देवबंद में आतंकियों के छिपे होने का हुआ पर्दाफाश, सरकार ने उठाया ये बड़ा कदम, योगी और मोदी सक्ते में|

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बरेली : हाल में दो संदिग्‍ध बांग्‍लादेशी आतंकियों के पकड़े जाने के बाद पुलिस देवंबद समेत सहारनपुर और मुजफ्फरनगर जिलों में सभी हजारों पासपोर्ट धारकों के कागजात के सत्‍यापन का काम शुरू करने वाली है. दरअसल इन संदिग्‍धों के पास देवबंद पते के भारतीय पासपोर्ट मिले हैं. नकली दस्‍तावेजों के इस्‍तेमाल से ये पासपोर्ट बनाए गए हैं. मामले की जांच में पुलिस को सूचनाएं मिली हैं कि इस क्षेत्र में कई आतंकी मॉड्यूल छिपे हो सकते हैं!

Bareilly : After the arrest of two suspected Bangladeshi terrorists recently, the police is going to start verification of all the thousands of passport holders papers in Saharanpur and Muzaffarnagar districts, including Davamband. Indeed, these suspects have got Indian passports of Deoband address. These passports have been made using fake documents. In the investigation of the case, the police have received information that many terror module may be hidden in this area.

टाइम्‍स ऑफ इंडिया की इस रिपोर्ट के मुताबिक पुलिस ने कहा कि यह केवल देवबंद या किसी खास समुदाय के लिए नहीं किया जा रहा है. मुजफ्फरनगर और सहारनपुर जिलों के सभी पासपोर्ट धारकों का सत्‍पापन किया जाएगा. दरअसल इस तरह की खुफिया सूचनाएं मिली हैं कि कुछ ऐसे आतंकी मॉड्यूल यहां छिपे हुए हैं. इससे पहले भी ऐसे कई वाकये यहां हुए हैं जब संदिग्‍ध यहां पकड़े गए हैं!

According to the Times of India report, the police said that this is not being done only for Deoband or any particular community. All passport holders of Muzaffarnagar and Saharanpur districts will be certified. In fact, intelligence inputs such that some such terror module are hidden here. Even before this, there have been many such instances here when the suspects are caught here.

यूपी ATS के हत्थे चढ़ा बांग्लादेशी आतंकी, देवबंद में रहकर रच रहा था आतंकी साजिश…
उत्तर प्रदेश के एटीएस (एंटी टेररिस्ट स्क्वायड) ने बांग्लादेश के आतंकवादी संगठन ‘अन्सारुल्ला बांग्ला टीम’ से जुड़े एक दहशतगर्द को आज (रविवार) मुजफ्फरनगर जिले से गिरफ्तार किया. एटीएस के महानिरीक्षक असीम अरुण ने यहां बताया कि दस्ते ने अब्दुल्ला अल मामून नामक व्यक्ति को आतंकवादी गतिविधियों में संलिप्तता के आरोप में मुजफ्फरनगर जिले के कुटेसरा क्षेत्र से गिरफ्तार किया गया है. शुरुआती पूछताछ में पता लगा है कि वह बांग्लादेश के प्रतिबंधित आतंकवादी संगठन ‘अन्सारुल्ला बांग्ला टीम’ से जुड़ा है. अन्सारुल्ला बांग्ला टीम कुख्यात आतंकवादी ओसामा बिन लादेन द्वारा गठित किये गये आतंकवादी संगठन ‘अलकायदा’ से प्रेरित तन्जीम बतायी जाती है!

Terrorist conspiracy was made in the wake of the UP ATS assassinated Bangladeshi terrorists, Deoband …
ATS (Anti Terrorist Squad) of Uttar Pradesh arrested a terrorist linked to Bangladesh’s terrorist organization ‘Ansarullah Bangla Team’ from Muzaffarnagar district today (Sunday). ATS Inspector General Asim Arun told here that the squad has arrested a person named Abdullah al-Mamun, from the Kutsara area of ​​Muzaffarnagar district on charges of involvement in terrorist activities. In the initial inquiry, it has been found that he is associated with the Bangladesh-based terrorist organization ‘Ansarullah Bangla Team’. Ansarullah Bangla team is known as Tanjim inspired by the terrorist organization ‘Al-Qaeda’ formed by the notorious terrorist Osama bin Laden.

अरुण ने बताया कि बांग्लादेश के मोमिन शाही जिले के हुसनपुर गांव का रहने वाला अब्दुल्ला पिछले करीब एक महीने से मुजफ्फरनगर के कुटेसरा में रह रहा था. इससे पहले वह सहारनपुर जिले के देवबंद थाना क्षेत्र स्थित अम्बेहटा शेख इलाके में रह रहा था. वहीं पर उसने फर्जी दस्तावेज के आधार पर अपना पासपोर्ट बनवाया था. उसके कब्जे से फर्जी आधार कार्ड, पासपोर्ट, चार मोहरें तथा 13 पहचान पत्र बरामद किये गये हैं!

Arun said that Abdullah, who was from Hussanpur village in Momin Shahi district of Bangladesh, had been living in Kutsasera of Muzaffarnagar for nearly a month. Earlier, he was living in Ambehata Sheikh area of ​​Deoband police station area of ​​Saharanpur district. At the same time, he made his passport on the basis of fake documents. Fake identity card, passport, four stamps and 13 identity cards have been recovered from his possession.

