुष्टि नहीं हो पाई है। यदि ऐसा होता है तो एक अन्य निर्दलीय विधायक विनोद सरोज का वोट भी बीजेपी के पाले में आ सकता है। गौरतलब है कि विनोद सरोज को राजा भैया का प्रबल समर्थक माना जाता है। यदि ऐसा होता है तो समाजवादी पार्टी के साथ-साथ बहुजन समाज पार्टी की मुश्किलें भी बढ़ सकती हैं।

However, the news has not been confirmed yet. If this happens then the vote of another Independent MLA Vinod Saroj may also come in BJP’s favor. Significantly, Vinod Saroj is considered as a strong supporter of Raja Bhaiya. If this happens then the problems of Bahujan Samaj Party along with the Samajwadi Party can also increase.

रिपोर्ट्स के मुताबिक, राजा भैया के घर की सुरक्षा बढ़ा दी गई है। बताया जा रहा है कि यूपी सरकार के मंत्रिमंडल विस्तार में राजा भैया के एक समर्थक यशवंत सिंह को मंत्री पद दिया जा सकता है।

According to reports, the security of Raja Bhaiya’s house has been increased. It is being told that Yashwant Singh, a supporter of Raja Bhaiya, can be given the post of minister in the extension of the UPA governmen

यशवंत सिंह ने अपनी MLC की सीट योगी आदित्यनाथ के लिए छोड़ दी थी। यह खबर भी सूत्रों के हवाले से आई है। आपको बता दें कि पहले ही निर्दिलीय विधायक अमनमणि त्रिपाठी ने अपना वोट भारतीय जनता पार्टी के पक्ष में वोट देने की बात कही है।

वहीं, बहुजन समाज पार्टी के विधायक अनिल सिंह और समाजवादी पार्टी के विधायक नितिन अग्रवाल द्वारा क्रॉस वोटिंग करने की खबरें हैं। इन दोनों ही विधायकों ने खुले तौर पर बीजेपी के पक्ष में मतदान करने की घोषणा की है।

Yashwant Singh left his MLC seat for Yogi Adityanath. This news has come from the sources. Let us tell you that the already unconstitutional MLA Amanmani Tripathi has said that the vote for the vote in the favor of the Bharatiya Janata Party.

अब क्या होगा सपा और बसपा का?
नितिन अग्रवाल और अनिल सिंह के बीजेपी प्रत्याशी के पक्ष में वोट देने के बाद बीएसपी प्रत्याशी मुश्किल में फंस गए हैं। दरअसल, उत्‍तर प्रदेश में राज्यसभा की एक सीट जीतने के लिए किसी प्रत्याशी को कम से कम 37 प्रथम वरीयता की वोटों की जरूरत है।

There are reports of cross voting by Bahujan Samaj Party legislator Anil Singh and Samajwadi Party legislator Nitin Agarwal. Both of these MLAs have openly announced to vote in favor of BJP.

राज्य की 403 सदस्यीय विधानसभा में बीजेपी और उसके सहयोगी दलों के पास कुल 324 सीटें हैं ऐसे में बीजेपी अपने 8 प्रत्याशियों को आसानी से राज्यसभा में भेज सकती है। इसके बावजूद उसके पास 28 वोट बच जाएंगे। समाजवादी पार्टी के पास 47 विधायक हैं.

BJP and its allies have a total of 324 seats in the state’s 403-member assembly, in which the BJP can easily send its 8 candidates to the Rajya Sabha. Despite this, it will save 28 votes. The Samajwadi Party has 47 MLAs.

ऐसे में वह अपने एक प्रत्याशी को आसानी से जिता सकती है और उसके पास 10 वोट बच जाएंगे। बहुजन समाज पार्टी के पास 19 विधायक हैं और वह अपने दम पर किसी प्रत्याशी को राज्यसभा नहीं भेज सकती। इसके लिए उसे सपा के 10, कांग्रेस के 7 और राष्ट्रीय लोकदल के एक विधायक का समर्थन चाहिए।

In such a way, he can easily win one of his candidates and 10 votes will be saved. Bahujan Samaj Party has 19 MLAs and it can not send any candidate to the Rajya Sabha on their own. For this, he needs support of SP 10, Congress 7 and one MLA from the National Lok Dal.

ये विडियो बी देखें-:

https://youtu.be/k87GwTUEGuQ

https://youtu.be/hsfxfSRtdUs

SOURCE POLITICAL REPORT

सीएम योगी ने लिया ज़बरदस्त एक्शन, हज़ारों हिन्दुओं को अरसे बाद मिला इंसाफ, जिसे देख ओवैसी समेत अखिलेश सन्न

लखनऊ : पिछ्ली सरकार के पांच साल में ज़बरदस्त दंगे हुए जिसमे से एक था बेहद भयावह मुजफ्फरनगर दंगा. जिसमे तुष्टिकरण की नीति के चलते बेगुनाह हिन्दुओं को निशाना बनाया गया. तो वहीँ अब यूपी में सीएम योगी के सत्ता में आने के बाद आख़िरकार उन हज़ारों बेगुनाह हिन्दुओं को अरसे बाद इन्साफ मिल सका जो अखिलेश सरकार में प्रताड़ित किये जा रहे थे.

Lucknow: There was a fierce riot in the last five years of the previous government, one of which was the most horrific Muzaffarnagar riots. In which the innocent Hindus were targeted due to the appeasement policy. So now, after coming into power of CM Yogi in UP, finally, thousands of innocent Hindus could get justice after long, who were being tortured in the Akhilesh government.


यूपी में सीएम योगी ने किया अपना बेहद अहम् वादा पूरा

अभी मिल रही खबर अनुसार जिस न्याय की प्रतीक्षा बहुत पहले से थी वो न्याय आख़िरकार शुरू हुआ है और नकली तुष्टिकरण के शिकार उन हजारों हिन्दुओ के चेहरे पर योगी आदित्यनाथ के अटल इरादों के चलते मुस्कान आई है जिन्हें समाजवादी पार्टी ने अंतिम सांस तक प्रताड़ित किया था.

CM Yogi in UP completes his very high promise

According to the news available now, the justice which was long before it started, justice has finally started, and a smile has come on the faces of thousands of Hindus who have been falsely appeased, due to the intentions of Yogi Adityanath, whom the Samajwadi Party had persecuted till last breath. .

हज़ारों हिन्दुओं को मिला इन्साफ

योगी सरकार ने साल 2013 के मुजफ्फरनगर और शामली दंगों से जुड़े 131 केस वापस लेने की प्रक्रिया शुरू कर दी है. योगी सरकार के कानून मंत्री बृजेश पाठक ने साफ कहा कि वैसे मामले जो राजनीतिक दुर्भावना के तहत दर्ज किए गए थे, सरकार उन्हें वापस लेगी. समाजवादी पार्टी ने इसके लिए योगी सरकार की कोशिशों को जमकर कोसा है.

Thousands of Hindus get justice

Yogi Sarkar has started the process of withdrawing 131 cases related to the Muzaffarnagar and Shamli riots of 2013. Yogi Sarkar’s Law Minister Brajesh Pathak said that the government will take them back in the case of political malignancy. The Samajwadi Party has strongly criticized the Yogi’s efforts for this.


402 आगजनी के फर्जी मुकदमे

जानबूझकर इन दंगो में उन बेगुनाह हिन्दुओं को फंसाया गया जिनका दूर दूर तक कोई वास्ता नहीं था और ये धर्मनिश्पक्ष समाज चुपचाप हिन्दुओं को प्रताड़ित होता हुआ देखता रहा. आप जानकार दंग रह जाएंगे दंगों के बाद 402 आगजनी के फर्जी मुकदमे दर्ज करवाए गए थे, जिनमें सौ से ज्यादा निर्दोष महिलाएं भी नामजद हैं. सांसद संजीव बालियान ने बताया कि सीएम से मिलने वालों में बालियान, अहलावत और गठवाला खाप के लोग शामिल थे.

