Namo Bharat News

इंडिया गेट की रोशनी को बंद करके भारत 2026 में ‘अर्थ आवर’ अभियान में अपनी भागीदारी दर्ज करेगा

इंडिया गेट की रोशनी को बंद करके भारत 2026 में 'अर्थ आवर' अभियान में अपनी भागीदारी दर्ज करेगा

आज शनिवार को देश की राजधानी नई दिल्ली का ऐतिहासिक इंडिया गेट रात 8:30 बजे से 9:30 बजे तक अंधेरे में डूबा रहेगा। यह कदम ‘अर्थ आवर 2026’ के समर्थन में उठाया जा रहा है, जो पर्यावरण संरक्षण के प्रति जागरूकता फैलाने वाला एक प्रमुख वैश्विक अभियान है। इस एक घंटे के दौरान जलवायु परिवर्तन की चुनौतियों और पर्यावरणीय स्थिरता के महत्व को समझाने के लिए दुनिया भर में गैर-जरूरी लाइटें बंद रखी जाती हैं। इस वर्ष यह अभियान अपनी 20वीं वर्षगांठ मना रहा है, जिसकी मुख्य थीम “पृथ्वी के लिए एक घंटा दें” रखी गई है, जो हमारे ग्रह को बचाने के लिए सामूहिक प्रयासों की जरूरत पर जोर देती है।

वर्ल्ड वाइल्डलाइफ फंड (WWF) द्वारा संचालित इस आंदोलन की शुरुआत साल 2007 में सिडनी में एक प्रतीकात्मक पहल के रूप में हुई थी। पिछले दो दशकों में यह दुनिया का सबसे बड़ा जमीनी पर्यावरण अभियान बन चुका है, जिससे आज 190 से अधिक देशों के करोड़ों लोग, व्यापारिक संस्थान और ऐतिहासिक स्मारक जुड़े हुए हैं। भारत में भी इस अवसर पर प्रशासन ने नागरिकों से सक्रिय भागीदारी की अपील की है। उदाहरण के तौर पर, हैदराबाद में नगर निगम (GHMC) ने जनता से आग्रह किया है कि वे शनिवार रात तय समय पर अपने घरों और दफ्तरों की अनावश्यक लाइटें बंद रखें ताकि पर्यावरण संरक्षण का संदेश जन-जन तक पहुँचे।

जीएचएमसी के आयुक्त आर.वी. कर्णन ने इस पहल पर जोर देते हुए कहा कि इसे केवल बिजली बचाने के एक छोटे कदम के रूप में नहीं देखा जाना चाहिए। उनके अनुसार, धरती के भविष्य के लिए समर्पित हमारा हर छोटा प्रयास एक बड़े और सकारात्मक बदलाव की नींव रख सकता है। यह अभियान लोगों और समुदायों को उनके पारिस्थितिक पदचिह्न (ecological footprint) के प्रति सचेत करता है। पिछले वर्षों की तरह इस बार भी इंडिया गेट और राष्ट्रपति भवन जैसे प्रमुख स्थल इस ‘स्विच-ऑफ’ कार्यक्रम का हिस्सा बनकर कार्बन उत्सर्जन कम करने और प्राकृतिक संसाधनों के संरक्षण की साझा जिम्मेदारी की याद दिलाएंगे।

Related Articles

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *