भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (NHAI) ने भविष्य के कुशल पेशेवरों को तैयार करने के उद्देश्य से अपने दो महीने के ‘ग्रीष्मकालीन इंटर्नशिप कार्यक्रम 2026’ के लिए आवेदन प्रक्रिया शुरू कर दी है। मई से जुलाई 2026 तक चलने वाला यह प्रशिक्षण कार्यक्रम एनएचएआई के पिछले सफल शीतकालीन और छह महीने के इंटर्नशिप अनुभवों पर आधारित है। इच्छुक और योग्य छात्र 15 अप्रैल 2026 तक आधिकारिक पोर्टल के माध्यम से अपना आवेदन जमा कर सकते हैं। इस पहल का मुख्य लक्ष्य छात्रों को देश के विशाल राजमार्ग विकास ढांचे के भीतर व्यावहारिक कार्य अनुभव प्रदान करना है।
इस बार एनएचएआई ने कार्यक्रम का दायरा बढ़ाते हुए सिविल इंजीनियरिंग के अलावा कई अन्य तकनीकी और गैर-तकनीकी विषयों को भी शामिल किया है। सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्रालय के अनुसार, यह इंटर्नशिप शैक्षणिक कैलेंडर को ध्यान में रखते हुए 4 मई से 5 जुलाई 2026 के बीच आयोजित होगी। इसमें सिविल इंजीनियरिंग, कंप्यूटर साइंस, आईटी, इलेक्ट्रॉनिक्स, इलेक्ट्रिकल और इंस्ट्रूमेंटेशन जैसे पारंपरिक इंजीनियरिंग विषयों के साथ-साथ डेटा साइंस और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) जैसे आधुनिक विषयों के छात्र भी हिस्सा ले सकेंगे।
विविधता को बढ़ावा देने के लिए इस कार्यक्रम को गैर-तकनीकी क्षेत्रों तक भी विस्तारित किया गया है। अब लॉ (BA LLB), कॉमर्स, साइंस, मैनेजमेंट (HR, फाइनेंस, मार्केटिंग में MBA), जनसंचार और लाइब्रेरी साइंस की पृष्ठभूमि वाले छात्र भी आवेदन के पात्र हैं। चयनित प्रशिक्षुओं को एनएचएआई के अनुभवी अधिकारियों की देखरेख में नई दिल्ली स्थित मुख्यालय या विभिन्न फील्ड कार्यालयों में काम करने का मौका मिलेगा। इस अवसर के लिए एनआईआरएफ (NIRF) रैंकिंग वाले शीर्ष संस्थानों और प्रतिष्ठित विश्वविद्यालयों के स्नातक व स्नातकोत्तर छात्र आवेदन कर सकते हैं।
वित्तीय प्रोत्साहन के रूप में चयनित उम्मीदवारों को 20,000 रुपये प्रति माह का स्टाइपेंड दिया जाएगा और सफलतापूर्वक इंटर्नशिप पूरी करने पर उन्हें प्रमाण-पत्र भी मिलेगा। आवेदन की पूरी प्रक्रिया ऑनलाइन है, जहाँ छात्रों को अपने विवरण और परियोजना स्थानों की प्राथमिकता दर्ज करनी होगी। ध्यान देने वाली बात यह है कि छात्रों द्वारा जमा किए गए आवेदनों का संबंधित शिक्षण संस्थानों द्वारा पोर्टल पर सत्यापन (Verification) अनिवार्य है। केवल सत्यापित आवेदनों पर ही चयन समिति विचार करेगी और योग्यता व उपलब्धता के आधार पर प्रोजेक्ट्स का आवंटन किया जाएगा।