402 Fugitive Trial of Arson

Intentionally these riots were framed by those innocents who were far from distant, and this secular society kept quietly watching the Hindus being oppressed. You will be stunned, after the riots, 402 arson cases were registered, more than one hundred innocent women were also nominated. MP Sanjeev Bialan told that those who met the CM included people of Balian, Ahlawat and Gathawala khap.

अखिलेश ने जमकर मुआवजा लुटाया सरकारी खजाने से

सांसद बालियान ने बड़ा खुलासा करते हुए बताया कि दंगों के बाद वहां के लोगों ने घरों में रजाई में आग लगाकर यह दिखा दिया गया कि उनके घर में आगजनी हो गई है. यही नहीं इसके चलते अखिलेश सरकार ने उन फर्जी(शांतिप्रिय समुदाय) लोगों को पांच-पांच लाख रुपये का मुआवजा भी लुटा दिया. आगजनी की घटनाएं सिर्फ मुआवजा हासिल करने के लिए की गई थीं.

Akhilesh gets heavily compensated by government treasury

The MP Balian said that after the riots, people of the house were set on fire by putting a quilt in the quilt and it was shown that there was a fire in his house. Not only that, the Akhilesh government also looted the compensation of five lakh rupees to those fake (peacekeeping community) people. Incident incidents were only done to get compensation.


दर्द से बिलबिलाये ओवैसी

स्वाभाविक सी बात है ये फर्जी केस लेने से उन तुष्टिकरण वालों में ज़बरदस्त जलन उठी है. ऑल इंडिया मजलिस-ए-इत्तेहादुल मुस्लिमीन (एआईएमआईएम) के अध्‍यक्ष और हैदराबाद से सांसद असदुद्दीन ओवैसी ने केस वापस लेने को संविधान की हत्या और कानून का मज़ाक बता दिया है. कानून का मज़ाक तब नहीं उड़ता जब एक समुदाय को खुश करने के लिए हिन्दुओं को ज़बरदस्ती जेल में गंभीर आरोप लगाकर ठूसा जाता है.

Bilwila Owaisi with Pain

Naturally, taking these fake cases has caused a lot of excitement among those appeashers. The president of All India Majlis-e-Ittehadul Muslimeen (AIMIM) and MP from Hyderabad, Asaduddin Owaisi, has told the killing of the constitution and the law’s joke to withdraw the case. The joke of law does not leave when Hindus are forced to cheat by making serious allegations in a jail to please a community.

फर्जी मुकदद्मे वापस लेने की प्रक्रिया शुरू

5 फरवरी को सांसद संजीव बालियान और विधायक उमेश मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से मिले थे और उन्होंने 161 लोगों की लिस्ट उन्हें सौंपी थी, जिनके केस वापस लेने की मांग की गई थी. इसके बाद यूपी सरकार ने 23 फरवरी को इसके लिए चिट्ठी मुजफ्फरनगर और शामली प्रशासन को भेजी है.

The process of withdrawal of fake laws started

On February 5, MP Sanjeev Bialian and MLA Umesh met Chief Minister Yogi Adityanath and he had given them a list of 161 people whose demands were sought to be withdrawn. After this, the UP government sent the letter to Muzaffarnagar and Shamli administration on February 23.

योगी सरकार के कानून मंत्री बृजेश पाठक ने बृजेश पाठक ने मुजफ्फरनगर दंगों के मुकदमों को वापस लेने के मामले में कहा, ‘मुकदमे वापस लेने की प्रक्रिया शुरू हो चुकी है. विभाग की तरफ से ऐसे मुकदमों और लोगों को चिह्न‍ित करने के लिए शासन को कहा गया है. केस वापस लेने का मामला इस वक्त प्रक्रिया में है और जैसे ही रिपोर्ट प्राप्त होगी, यह केस वापस होंगे.’

In the matter of withdrawing the lawsuits of the Muzaffarnagar riots, Brajesh Pathak, Law Minister of the Yogi Government, Brajesh Pathak said, “The process of withdrawal of the trial has already started. The governance has been asked to identify such lawsuits and people from the department. The case for withdrawal of the case is currently in process and as soon as the report is received, the case will be back.

दरअसल दंगो में बेगुनाह हिन्दुओं पर बेहद गंभीर आरोप और कानूनी धाराएं लगा दी गयी. जिनमें ‘बेहद गंभीर अपराध’ की आईपीसी की धाराएं लगाई गई हैं और जिनमें कम से कम सात की जेल हो सकती है. 16 केस आईपीसी की धारा 153ए के हैं जो धार्मिक आधार पर बैर को बढ़ावा देने के लिए लगाया गया है और दो मामले धारा 295 के हैं जो जानबूझ कर या दुर्भावना के तहत किसी धर्म या धार्मिक विश्वास का अपमान करने के लिए दर्ज किए गए हैं.

Indeed, in the riots, extremely serious charges and legal streams were imposed on innocent Hindus. The IPC currents of ‘very serious crime’ have been imposed and there may be at least seven jail bars. The 16 cases are of Section 153A of the IPC, which has been imposed to promote hatred on religious grounds and two cases of Section 295 which were deliberately registered for insulting any religion or religious belief under malice.

कर्नाटक कांग्रेस ने मुस्लिम अपराधियों के खिलाफ लिए सारे केस वापिस

यही नहीं अगर कर्नाटक में कांग्रेस सरकार चुनाव से ठीक पहले अपनी घटिया तुष्टिकरण की राजनीति के चलते सारे मुसलमानों, ध्यान दीजियेगा केवल मुसलमानो के खिलाफ गंभीर अपराध के सारे केस वापस ले सकते हैं तो योगी सरकार ऐसा क्यों नहीं कर सकती. वो भी तब जब अपराधियों के खिलाफ ठोस सबूत हैं फिर भी उन्हें छोड़ दिया जाता है वो भी चुनाव से पहले लेकिन कोई बिकाऊ मीडिया इसपर आवाज़ नहीं उठाता.

Karnataka Congress to return all cases against Muslim criminals

Not only that, in front of the Congress Government election in Karnataka, all Muslims will pay attention to the politics of their poor appeasement, only if they can withdraw all cases of serious crime against Muslims, why can not the Yogi government do such a thing? That too when there are solid evidence against the criminals, they are left outeven before the elections, but no suitable media does not raise voice over it.

बता दें 2013 में हुए इन दंगों में कम से कम 62 लोग मारे गए थे और हजारों को बेघर होना पड़ा था. मुजफ्फरनगर हिंसा के बाद तत्कालीन समाजवादी पार्टी की सरकार ने मुजफ्फरनगर और शामली थानों में करीब 1,455 लोगों के खिलाफ 503 मामले दर्ज कराए थे. इनमे सिर्फ और सिर्फ हिन्दुओं को फंसाया गया है.

Tell us that at least 62 people were killed and thousands had to be homeless in these riots in 2013. After the Muzaffarnagar violence, the then Samajwadi Party government had filed 503 cases against 1,455 people in Muzaffarnagar and Shamli police stations. These and only Hindus have been implicated in them.


तो वहीँ अब योगी सरकार के इस फैसले से समजवादी बुरी तरह बिलबिला उठी. सपा पार्टी प्रवक्ता और नेता उदयवीर सिंह ने कहा कि यह सीधे-सीधे न्यायिक व्यवस्था में हस्तक्षेप है. अगर किसी को बरी होना है तो उसे अदालत से बरी होना होगा, सरकार अपने लोगों को दंगे से बचाने के लिए ये काम कर रही है.

So, now this decision of Yogi Sarkar has been misunderstood by the understanding. SP Party spokesman and leader Udayvir Singh said that this is a direct intervention in the judicial system. If anyone wants to be acquitted then he must be acquitted of the court, the government is doing this work to save his people from the riots.