पुलिस के मुताबिक जो बांग्‍लादेशी आतंकी अगस्‍त में मुजफ्फरनगर में पकड़े गए थे, उनके पासपोर्ट सहारनपुर में ही बने थे. इसके चलते इस क्षेत्र के सभी पासपोर्ट धारकों का सत्‍यापन हो रहा है. अगस्‍त में यूपी एटीएस ने बांग्‍लादेशी नागरिक अब्‍दुल्‍ला अल-मामून को पकड़ा था. वह प्रतिबंधित आतंकी संगठन अंसारुल्‍ला बांग्‍ला टीम (एबीटी) का सदस्‍य था. वह मुजफ्फरनगर में पकड़े जाने से पहले देवबंद में कई सालों तक छिपा रहा. उसके पकड़े जाने के बाद से कई सहयोगियों को पकड़ा गया है!

According to the police, the Bangladeshi terrorists who were arrested in Muzaffarnagar in August, their passports were made in Saharanpur only. As a result, all passport holders in this area are being verified. In August, UP ATS had caught the Bangladeshi citizen Abdullah Al-Mamun. He was a member of the banned terrorist organization Ansarullah Bangla Team (ABT). He was hiding in Deoband for many years before being caught in Muzaffarnagar. Many collaborators have been arrested since his arrest.

महिलओं का आइब्रो बनवाना और बाल कटवाना नाजायज है, दारुल उलूम देवबंद का फतवा…
फतवा में स्पष्ट रूप से कहा गया है, ‘इस्लाम में आइब्रो बनवाना और बाल कटवाना धर्म के खिलाफ है. कोई महिला ऐसा करती है तो वह इस्लाम के नियमों का उल्लंघन कर रही है.’ इस फतवा को जारी करने के पीछे तर्क दिया गया है कि इस्लाम में महिलाओं पर 10 पाबंदियां लगाई गई हैं. उन्हीं में बाल काटना और आइब्रो बनवाना भी शामिल है. लंबे बाल महिलाओं की खूबसूरती का हिस्सा है. इस्लाम मजबूरी में बाल काटने की इजाजत देता है. बिना किसी मजबूरी के बाल कटवाना नाजायज है’!

Making eyebrows of women and cutting hair is unfair; Darul Uloom Deoband’s fatwa …
In Fatwa it is clearly stated that ‘making eyebrows in Islam and hair cutting is against religion. If a woman does this, then she is violating the rules of Islam. ‘ The reason behind issuing this fatwa is that there are 10 restrictions on women in Islam. She also includes cutting hair and eyebrow. Long hair is part of the beauty of women. Islam permits hair cutting in compulsion. It is unfair to cover the hair without any compulsion. ‘

मालूम हो कि दारुल उलूम देवबंद मुस्लिमों के लिए एक विशेष स्थान है. दारुल उलूम देवबंद का कहना है कि वह दुनिया में इस्लाम की मौलिकता को कायम रखने के लिए काम कर रही हैं. इस विचारधार से प्रभावित मुसलमानों को देवबंदी कहा जाता है. दारुल उलूम देवबंद की आधारशिला 30 मई 1866 में हाजी आबिद हुसैन व मौलाना क़ासिम नानौतवी ने रखी थी!

It is known that Darul Uloom Deoband is a special place for the Muslims. Darul Uloom Deoband says that he is working to maintain the originality of Islam in the world. The Muslims affected by this ideology are called Deobandi. The foundation stone of Darul Uloom Deoband was laid on 30 May 1866 by Haji Abid Hussain and Maulana Qasim Nanautvi.

अब्‍दुल्‍ला मामून की गिरफ्तारी के बाद उसकी निशानदेही पर भगोड़े आतंकी फैजान अहमद के सहारनपुर ठिकानों पर छापे मारे गए. वहां पर आतंकी संगठन इस्‍लामिक स्‍टेट से जुड़ी सामग्री पाई गई. फैजान स्‍थानीय युवकों को आतंकी गतिविधियों में शामिल करने का काम करता है!

After the arrest of Abdullah Mamun, the raid was carried out on fugitive terrorist Fazan Ahmed’s Saharanpur bases on his trail. The contents of the terrorist organization Islamic State were found there. Faizan works to include local youth in terrorist activities.

पुलिस सूत्रों के मुताबिक अब्‍दुल्‍ला की गिरफ्तारी के बाद तकरीबन 20 बांग्‍लादेशी पश्चिमी यूपी से लापता हो गए हैं. पुलिस को शक है कि इनके तार अब्‍दुल्‍ला और उसके आतंकी संगठन से जुड़े हैं. पुलिस को शक है कि नकली दस्‍तावेजों के आधार पर हो सकता है कि इनके पास भी भारतीय पासपोर्ट हों. इसकी जांच के लिए ही सत्‍यापन प्रक्रिया हो रही है!

According to police sources, after the arrest of Abdullah, about 20 Bangladeshis have disappeared from western UP. The police suspect that their ties are linked to Abdullah and his terrorist organization. The police suspect that on the basis of fake documents, they may also have Indian passport. Verification process is being done for its investigation.

source : zeenews.india.com

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