भारत में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) के बढ़ते दायरे के बीच, Operant AI ने देश के AI ढांचे को सुरक्षित बनाने के लिए एक विशेष इकोसिस्टम पार्टनरशिप प्रोग्राम की शुरुआत की है। इस पहल का मुख्य उद्देश्य बड़े पैमाने पर इस्तेमाल होने वाले AI सिस्टम्स की सुरक्षा को अभेद्य बनाना है।
जैसे-जैसे कंपनियाँ AI को अपना रही हैं, संवेदनशील डेटा और बाहरी टूल्स तक इन सिस्टम्स की पहुँच बढ़ती जा रही है। पर्याप्त सुरक्षा उपायों की कमी के कारण नए जोखिम भी पैदा हो रहे हैं। Operant AI का प्लेटफॉर्म इसी कमी को दूर करेगा:
- यह AI ऑपरेशंस के दौरान रियल-टाइम मॉनिटरिंग सुनिश्चित करता है।
- सिस्टम के काम करने के दौरान ही सुरक्षा से जुड़े खतरों को पहचानने और रोकने के लिए विशेष टूल्स विकसित किए जाएंगे।
भारत सरकार के IndiaAI मिशन के तहत देश का डिजिटल इंफ्रास्ट्रक्चर तेजी से बदल रहा है:
- देशभर में 80,000 से अधिक GPU स्थापित किए जा चुके हैं।
- ST Telemedia, CtrlS, Sify, Nxtra और Princeton Digital Group जैसी दिग्गज डेटा सेंटर कंपनियाँ अपनी क्षमताएं बढ़ा रही हैं।
- Yotta, NxtGen और Neysa Networks जैसी कंपनियाँ विशेष AI कंप्यूटिंग प्लेटफॉर्म तैयार कर रही हैं।
Operant AI के CEO व्रजेश भावसार के अनुसार, AI की रफ्तार इतनी तेज है कि पुराने सुरक्षा सिस्टम अब नाकाफी साबित हो रहे हैं। उन्होंने रेखांकित किया कि वित्त (Finance), स्वास्थ्य (Healthcare) और सरकारी सेवाओं जैसे संवेदनशील क्षेत्रों में AI का बढ़ता उपयोग इसकी सुरक्षा को अनिवार्य बनाता है। हमारा लक्ष्य एक ऐसा सुरक्षित और भरोसेमंद इकोसिस्टम बनाना है, जिससे भारत की प्रगति बिना किसी खतरे के जारी रह सके।”