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योगी सरकार ने मदरसों के लिए जारी किया नया फरमान, जिसे देखे मुस्लिम संगठनो समेत PM मोदी हैरान

गोरखपुर : उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री ‘योगी आदित्यनाथ’ ने जिले के मदरसों को लेकर एक बहुत ही शानदार फैसला सुनाया है. मुख्यमंत्री के इस फैसले के बाद देशभर के मुस्लिम समुदाय में हलचल पेया हो गई है. जानकारी के अनुसार उन्होंने फैसला सुनते हुए कहा है कि राज्य के उन मदरसों को बंद कर दिया जाएगा, जिनका पोर्टल पर पंजीकरण नहीं हुआ है.

Gorakhpur: Uttar Pradesh’s Chief Minister Yogi Adityanath has given a very good decision about the madarsas of the district. After the decision of the chief minister, there has been a stir in the Muslim community across the country. According to the information, he said while hearing the decision that the madarsas of the state will be closed, which have not been registered on the portal.

सूत्रों से प्राप्त जानकारी के अनुसार मुख्यमंत्री योगी ने कहा है कि जिले के 80 से अधिक मदरसों को बंद कर दिया जाएगा, इनमे से 66 ने तो पंजीकरण भी नहीं कराया है. उधर एक दर्जन से अधिक मदरसों को बंद करने की संस्तुति की गई है. बंद होने वालों में से चार आलिया मदरसे हैं. मतलब इन मदरसों में बोर्ड कक्षाएं चलती हैं. अल्प संख्यक विभाग की जांच में इन मदरसों में मानक पूरे नहीं पाए गए.

According to information received from the sources, the Chief Minister Yogi said that more than 80 madarsas of the district will be closed, 66 of them have not even registered. There is a proposal to close more than a dozen madarsas. Of the closures, four are alia madarsas. Meaning board classes run in these madarsas. Standards were not found in these madrassas in the investigation of the minority department.

जानकारी के अनुसार पता चला है कि सरकार ने मदरसों पंजीकरण के लिए अलग पोर्टल बनाया हुआ है. इस पोर्टल पर सभी मदरसों का पंजीकरण होना आवश्यक है. शिक्षक, छात्र-छात्रा समेत मदरसे से जुड़ी हर तरह की जानकारी इस पोर्टल पर होनी चाहिए, परंतु कई मदरसों का प्रबंधन इसके लिए आगे नहीं आया. सूत्रों ने जानकारी देते हुए कहा है कि जिले में साढ़े तीन सौ से ज्यादा मदरसे हैं, परंतु इनमें से 287 ने ही रजिस्ट्रेशन कराया हुआ है. पंजीकरण हुआ मदरसों में से भी केवल 266 मदरसों का विवरण पोर्टल पर लॉक किया गया है.

According to information, it has been found that the government has created separate portal for registration of madrassas. Registration of all the madarsas on this portal is necessary. All kinds of information related to the madarsas, including teachers, students, should be on this portal, but the management of many madarsas did not come forward for this. The sources said that there are more than three and a half hundred madrassas in the district, but only 287 of them have been registered. Details of only 266 madrassas have been locked in the portal from the registered madrassas.

जिला अल्पसंख्यक अधिकारी ‘एसपी तिवारी’ नेजानकारी देते हुए कहा है कि रजिस्ट्रेशन कराने वाले मदरसों की जांच कराई गई. इनमें से 14 में मानक पूरे नहीं पाए गए. इन मदरसों को बंद करने की संस्तुति की गई है. साथ ही जिन मदरसों का पंजीकरण नहीं हुआ है, जवाब नहीं मिलने पर उनको भी बंद कर दिया जाएगा.

District minority officer ‘SP Tiwari’ has informed that the examination of the madarsas who got the registration was done. Standards were not found to be completed in 14 of these. The recommendation to close these madarsas has been recommended. Also, the madarsas who have not registered, they will also be closed if the answer is not received.

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https://youtu.be/k87GwTUEGuQ

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